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80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में गूंजा देशभक्ति का संदेश, रेखा गुप्ता ने फहराया तिरंगा

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नई दिल्ली: आज पूरा देश आजादी के पावन पर्व के जश्न में डूबा हुआ है। चारों तरफ देशभक्ति के तराने और अभूतपूर्व उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्वतंत्रता सेनानियों को नमन

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "आज का यह पावन दिन केवल एक राष्ट्रीय पर्व भर नहीं है, बल्कि यह उन असंख्य वीर स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय साहस, त्याग और सर्वोच्च बलिदान को याद करने का अवसर है। इस ऐतिहासिक दिन हम सभी उन महान सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनके कड़े संघर्षों ने भारत के लोकतंत्र को एक मजबूत और दृढ़ आधार प्रदान किया है। यह आसमान में लहराता हुआ हमारा तिरंगा केवल हमारे गौरवशाली अतीत का ही प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे उज्ज्वल भविष्य का एक दृढ़ संकल्प भी है। स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारा निरंतर दायित्व भी है।"

मंत्री कपिल मिश्रा ने साझा किए सरकार के विजन

दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, "सभी प्रदेशवासियों को स्वाधीनता दिवस की अनंत बधाइयां। आज दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में माननीय मुख्यमंत्री ने राजधानी की जनता को संबोधित किया है और अब तक के कार्यकाल में दिल्ली सरकार की प्रमुख उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की है। इसके साथ ही, आने वाले समय के लिए दिल्ली के विकास का एक स्पष्ट रोडमैप भी जनता के सामने रखा गया है।"

इस दौरान विपक्षी दल के नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि आज के इस राष्ट्रीय पर्व के दिन इस बात की कोई प्रासंगिकता बची है कि अरविंद केजरीवाल क्या कह रहे हैं, खासकर दिल्ली के संदर्भ में। दिल्ली की जागरूक युवा पीढ़ी ने भली-भांति देख लिया है कि कैसे जनता ने उनका बोरिया-बिस्तर समेट कर उन्हें दिल्ली की राजनीति से बाहर का रास्ता दिखाया है, उन्हें इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए।"

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में भी हुआ ध्वजारोहण

80वें स्वतंत्रता दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व के उपलक्ष्य में आज दिल्ली पुलिस मुख्यालय (PHQ) में भी गरिमामयी समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (P&FD) राजेश खुराना ने पुलिस मुख्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यालय के विशाल लॉन में एकत्र हुए तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जवानों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री खुराना ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की आत्मीय शुभकामनाएं दीं और कर्तव्य पथ पर निष्ठा से काम करने का संदेश दिया।

पहलगाम आतंकी हमले पर PM मोदी का पहला सवाल आया सामने, NSA डोभाल ने किया खुलासा

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नई दिल्ली: गत 22 अप्रैल 2025 को हुए दर्दनाक पहलगाम आतंकवादी हमले और उसके करारे जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कई महत्वपूर्ण और अंदरूनी खुलासे किए हैं।

एक विशेष डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' में दिए गए अपने साक्षात्कार के दौरान, एनएसए अजीत डोभाल ने बताया कि पहलगाम हमले की खबर मिलते ही सऊदी अरब का अपना आधिकारिक दौरा बीच में ही छोड़कर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत लौटे, तो उन्होंने हवाई अड्डे पर उतरते ही सबसे पहला सवाल यह पूछा था— "यह किसने किया है? इस कायराना हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है? मुझे इसकी सटीक जानकारी तुरंत चाहिए।"

दुनिया के लिए भारत का संदेश बिल्कुल स्पष्ट

अजीत डोभाल ने आगे कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से दुनिया भर के लिए यह संदेश बिल्कुल स्पष्ट हो जाता है कि भारत की शालीनता, उदारता या सहिष्णुता को कभी भी उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर भारत बड़े से बड़ा जोखिम उठाने का माद्दा रखता है और परिणामों की परवाह किए बिना दुश्मन पर कड़ा प्रहार करने से पीछे नहीं हटेगा।

बता दें कि पिछले वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' के सफल समापन के बाद दिए गए इस इंटरव्यू में एनएसए डोभाल ने उन रणनीतिक निर्णयों का विवरण साझा किया है, जिन्होंने भारत की इस ऐतिहासिक सैन्य प्रतिक्रिया को दिशा और मजबूती दी।

