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बड़ी योजनाओं में खर्च पिछड़ा: केंद्र सरकार कर पाई सिर्फ 40% बजट का उपयोग

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नई दिल्ली। केन्द्र सरकार (Central Government) ने इस वित्त वर्ष में अपनी सबसे बड़ी योजनाओं (Biggest Plans) पर 40 फीसदी बजट ही खर्च किया है। ये वे योजनाएं हैं जिनके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इन योजनाओं में केंद्र और राज्यों को मिलकर खर्च करना है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेशन योजना (Widow Pension Scheme.) और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री मैट्रिक वजीफा योजना (Pre Matric Scholarship Scheme) शामिल है। इसके अलावा मनरेगा, अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना पर भी 40 फीसदी ही खर्च हो पाया है।

कुल 53 योजनाओं में से 6 योजनाओं पर 40 फीसदी से कम खर्च किया गया है। चार पर 40 से 50 फीसदी, 15 योनजाओं पर 51 से 75 फीसदी, 10 पर 90 से 100 पर्सेंट और 6 योजनाों पर 100 प्रतिशत खर्च हुआ है। बाकी 47 योजनाओं पर रिवाइज्ड एस्टिमेट बजट एस्टिमेट से कम है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 850 करोड़ के बजट काआवंटन किया गया था जिसमें से केवल 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

अगर कुल 53 योजनाओं पर कुल खर्च की बात करें तो यह 3.8 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं पर 5 लाख करोड़ के बजट का ऐलान हुआ था। 31 दिसंबर तक दो लाख करोड़ का बजट रिलीज किया गया था। यह कुल बजट का 41.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, वॉटर मैनेजमेंट, पीएम ईबस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, कंप्यूटराइजेशन ऑफ प्राइमरी ऐग्रीकस्च्र क्रेडिट सोसाइटी और अन्य कई योजाओं पर बजट का 40 फीसदी ही खर्च हुआ है। इनमें से 6 योजनाएं ऐसी भी हैं जिनके लिए केवल 10 फीसदी ही बजट रिलीज हुआ है।

इस बजट सत्र के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने शनिवार को यहां बताया कि देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।पाटिल ने यहां केन्द्रीय बजट को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमृत सरोवर योजना और जेजेएम ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं और अमृत सरोवर योजना के तहहत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि जेजेएम के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और चार-पांच करोड़ घरों को और पानी देना है तथा इस योजना को वर्ष 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग नौ करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है और आठ लाख महिलाओं ने परीक्षण पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट को रखा है।

जहां शिक्षा का प्रकाश फैलता है, वहीं से विकास का मार्ग निकलता है: गोविंद सिंह राजपूत

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खाद्य मंत्री ने किया 100 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण 

भोपाल। जहां शिक्षा का प्रकाश फैलता है वहां से विकास का मार्ग निकलता है, सांदीपनि विद्यालय विद्यार्थियों के सपने को पूरा करने का केंद्र बनेगा, राहतगढ़ का चहुमुखी विकास होगा। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ में 100 करोड़ रुपए से अधिक कार्यों की भूमि पूजन एवं लोकार्पण एवं सांदीपनि विद्यालय की लोकार्पण के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय भव्य आधुनिक संसाधनों से युक्त है जिसमें हमारे राहतगढ़ के विद्यार्थी यहां आत्याधुनिक शिक्षा प्राप्त कर जिले, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगेें। उन्होंने कहा कि यह सांदीपनि विद्यालय का नाम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम के नाम पर इसलिए रखा क्योंकि सांदीपनि ने आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान श्रीबलराम ने शिक्षा प्राप्त की और अब आप सभी इस सांदीपनि विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करें और आगे बढ़े। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि विद्या सबसे बड़ा धन होता है इसे कोई चुरा नहीं सकता जितना बांटों, उतना बढ़ता है उन्होंने कहा कि शिक्षा का विकास जहां से फैलता है वहां विकास आगे बढ़ता है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि हमने जब पढ़ाई करते थे तो उस समय चाॅक और डस्टर से पढ़ाई होती थी और टेबल कुर्सी जगह टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ना पड़ता था। अब इनकी जगह स्मार्ट क्लास ने ले ली है। जिसके माध्यम से पढ़ाई करना बेहद सरल और रोचक हो गया। उन्होंने कहा कि सुरखी की विधानसभा क्षेत्र के सभी मिडिल एवं हाई स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश शासन शीघ्र ही सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के आने जाने के लिए बसों की व्यवस्था करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व से पूरे देश में चहूं ओर विकास हो रहा :

