- मेष राशि :- ईष्ट मित्रों से ईष्या रहेगी, सुख का कार्य होगा, व्यवसाय गति उत्तम होवेगी।
- वृष राशि :- अचानक शुभ समाचार प्राप्त होगा, धन की प्राप्ति होगी, संवेदनशील होंगे।
- मिथुन राशि :- क्रोध से अशांति-तनाव, झगड़े से बचें, अर्थ-व्यवस्था कुछ अनुकूल ही बनेगी।
- कर्क राशि :- कार्य-कुशलता से सहयोग, स्त्री से हर्ष तथा भोग-ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।
- सिंह राशि :- इष्ट मित्र सुखवर्धक हो, कुटुम्ब की समस्याऐं अवश्य ही सुलझ जाएंगी।
- कन्या राशि :- व्यर्थ व्यय, असमंजस और अस्थिरता का वातावरण हीन भावना करे।
- तुला राशि :- अधिकारियों का समर्थन विफल हो, कार्य-व्यवसाय गति अनुकूल हो।
- वृश्चिक राशि :- समय की अनुकूलता से लाभांवित हों, कार्य-कुशलता से अनुकूलता बनेगी।
- धनु राशि :- व्यवसाय गति उत्तम, भाग्य साथ देगा, बिगड़े कार्य सुधर जाऐंगे।
- मकर राशि :- स्त्री वर्ग से हर्ष-उल्लास, स्वास्थ्य नरम रहे, स्थिति में सुधार होगा।
- कुंभ राशि :- स्त्री शरीर सुख, मानसिक बेचैनी से बचिये, कार्यगति अनुकूल अवश्य बने।
- मीन राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा, बिगड़े कार्य अवश्य ही बने।
राशिफल 14 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
रामलला दर्शन योजना : रायगढ़ से 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आज रायगढ़ जिले के 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था भक्ति और उत्साह के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। वर्षों से प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन की अभिलाषा संजोए बुजुर्गों और ग्रामीणों के लिए यह अवसर किसी वरदान से कम नहीं था।
भक्तिमय विदाई और गगनभेदी जयघोष
श्रद्धालुओं को रायगढ़ जिला पंचायत परिसर से बसों के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन भेजा गया, जहाँ से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या प्रस्थान करेंगे। इस जत्थे में 84 ग्रामीण और 28 शहरी क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं। रवानगी के दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान रहा, जहाँ परिजनों ने भावुक मन से अपने प्रियजनों को विदा किया।
मुख्यमंत्री की पहल सपनों को मिले नए पंख
श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उन लोगों का सपना सच कर दिया है, जो आर्थिक बाधाओं के कारण अयोध्या जाने में असमर्थ थे। महिला श्रद्धालु ने कहा कि बचपन से रामायण में राम जन्मभूमि के बारे में सुना था, पर साक्षात दर्शन का सौभाग्य आज मिल रहा है। यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। कई वृद्ध यात्रियों ने इसे प्रभु का साक्षात बुलावा बताते हुए शासन की इस पहल को सराहनीय बताया।
सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुखद यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सभी यात्रियों का अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। यात्रा के दौरान निःशुल्क भोजन, आवास और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम भी जत्थे के साथ भेजी गई है। जिला प्रशासन ने यात्रियों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सम्मानजनक तीर्थ यात्रा कराना है।
ऊर्जा संरक्षण और सादगी जीवन का आधार- वन मंत्री केदार कश्यप
रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग के आह्वान का छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आत्मसंयम और सादगीपूर्ण जीवन केवल विचार नहीं, बल्कि वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है।
सादगी की मिसाल- वीआईपी कल्चर का त्याग
वन मंत्री ने प्रधानमंत्री के संदेश को अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में उतारते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीमित काफिला से ईंधन की खपत कम करने के लिए उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या मात्र दो तक सीमित कर दी है। रायपुर प्रवास के दौरान उन्होंने सुरक्षा के लिए साथ चलने वाली फॉलो और पायलट गाड़ी को भी बंद कर दिया है, ताकि ऊर्जा बचत का व्यावहारिक संदेश दिया जा सके। शासकीय निवास पर उपलब्ध अतिरिक्त वाहनों को उन्होंने संबंधित विभाग को वापस सौंप दिया है।
हरित ऊर्जा की ओर कदम
पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए मंत्री कश्यप ने तकनीकी विकल्पों को अपनाया है। इलेक्ट्रिक वाहन (म्ट) मंत्री वर्तमान में स्वयं इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल रही है। अपने निवास पर उन्होंने सोलर पैनल स्थापित करवाए हैं ताकि पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो सके।
सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान
मंत्री कश्यप ने बल देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी प्रयास तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण राजनीति से ऊपर के विषय हैं। यह हर नागरिक का दायित्व है कि वह अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए, ताकि देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सके।
सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें विश्वविद्यालय : मंत्री परमार