'ऑपरेशन सिंदूर' की योजना और कड़ा संदेश

ऑपरेशन की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन पर प्रकाश डालते हुए डोभाल ने बताया कि भारत ने यह स्पष्ट निर्णय लिया था कि इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के भीतर उन تمام आतंकी ठिकानों और लॉन्च पैड्स को नेस्तनाबूद करना था, जिनका सीधा संबंध पहलगाम हमले से था।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत यह चाहता है कि पाकिस्तानी हुकूमत और वहां की सेना यह अच्छी तरह समझ ले कि आतंकवाद को उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन देना अथवा आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में उनकी नाकामी अब भारत के लिए पूरी तरह असहनीय हो चुकी है।

88 घंटे तक चला संघर्ष और 10 मई को हुआ सीजफायर

पहलगाम हमले के बाद भारत की कड़ी कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने जब भारतीय ठिकानों पर हमले करने की कोशिश की, तो भारतीय सशस्त्र बलों ने भी उसका बेहद आक्रामक और मुंहतोड़ जवाब दिया। यह पूरी सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत ही अंजाम दी गई। परमाणु हथियारों से लैस इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच यह सैन्य संघर्ष लगभग 88 घंटों तक लगातार जारी रहा, जो अंततः 10 मई की शाम को दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से हुए समझौते के बाद थमा।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने दृढ़ता के साथ कहा, "एक बार जब राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कुछ शुरू हो जाता है, तो देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए जितनी दूर तक जाना जरूरी होगा, हम जाने को तैयार हैं और इसकी कोई सीमा नहीं है। हम अपने देश के लिए खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे।"

'ऑपरेशन सिंदूर' अभी खत्म नहीं हुआ

एनएसए ने स्पष्ट किया कि जब प्रधानमंत्री यह कहते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी जारी है, तो इसके पीछे का स्पष्ट संदेश यह है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की यह निर्णायक लड़ाई तब तक समाप्त नहीं होगी, जब तक कि धरती से आखिरी आतंकवादी का भी सफाया नहीं कर दिया जाता।

गौरतलब है कि यह ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सिंदूर' पिछले साल 7 मई की सुबह को शुरू किया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल को हुए उस खौफनाक पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में चलाया गया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके के अंदर कई किलोमीटर अंदर तक घुसकर सटीक एयरस्ट्राइक और हमलों के जरिए आतंकी ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

महिला आरक्षण को लेकर PM मोदी का विपक्ष को संदेश, ‘आप क्रेडिट ले लें, लेकिन महिलाओं को हक मिले’

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नई दिल्ली: देश के स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन और नीति निर्माण में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर विशेष बल दिया। उन्होंने इसे वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए देश के सभी राजनीतिक दलों से दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।

महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का आग्रह

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि तमाम दलों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश की राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले, ताकि देश के भविष्य की नीतियां तय करने में नारी शक्ति का अभूतपूर्व नेतृत्व और उनकी प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राजनीतिक खींचतान का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि स्थानीय शहरी और ग्रामीण निकायों में महिलाओं की असाधारण सफलता को देखते हुए ही संसद के माध्यम से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित किया गया था। हालांकि, उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि पिछले कई दशकों से महिलाओं के अधिकार से जुड़ा यह सपना राजनीतिक खींचतान और दांव-पेच का शिकार बनता रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से पुरजोर आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं और हमारी माताओं-बहनों की असीम ताकत व क्षमता का सम्मान करें। बिना किसी और देरी के हमारी महिलाओं को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलने का रास्ता साफ किया जाना चाहिए।" प्रधानमंत्री ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे इस ऐतिहासिक कदम का श्रेय आपस में बांटने के बजाय देशहित में इस पर पूर्ण आम सहमति बनाएं।

विधेयक के प्रावधान और सरकार-विपक्ष का रुख

ज्ञात हो कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को संसद के दोनों सदनों में व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ था, जिसके तहत देश की विधायी निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के साथ-साथ भविष्य में लोकसभा सीटों के परिसीमन (Delimitation) का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

  • केंद्र सरकार का पक्ष: सरकार का यह तर्क है कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब संसद और विभिन्न राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों की संख्या में वृद्धि होगी, तब इस महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

