न्यूयॉर्क। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने वाले इन्फ्लुएंसर्स को लेकर 'प्यू रिसर्च सेंटर' ने एक व्यापक अध्ययन किया है। इस शोध में यह सामने आया है कि ऑनलाइन हेल्थ और वेलनेस की सलाह देने वाले अधिकांश इन्फ्लुएंसर्स गंभीर बीमारियों या चिकित्सा उपचार की बजाय मुख्य रूप से लाइफस्टाइल यानी खान-पान, फिटनेस और सजावट जैसी जीवनशैली से जुड़ी चीजों पर ज्यादा पोस्ट साझा करते हैं।
इसके साथ ही, अध्ययन में यह भी खुलासा हुआ है कि ऐसे कई इन्फ्लुएंसर्स का एक प्रमुख उद्देश्य अपने फॉलोअर्स को कोई न कोई उत्पाद, कमर्शियल सप्लीमेंट या पेड सर्विस बेचना भी होता है। आंकड़ों के मुताबिक, हर 100 में से लगभग 38 पोस्ट्स में किसी न किसी ब्रांड का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रचार देखने को मिलता है।
स्वस्थ जीवन शैली और फिटनेस पर केंद्रित होते हैं आधे से अधिक पोस्ट
अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य इन्फ्लुएंसर्स के कुल सोशल मीडिया पोस्ट्स में से आधे से ज्यादा हिस्सेदारी केवल स्वस्थ जीवन शैली जीने के तौर-तरीकों को सिखाने पर केंद्रित होती है। इसमें मुख्य रूप से शारीरिक फिटनेस, एक्सरसाइज रूटीन, वर्कआउट प्लान और जिम से जुड़े मोटिवेशनल वीडियो या टिप्स शामिल होते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ये इन्फ्लुएंसर्स दैनिक जीवन में अच्छी आदतें विकसित करने, शारीरिक रूप-रंग में सुधार लाने, ब्यूटी और स्किनकेयर से जुड़े टिप्स देने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से मुक्ति पाने के सरल उपाय भी साझा करते हैं।
केवल एक-तिहाई पोस्ट में ही गंभीर बीमारियों और इलाज पर होती है चर्चा
शोध के मुताबिक, केवल एक-तिहाई पोस्ट्स में ही कैंसर, डिप्रेशन या डायबिटीज जैसी गंभीर मेडिकल समस्याओं या उनके उपचार पर बात की जाती है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि स्वास्थ्य और बीमारियों से जुड़े इन विषयों पर गहराई से ज्यादातर वही लोग चर्चा करते हैं जो वास्तव में पेशेवर डॉक्टर या प्रमाणित हेल्थकेयर प्रोफेशनल होते हैं। इसके विपरीत, लगभग 33 प्रतिशत पोस्ट्स का स्वास्थ्य या वेलनेस से दूर-दूर तक कोई वास्तविक लेना-देना नहीं होता है।