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते पूरे देश में चहूं ओर हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। डिजिटल इंडिया, स्किल डेव्हलपमेंट जैंसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कार्य किया जा रहा है।  मंत्री श्री राजपूत ने कहा सभी अभिभावकों से अपील की कि आप सभी प्रति माह होने वाली बालक शिक्षक संघ की बैठक में आए और विद्यालय के साथ अपने बच्चों की प्रगति की जानकारी लें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के लिए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत विकास के पर्याय बनते जा रहे हैं सुरखी विधानसभा क्षेत्र में चारों तरफ विकास ही विकास नजर आ रहा है। श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मडिया डैम के माध्यम से सिंचाई भी सिचित होगी और शुद्ध पेयजल भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार शिक्षा स्वास्थ्य सड़क पेयजल के लिए लगातार कार्य कर रही है।

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इन विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपजन :

मंत्री राजपूत ने आज 100 करोड़ से अधिक के कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया जिसमें राहतगढ़ के प्राथमिक शाला निवोदिया का उन्नयन माध्यमिक शाला में किया गया इसके साथ ही, हाईस्कूल बटयावदा भवन के लिए 21 लाख, परासरीकलां के लिए 39 लाख, शास.क.हा.सेके.राहतगढ़ के लिए 1 करोड़ 28 लाख, मसुरहाई के लिए 1.10 लाख, झिला के लिए 55 लाख, पीपरा के लिए 35 लाख एवं मीरखेड़ा शाला भवन के लिए 1.10 लाख सहित स्कूलों में प्रयोगशालाओं के लिए राहतगढ़ स्कूल के लिए 60 लाख, मीरखेड़ी के लिए 40 लाख, भैंसा भीष्मनगर के लिए 18 लाख की घोषणा करते हुए अन्य विकास कार्य जिनका अति प्राचीन शिव मंदिर बसेनी घाट का सौंदर्यीकरण, वाटरफॉल को पर्यटन स्थल बनाने हेतु विकास कार्य सिविल अस्पताल भवन हेतु, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, फोर्स ट्रेवलर एम्बुलेंस (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु), इंडोर स्टेडियम, अनुविभागीय राजस्व भवन,शासकीय भवन निर्माण (4 भवन), मुख्य मार्ग से रेस्ट हाउस तक सौंदर्यीकरण एवं चैड़ीकरण, राहतगढ़ स्टेडियम,सामुदायिक भवन, शास. महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, पुनर्घनीकरण योजना बस स्टैंड, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स,पार्किंग, खीरखेड़ा-दरकोली-बसेनी घाट 135 मीटर लंबा पुल निर्माण, 50 सीटर बालक उत्कृष्ट छात्रावास, 50 सीटर अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास, प्रशिक्षण भवन, राहतगढ़ वार्ड 6 छोटा पुल,ओपन जिम, मढ़िया बांध निर्माण, चकरपुर बांध निर्माण, पार्क निर्माण, राहतगढ़ वार्ड 7 में संजीवनी क्लिीनिक, शा.हाई.से. कन्या विद्यालय में फिजिक्स लैब, केमिस्ट्री लैब, बायोलॉजी लैब इत्यादि निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसके साथ ही मंत्री श्री राजपूत ने राहतगढ़, झिला, सीहोरा, खैजरामाफी पीएमश्री, परासरीकलां, भैंसा भीष्मनगर, बिचपुरी, चंद्रापुर, बटयावदा, मीरखेड़ी में 2-2 स्मार्ट क्लास की घोषणा की। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई एवं मंत्री श्री राजपूत के द्वारा रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर संदीप ने विद्यालय का लोकार्पण किया एवं बच्चों को साईकिल वितरण किया।

