ओडिशा के 44वें राज्यपाल बने ब्रजमोहन राम, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई पद की शपथ

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भुवनेश्वर। ब्रजमोहन राम ने रविवार को ओडिशा के 44वें राज्यपाल के रूप में अपने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। लोकभवन परिसर में नवनिर्मित अभिषेक हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरीश टंडन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री, विधायक, सांसद तथा कई अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

महाप्रभु के दर्शन और गार्ड ऑफ ऑनर

शपथ लेने से पहले नए राज्यपाल शनिवार को भुवनेश्वर पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी और मुख्य सचिव अनु गर्ग समेत कई गणमान्य हस्तियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया था। एयरपोर्ट पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया। शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व राज्यपाल ब्रजमोहन राम ने धार्मिक नगरी पुरी जाकर महाप्रभु श्रीजगन्नाथ जी के दर्शन-पूजन किए और देश तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

राजनैतिक और सार्वजनिक जीवन का सफर

उल्लेखनीय है कि ब्रजमोहन राम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुभवी नेता और पूर्व सांसद रहे हैं। उन्होंने झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतकर लगातार तीन बार—1996, 1998 और 1999 में—संसद में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। लोकसभा सदस्य बनने से पूर्व वह वर्ष 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने झारखंड में भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के राज्य प्रभारी का दायित्व भी संभाला था।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

ब्रजमोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को तत्कालीन अविभाजित बिहार (वर्तमान में झारखंड) के पलामू जिले के अंतर्गत चांदवा में हुआ था। अपनी उच्च शिक्षा के अंतर्गत उन्होंने वर्ष 1981 में रांची विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद से ही वह सार्वजनिक जीवन और समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहे हैं। क्या आप इस समाचार में किसी अन्य जानकारी को जोड़ना चाहते हैं या इसके प्रारूप में कोई बदलाव करना चाहते हैं?