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‘कुलदीप को चाहिए गिल का हाथ’, मोहम्मद कैफ ने कप्तान को क्यों दी सलाह?

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नई दिल्ली: चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को करीब से जानने वालों में पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और उत्तर प्रदेश के पूर्व कप्तान मोहम्मद कैफ का नाम भी शामिल है। कुलदीप का जिक्र छिड़ते ही कैफ ने कहा कि वह एक भावुक इंसान हैं और इस वक्त एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में उन्हें कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर के पूरे समर्थन की जरूरत है।

कलाई के स्पिनर को होता है कप्तान के साथ का भरोसा

मोहम्मद कैफ ने एक खास बातचीत में कहा कि कुलदीप के पास स्पिन गेंदबाजी की वह कला है जो बेहद दुर्लभ होती है। ऐसे गेंदबाजों को हमेशा कप्तान की बैकिंग की जरूरत होती है। कैफ के मुताबिक, कुलदीप श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें कप्तान गिल का पूरा साथ मिले। यह देखना वाकई अहम होगा कि कप्तान गिल और कोच गंभीर प्लेइंग इलेवन में नियमित जगह न मिलने से जूझ रहे कुलदीप का हौसला कैसे बढ़ाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कलाई की स्पिन एक अद्भुत कला है। इतिहास गवाह है कि महान लेग स्पिनरों को भी हमेशा अपने कप्तान के साथ की जरूरत पड़ी है। चाहे वह शेन वॉर्न हों या अब्दुल कादिर, उन पर स्टीव वॉ और इमरान खान जैसे कप्तानों का पूरा हाथ रहा था। कुलदीप का गुगली और लेग स्पिन पर गजब का नियंत्रण है। भले ही उनका आईपीएल फॉर्म थोड़ा ऊपर-नीचे रहा हो, लेकिन उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है, इसलिए उन्हें कप्तान और कोच के भरोसे की सख्त जरूरत है।

गंभीर का समर्थन और गिल की मुश्किलें

कैफ का मानना है कि कुलदीप को कोच गौतम गंभीर के समर्थन की भी बहुत जरूरत है। गंभीर अपने दौर में स्पिन गेंदबाजी के बहुत शानदार बल्लेबाज रहे हैं, और एक बेहतरीन स्पिनर को कोच बेहतर तरीके से गाइड कर सकता है।

इसके अलावा, लगातार मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होने पर कप्तान शुभमन गिल से सहानुभूति जताते हुए कैफ ने कहा कि गिल को लगातार फिट मैच विनर खिलाड़ी नहीं मिल सके हैं, और इसी वजह से उनका कप्तानी रिकॉर्ड विराट कोहली जैसा नहीं दिख रहा है।

एक्सप्रेसवे पर हादसे ने छीनी चार जिंदगियां, खाटू श्याम जा रहे लोगों की कार ट्रक से टकराई

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रतलाम: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शिवगढ़ के समीप एक दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात राजस्थान स्थित खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे एक ही परिवार की कार एक्सप्रेसवे पर खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। इस भयानक दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चों सहित पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक तकनीकी खराबी के कारण सड़क किनारे खड़ा हुआ था, तभी तेज रफ्तार अर्टिगा कार नियंत्रण खोकर ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। हादसे की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय नागरिकों तथा टोल कर्मियों की मदद से सभी घायलों को तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया।

भीषण टक्कर से कार के उड़े परखच्चे

यह दुखद घटना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शिवगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत रात करीब 2:00 बजे घटी। कोटा की ओर जा रही अर्टिगा कार जब सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई, तो टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग बुरी तरह फंस गए। टोल कंपनी के कर्मचारियों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे मृतकों और घायलों को बाहर निकाला।

इंदौर, धार और झाबुआ के रहने वाले थे सभी रिश्तेदार

हादसे का शिकार हुए सभी लोग आपस में करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, जो मूल रूप से इंदौर, धार और झाबुआ जिले के निवासी हैं। ये सभी लोग झाबुआ के थांदला से अपनी कार में सवार होकर खाटू श्याम बाबा के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। इस दुर्घटना में तीन महिलाओं और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

मेडिकल कॉलेज में घायलों का इलाज जारी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इसके साथ ही मृतकों के शवों को क्षतिग्रस्त वाहन से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि सभी पीड़ित आपस में रिश्तेदार थे। शिवगढ़ थाना पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