आमजन की जागरूकता और तकनीकी सुदृढ़ता से साइबर अपराधों पर लगेगा अंकुश– मुख्य सचिव

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जयपुर, 09 फरवरी। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर, समन्वित एवं प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। आमजन में जागरूकता बढ़ाने से लेकर साइबर अपराधियों पर सख्ती से शिकंजा कसने तक सभी कार्यवाहियां सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित साइबर अपराध नियंत्रण से संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने साइबर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण की दिशा में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला स्थित साइबर सेल की कार्यप्रणाली की जानकारी ली एवं क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में भी साइबर सेल स्थापित करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि तकनीकी जांच क्षमता को और सुदृढ़ किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आमजन में जागरूकता फैलाई जा रही है। साथ ही प्रदेशभर में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित कर लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य सचिव ने इस दिशा में विशेष प्रयासों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाते हुए संदिग्ध खातों की सतत निगरानी, एआई आधारित तकनीकों के प्रभावी उपयोग तथा डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में गृह विभाग, पुलिस विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, वित्त विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

मप्र के पूर्व गृहमंत्री ने बलात्कार आरोपी दाती बाबा का किया भव्य स्वागत

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ग्वालियर।  बलात्कार के आरोपी बहुचर्चित दाती बाबा का मप्र के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बाजे-गाजे के साथ स्वागत किया. दाती महाराज मिश्रा के गृहनगर डबरा में बनवाए गए नवगृह मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने पहुंचे है। डॉ मिश्रा ने अपने इंस्ट्राग्राम अकाउंट पर बलात्कार के आरोपी बाबा के साथ अपनी तस्वीरें सगर्व पोस्ट की हैं। आपको बता दें कि दाती महाराज बलात्कार मामले में दोषमुक्त नहीं हुए हैं।

वर्तमान स्थिति (फरवरी 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार):

यह मामला 2016-2018 का है, जिसमें एक पूर्व शिष्या ने दाती महाराज (मदनलाल राजस्थानी) पर बलात्कार, अप्राकृतिक यौन संबंध और धमकी देने के आरोप लगाए थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने 2018 में जांच CBI को सौंप दी थी।सितंबर 2024 में साकेत कोर्ट (दिल्ली) ने दाती महाराज और उनके दो भाइयों (अशोक और अर्जुन) के खिलाफ आरोप तय (charges framed) कर दिए थे। इसमें IPC की धारा 376 (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), 506 (आपराधिक धमकी) आदि शामिल हैं।कोर्ट ने एक भाई (अनिल) को आरोपों से मुक्त किया, लेकिन दाती महाराज और बाकी दो पर मुकदमा चल रहा है।आरोप तय होने के बाद उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की। इस मामले में बाबाजी लंबे समय तक भूमिगत भी रहे। लेकिन बाद में जमानत मिलने पर फिर प्रकट हो गए।आसाराम बापू की तरह वे भी सोशल मीडिया पर छाए रहने वाले बाबा हैं। कहते हैं कि वे शनि के उपासक हैं। डॉ मिश्रा ने देश के तमाम बाबाओं, कथावाचकों और नेताओं को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया है।

CM हिमंता के गोली चलाने वाले वीडियो पर बवाल, कांग्रेस बोली—यह नरसंहार का खुला आह्वान

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नई दिल्ली। भाजपा (BJP) की असम इकाई (Assam Unit) द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो को कांग्रेस (Congress) ने नरसंहार का खुला आह्वान बताया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या’ दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है। साथ ही कहा कि न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे। इनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था।

 

कांग्रेस महासचिव ने क्या लिखा
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने कहाकि भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।

 

क्या अदालतें सो रही हैं
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाने वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी एक्स पर कहाकि नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं। लेकिन आपके नेता हिमंता बिस्वा सरमा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।

 

क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट पर ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहाकि भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।

 

घृणित और परेशान करने वाला
विपक्षी दल ने कहाकि यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ट्रोल सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है। इसमें कहा गया कि यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहाकि नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी। कांग्रेस ने कहाकि नफरत भाजपा के डीएनए में हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

जल संरक्षण कार्यों में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित हो – मुख्य सचिव

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    जयपुर, 9 फरवरी। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जल संरक्षण  योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

     उन्होंने अधिकारियों को आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए प्लांटेशन की समुचित योजना पहले से ही तैयार करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने जलागम क्षेत्रों की स्पष्ट सीमांकन प्रक्रिया को भी समय पर पूरा करने तथा सभी स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए कहा।

     उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (जलग्रहण विकास घटक) एवं मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान द्वितीय चरण की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये।    

