भोपाल। मध्य प्रदेश में 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की प्रक्रिया के बीच करीब 23,000 पटवारियों की भूमिका को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल में हुई पटवारी संघ के जिलाध्यक्षों की बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया कि पटवारी स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री के निष्पादक के रूप में कार्य नहीं करेंगे। देवास से शुरू हुआ पटवारियों के खिलाफ विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई का यह सिलसिला अब प्रदेश के कई अन्य जिलों तक फैल गया है।
स्वामित्व योजना की धीमी गति और सरकार की सख्ती
योजना के क्रियान्वयन के 22 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक एक भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पाई है, जिसके बाद राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को 7 दिन की मोहलत दी है कि वे जल्द से जल्द रजिस्ट्री का काम पूरा करवाकर अपना परफॉर्मेंस दिखाएं, अन्यथा इसे उनकी नाकामी (फेल्योर) माना जाएगा। शासन की यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब योजना की तय समय-सीमा में अब केवल 9 दिन ही शेष बचे हैं। इस प्रशासनिक दबाव के विरोध में सूबे के पटवारियों ने गुरुवार से रविवार तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान किया है।
मुख्य सचिव की दो टूक और प्रशासनिक कार्रवाई
हाल ही में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कलेक्टरों और कमिश्नर्स को पूरी सख्ती से काम में जुटने के निर्देश दिए थे। ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री ने इस दौरान बताया कि पटवारियों का कहना है कि उन्हें राजधानी भोपाल स्थित केंद्रीय संघ से काम करने के निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर मुख्य सचिव ने सख्त लहजे में कहा कि जिला और संभाग प्रशासन अधिकारियों द्वारा चलाया जा रहा है न कि पटवारियों द्वारा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटवारियों की मांगें पहले ही मानी जा चुकी हैं, इसलिए अब विरोध का कोई औचित्य नहीं है और रजिस्ट्री का कार्य तुरंत शुरू कराया जाए।
निलंबन, बर्खास्तगी और नोटिस का दौर
स्वामित्व योजना में कथित लापरवाही और असहयोग के चलते प्रशासन द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
अब तक राज्यभर में 3,430 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
लापरवाही बरतने के आरोप में 129 पटवारियों को निलंबित किया गया है।
वहीं, कड़ा रुख अपनाते हुए 29 पटवारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल और जिलों में विरोध प्रदर्शन
अनूपपुर: सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों के विरोध में अनूपपुर के पटवारियों ने मोर्चा खोल दिया है। पटवारी संघ ने 9 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। संघ ने मांगें पूरी होने तक सभी ऑनलाइन राजस्व कार्यों से पूरी तरह दूर रहने का निर्णय लिया है।
आगर-मालवा: 7 अक्टूबर को आगर-मालवा में पटवारियों ने कलेक्टोरेट परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति का विरोध करते हुए उनकी सम्मानपूर्वक बहाली की मांग की। विरोधस्वरूप पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप भी छोड़ दिए हैं।
जबलपुर: शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के मामले में जबलपुर में 17 पटवारियों को निलंबित किया गया है, जबकि 2 की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान योजना, ई-केवाईसी और स्वामित्व अभिलेखों के निष्पादन में कोताही बरतने पर 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं।