गौरतलब है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पिछले तीन महीनों के दौरान सड़क हादसों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश दुर्घटनाएं रात के वक्त ही हुई हैं, जहां तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर या तो रेलिंग से टकराए हैं या खड़े वाहनों का शिकार बने हैं। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मिराज की शानदार पारी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश 426 पर ऑलआउट

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डार्विन: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन मेहमान बांग्लादेश टीम बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच गई है। तीसरे दिन बांग्लादेश की पहली पारी 426 रन पर समाप्त हुई, जिससे उसे पहली पारी के आधार पर 228 रनों की विशाल बढ़त हासिल हुई है। बांग्लादेश के लिए तीसरे दिन ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 65 रन की अहम पारी खेली। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण में जोश हेजलवुड ने घातक गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट झटके, जबकि मिचेल स्टार्क को दो और पैट कमिंस तथा नाथन लियोन को एक-एक सफलता मिली।

मेहदी हसन मिराज का शानदार अर्धशतक

बांग्लादेश ने तीसरे दिन की शुरुआत 6 विकेट पर 351 रन से आगे की थी। लंच से पहले मेहदी हसन मिराज ने सूझबूझ से खेलते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 154 गेंदों का सामना करते हुए 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से 65 रन बनाए। टीम के 418 रन के स्कोर पर वह जोश हेजलवुड का शिकार बने। इसके बाद बांग्लादेश की पारी में केवल 8 रन और जुड़े और पूरी टीम 426 के स्कोर पर सिमट गई। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अपनी पहली पारी में मात्र 198 रन पर ढेर होने वाली मेजबान ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में कैसा प्रदर्शन करती है।

बांग्लादेश के बड़े टेस्ट स्कोर और बढ़त के रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलियन धरती पर कंगारू टीम के खिलाफ बनाया गया यह स्कोर बांग्लादेश का अब तक का सबसे बड़ा टेस्ट टोटल है। एशिया के बाहर यह बांग्लादेश का पांचवां सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर है। एशिया के बाहर उनका सर्वोच्च स्कोर न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में साल 2017 में आया था, जब उन्होंने 8 विकेट पर 595 रन बनाकर पारी घोषित की थी।

एशिया के बाहर बांग्लादेश के शीर्ष टेस्ट स्कोर:

  • 595/8 घोषित – बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन (2017)

  • 468 रन – बनाम जिम्बाब्वे, हरारे (2021)

  • 458 रन – बनाम न्यूजीलैंड, माउंट माउंगानुई (2022)

  • 429 रन – बनाम न्यूजीलैंड, हैमिल्टन (2019)

  • 426 रन – बनाम ऑस्ट्रेलिया, डार्विन (2026)

बांग्लादेश की अब तक की शीर्ष पहली पारी की बढ़त:

  1. 397 रन – बनाम वेस्टइंडीज, मीरपुर (2018)

  2. 301 रन – बनाम आयरलैंड, सिलहट (2025)

  3. 295 रन – बनाम जिम्बाब्वे, मीरपुर (2020)

  4. 236 रन – बनाम अफगानिस्तान, मीरपुर (2023)

  5. 228 रन – बनाम ऑस्ट्रेलिया, डार्विन (2026)

भारत ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी का फैसला; इस खिलाड़ी को मिली टीम में पहली बार जगह

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गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त को ऐतिहासिक गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में हो गया है। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह देश का 600वां टेस्ट मैच है।

टॉस के बाद कप्तानों के बयान

  • शुभमन गिल (भारतीय कप्तान): टॉस के बाद भारतीय कप्तान ने कहा कि पिच काफी अच्छी नजर आ रही है और मौसम भी सुहाना है। उन्होंने बताया कि टीम उसी प्लेइंग इलेवन के साथ मैदान पर उतरी है जो पिछले मैच में खेली थी। टीम में पांच गेंदबाजों (दो तेज गेंदबाज और तीन स्पिनर) को शामिल किया गया है। स्वतंत्रता दिवस और 600वें टेस्ट मैच जैसे ऐतिहासिक अवसर को लेकर पूरी टीम काफी उत्साहित है।