     उन्होंने कहा कि भूमि एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए, जिससे वर्षा आधारित खेती को मजबूती मिले और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिल सके। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना क्षेत्रों में फसल पैटर्न में आए बदलाव, एक फसली क्षेत्र से दो फसली क्षेत्र में परिवर्तन तथा खेती योग्य भूमि में हुए सुधार का आकलन किया जाए।

     बैठक में राज्य में जलग्रहण विकास के तहत भूमि संरक्षण, जल संचयन और कृषि सुधार से जुड़े विभिन्न कार्यों के संबध में भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि तालाब, चेकडैम, परकोलेशन टैंक, कंटूर ट्रेंच, टांका, तालाबों का नवीनीकरण तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के कार्यों से भूजल स्तर में सुधार होने के साथसाथ खेती और आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 (MJSA 2.0) के अंतर्गत गांवों में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके तहत बड़ी संख्या में गांवों का चयन कर लाखों हेक्टेयर क्षेत्र को उपचारित किया जा रहा है, जिससे सूखे और जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है।

बैठक में जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

परिवार शादी के जश्न में मस्त, इधर चोरों ने खाली घर पाकर कर दिया हाथ साफ

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श्योपुर: कानून व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से एक तरफ श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल सभी थाना प्रभारियों गश्त व्यवस्था सहित कई आवश्यक निर्देश दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ विजयपुर में दो सूने मकानों पर चोरी की वारदात हो गई. अज्ञात चोरों ने दो सूने मकानों को निशाना बनाया, इन घरों के सदस्य शादी-समारोह में गए हुए थे.पुलिस मामला दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है.

 

चोरों ने दो सूने मकानों को बनाया निशाना

बताया जा रहा है कि विजयपुर के बजरंग कॉलोनी में स्थित कांठोन निवासी पिंटू, सिमेंद्र जादौन पूर्व सरपंच और भावना जादौन के मकान में चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है. दोनों परिवार विजयपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर सबलगढ़ जिला मुरैना में शादी समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. उधर अज्ञात चोरों ने सूने मकान का फायदा उठाकर चोरी की घटना को अंजाम दे डाला. चोरों ने दोनों घरों से सोने-चांदी के जेवरात और नगदी समेत 15 लाख रुपए की चोरी की है.

 

विजयपुर सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों को लगा रही पता

घटना रविवार देर रात 1 बजे की बताई जा रही है. हालांकि पुलिस ने दोनों फरियादियों की रिपोर्ट पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के माध्यम से जानकारी जुटा रही है. इधर चोरी की घटना की खबर सुनते ही परिवार वालों में दहशत है. मामले में विजयपुर थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर का कहना है कि "सोमवार को विजयपुर थाना पुलिस को आवेदन प्राप्त हुआ है कि अज्ञात चोरों ने दो सूने घर के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया है. विजयपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

 

 

    दोनों फरियादी ने पुलिस को बताया कि सोने चांदी के जेवरात और नगदी चोरी हुई है. पुलिस अब फिंगरप्रिंट सहित सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच पड़ताल कर रही है. जल्द से जल्द पुलिस इस घटना का खुलासा करेगी."

