‘इस्तीफा, SIR रद्द और बैलेट पेपर’, खड़गे ने बताईं कांग्रेस की 3 बड़ी मांगें

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कामकाज और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके विरोध में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आंदोलन लगातार आक्रामक होता जा रहा है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए तीन प्रमुख मांगें सामने रखी हैं और साफ किया है कि पार्टी इन मुद्दों से पीछे हटने वाली नहीं है।

कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें

  • मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक पार्टी की पहली और मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा है।

  • SIR प्रक्रिया को रद्द करना: दूसरी मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पूरी तरह से रद्द करने की है, जिससे वास्तविक मतदाताओं के नाम हटने का खतरा बताया जा रहा है।

  • बैलेट पेपर से चुनाव: तीसरी मांग चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए EVM की जगह फिर से बैलेट पेपर से मतदान कराने की है।

देशभर में प्रदर्शन और जंतर-मंतर पर हलचल

इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता, 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सहयोगी दल, विभिन्न सिविल सोसाइटी और युवा संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। सोमवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए सफेद चादर ओढ़कर जमीन पर लेटकर प्रदर्शन किया और सवाल उठाया कि यदि नागरिक जीवित हैं, तो वोटर लिस्ट से उनके नाम क्यों हटाए जा रहे हैं।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि एसआईआर (SIR) का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना और फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाना है। साथ ही संस्था के भीतर मतभेदों को सामान्य प्रक्रिया बताया गया है। हालांकि, पारदशर्िता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस ने अपने इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया है।