‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे तो लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होगी’, राहुल गांधी के बयान से सियासी हलचल

0
12

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी एक पोस्ट में लिखा, "ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।" राहुल गांधी का यह आक्रामक बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विपक्ष द्वारा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा ज्ञापन, वोट चोरी का लगाया आरोप

राहुल गांधी का यह बयान उस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद आया है, जब 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की थी।

इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका से जुड़ी अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया था।

12 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा ज्ञापन

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके मुख्य सूत्रधार हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसे अमलीजामा पहना रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष इस गंभीर मुद्दे को आगे भी जोर-शोर से उठाता रहेगा।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को भी एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संसद से विजय चौक तक निकाला गया 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च

इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर से लेकर विजय चौक तक एक रोषपूर्ण ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला। हालांकि, भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। विपक्षी दलों ने मुख्य रूप से एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने, मतदाता सूची से गैर-कानूनी तरीके से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और भविष्य के सभी चुनाव ईवीएम (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच गहराता राजनीतिक टकराव

गौरतलब है कि 'इंडिया' गठबंधन के सांसद पिछले कई दिनों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निर्णयों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का मुख्य आरोप है कि मतदाता सूची में बिना उचित प्रक्रिया के किए जा रहे बदलावों से आम नागरिकों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, राहुल गांधी के इस ताज़ा और तीखे बयान ने इस चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के आक्रामक तेवर को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।