वृंदावन: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने अपने साधकों और शिष्यों को यह महत्वपूर्ण सीख दी है कि किसी भी प्रकार का विरोध होने पर हमेशा संयम बरतना चाहिए और चुप रहकर कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में यह स्पष्ट किया है कि जब जीवन में कभी अपमान, निंदा या तिरस्कार का सामना करना पड़े, तो उसे भी ईश्वर की एक विशेष कृपा मानकर सहज रूप से स्वीकार कर लेना चाहिए। संत श्री की इस प्रेरणादायक सीख से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद से यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
केलीकुंज आश्रम पहुँचकर साधकों को दी महत्वपूर्ण शिक्षा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसिक दुलारी प्रकरण के सामने आने के बाद संत प्रेमानंद महाराज पहली बार केलीकुंज आश्रम पहुंचे। यहाँ उन्होंने उपस्थित साधकों और शिष्यों को जीवन से जुड़ी यह बेहद महत्वपूर्ण शिक्षा प्रदान की। उन्होंने समझाया कि जीवन में जब भी विपरीत परिस्थितियां आएं, तो व्यक्ति को अपना धैर्य कभी नहीं खोना चाहिए। दूसरों के विरोध या आलोचना का शब्दों से जवाब देने के बजाय, इंसान को अपने आचरण, साधना और ईश्वर की भक्ति पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अपमान के ऐसे क्षणों में भी अपने मन को पूरी तरह शांत रखना और अहंकार से कोसों दूर रहना ही एक सच्चे साधक की सबसे बड़ी पहचान होती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो
रसिक दुलारी प्रकरण के बाद संत प्रेमानंद महाराज के केलीकुंज आश्रम पहुंचने और उनके इस उपदेश से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद से उनके अनुयायियों के बीच इस पर चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं काफी तेज हो गई हैं।