भोपाल : विद्यार्थियों का सर्वांगीण हित, हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को सरलता और सुलभता से सुविधाएं उपलब्ध हो, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। समस्त विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों की अंकसूची, उपाधि एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिलॉकर में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, प्रमाणित एवं सरल डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन कराते हुए उन्हें उपलब्ध पाठ्यक्रमों में रुचि एवं आवश्यकता अनुसार चयन के लिए प्रेरित कर, शैक्षणिक उन्नयन से जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों के कार्यों का प्रभाव, सामाजिक परिवर्तन की अभिप्रेरणा बने। विश्वविद्यालय, सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सभागार में, (एनएडी-डिजिलॉकर) एवं स्वयं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन" विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल के क्रियान्वयन में, देश भर में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त किया एवं देश भर में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, हमारा प्रदेश उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारयुक्त, पारदर्शी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य हर विद्यार्थी तक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में, यह एक महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, नई शिक्षा व्यवस्था में तकनीक केवल सुविधा का ही माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त आधार है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी डिजिटल रूप से सक्षम, ज्ञानसम्पन्न एवं वैश्विक अवसरों के लिए तैयार बने। विश्वविद्यालयों में परीक्षा एवं परिणाम को पारदर्शितापूर्ण बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है। डिजिटल मूल्यांकन पद्धति से परीक्षा एवं परिणाम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थी को संवेदनशील एवं श्रेष्ठ नागरिक बनाना, विश्वविद्यालयों का दायित्व है। इसके लिए राष्ट्रहित एवं समाज हित में संस्कार रोपित करने की आवश्यकता हैं। मंत्री परमार ने कहा कि शिक्षकों के आचरण को विद्यार्थी आत्मसात करते हैं, इसलिए शिक्षण व्यावहारिक होना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए, भारतीय दृष्टि के साथ शैक्षणिक परिदृश्य सृजन करना होगा।
मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण, डिजिटल गवर्नेंस एवं गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना, हमारी प्राथमिकताओं में समाहित है। एनएडी-डिजिलॉकर के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज सुरक्षित, प्रमाणित एवं डिजिटल रूप में सहज उपलब्ध होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। एनएडी-डिजिलॉकर, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को सुदृढ़ बना रहा है। वहीं (स्वयं) पोर्टल, युवाओं को देश के श्रेष्ठ शिक्षकों एवं संस्थानों से ऑनलाइन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, छात्र हित को प्राथमिकता देते हुए एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। राजन ने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वयं पोर्टल के विनियमन को अपनाते हुए समस्त विद्यार्थियों का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन एवं परीक्षा में प्रतिभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, अकादमिक कैलेंडर का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हों। राजन ने विश्वविद्यालयों को पारदर्शितापूर्ण प्रशासनिक प्रबंधन के लिए, समर्थ पोर्टल पर शिफ्ट करने के लिए भी प्रेरित किया।
उद्घाटन सत्र में स्वागत उद्बोधन देते हुए मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन प्रो खेमसिंह डेहरिया ने, कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। विषयविद सुदीक्षा राजपूत संयुक्त सचिव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली एवं अभिनव शर्मा क्षेत्रीय समन्वयक एनएडी-डिजिलॉकर ने, कार्यशाला की प्रासंगिकता, आवश्यकता एवं महत्ता के आलोक में अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषयविद एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत संवाद करेंगे और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे।
कार्यशाला में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के प्रशासनिक सदस्य महेशचंद चौधरी एवं आयोग के सचिव डॉ देवेंद्र सिंह गुर्जर सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कौशल विकास गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार : मंत्री टेटवाल
भोपाल : कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास गतिविधियों को अधिक प्रभावी, परिणाममुखी और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना राज्य शासन की प्राथमिकता है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कौशल विकास गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। मंत्री टेटवाल बुधवार को भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक एवं “कौशलम संवाद” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा उनकी भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री टेटवाल ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभाग स्तर पर मॉनिटरिंग टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैं निर्माण कार्यों की प्रति माह नियमित समीक्षा करूंगा।
मंत्री टेटवाल ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी एसओपी तैयार करने तथा राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रत्येक माह भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कौशलम संवाद” में साझा हुए सफलता और नवाचार के अनुभव
“कौशलम संवाद” कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, पूरे प्रदेश की आईटीआई एवं ग्लोबल स्किल्स पार्क के प्रशिक्षण अधिकारियों, प्रशिक्षणार्थियों और पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने वर्चुअली सहभागिता कर मंत्री टेटवाल से अपने अनुभव और सफलता साझा की।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण अधिकारियों ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सफल प्लेसमेंट, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों तथा नवाचार आधारित पहलों की जानकारी साझा की। संवाद में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त ट्रेड्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसर तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया।
