जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के पद पर कार्यरत राजेंद्र प्रताप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
पूर्व सांसद पिता ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
इस दुखद घटना के बाद उनके पिता एवं भरतपुर के पूर्व सांसद, मालवीय नगर निवासी रतन सिंह ने अपनी पुत्रवधू नीतू सिंह, पोते सौरव और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में हत्या का गंभीर मामला दर्ज करवाया है। पूर्व सांसद ने पुलिस को दी गई शिकायत में सीधा आरोप लगाया है कि अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने और करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने की नीयत से उनके बेटे को साजिश के तहत जहरीला पदार्थ देकर मारा गया है।
पारिवारिक विवाद और तलाक का मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजेंद्र प्रताप सिंह और नीतू सिंह की शादी 11 मई 2005 को हुई थी। हालांकि, शादी के कुछ ही समय बाद दोनों के बीच वैवाहिक मतभेद शुरू हो गए थे, जो इतने बढ़ गए कि राजेंद्र प्रताप सिंह ने पारिवारिक न्यायालय (फैमिली कोर्ट) में तलाक का केस भी दायर कर दिया था। दोनों के बीच तनाव के चलते नीतू सिंह और उनका बेटा पिछले करीब पांच-छह सालों से अलग रह रहे थे।
लेकिन इसी साल मई 2026 में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी और नीतू सिंह अपने बेटे सौरव के साथ वापस जयपुर के मालवीय नगर स्थित घर में आकर रहने लगी थीं। पूर्व सांसद रतन सिंह का आरोप है कि वापस साथ रहने के बाद घर में शांति लौटने के बजाय मकान, प्रॉपर्टी और पैसों को लेकर रोजाना विवाद और कलह अत्यधिक बढ़ गई थी।
चार सितंबर का विवाद और जान से मारने की धमकी
शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि गत 4 सितंबर को मकान और पैसों के लेन-देन को लेकर घर में भारी विवाद हुआ था और इस दौरान राजेंद्र प्रताप सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके तुरंत बाद 4 और 5 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में घर के सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया या बंद कर दिया गया।
पूर्व सांसद का दावा है कि उनके बेटे के होंठ नीले पड़े हुए थे और शव की स्थिति पूरी तरह से संदिग्ध थी, जो स्पष्ट रूप से किसी विषैले पदार्थ के सेवन का इशारा करती है। घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह अवाना सहित कई गणमान्य लोग भी श्रद्धांजलि देने पहुँचे।
एफएसएल और पुलिस जांच जारी
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद्र के अनुसार, पुलिस मामले की हर पहलू से गहनता से तफ्तीश कर रही है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से तमाम महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को अपनी कस्टडी में ले लिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर विसरा नमूने एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, पैथोलॉजी और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि मौत किसी जहरीले पदार्थ के कारण हुई है या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था। फिलहाल पुलिस पूर्व सांसद द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर परिजनों, पड़ोसियों और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर अनुसंधान आगे बढ़ा रही है।
पूर्व सांसद रतन सिंह का संक्षिप्त परिचय
पूरा नाम: रतन सिंह जाटव
जन्म तिथि: 1 फरवरी 1947
जन्म स्थान: नगर, जिला- भरतपुर (राजस्थान)
शैक्षणिक योग्यता: वर्ष 1970 में जोधपुर विश्वविद्यालय से बी.ई. मैकेनिकल की डिग्री।
राजनीतिक सफर: वे लंबे समय से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2009 से 2014 तक भरतपुर संसदीय क्षेत्र से 15वीं लोकसभा के सांसद रहे। संसद सत्रों में उनकी उपस्थिति 97% रही और उन्होंने विभिन्न विकास मुद्दों पर सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।









