रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसानों को आगामी धान खरीदी से ठीक पहले राज्य सरकार की ओर से एक बहुत बड़ी राहत प्रदान की गई है। सरकार ने पिछले लंबे समय से चली आ रही पंजीयन प्रक्रिया की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सह-खातेदारों के अनिवार्य पंजीयन की जटिल बाध्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। अब संयुक्त खातेदारों वाले किसान परिवारों में केवल लंबरदार (मुख्य खातेदार) का ही एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना पर्याप्त और जरूरी होगा।
प्रदेश के हजारों किसानों को मिलेगी बड़ी आसानी
राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस जनहित फैसले से छत्तीसगढ़ के हजारों किसान परिवारों को सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। दरअसल, किसानों के लिए पुराना नियम एक बड़ी मुसीबत बन गया था, जिसमें धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर यह अनिवार्य किया गया था कि संयुक्त खाते (यानी एक ही भूमि पर कई लोगों के नाम दर्ज होने की स्थिति में) सभी सह-खातेदारों को अलग-अलग अपना पंजीयन कराना होगा, जिससे किसानों को भारी भागदौड़ करनी पड़ती थी।
क्या है नया और सरल नियम?
सरकार की ओर से जारी किए गए नए और संशोधित निर्देशों के अनुसार, अब संयुक्त खाते की स्थिति में परिवार के केवल मुख्य खातेदार यानी लंबरदार का पंजीयन ही पूरी तरह मान्य होगा। इसी आधार पर आगामी समय में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इस बदलाव से पूरी पंजीयन प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी और अन्नदाताओं को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी आगामी 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। इसके मद्देनजर राज्य प्रशासन ने अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। खाद्य विभाग और सहकारिता विभाग मिलकर सभी खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं, और जल्द ही धान खरीदी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश व गाइडलाइन भी जारी की जा सकती है।









