इंदौर। गरबा महोत्सव के दौरान एक नाबालिग बालिका और उसके परिवार के साथ हुई अभद्रता के बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी और भाजपा नेता कमल सिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखते हुए माफी मांगी है। उन्होंने दावा किया है कि हॉस्टल परिसर में आयोजित गरबा कार्यक्रम के दौरान एक बालिका के पिता शराब के नशे में अंदर दाखिल हो गए थे। चौहान के मुताबिक, उन्हें रोकने और समझाने के दौरान कहासुनी शुरू हुई, जिसके बाद बालिका के बीच में आने से विवाद ज्यादा बढ़ गया। उन्होंने बालिका पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
भाजपा नेता का स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच की मांग
कमल सिंह चौहान ने कहा कि वे पिछले एक दशक से अधिक समय से इस आयोजन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां हजारों लड़कियां गरबा में हिस्सा लेती हैं। उन्होंने बालिका और उसके परिजनों से अपनी हरकतों के लिए माफी मांगते हुए मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि घटना के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तथा पार्टी के नगर अध्यक्ष ने भी उन्हें कारण बताओ नोटिस थमाया है। चौहान ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पुलिस की सख्त कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस गरबा पंडाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से प्रसारित हुआ था, जिसने पूरे शहर में आक्रोश फैला दिया। वायरल वीडियो में राजमाता जीजाबाई मंडल के अध्यक्ष कमल चौहान को नाबालिग लड़की के परिजनों के सामने ही उसका हाथ पकड़कर धक्का-मुक्की करते और अभद्रता करते हुए देखा गया था। घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी भाजपा नेता के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं, पोक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की सख्त धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।