  • धनंजय डी सिल्वा (श्रीलंकाई कप्तान): श्रीलंकाई कप्तान ने कहा कि वह भी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का ही मन बना रहे थे। पिच काफी सूखी लग रही है, जो खेल आगे बढ़ने के साथ स्पिनर्स के अनुकूल हो सकती है। उन्होंने बताया कि पथुम निसांका की जगह निशान मदुश्का को टीम में जगह मिली है, जबकि निरोशन डिकवेला विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

केशर नुवांथा का टेस्ट डेब्यू

इस मुकाबले में श्रीलंका के 25 वर्षीय ऑफ स्पिनर केशर नुवांथा ने अपना इंटरनेशनल टेस्ट डेब्यू किया है। मैच से पहले उन्हें टेस्ट कैप सौंपी गई। नुवांथा ने हाल ही में वार्म-अप मैच के दौरान केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को आउट किया था, जिसके बाद उन्हें सीनियर राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। गॉल के मैदान पर यह 50वां टेस्ट मैच खेला जा रहा है, जिससे यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए और भी खास बन गया है।

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

  • भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल (कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।

  • श्रीलंका: लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, दिनेश चांदीमल, कामिंडू मेंडिस, धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), केशर नुवांथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो।

साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा, बरा के ATM से रकम निकालने के आरोप में दो गिरफ्तार

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डबरा: साइबर ठगी के जरिए ठगा गया पैसा ठिकाने लगाने और उसकी हेराफेरी करने वाले डबरा के दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हुई विभिन्न साइबर ठगी की वारदातों से जुड़ी अवैध रकम को डबरा के सराफा बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम (ATM) से कई बार निकाला था।

ऑपरेशन Q-ATM के तहत सीसीटीवी फुटेज से हुए बेनकाब

पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन Q-ATM' के अंतर्गत जब क्यू-एटीएम सर्वर में सुरक्षित सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की तकनीकी जांच की गई, तो दोनों आरोपी कैमरे में संदिग्ध अवस्था में नजर आए। इसके बाद जब उनके बैंक खातों की गहन छानबीन की गई, तो यह बात सामने आई कि इनके खातों में 10 से अधिक बार साइबर ठगी की बड़ी रकम ट्रांसफर हुई थी। इसी पुख्ता आधार पर खातों को चिन्हित कर शुक्रवार रात पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया।

क्रिप्टो करेंसी में बदलते थे ठगी का काला धन

पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान गौरव (पुत्र मोहर सिंह रावत, निवासी रावकला, थाना बड़ौनी, जिला दतिया) और रमन (पुत्र ब्रजमोहन रावत, निवासी गौतम विहार, गल्ला मंडी गेट के सामने, डबरा देहात) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे एटीएम से ठगी का यह अवैध पैसा निकालते थे और तुरंत बाद उसे क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) में कन्वर्ट (बदल) लेते थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। 'ऑपरेशन Q-ATM' के तहत इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को लेकर पुलिस द्वारा की गई यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, और मामले में आगे की विस्तृत जांच जारी है।

जायसवाल के रन आउट पर क्यों उठे सवाल? केशरा नुवांथा की गलती और कप्तान के फैसले ने बढ़ाया विवाद

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गॉल: श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल बेहद विवादित तरीके से रन आउट हो गए। इस घटना ने खेल भावना को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, क्योंकि जायसवाल विरोधी टीम के गेंदबाज की टक्कर की वजह से पिच पर गिरे थे, जिसके चलते उन्हें अपनी विकेट गंवानी पड़ी।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना भारतीय पारी के 11वें ओवर में घटी। डेब्यू कर रहे श्रीलंकाई गेंदबाज केशरा नुवांथा की गेंद पर केएल राहुल ने उन्हीं की दिशा में शॉट खेलकर सिंगल के लिए कॉल किया। रन लेने के लिए भागते समय गेंदबाज नुवांथा अचानक यशस्वी जायसवाल के रास्ते में आ गए और दोनों के बीच टक्कर हो गई, जिससे जायसवाल का संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े।