कौशल विकास और तकनीकी तथा डिजिटल सहयोग के लिये हुआ एमओयू
कार्यक्रम में एमपी ऑनलाइन एवं एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के मध्य तकनीकी एवं डिजिटल तथा कौशल विकास सहयोग के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। साथ ही आईटीआई प्रवेश विवरणिका 2026 का विमोचन एवं प्रवेश प्रचार पोस्टर का अनावरण भी किया गया।
"वियरेवल इलेक्ट्रिकल सेफ्टी मॉनीटरिंग डिवाइस" जैसे पेटेंट आधारित नवाचार कॉन्सेप्ट की प्रस्तुति तथा ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, इंदौर से ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम भी किया गया।
प्रदेश के युवाओं की उपलब्धियों ने बढ़ाया गौरव
कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को मंत्री टेटवाल से साझा किया। एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क की प्रशिक्षणार्थी सुवर्चश्वनी पाठक का चयन ट्राईडेंट ग्रुप, बुधनी में 12 लाख रूपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह प्लेसमेंट जीएसपी के लिये गर्व की बात है। प्रदेश की बेटियों की तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास का प्रेरणादायी उदाहरण है। अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट के अंतर्गत एडवांस रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग ट्रेड के 5 प्रशिक्षणार्थियों तथा एडवांस मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल सर्विसेज ट्रेड के एक प्रशिक्षणार्थी का चयन दुबई स्थित टीटीई इंजीनियरिंग में हुआ है।
मंत्री टेटवाल ने प्रशिक्षणार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के युवा अपनी तकनीकी दक्षता और कौशल के बल पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी संस्थाओं से निरंतर जुड़े रहें तथा अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मंत्री टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कार्यक्रम में संचालक कौशल विकास बसंत कुर्रे, सीईओ एमपीएसएसडीईजीबी एवं सीईओ एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क गिरीश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर पालिका जांजगीर-नैला एवं ग्राम पंचायत परसाही (नाला) में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
हितग्राहियों को सामग्री, प्रमाण पत्र एवं सहायता राशि का किया गया वितरण
इसी क्रम में आज जांजगीर-चांपा जिले के नगर पालिका जांजगीर-नैला के सांस्कृतिक भवन, कचहरी चौक तथा जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाही (नाला) के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अतिथियों ने अवलोकन किया तथा नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। ग्राम पंचायत परसाही (नाला) में आयोजित शिविर में कुल 561 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 540 मांग एवं 21 शिकायतें शामिल थीं।
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सामग्री, प्रमाण पत्र, चेक एवं सहायता राशि वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी नागरिक उपस्थित रहे।
14 मई को अकलतरा और तनौद में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 14 मई को नगर पालिका अकलतरा के कंवर भवन भुवन भास्कर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय, वार्ड क्रमांक 12 तथा जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत तनौद के हाई स्कूल परिसर में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
नगर पालिका अकलतरा के शिविर में वार्ड क्रमांक 11 से 20 तक के नागरिक शामिल होंगे। वहीं ग्राम पंचायत तनौद में तनौद, ससहा, खरखोद, मुड़पार (चु.), चुरतेला, मेंकरी, भुईगांव, कमरीद, खरगहनी, खोरसी, देवरी, पंडरिया, खोखरी, कोडाभाट, रसौटा, सिर्री, हिर्री, धनगांव, डोंगाकोहरौद एवं भिलौनी सहित कुल 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण भाग लेंगे।
सुशासन तिहार बना ग्रामीण महिलाओं की नई ताकत
रायपुर : सुशासन तिहार 2026 अब केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के सपनों, हुनर और आत्मनिर्भरता को नई पहचान देने वाला अभियान बनता जा रहा है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम हाटी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में इसका जीवंत स्वरूप देखने को मिला, जहां महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।
शिविर में गांव की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार पारंपरिक और घरेलू उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। आम और नींबू के अचार की खुशबू, पापड़-बड़ी का पारंपरिक स्वाद और सवाई घास व बांस से तैयार हस्तशिल्प उत्पादों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने न केवल इन उत्पादों की सराहना की, बल्कि जमकर खरीदारी कर महिलाओं का उत्साह भी बढ़ाया।
स्टॉलों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ लगी रही। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक की बिक्री हुई। कई लोगों ने उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता से प्रभावित होकर आगे के लिए ऑर्डर भी दिए। इससे महिला समूहों में नया आत्मविश्वास देखने को मिला।