  • विपक्ष का रुख: दूसरी ओर, विपक्ष परिसीमन से जुड़ी इस शर्त का विरोध कर रहा है। विपक्षी दलों की यह मांग है कि महिलाओं के लिए तय यह 33 प्रतिशत आरक्षण भविष्य के परिसीमन का इंतजार किए बिना, मौजूदा समय की कुल सीटों की संख्या के आधार पर ही तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए।

स्वतंत्रता दिवस पर उदयपुर में खास आयोजन, 69 प्रतिभाओं और शहीद परिवारों का सम्मान

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उदयपुर: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर उदयपुर शहर पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। स्थानीय गांधी ग्राउंड में आयोजित भव्य जिला स्तरीय मुख्य समारोह में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और शानदार परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट के दलों द्वारा अनुशासित मार्च पास्ट कर तिरंगे को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। समारोह के दौरान देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों के परिजनों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कुल 69 विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वहां मौजूद हर शख्स का मन मोह लिया।

तिरंगा फहराकर मंत्री खराड़ी ने ली परेड की सलामी

गांधी ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ पारंपरिक रूप से ध्वजारोहण के साथ हुआ। जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया, जिसके पश्चात पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट के जवानों ने बेहद अनुशासित अंदाज में मार्च पास्ट किया। मंत्री खराड़ी ने परेड की सलामी ली और विभिन्न टुकड़ियों के निरीक्षण के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान पूरा गांधी ग्राउंड तिरंगे के रंगों और राष्ट्रप्रेम के जज्बे से सराबोर दिखाई दिया, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए।

समारोह में उदयपुर के सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन समेत जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बच्चों द्वारा बनाया गया आकर्षक मानव पिरामिड

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक विविधता पर आधारित एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने अद्भुत संतुलन और साहस का परिचय देते हुए एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर कई फीट ऊंचा 'मानव पिरामिड' तैयार किया। इस पिरामिड के शीर्ष पर 'भारत माता' के रूप में सजी एक छात्रा ने हाथ में तिरंगा थामकर शान से लहराया। बच्चों के इस बेहतरीन तालमेल और साहस को देखकर पूरा गांधी ग्राउंड दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह प्रस्तुति इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रही।

शहीद परिवारों का हुआ भावुक सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के इस पावन मंच पर देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों के परिवारों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने शहीदों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

इस दौरान उदयपुर के वीर शहीद अभिनव नागौरी और शहीद मुस्तफा बोहरा के परिजन भी मंच पर मौजूद रहे। शहीद परिवारों के सम्मान के इस पल ने पूरे समारोह स्थल पर एक अत्यंत भावुक और गर्व से भरा माहौल पैदा कर दिया।

69 उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान और देशभक्ति का अनूठा समां

समारोह के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य और उल्लेखनीय योगदान देने वाली कुल 69 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले नागरिकों में शिक्षा, समाज सेवा, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग शामिल रहे।

उदयपुर का गांधी ग्राउंड स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगे की शान, सैनिकों और दलों के परेड अनुशासन, शहीद परिवारों के वंदन और स्कूली बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ एक यादगार और ऐतिहासिक उत्सव का गवाह बना।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर BJP का हमला, लगाए गंभीर आरोप

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लाल किले पर आयोजित मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने को लेकर उन पर जोरदार सियासी हमला बोला है। भाजपा ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की मानसिकता 'दिमागी नक्सल' इकोसिस्टम जैसी है।

लाल किले पर आयोजित इस भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित देश के सभी प्रमुख केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहे। इसके अलावा भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास समेत कई विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भी इस राष्ट्रीय पर्व के साक्षी बने।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का तीखा बयान

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के इस महत्वपूर्ण समारोह से अनुपस्थित रहने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "राहुल गांधी लाल किले के राष्ट्रीय समारोह में मौजूद रहने से जानबूझकर चूक गए। क्या देश का कोई भी जिम्मेदार और देशभक्त नेता प्रतिपक्ष या किसी अन्य सार्वजनिक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति ऐसा कृत्य कर सकता है?"

