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सेवा की कहानी : सक्षम योजना से हिमांशी वर्मा को मिली नई पहचान, पार्लर एवं बुटीक व्यवसाय से बनीं आत्मनिर्भर

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रायपुर :  आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली दुर्ग जिले के ग्राम नवागांव (पुरदा) निवासी हिमांशी वर्मा ने अपनी मेहनत, लगन और शासन की सक्षम योजना से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। कभी आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपना व्यवसाय शुरू करने में कठिनाइयों का सामना करने वाली हिमांशी आज पार्लर एवं बुटीक का संचालन कर अपने सपनों को साकार करने में जुटी हैं।

      हिमांशी के मन में हमेशा से स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की इच्छा थी, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधन उनके रास्ते में बाधा बन रहे थे। इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता शर्मा के माध्यम से उन्हें सक्षम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के अंतर्गत आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें 80 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। योजना से मिली इस सहायता का उपयोग हिमांशी ने अपने पार्लर एवं बुटीक व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया। लगभग एक वर्ष पहले शुरू किया गया उनका यह व्यवसाय अब धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा है।

       वर्तमान में उनके पास प्रतिदिन लगभग 5 से 7 ग्राहक आते हैं। इससे उन्हें प्रतिदिन करीब 250 से 300 रुपये तक की आय हो रही है।
हिमांशी अपने व्यवसाय का संचालन स्वयं कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में भी योगदान दे रही हैं। उनके लिए सक्षम योजना से मिली सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी बनी है। हिमांशी वर्मा कहती हैं कि सक्षम योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। आज उनका अपना व्यवसाय है और वे अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। सक्षम योजना स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही आत्मविश्वास और नई उम्मीद का माध्यम बनी है।

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 2 सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

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भोपाल : पुलिस मुख्‍यालय की दो शाखाओं से माह सितंबर में सेवानिवृत्‍त 2 कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बुधवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने दोनों सेवानिवृत कर्मचारियों को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये।

नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक सोलोमन यश कुमार मिंज सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे।

पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍त सूबेदार (एम) कल्‍याण शाखा श्रीमती पल्‍लवी काटे तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक महिला सुरक्षा शाखा श्रीमती रंजना श्रीवास्‍तव को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने बुधवार को भावभीनी विदाई दी।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल की जानकारी दी। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।

मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधों के विरुद्ध बड़ी सफलता

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भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में मंदसौर पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों से मेट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से लोगों को विश्वास में लेकर ठगी करता था। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी और 150 से अधिक साइबर घटनाओं को अंजाम दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम एवं 5 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कराया है।

जिले के शामगढ़ निवासी पीड़िता मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल अपडेट करने के बाद साइबर ठगों के संपर्क में आई थी। आरोपी ने स्वयं को NRI बताकर पीड़िता से शादी करने का विश्वास दिलाया। नकली फोटो और कथित परिजनों के माध्यम से व्हाट्सएप पर बातचीत कर पीड़िता का विश्वास हासिल किया गया। इसके बाद विदेश से गिफ्ट भेजने, गिफ्ट कस्टम में पकड़े जाने तथा कस्टम ड्यूटी एवं प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा कराई गई। इस तरह पीड़िता से 7 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई। शिकायत मिलने पर थाना शामगढ़ में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।

पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीना के निर्देशन में प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगभग दो माह तक तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया और साइबर ठगी से जुड़े डिजिटल एवं बैंकिंग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा।

लगातार किए गए तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों की जानकारी प्राप्त होने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से राजस्थान के जयपुर में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ एवं विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरोह के एक अन्य सदस्य एवं मुख्य सरगना को बिहार के अरवल जिले से गिरफ्तार किया गया।

150 से अधिक म्यूल बैंक खाते और सिम के जरिए चल रहा था नेटवर्क

जांच में सामने आया कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क अलग-अलग स्तर पर काम कर रहा था। गिरोह द्वारा 150 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट एवं म्यूल मोबाइल सिम का उपयोग किया गया। अधिकांश मोबाइल सिम आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली एवं बिहार से प्राप्त की गई थीं, जबकि कुछ सिम एवं बैंक खाते भोपाल से भी प्राप्त कर उपयोग किए गए।

गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में ठगी की रकम निकालते थे। निश्चित समय अंतराल के बाद वह अपने स्‍थान बदल लेते थे। बैंक खाते फ्रीज होने पर संबंधित मोबाइल फोन, सिम, पासबुक एवं एटीएम आदि नष्ट कर दिए जाते थे और अगली ठगी के लिए नए मोबाइल, सिम एवं बैंक खातों का उपयोग किया जाता था।

गिरोह का एक मुख्य व्यक्ति विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि की जानकारी रखता था और सदस्यों को राशि निकालने तथा निर्धारित खातों में जमा करने के निर्देश देता था।

मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। मेट्रिमोनियल साइट, ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश, गिफ्ट अथवा किसी अन्य आकर्षक प्रस्ताव के माध्यम से किए जा रहे संपर्क में सावधानी बरतें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

बस्तर में बाढ़ का पानी उतरने के साथ सामान्य हो रहा जनजीवन

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रायपुर : बस्तर अंचल में बीते दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ के बाद अब नदियों एवं नालों का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य होने के साथ जनजीवन भी पटरी पर लौट रहा है। वहीं बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सक्रिय कर दिया है।

बस्तर में बाढ़ का पानी उतरने के साथ सामान्य हो रहा जनजीवन

बस्तर में बाढ़ का पानी उतरने के साथ सामान्य हो रहा जनजीवन

       उल्लेखनीय है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से 23 से 26 सितम्बर के दौरान बस्तर अंचल में हुई मूसलाधार बारिश तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा के खातीगुड़ा और मुरान बांध के फाटक खोले जाने से कई क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई थी। कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ और लोगों की सामान्य दिनचर्या भी बाधित हुई थी। अब जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित ग्रामीण धीरे-धीरे अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों की ओर लौट रहे हैं।

*बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रही स्वास्थ्य टीमें*
         बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा पानी और गंदगी के कारण जलजनित रोगों, संक्रामक बुखार एवं अन्य मौसमी बीमारियों की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रभावित गांवों और बस्तियों में चिकित्सा दल पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रहे हैं और ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
       स्वास्थ्य शिविरों में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सहित अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकता के अनुसार दवाइयां, प्राथमिक उपचार सामग्री एवं ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अमला बीमारी के संभावित लक्षणों पर भी नजर रख रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

*स्वच्छ पानी और साफ-सफाई के लिए किया जा रहा जागरूक*
        स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को बाढ़ के बाद बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। लोगों को दूषित पानी के सेवन से बचने, पानी उबालकर पीने, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सा दल से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ के बाद जनजीवन को सामान्य करने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य एवं आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक प्रकरण वापसी समिति की हुई अहम बैठक

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रायपुर :  उप मुख्यमंत्री एवं गृह तथा जेल मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रकरण वापसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम सहित प्रमुख सचिव गृह सुनिहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर, गृह सचिव नेहा चंपावत, डीजीपी अरूण देव गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

      बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की वापसी से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें 8 लंबित प्रकरण शामिल थे, सभी मामलों में से 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई, 02 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए जिलों में भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ ना पाते हुए उनको समिति ने विचार कर उन्हें समिति ने अस्वीकृत कर दिया।

      समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुसंशित लंबित प्रकरणों, उनकी वर्तमान स्थिति तथा नियमानुसार आगे की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई एवं इसकी नियमित समीक्षा करते हुए न्यायालय में लंबित प्रकरणों को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।

रबी सीजन के लिये करें बिजली की पर्याप्त व्यवस्था : ऊर्जा मंत्री तोमर

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भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार को प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रबी सीजन के लिये किसानों को बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। अभी से पुख्ता इंतजाम करें, जिससे बिजली माँग की आपूर्ति में कोई अड़चन नहीं आये। बैठक में एमडी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी मंजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिये कोयले का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही कोयले की आपूर्ति भी सतत जारी है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि विद्युत उत्पादन संयंत्रों की क्षमता के अनुरूप उत्पादन करना सुनिश्चित करें। वरिष्ठ अधिकारी इसकी सतत समीक्षा भी करें। प्लांट के कोल स्टॉक, प्राप्ति, खपत एवं क्वालिटी की साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध करायें। एनटीपीसी से संबंधित विद्युत गृहों से अनुबंधित क्षमता के अनुसार विद्युत उपलब्धता के निरीक्षण की जिम्मेदारी भी तय करें। बैठक में विभिन्न प्लांटों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में किसी भी प्लांट में कम उत्पादन नहीं हुआ है।