ग्राम बोकरामुड़ा की एकता स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित मोमबत्तियां लोगों को खूब पसंद आईं, वहीं ग्राम सिथरा की बुलबुल समूह की सुराही ने ग्रामीण हस्तकला की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कुड़ेकेला की जय अंबे स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार अचार, पापड़ और बड़ी की मांग सबसे अधिक रही। ग्राम हाटी की ज्योति स्व-सहायता समूह की झाड़ू और निश्चय प्रेरणा समूह की सवाई घास एवं बांस से बनी टोकरियां और सूपा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल से तैयार इन उत्पादों ने “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत किया। महिलाओं का कहना है कि ऐसे शिविर उन्हें केवल बाजार ही नहीं देते, बल्कि उनके हुनर को पहचान और सम्मान भी दिलाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी भूमिका निभा रहा है। ग्राम हाटी का यह शिविर इस बात का उदाहरण बन गया कि यदि अवसर और मंच मिले, तो गांव की महिलाएं अपने हुनर से नई सफलता की कहानी लिख सकती हैं।
आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण
भोपाल : वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में वन्यप्राणी अंगीकरण योजना 01 जनवरी 2009 को प्रारंभ की गई थी। इस योजना अंतर्गत आई.डी.बी.आई. बैंक भोपाल ने पर्यावरण तथा वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति प्रेम की ओर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। बैंक द्वारा मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों को भोजन प्रदाय के लिये 2 बोलेरो कैम्पर वाहन प्रदाय किये गये एवं एक नर बाघ 'बाजीराव' को एक वर्ष के लिये गोद लिया।
आई.डी.बी.आई बैंक से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल महेश चन्द्र कारी, उप महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल राजेश अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल अचल जैन, सहायक महाप्रबंधक आंचलिक कार्यालय भोपाल ब्लेसियन डेनियल, प्रबंधक, आंचलिक कार्यालय भोपाल आदित्य अग्रवाल द्वारा सीएसआर अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक विजय कुमार को 2 बोलेरो कैम्पर वाहन की चाबी प्रदाय की गई एवं नर बाघ 'बाजीराव को एक वर्ष के लिये अंगीकरण लिया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं इकाई प्रभारी पर्यटन के.एन शर्मा भी उपस्थित रहे। संचालक वन विहार द्वारा आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को अंगीकरण सम्बधी प्रमाण-पत्र प्रदाय किया। इस योजना में अब तक 107 वन्यप्राणियों को गोद लिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य मंत्री जायसवाल के पुत्र के विवाह समारोह में हुए शामिल
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल के सुपुत्र अभिशंख जायसवाल एवं पुत्रवधू स्तुति जायसवाल के पावन वैवाहिक बंधन मांगलिक अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगल आशीष प्रदान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से नवदंपति के सुखमय, समृद्ध एवं आनंदपूर्ण दाम्पत्य जीवन की कामना करते हुए कहा कि यह नवीन जीवन यात्रा प्रेम, विश्वास, सम्मान और अटूट साथ के पवित्र सूत्र से सदैव सुसज्जित रहे। उनके जीवन में सुख, शांति, वैभव, उत्तम स्वास्थ्य और उन्नति का प्रकाश निरंतर बना रहे तथा परिवार का आंगन सदैव खुशियों, सौभाग्य और मधुर संबंधों की सुगंध से महकता रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिजुरी में आयोजित वैवाहिक समारोह में सम्मिलित हुए और नवविवाहित दंपति को अपने स्नेहिल आशीर्वचनों से अभिसिंचित कर उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यमंत्री जायसवाल एवं उनके परिवारजन से आत्मीय भेंट कर इस सुखद अवसर की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं अतिथियों से भी मुख्यमंत्री ने आत्मीय चर्चा की।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री तथा अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक एवं पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह, विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर मनीषा सिंह, कलेक्टर हर्षल पंचोली, उपाध्यक्ष जिला पंचायत अनूपपुर पार्वती राठौर, जिला पंचायत सदस्य भारती केवट नर्मदा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन विशिष्ट क्षेत्रों में तीव्र और लक्षित विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करेगा। इस संबंध मे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने लक्षित विकास के लिए नए मिशन शुरू किए है। जिन्हें पूरी तरह मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में अपनी विभागीय योनजाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी रखी।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एआई मिशन के संबंध में बताया कि उभरती हुए तकनीकों और प्रौद्योगिकियों में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए यहां के युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। शासन व्यवस्था के कार्यों में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह से छात्र-छात्राओं, युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारा जाएगा। खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएगी। राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना तथा महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। सांस्कृतिक मेलों, उत्सवों और प्रदर्शनियों का आयोजन तथा स्थानीय स्तर पर ’होमस्टे’ योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन के तहत स्थानीय युवाओं को टूर-गाइडों के कौशल विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य के बुनियादें ढांचें, सड़कों, पुलों और शहरी-ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिशन मोड में मजबूत करना है। प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देने के लिए अधोसंरचना का तेजी से निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए व्यापारिक विचारों को जमीन पर उतारना। नए स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और सरल प्रक्रियाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त चंदन कुमार, विशेष सचिव उच्च शिक्षा जय प्रकाश मौर्य सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।















