वाशिंगटन । दुनियाभर के शेयर बाजारों में जारी उथल-पुथल के बीच दिग्गज निवेशक और अरबपति रे डेलियो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बड़ी चेतावनी दे दी है। ब्रिजवॉटर एसोसिएट्स के संस्थापक डेलियो का कहना है कि एआई से जुड़ा क्लासिक बुलबुला फूटने के करीब पहुंच सकता है। इसके पीछे उन्होंने बढ़ती ब्याज दरों, भारी कर्ज और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे बड़े निवेश को प्रमुख कारण बताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर में फोर्ब्स ग्लोबल सीईओ प्रेसवार्ता के दौरान डेलियो ने कहा कि एआई क्षेत्र में निवेश के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लिया जा रहा है। इसके बाद ब्याज दरें लगातार बढ़ने पर कंपनियों और निवेशकों पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि बाजार उस दौर में पहुंच रहा है, जहां से वित्तीय संकट का जोखिम बढ़ सकता है।
डेलियो के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका भी बाजार के लिए चिंता का विषय है। ऊंची दरों के कारण निवेशकों को अपनी संपत्तियां बेचकर नकदी जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि भारतीय शेयर बाजार 2025 के बाद से प्रमुख बाजारों में कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा है।
डेलियो ने बढ़ती बॉन्ड यील्ड का जिक्र किया। उनके अनुसार, 10 वर्षीय यील्ड 5.368 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो 2002 के बाद का उच्च स्तर बताया गया। सरकारी कर्ज में बढ़ोतरी, युद्ध से महंगाई का दबाव और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी पूंजी जरूरतें वास्तविक ब्याज दरों को ऊपर बनाए रख सकती हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, एआई से उत्पादकता बढ़ने और महंगाई घटने की उम्मीदों को लेकर अभी अनिश्चितता है। यदि कंपनियों को निवेश का लाभ देर से मिलता है, तो पूंजीगत खर्च का दबाव 2028 तक बना रह सकता है। इस बीच, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,045 अंक टूटकर 71,593 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 371 अंक गिरकर 22,231 के स्तर पर आ गया। इससे निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई।









