शेखर सुमन ने सुनाया नाना पाटेकर का आखिरी किस्सा, शो पर आने की कर रहे थे तैयारी

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मुंबई. दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक हुए निधन ने पूरे बॉलीवुड और उनके चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गोवा में दिल का दौरा पड़ने से हुए उनके इस आकस्मिक निधन के बाद हर कोई स्तब्ध है। इस दुखद घड़ी में अभिनेता शेखर सुमन ने एक इंटरव्यू के दौरान नाना पाटेकर से जुड़ा एक खास और भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना सर को जल्द ही उनके शो पर आना था और इस बारे में उनकी कुछ दिन पहले ही बातचीत हुई थी। नाना ने उनसे कहा था कि गणेश उत्सव समाप्त होने दीजिए, वह सबसे पहले उनके ही शो पर आएंगे। 26 और 27 तारीख को भी उनकी बात हुई थी और उन्होंने गोवा की शूटिंग पूरी होने के बाद शो में आने का पक्का वादा किया था, जो अब अधूरा ही रह गया।

इंसानियत और सादगी की मिसाल थे नाना

शेखर सुमन ने नाना पाटेकर को याद करते हुए उन्हें एक निडर, ईमानदार और बेहद शानदार इंसान बताया। उन्होंने कहा कि नाना ने अपनी पूरी जिंदगी सिनेमा और इंसानियत के नाम कर दी थी। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी थी, जो हर किसी को प्रभावित करती थी। एक महान अभिनेता होने के साथ-साथ वह समाज, देश और इंसानियत को लेकर बेहद जागरूक इंसान थे। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात हमेशा बेबाकी से रखने की उनकी खूबी शेखर सुमन को सबसे ज्यादा पसंद थी। दोनों ने एक साथ एक फिल्म में भी काम किया था, हालांकि दुर्भाग्यवश वह फिल्म रिलीज नहीं हो सकी, लेकिन उस दौरान साथ बिताए गए वक्त ने शेखर सुमन को नाना के बहुत करीब ला दिया था।

कभी न पूरी होने वाली क्षति

नाना पाटेकर के जाने से फिल्म जगत में आई खालीपन को बयां करते हुए शेखर सुमन बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जिंदगी वाकई बहुत क्षणभंगुर है, जहां इंसान पल भर में है और अगले ही पल नहीं रहता। बस एक धड़कन रुकने से सब कुछ समाप्त हो जाता है। वह अभी भी इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं कि नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं हैं, क्योंकि हाल ही में दोनों लगातार फोन पर संपर्क में थे। उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्होंने कहा कि वह बस नाना से अपने शो पर आने की बात तय करने से चूक गए, जिसका मलाल उन्हें हमेशा रहेगा।