प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का इस राष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रहना देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' और राष्ट्र की गरिमा के प्रति उनकी गहरी अनिच्छा व नफरत को उजागर करता है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी देश के मुख्य 'नेता प्रतिपक्ष' के गरिमामयी पद पर बने रहने के बिल्कुल भी योग्य नहीं हैं।

लगातार दूसरे वर्ष समारोह से नदारद रहे कांग्रेस शीर्ष नेता

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह लगातार दूसरा ऐसा वर्ष है, जब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लाल किले पर आयोजित होने वाले इस आधिकारिक और सर्वोच्च राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया है, जिसे लेकर सत्ता पक्ष लगातार कांग्रेस नेतृत्व पर हमलावर है।

‘आजादी सिर्फ तिरंगा फहराने तक नहीं’, युवाओं ने उठाए सुरक्षा, शिक्षा और न्याय के सवाल

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जयपुर: देश अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा है, लेकिन इस बीच राजस्थान के युवाओं ने आजादी के मायने को केवल तिरंगा फहराने तक सीमित रखने से इंकार कर दिया है। नई पीढ़ी ने साफ-सफाई, बेहतर सड़कों, महिला एवं बाल सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, भ्रष्टाचार पर रोक और न्याय व्यवस्था में सुधार जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर एक नई बहस छेड़ दी है। युवाओं का स्पष्ट मानना है कि सच्ची आजादी तभी सार्थक है जब हर नागरिक को समानता, सुरक्षा और त्वरित न्याय मिले।

देश इमारतों से नहीं, लोगों से मजबूत होता है

युवाओं का कहना है कि राष्ट्र केवल बड़ी इमारतों, सड़कों और विकास परियोजनाओं से मजबूत नहीं होता, बल्कि उसे वहां के नागरिक सशक्त बनाते हैं। आजादी का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि ऐसा समाज है जहां हर व्यक्ति सम्मान और सुरक्षा के साथ जी सके।

'तिरंगे का सम्मान सिर्फ दो-तीन दिन का नहीं, पूरे साल का होना चाहिए'

राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान जताते हुए युवाओं ने चिंता जताई कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोग जोश-जोश में तिरंगा तो खरीद लेते हैं, लेकिन उत्सव बीतने के बाद वही झंडे सड़कों या कचरे में बिखरे नजर आते हैं। उन्होंने अपील की है कि देशभक्ति सिर्फ कुछ दिनों का उत्साह नहीं है, बल्कि तिरंगे का सम्मान पूरे साल कायम रहना चाहिए।

बुनियादी विकास, साफ-सफाई और सड़क व्यवस्था पर सवाल

शहरों में फैल रहे कचरे, खस्ताहाल सड़कों और जलभराव की समस्याओं पर भी युवाओं ने तीखे सवाल किए हैं। उनका कहना है कि आधुनिक विकास के नाम पर ऐसी योजनाएं बननी चाहिए जिससे बारिश का पानी सड़कों पर न भरे। युवाओं ने मांग की है कि नियमित साफ-सफाई के साथ-साथ जल निकासी और पर्यावरण को ध्यान में रखकर सड़कों का निर्माण किया जाए।

महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर युवाओं ने चिंता जताते हुए कहा कि सिर्फ कड़े कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अपराधियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय के लिए लंबी लड़ाइयां न लड़नी पड़ें। इसके अलावा, प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए रिश्वत देने की मजबूरी से मुक्ति मिलनी चाहिए।

प्रिंस सोनी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

जयपुर के महाराणा प्रताप स्कूल में छात्र प्रिंस सोनी की मौत के मामले को युवाओं ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही तय करने, बच्चों की सुरक्षा पुख्ता करने और मामले में पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। युवाओं का कहना है कि जब तक इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनकी आवाज बुलंद रहेगी।

RSS कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह, कृष्ण गोपाल ने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की

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नई दिल्ली: देश के 80वें स्वाधीनता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर शनिवार को राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय 'केशवकुंज' में गरिमामयी समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने ध्वजारोहण किया और वहां उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।

वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत में पारंपरिक रूप से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का गायन किया गया तथा ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रीयगान 'जन गण मन' गाया गया। इस दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक विशेष दल ने राष्ट्रीय ध्वज को गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दिया। देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सहसरकार्यवाह ने कहा कि आज देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। आज ही के दिन यानी 15 अगस्त 1947 को हमारा देश सदियों की लंबी गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्र हुआ था। इस आजादी के पीछे लगभग एक हजार वर्षों का निरंतर स्वतंत्रता संग्राम और संघर्ष का इतिहास है, जिसके लिए लाखों देशवासियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है।

महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर योद्धाओं को किया स्मरण

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के इस पावन दिन हमें सबसे पहले उन तमाम महान पुरुषों और वीर महिलाओं को नमन करना चाहिए जिन्होंने देश की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी या अपना पूरा जीवन सलाखों के पीछे काट दिया। उन्होंने सिंध के राजा दाहिर, दिल्ली के राजा अनंगपाल, पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा, छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, छत्रसाल महाराज, दक्षिण भारत की रानी चेन्नमा तथा विजयनगर साम्राज्य के उन तमाम रणबांकुरों को याद किया जो मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए शहीद हुए।

देश के विभिन्न कोनों में स्वतंत्रता के लिए चलाए गए संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के भारत आने के बाद यह महासंग्राम और अधिक तीव्र हो गया। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल (लाल-बाल-पाल), डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद के साथ-साथ देश के हर कोने से इस लंबी लड़ाई में योगदान देने वाले सभी भाई-बहनों और माताओं के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता।

देश की प्रगति और एकजुटता का संदेश

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत ने हर क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति की है और आज हमारा देश एक सशक्त व महान राष्ट्र के रूप में विश्व मंच पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि वे आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुट हों और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाते हुए दुनिया के सामने एक सुंदर और प्रेरणादायक आदर्श प्रस्तुत करें।

किशनपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वतंत्रता दिवस पर कथित लापरवाही, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर दिखाई स्थिति

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मुरैना: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर भले ही तिरंगा यात्राओं और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों में देशभक्ति व राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने के तमाम प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन मुरैना जिले के किशनपुर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर 15 अगस्त के दिन ही व्यवस्थाओं और दावों की कलई खुलती नजर आई।

स्वतंत्रता दिवस पर सूना मिला स्वास्थ्य केंद्र

स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के दिन सुबह करीब 11 बजे तक किशनपुर के इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी कर्मचारी या स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित नहीं था। राष्ट्रीय पर्व होने के बावजूद केंद्र परिसर में तिरंगा फहराने या ध्वजारोहण की कोई व्यवस्था तक दूर-दूर तक दिखाई नहीं दी। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह वीरान और सूना देखकर आक्रोशित ग्रामीणों ने इस बदइंतजामी का पूरा वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

प्रभारी से संपर्क करने पर मिला अजीब जवाब

यह मामला जब तूल पकड़ने लगा, तो ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी रश्मि से टेलीफोन के जरिए संपर्क किया। ग्रामीणों के मुताबिक, प्रभारी ने अपनी कुछ व्यक्तिगत मजबूरियां बताते हुए असमर्थता जताई कि वह चाहकर भी स्वतंत्रता दिवस के दिन उप स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच सकीं।

देश के इतने बड़े राष्ट्रीय पर्व के दिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से कर्मचारियों का नदारद रहना और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब शासन-प्रशासन जनता को राष्ट्रीय उत्सव मनाने और तिरंगे के सम्मान के प्रति जागरूक कर रहा है, ऐसे में एक सरकारी संस्थान द्वारा इस तरह की गैर-जिम्मेदारी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

लैंडस्लाइड और बाढ़ से अरुणाचल में बिगड़े हालात, चार लोगों की मौत; सेना के जवान लापता

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अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते हुई दो अलग-अलग भीषण दुर्घटनाओं में भारी तबाही और जान-माल के नुकसान की खबर सामने आई है। राज्य के अपर सुबनसिरी जिले में सड़क निर्माण स्थल पर हुए अचानक भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि दिबांग वैली जिले में अचानक आई भयंकर बाढ़ के कारण भारतीय सेना के दो शेल्टर बह गए और पांच जवान लापता हो गए हैं। दोनों ही दुर्घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सघन खोज और बचाव (रेस्क्यू) अभियान चलाया जा रहा है।

शुक्रवार शाम को घटी दोनों दुखद घटनाएं

राज्य के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये दोनों दुर्घटनाएं शुक्रवार शाम को हुईं। अपर सुबनसिरी जिले के अंतर्गत केओजारिंग-ब्याचिंग सड़क निर्माण स्थल पर अचानक भारी लैंडस्लाइड हो गया। पहाड़ से बड़ी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आ गिरने से वहां काम कर रहे कई लोग उसकी चपेट में आ गए।

इस हादसे में मलबे में दबे टाडू बाकी, ताजी राय, मार्कोश बसुमतारी और बाबुल अली की मौत की पुष्टि हुई है। अपर सुबनसिरी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि बचाव दल ने इनमें से बाबुल अली का शव बरामद कर लिया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान जारी है।