    NSG हब पर ग्रुप कमांडर की कार जलाने का मामला, साजिश की आशंका

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    नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के चेन्नई स्थित स्पेशल कंपोजिट ग्रुप, रीजनल हब में 'ग्रुप कमांडर' की कार को आग लगाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विदित रहे कि एनएसजी के रीजनल हब में कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता। वे कौन लोग हैं, जिन्होंने ग्रुप कमांडर के आवास में घुसकर कार में आग लगा दी, इसकी जांच की जा रही है। हालांकि कार के निकट एक बोतल मिली थी, जिसमें कुछ देर पहले तक पेट्रोल भरा हुआ था। इस मामले में एनएसजी में प्रतिनियुक्ति पर तैनात आर्मी अफसरों ने डीजी बी. श्रीनिवासन 'आईपीएस' को पत्र लिखा है। इससे कहा गया है कि उक्त घटना से एनएसजी जैसे विशेष बल में माहौल खराब हो रहा है। डीजी एनएसजी से मांग की गई है कि इस मामले में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की जाए। दूसरी तरफ एनएसजी के एक जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि इस केस की जांच चल रही है। एनएसजी की तरफ से कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। घटना को जानबूझकर तूल देने का प्रयास किया जा रहा है।बता दें कि इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। एफआईआर के मुताबिक, ग्रुप कमांडर के आवास संख्या 27, स्पेशल कंपोजिट ग्रुप, एसयूएनएल रीजनल हब, चेन्नई पर कार जलने की शिकायत मिली थी। अजय खरवार ने 8 नवंबर 2025 को दो बजे आग लगने की सूचना दी थी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 324 (4), 326 (बी), 351 (4), 329 (4) के तहत केस दर्ज किया है। सबसे पहले इस मामले में ग्रुप 1 के सूबेदार एडजुटेंट को सूचित किया गया। इसके बाद वे ग्रुप कमांडर के आवास पर पहुंचे। रेंजर 1 लालजी यादव, रेजिमेंट पुलिस नॉन कमीशन ऑफिसर को कॉल किया गया। उनसे फायर ब्रिगेड का इंतजाम करने के लिए कहा गया। इसके बाद लालजी यादव और दूसरे कमांडो भी घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रारंभ में कमांडो ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ देर बाद वहां क्यूआरटी और पानी का टैंकर भी आ गया। सूबेदार मेजर और दूसरे कर्मियों ने देखा कि कार संख्या जेएच 10एजेड 1284 जल रही है।  जली हुई कार से दस फीट की दूरी पर प्लास्टिक की एक खाली बोतल पड़ी हुई थी। बोतन के ढक्कन में एक छेद था। उसमें से पेट्रोल की गंध आ रही थी। मेजर आदित्य प्रकाश वीपी और रेंजर 2 निकेश ने सर्च अभियान शुरु किया। पता चला कि ग्रुप कमांडर के आवास का पिछला गेट खुला हुआ था। गार्डन एरिया में कागज के टुकड़े पड़े हुए थे। कागज पर ग्रुप कमांडर को लेकर अभद्र शब्द लिखे हुए थे। इससे यह मालूम पड़ा कि आग लगने की घटना, महज एक हादसा नहीं था। वह सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई एक वारदात थी। कुछ लोग गैर कानूनी रूप से ग्रुप कमांडर के घर में घुसे और उन्होंने कार में आग लगा दी। एक जनवरी 2026 को 27 'एससीजी' (स्पेशल कंपोजिट ग्रुप), चेन्नई रीजनल हब, एनएसजी के अधिकारियों ने डीजी को पत्र लिखा था। इसमें अधिकारियों ने ग्रुप कमांडर के लिए अपना समर्थन और एकजुटता का प्रदर्शन किया है। इस मामले में कोई सटीक कार्रवाई नहीं हो पा रही। उक्त मामले में कई अधिकारी पहले भी मौखिक और लिखित प्रतिवेदन के तौर पर अपनी बात कह चुके हैं। इससे एनएसजी जैसे बल में माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने डीजी एनएसजी से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की जाए। यह टीम, घटना की तह तक पहुंच सकती है। जांच का नतीजा और उसके अनुरुप कार्रवाई, इसके द्वारा फोर्स में माहौल खराब होने से रोका जा सकता है। एनएसजी जैसे बल में ये सब होना और शीर्ष नेतृत्व का समय रहते मामला न सुलझा पाना, कई सवाल खड़े करता है।कुछ अधिकारियों के मुताबिक, एनएसजी हब, चेन्नई में एक गंभीर समस्या खड़ी हो रही है। हमेशा की तरह, चाहे वह आर्म्ड फोर्सेज हो या एनएसजी, सीनियर लेवल पर समझ की कमी के कारण फैसले लेने में पूरी तरह से रुकावट आ गई है। ऐसा लगता है कि डीजी एनएसजी अभी भी उस लेटर पर चुप बैठे हैं, जो उन्हें भेजा गया था। इस हब के अफसर की कार को कथित तौर पर वहीं के लोगों द्वारा जलाए जाने के वीडियो भी हैं। पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज की गई है। इस मामले में अन्य रैंक 'ओआर' से जुड़े कार्मिकों द्वारा कोर्ट का रुख किया गया है। ये एनएसजी के लिए ठीक नहीं है। अगर जल्द ही इस समस्या को नहीं सुलझाया गया तो ये फोर्स के लिए ठीक नहीं होगा। 