इस अप्रत्याशित टक्कर से दोनों बल्लेबाजों के बीच गफलत पैदा हो गई और केएल राहुल तथा यशस्वी जायसवाल दोनों एक ही छोर (नॉन-स्ट्राइकर एंड) पर पहुंच गए। इसके बाद गेंद विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के पास पहुंची। रिप्ले में देखा गया कि डिकवेला ने बेल्स गिराने से पहले श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा की तरफ देखा था और आपस में चर्चा भी की थी। हालांकि, कप्तान की तरफ से अपील वापस लेने का कोई इशारा नहीं मिलने पर विकेटकीपर ने गिल्लियां बिखेर दीं और जायसवाल को रन आउट करार दे दिया गया।

खेल भावना पर उठे सवाल

क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि जायसवाल गेंदबाज की गलती और टक्कर की वजह से गिरे थे, ऐसे में श्रीलंकाई टीम को खेल भावना (Spirit of Cricket) का परिचय देते हुए अपील वापस लेनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आउट होने से पहले जायसवाल ने 37 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से 32 रनों की शानदार पारी खेली थी।

लंच तक भारत का स्कोर 101/1

इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। जायसवाल के आउट होने के बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभाला। भारत ने पहले दिन लंच तक 27 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 101 रन बना लिए थे, जिसमें केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल क्रीज पर डटे हुए थे।

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया में रचा इतिहास, टेस्ट में बनाया अपना सबसे बड़ा स्कोर

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डार्विन: डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन बांग्लादेश की पहली पारी 426 रन के विशाल स्कोर पर समाप्त हुई। यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर बांग्लादेश का अब तक का सबसे बड़ा टेस्ट टोटल है। इससे पहले वह कभी भी कंगारू टीम के घर में 300 का आंकड़ा भी नहीं पार कर सकी थी। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर मेहमान टीम ने पहली पारी के आधार पर 228 रनों की ऐतिहासिक बढ़त हासिल कर ली है, जो कि एशिया के बाहर किसी भी टीम द्वारा पहली पारी में हासिल की गई सबसे बड़ी लीड में शुमार हो गई है। इस रिकॉर्डतोड़ पारी के दौरान कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बने और टूटे हैं।

23 साल पुराना रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बांग्लादेश का पिछला सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर 295 रन था, जो उसने 25 जुलाई 2003 को केर्न्स के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही बनाया था। अब डार्विन में 426 रन का स्कोर खड़ा करके टीम ने 23 साल के लंबे अंतराल के बाद अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश के सबसे बड़े टेस्ट टोटल:

  • 426 रन (138.0 ओवर) – बनाम ऑस्ट्रेलिया, डार्विन (13 अगस्त 2026)

  • 295 रन (92.1 ओवर) – बनाम ऑस्ट्रेलिया, केर्न्स (25 जुलाई 2003)

  • 178 रन (51.1 ओवर) – बनाम ऑस्ट्रेलिया, डार्विन (18 जुलाई 2003)

  • 163 रन (58.4 ओवर) – बनाम ऑस्ट्रेलिया, केर्न्स (25 जुलाई 2003)

एशिया के बाहर बांग्लादेश के शीर्ष टेस्ट स्कोर

  1. 595/8 (declared) – बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन (2017)

  2. 468 रन – बनाम जिम्बाब्वे, हरारे (2021)

  3. 458 रन – बनाम न्यूजीलैंड, माउंट माउंगानुई (2022)

  4. 429 रन – बनाम न्यूजीलैंड, हैमिल्टन (2019)

  5. 426 रन – बनाम ऑस्ट्रेलिया, डार्विन (2026)

पहली पारी के आधार पर बड़ी बढ़त

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट में मिली 228 रन की यह बढ़त मेहमान टीम के इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी लीड्स में से एक है।

बांग्लादेश की अब तक की शीर्ष पहली पारी की बढ़त:

  1. 397 रन – बनाम वेस्टइंडीज, मीरपुर (2018)

  2. 301 रन – बनाम आयरलैंड, सिलहट (2025)

  3. 295 रन – बनाम जिम्बाब्वे, मीरपुर (2020)

  4. 236 रन – बनाम अफगानिस्तान, मीरपुर (2023)

  5. 228 रन – बनाम ऑस्ट्रेलिया, डार्विन (2026)

घरेलू मैदान पर खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इतनी बड़ी पहली पारी की बढ़त गंवाना कंगारू टीम के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। टेस्ट इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है जब ऑस्ट्रेलिया ने घर में पहली पारी में 200 से अधिक रनों की बढ़त विपक्षी टीम को दी हो।