नई कृषि तकनीक करेगी किसानों को लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के साथ अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। किसानों को नई तकनीक का लाभ दिया जा रहा है। उमरिया जिला कोयला भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे काला सोना भी कहते हैं। यहां स्थित बांधवगढ़ किला मध्यप्रदेश की शान है। उमरिया जिला प्राकृतिक औषधि और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उमरिया जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले के किसानों को उपज का समुचित मूल्य दिलवाने के लिए नई कृषि तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तम खेती के लिए सिंचाई सुविधाएं बेहद जरूरी है। इसीलिए राज्य सरकार ने हर गांव और हर खेत को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान धान और श्रीअन्न फसलों के उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन कराएं, ताकि एमएसपी का लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि इसी सीजन से किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को किसान चौपाल लगाकर हितग्राहियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं किसान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान गोपालन, दूध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी फसलों और जैविक-प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। उन्होंने उमरिया के किसानों को बताया कि शीघ्र ही जिले में एक बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होगी। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को पंचायत स्तर पर दुग्ध संकलन समितियों के पंजीयन कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर पंप जैसी कृषक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान जारी है। राज्य सरकार जिलों में जन विश्वास अभियान के जरिए भी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र के अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है। किसानों को भी इस स्वामित्व योजना का लाभ मिल रहा है। संपत्ति की पक्की रजिस्ट्री मिलने से हितग्राही बैंक लोन और अन्य आवश्यकताओं के लिए इसे उपयोग कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षित और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार स्कूली बच्चों को कई सौगातें दे रही है। शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी दी गई हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिलें वितरित की जा रही हैं। प्रदेशभर में सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के लिए उमरिया में उपस्थित मंत्री नागर सिंह चौहान और पूर्व मंत्री सुमीना सिंह से भी संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय जन उपस्थित थे।

GIS से पहले MP में बड़ा डिजिटल बदलाव, G2B सेवाएं होंगी पूरी तरह पेपरलेस

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भोपाल। जनवरी 2027 में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) से ठीक पहले मध्य प्रदेश सरकार ने निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत गवर्नमेंट टू बिजनेस (G2B) सेवाओं को 100 प्रतिशत पेपरलेस करने का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है और इस प्रस्ताव को 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) एक्ट के अंतर्गत शासन को भेज दिया गया है। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के लिए कागजी कार्रवाई को न्यूनतम करना और निवेश प्रस्तावों की रियल टाइम मॉनिटरिंग (रियल टाइम निगरानी) की एक मजबूत व्यवस्था विकसित करना है।

डिजिटल डैशबोर्ड से मिलेगी हर जानकारी

इस प्रस्तावित आधुनिक डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट की प्रगति (Progress) जानने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलने की उम्मीद है:

  • आवेदन किस विभाग में लंबित (Pending) है।

  • कौन-कौन सी मंजूरियां (Approvals) मिल चुकी हैं।

  • कौन सी प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं।

सरकार का मानना है कि प्रक्रियाओं के डिजिटल होने से प्रशासनिक कार्यों में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे फाइलों के निपटारे में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश न के बराबर रह जाएगी। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के बीच फाइलों के आने-जाने में लगने वाले समय में भी भारी कमी आएगी।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 से पहले सिस्टम अपग्रेड

जनवरी 2027 में होने वाली जीआईएस (GIS) से पहले 'डिजिटल इन्वेस्टमेंट ट्रैकिंग सिस्टम' को और अधिक सुगम व आधुनिक बनाया जा रहा है। सरकार का पूरा फोकस एक ऐसे एकीकृत सिस्टम को तैयार करने पर है, जिसमें निवेशक अपने निवेश प्रस्ताव की शुरुआत से लेकर अंतिम स्वीकृति मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक कर सकें। इस व्यवस्था के लागू होने से कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता घटेगी और निवेशकों को मध्य प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए बेहद अनुकूल व पारदर्शी माहौल मिल सकेगा।

रेल यात्रा के नए नियम को लेकर जरूरी सूचना, ओरिजिनल ID दिखाना होगा अनिवार्य

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मुंबई। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल रेलवे द्वारा आगामी 1 से 31 अक्टूबर तक टिकट चेकिंग का एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अवधि के दौरान ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर टिकटों की जांच बेहद सख्ती से की जाएगी। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य रियायती टिकटों, विभिन्न रिजर्वेशन कोटे, रेलवे पास और अनारक्षित टिकटों की आड़ में होने वाले नियमों के दुरुपयोग को रोकना, फर्जी टिकटों का पता लगाना तथा रेलवे को होने वाले राजस्व के नुकसान को कम करना है।

पहचान पत्र से जुड़े अहम नियम

यदि एक ही टिकट पर कई लोग एक साथ सफर कर रहे हैं, तो रेलवे के नए नियमों के तहत यह अनिवार्य है कि:

  • टिकट पर दर्ज यात्रियों में से कम से कम एक व्यक्ति के पास उसका मूल (ओरिजिनल) पहचान पत्र होना जरूरी है।

  • यदि जांच के दौरान कोई भी यात्री अपना मूल पहचान पत्र दिखाने में असमर्थ रहता है, तो रेलवे नियमों के अनुसार पूरे ग्रुप को 'बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला' मान लिया जाएगा।

  • ई-टिकट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी यह नियम समान रूप से लागू है, जहां समूह में से कोई एक यात्री अपना मान्य फोटो पहचान पत्र दिखाकर बाकी यात्रियों की पहचान की पुष्टि कर सकता है।