पुलिस, दमकल और SDRF की टीमें राहत कार्य में जुटीं

लैंडस्लाइड की इस घटना के तुरंत बाद खोज और बचाव कार्यों को गति देने के लिए नाचो पुलिस थाने के जवानों को घटनास्थल पर तैनात कर दिया गया। इसके अलावा, डपोरिजो से फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के जवानों को भी राहत सामग्री और उपकरणों के साथ भेजा गया है। स्थिति से निपटने के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की एक विशेष टीम भी बचाव अभियान में पूरी तरह मदद कर रही है।

दिबांग वैली में बाढ़ ने सेना के कैंप को लिया चपेट में

दूसरी ओर, दिबांग वैली जिले में शुक्रवार शाम को हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने पाशु पानी आर्मी कैंप में भारी तबाही मचाई। पानी के अत्यधिक तेज बहाव और उफान के कारण सेना की 5वीं ग्रेनेडियर रेजिमेंट के दो शेल्टर पूरी तरह बह गए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अचानक आए इस सैलाब ने सेना के सात जवानों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें से दो जवानों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश पांच जवान अभी भी लापता हैं।

लापता जवानों की तलाश के लिए चलाया जा रहा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

नदी के तेज बहाव में लापता हुए पांचों जवानों की पहचान हवलदार उपेंद्र और सैनिक कुंदन, विनोद, आदित्य तथा समुंडा के रूप में की गई है। उनकी तलाश और बचाव के लिए 5वीं ग्रेनेडियर की दो विशेष खोज और बचाव टीमें पहले से ही घटनास्थल पर मुस्तैद हैं।

इसके साथ ही, लापता जवानों का पता लगाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 58वीं बटालियन, जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) की 62 RCC, स्थानीय स्वयंसेवकों और अरुणाचल प्रदेश पुलिस के जवानों को भी मैदान में उतार दिया गया है। इसके अलावा, पासीघाट से SDRF की एक अतिरिक्त टीम को भी राहत कार्यों में हाथ बंटाने के लिए अनिनी रवाना किया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

लाल परेड ग्राउंड से CM मोहन यादव का बड़ा संदेश, 6 महीने में डॉक्टरों की भर्ती का ऐलान

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भोपाल: देश भर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर शानदार परेड की सलामी ली और इस अवसर पर प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

समान नागरिक संहिता और 'युवा वर्ष' की घोषणा

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व पर 'वंदे मातरम्' के गायन ने इस स्वतंत्रता महोत्सव को और अधिक अविस्मरणीय बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में आज भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शुमार है और एक आधुनिक, सुरक्षित, समृद्ध तथा आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू किया जा रहा है। 'एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान' के विचार को धरातल पर उतारते हुए इसके जरिए सभी के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत सरकार का मुख्य लक्ष्य एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके अलावा, किसानों की जमीन अधिग्रहण पर उन्हें चार गुना मुआवजा दिए जाने की बात भी दोहराई गई।

स्वास्थ्य और उड्डयन क्षेत्र में बड़े बदलाव

  • डॉक्टरों की भर्ती: राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अगले 6 महीनों के भीतर 1,000 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रदेश में चिकित्सकों की कोई कमी न रहे।

  • नए एयरपोर्ट्स: हवाई कनेक्टिविटी को विस्तार देते हुए आने वाले समय में मध्य प्रदेश में 5 नए एयरपोर्ट्स की शुरुआत की जाएगी।

भाजपा कार्यालय में किया झंडावंदन

लाल परेड ग्राउंड के मुख्य कार्यक्रम के पश्चात, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण किया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुलामी के लंबे दौर को याद करने मात्र से सिहरन पैदा हो जाती है। 1857 की क्रांति ने देश की आजादी की लड़ाई को और तीव्र किया था।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की प्रगति के जो लक्ष्य तय होने चाहिए थे, उनमें कुछ कमियां अवश्य रहीं, लेकिन वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नए नवाचार कर रहे हैं। जनसंघ के जमाने से जिन उद्देश्यों को लेकर पार्टी का गठन किया गया था, उन्हीं महान विचारों को आज आगे बढ़ाया जा रहा है। सीएम यादव ने जोर देकर कहा कि हमें अभी परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी है और देश हर संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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