    तिरुपति लड्डू विवाद में नया मोड़, साधु परिषद अध्यक्ष का बड़ा आरोप

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    तिरुपति लड्डू को लेकर विवाद जारी है। इसी बीच आंध्र प्रदेश साधु परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवासानंद सरस्वती ने सोमवार को आरोप लगाया कि तिरूपति के लड्डू पर सीबीआई की रिपोर्ट में घी में मिलावट की पुष्टि हुई है। उन्होंने दावा किया कि 20 करोड़ रुपये के लड्डू में मिलावट की गई थी।

    लड्डू खाने के बाद श्रद्धालु बीमार पड़ सकते हैं

    उन्होंने आरोप लगाया कि एक खाद्य माफिया पवित्र लड्डू  में मिलावट करने में शामिल है। इसके साथ ही  कहा कि रसायन युक्त लड्डू खाने के बाद श्रद्धालु बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा, "सीबीआई ने एक रिपोर्ट दी है, जिसमें पुष्टि की गई है कि तिरुपति के लड्डू में मिलावट थी। सीबीआई ने निष्कर्ष निकाला है कि 20 करोड़ रुपये के लड्डू में मिलावट की गई थी।" लड्डू में मिलावट के मामले में सीबीआई की रिपोर्ट के आधार पर सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कुकर्म करने वाले भगवान वेंकटेश्वर के दंड से बच नहीं सकते।इस से पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को तिरुपति लड्डू में मिलावट को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की पिछली सरकार के कार्यकाल में तिरुपति लड्डू बनाने के लिए उपयोग किया गया घी शौचालय को साफ करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन से बना था। नायडू ने कहा कि रसायनों से युक्त मिलावटी घी का इस्तेमाल पांच साल तक लड्डू बनाने में किया गया। उन्होंने कहा कि दो प्रकार के रसायन होते हैं, जिनमें से कुछ वनस्पति मूल के होते हैं, जो महंगे होते हैं। उन्होंने बताया कि पशु वसा की कीमत कम होती है। 

    भारत ने सेशेल्स के लिए खोला खजाना, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

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    भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपने रणनीतिक साझेदार देश सेशेल्स के साथ आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच सोमवार को नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय वार्ता में विकास से जुड़ी साझेदारी को केंद्र में रखा गया। इस दौरान दोनों नेताओं ने 'सेशेल' विजन को अपनाया, जिसका मकसद स्थिरता, आर्थिक विकास और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। भारत ने सेशेल्स की विकास से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की है, जो वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक हाउसिंग सेक्टर को मजबूती देगा। सेशेल विजन और विशेष आर्थिक पैकेज इस उच्च स्तरीय बैठक का सबसे अहम दस्तावेज रहा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस विजन के तहत भारत ने सेशेल्स के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया है। यह फंड मुख्य रूप से पब्लिक हाउसिंग, मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

    ब्लू इकोनॉमी से लेकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक समझौते 

    हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने कई अहम समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इनमें स्वास्थ्य, डिजिटल सहयोग, मौसम विज्ञान, संस्कृति, महासागर विज्ञान, खाद्य सुरक्षा और गवर्नेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों नेताओं ने ब्लू इकोनॉमी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सेक्टर्स में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। सेशेल्स की अर्थव्यवस्था के लिए पर्यटन और समुद्री संसाधन बेहद अहम हैं, ऐसे में भारत का सहयोग वहां की अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान करने में मदद करेगा।

    विजन 'सागर' और रणनीतिक महत्व

    बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे। सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'विजन सागर' का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि एक समुद्री पड़ोसी के रूप में, सेशेल्स का समर्थन इस क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा के लिए बेहद मूल्यवान है। समुद्री सुरक्षा पर हुई चर्चा इस बात का संकेत है कि भारत हिंद महासागर में अपनी रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करना चाहता है।

    मुंबई और चेन्नई में निवेश पर चर्चा

    राष्ट्रपति हर्मिनी का यह दौरा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि पूरी तरह से बिजनेस सेंट्रिक भी रहा है। दिल्ली पहुंचने से पहले उन्होंने चेन्नई और मुंबई में समय बिताया, जहां उन्होंने गवर्नेंस, इंडस्ट्री और कोस्टल मैनेजमेंट से जुड़े प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ मुलाकात की। पिछले साल अक्तूबर में पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है, जो पांच दिनों तक चलेगा। रविवार को दिल्ली पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया था और सोमवार को उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

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