लोकभवन में राज्यपाल पटेल ने फहराया तिरंगा, धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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भोपाल: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजधानी स्थित लोकभवन में गरिमामयी तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। लोकभवन में आयोजित इस भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजाति प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव मीनाक्षी सिंह और राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वतंत्रता दिवस के इस उल्लासपूर्ण समारोह के दौरान आकाश में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर आजादी का जश्न मनाया। इस गरिमापूर्ण आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन के साथ हुई। समारोह के दौरान पुलिस बैंड ने बेहद सुरीली राष्ट्र धुन बजाई और तैनात सुरक्षा बल द्वारा राज्यपाल को भव्य 'गार्ड ऑफ ऑनर' (सम्मान गार्ड) प्रदान किया गया। इसके उपरांत राज्यपाल पटेल ने लोकभवन सचिवालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की आत्मीय शुभकामनाएं दीं तथा उपस्थित बच्चों को स्नेहपूर्वक मिठाइयों का वितरण किया।

इस पावन समारोह में परिसहाय द्वय राहुल देशमुख और श्रेयस दलवी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरविन्द पुरोहित, विशेष सहायक विपुल पटेल, नियंत्रक हाउस होल्ड शिल्पी दिवाकर, सुरक्षा अधिकारी रविन्द्र बघेल, जनजाति प्रकोष्ठ के सम्मानित सदस्य, लोकभवन के चिकित्सकगण तथा बड़ी संख्या में अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सड़क हादसे में सैन्य अधिकारी ने गंवाई जान, बेकाबू कार डिवाइडर पार कर दूसरी गाड़ी से टकराई

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सहारनपुर: सहारनपुर जिले के सरसावा क्षेत्र के अंतर्गत देहरादून-पंचकूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर झबीरन कट के समीप एक अत्यंत भीषण सड़क हादसा पेश आया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक सैन्य अधिकारी समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त अंबाला निवासी सैन्य अधिकारी परमिंदर सिंह (45) और उनके वाहन चालक रवि शंकर (35) गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सा अधिकारियों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस भयानक टक्कर की चपेट में आने से आईटीबीपी अधिकारी का गनर और सामने से आ रही दूसरी गाड़ी में सवार तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

मसूरी से घर लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सैन्य अधिकारी परमिंदर सिंह अपने चालक रवि शंकर और गनर जयराम के साथ कार में सवार होकर उत्तराखंड के मसूरी से अंबाला स्थित अपने घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर झबीरन गांव के पास पहुंची, वह अचानक अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार होने के कारण कार डिवाइडर को पार करते हुए सड़क की दूसरी दिशा से आ रही एक अन्य गाड़ी से आमने-सामने जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में बैठे अधिकारी और चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को त्वरित राहत पहुंचाते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद आईटीबीपी अधिकारी परमिंदर सिंह और उनके चालक रवि शंकर को मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे में अधिकारी के गनर जयराम के अलावा दूसरी गाड़ी में सवार अन्य तीन लोगों को भी चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

नेत्रहीन छात्राओं के लिए राज्यपाल की खास सौगात, स्वतंत्रता दिवस पर प्रदान की स्मार्ट स्टिक

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रायपुर: स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने राजधानी के लोकभवन में 'नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड' (रायपुर) द्वारा संचालित प्रेरणा गुरुकुलम विद्या पीठम की नेत्रहीन छात्राओं को विशेष 'स्मार्ट स्टिक' प्रदान की। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह स्मार्ट स्टिक इन छात्राओं को बिना किसी अन्य सहारे के सुरक्षित और पूरी तरह आत्मनिर्भर तरीके से अपने दैनिक आवागमन में बड़ी सहायता प्रदान करेगी।

इस गरिमामयी अवसर पर राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी और राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: राज्यपाल

राज्यपाल रमेन डेका ने इस दौरान सभी छात्राओं को स्वतंत्रता दिवस की आत्मीय शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांगजनों को समाज में समान अवसर और पूर्ण आत्मनिर्भरता प्रदान करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के प्रयोग से नेत्रहीन विद्यार्थियों के दैनिक जीवन को और अधिक सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने और अटूट आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

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