15 साल में तेजी से बढ़ी जनसंख्या, अब नई जनगणना में 44 लाख के पार पहुंच सकता है आंकड़ा

0
10

इंदौर| मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ शहरी विस्तार भी काफी तेजी से हो रहा है। वर्ष 2011 के आँकड़ों की तुलना में जिले की आबादी में लगभग 11.64 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कुल आबादी बढ़कर 44.40 लाख होने के संकेत मिले हैं। मकान सूचीकरण के दौरान सामने आए ये आँकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि पिछले 15 वर्षों में शहर का दायरा काफी बढ़ा है। नए आवासीय क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ बायपास, सुपर कॉरिडोर और इंदौर के बाहरी इलाकों में भी आबादी में भारी इजाफा हुआ है। आगामी जनगणना में इन क्षेत्रों की वास्तविक जनसंख्या का विस्तृत विवरण सामने आ सकेगा।

नगर निगम के 22 जोन में निवास करती है 65 प्रतिशत आबादी

इंदौर जिले की अनुमानित कुल आबादी 44.40 लाख है, जिसमें से नगर निगम के 22 जोन के अंतर्गत लगभग 28.67 लाख लोग निवास करते हैं, जबकि निगम सीमा से बाहर की आबादी 15.73 लाख है। इस प्रकार जिले की करीब 65 प्रतिशत आबादी अकेले नगर निगम क्षेत्र के दायरे में आती है। मकानों की संख्या में हुई वृद्धि भी इस बात की पुष्टि करती है कि शहर का स्वरूप लगातार विस्तृत हो रहा है। वर्ष 2011 में जहाँ जिले में कुल मकानों की संख्या लगभग 6.49 लाख थी, वहीं मई 2026 में हुई गणना के दौरान यह बढ़कर करीब 12.70 लाख पहुँच गई है यानी 15 वर्षों में मकानों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।

पाँच नए जोन में है 10.49 लाख की आबादी

नगर निगम के पाँच नए जोन में आबादी का विस्तार विशेष रूप से देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में बायपास, सुपर कॉरिडोर, बिलावली और एरोड्रम सहित शहर के पश्चिमी व दक्षिणी हिस्सों में तीव्र विकास हुआ है।

  • जोन-19: यहाँ सबसे अधिक 2.47 लाख आबादी दर्ज की गई है।

  • जोन-13 (बिलावली): यहाँ 2.36 लाख लोग रहते हैं।

  • जोन-16 (एरोड्रम): इस क्षेत्र की आबादी 2.05 लाख है।

  • जोन-21 (राजेंद्र नगर-प्रगति नगर): यहाँ 1.84 लाख लोग निवास करते हैं।

  • जोन-10 (साकेत): यहाँ की आबादी 1.77 लाख बताई गई है। इन पाँच प्रमुख जोन की कुल आबादी 10.49 लाख है, जो शहर के नए क्षेत्रों में बढ़ती बसाहट को दर्शाती है।

महू जिले की सबसे बड़ी तहसील

इंदौर जिले की तहसीलों में महू सबसे अधिक आबादी वाली तहसील है, जहाँ लगभग 4.42 लाख लोग निवास करते हैं। इसके बाद देपालपुर में 2.79 लाख, सांवेर में 2.64 लाख और राऊ में 1.63 लाख आबादी दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों में हो रहे विकास के कारण बुनियादी सुविधाओं की माँग में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

जनगणना से तय होगी भविष्य के विकास की दिशा

जनगणना के पहले चरण में मकानों, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है, जबकि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति का विस्तृत विवरण दर्ज होता है। बढ़ती आबादी के मद्देनजर प्रशासन के सामने आवास, पेयजल, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का व्यापक स्तर पर विस्तार करने की बड़ी चुनौती होगी। इंदौर के तेजी से बढ़ते महानगरीय स्वरूप को देखते हुए यह आवश्यक है कि विकास योजनाएँ केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाले वर्षों की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जाएँ।