मान्य पहचान पत्रों की सूची

रेलवे यात्रा के दौरान निम्नलिखित दस्तावेजों को वैध फोटो पहचान पत्र के रूप में स्वीकार करता है:

  • चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड

  • पासपोर्ट

  • पैन कार्ड

  • ड्राइविंग लाइसेंस

  • केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सीरियल नंबर वाला फोटो पहचान पत्र

  • मान्यता प्राप्त संस्थानों का स्टूडेंट पहचान पत्र

  • फोटो लगी हुई राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक

  • बैंक द्वारा जारी फोटोयुक्त लैमिनेटेड क्रेडिट कार्ड

  • सरकारी पहचान दस्तावेज

(नोट: ई-पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर यानी PTO के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपना मूल पहचान पत्र साथ रखना होगा और यात्रा शुरू करने से पहले ई-पास/PTO को वैध अधिकार पत्र में सही ढंग से बदलना सुनिश्चित करना होगा।)

टीटीई ऐप और बढ़े हुए जुर्माने

  • टीटीई ऐप का इस्तेमाल: रेलवे चेकिंग स्टाफ टिकटों की प्रामाणिकता की त्वरित जांच के लिए आधुनिक 'टीटीई ऐप' का उपयोग करेगा।

  • बढ़ा हुआ जुर्माना: रेलवे द्वारा बिना वैध टिकट यात्रा करने पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है, जो गत 20 जून 2026 से प्रभावी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर यात्री से निर्धारित किराया और अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने पास वैध टिकट और मूल पहचान पत्र अवश्य रखें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

सौरभ भारद्वाज का प्रवेश वर्मा पर आरोप, बोले- युवक को थप्पड़ मारकर सबूत मिटाने की कोशिश

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नई दिल्ली| राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश वर्मा से जुड़े चर्चित 'थप्पड़ विवाद' के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। दिल्ली 'आप' के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि जिस सड़क के निर्माण को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, वह PWD के आधिकारिक टेंडर के तहत जनता के भारी-भरकम कर (Tax) के पैसों से बनाई जा रही थी।

सड़क निर्माण में घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह सड़क निर्माण कार्य करोड़ों रुपये के सरकारी फंड से हो रहा था, जो कि किसी भी तरह से प्रवेश वर्मा का निजी धन नहीं है। टेंडर की निर्धारित शर्तों और तकनीकी मानकों (स्पेसिफिकेशन्स) के अनुसार ही काम होना अनिवार्य था, परंतु मौके पर यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सड़क बनाई गई थी, जो हाथों से छूने मात्र से उखड़ रही थी। घटना के दौरान पार्टी विधायक जरनैल सिंह ने मंत्री प्रवेश वर्मा के सामने ही उस सड़क के हिस्से को अपने हाथ से उखाड़कर प्रदर्शित भी किया था।

मोबाइल छीनने और थप्पड़ मारने को बताया सबूत मिटाने की साजिश

सौरभ भारद्वाज ने आगे आरोप लगाया कि जब एक 22 वर्षीय स्थानीय युवक ने इस घटिया निर्माण कार्य का वीडियो अपने मोबाइल में बनाना चाहा, तो मंत्री प्रवेश वर्मा ने भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से न केवल उस युवक का मोबाइल फोन छीन लिया, बल्कि गुस्से में आकर उसे थप्पड़ भी जड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के सबूतों को मिटाने और आपराधिक कृत्य का मामला बनता है।

इसी आधार पर पार्टी ने मांग की है कि मंत्री प्रवेश वर्मा, उन्हें मौके से सुरक्षित निकालने वाले पुलिस कर्मियों, संबंधित PWD इंजीनियरों और दोषी ठेकेदार के खिलाफ एसीबी (ACB) में औपचारिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। यदि एसीबी इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करती है, तो आम आदमी पार्टी न्याय के लिए न्यायालय (कोर्ट) का रुख करेगी। उल्लेखनीय है कि इस पूरे विवाद को लेकर दिल्ली पुलिस पहले ही मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 के तहत एनसीआर (NCR) दर्ज कर चुकी है, जबकि दूसरी ओर PWD की शिकायत पर 'आप' विधायक जरनैल सिंह के विरुद्ध भी एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला और विरोध प्रदर्शन का ऐलान

प्रेस वार्ता के दौरान 'इंडिया' ब्लॉक की बैठकों और चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर बोलते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में देश का चुनाव आयोग पूरी तरह से समझौतावादी रवैया अपना चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या गठबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।

सौरभ भारद्वाज ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी आगामी 2 अक्टूबर को राजधानी के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में एक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस प्रशासन को विधिवत रूप से पहले ही सूचना दे दी गई है।

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