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राम अवतार जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सुनाई उम्रकैद

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बिलासपुर। जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पलट दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया है। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया है। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि एक ही साक्ष्य के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना कानूनी रूप से असंगत है। यह फैसला वर्ष 2007 में रायपुर की विशेष अदालत द्वारा दिए गए उस निर्णय को पलटता है, जिसमें अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था, जबकि अन्य 28 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुनः खोला गया था। 4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से दो सरकारी गवाह बन गए थे। मामले में जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी की बरी होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में आया। राम अवतार जग्गी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे और छत्तीसगढ़ में एनसीपी के कोषाध्यक्ष थे।
 

डगमगाती कुर्सी को बचाने के लिए कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रहे राष्ट्रपति ट्रंप

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वॉशिंगटन। ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि स्थितियां उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं, वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस के भीतर रिजीम चेंज जैसा सियासी दबाव खुद ट्रंप सरकार पर बनता दिख रहा है। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद अब कैबिनेट में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
करीब पांच हफ्तों से चल रही इस जंग का सीधा असर अब अमेरिकी जनता की जेब और राष्ट्रपति की लोकप्रियता पर दिखने लगा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया सर्वे के अनुसार, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 36 प्रतिशत रह गई है, जो उनके मौजूदा कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। व्हाइट हाउस के भीतर भी यह स्वीकार किया जा रहा है कि राष्ट्रपति का हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन जनता का भरोसा जीतने में विफल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप अपनी टीम के कुछ प्रमुख सदस्यों के कामकाज से नाखुश हैं। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के नामों पर तलवार लटकती दिख रही है। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने गबार्ड के विकल्पों पर अपने करीबियों से चर्चा शुरू कर दी है, जबकि लुटनिक अपने पुराने संबंधों को लेकर विवादों में घिरे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस इन खबरों का खंडन कर रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति छोटे लेकिन असरदार बदलावों की रणनीति पर काम कर रहे हैं ताकि सरकार की सक्रियता का संदेश दिया जा सके।ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती जनता का मिजाज है। एक अनुमान के मुताबिक, लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक इस युद्ध के खिलाफ हैं। उन्हें डर है कि लंबी खिंचती यह लड़ाई देश पर भारी आर्थिक बोझ डाल देगी। ट्रंप के अपने समर्थकों में भी बढ़ती कीमतों को लेकर बेचैनी साफ देखी जा सकती है। इसके अलावा, ट्रंप युद्ध की मीडिया कवरेज से भी खासे नाराज हैं और अपनी टीम से अधिक सकारात्मक खबरें सुनिश्चित करने को कहा है। फिलहाल, वाशिंगटन के गलियारों में चर्चा आम है कि पाम बॉन्डी के बाद अभी कई और बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है।

बच्चों की डाइट में शामिल करें ये चीजें, बचपन से बनेंगे फिट और हेल्दी

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Nutrition for Kids: बच्चों का स्वास्थ्य और उनकी सही पोषण यानि न्यूट्रिशन बचपन से ही उनकी लंबी उम्र और अच्छे विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आधुनिक जीवनशैली और बाजार में उपलब्ध प्रोसेस्ड फूड के चलते बच्चे अक्सर सही पोषण से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और विकास बाधित होता है। इसलिए, अपने बच्चों की सेहत को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि उनकी डाइट में पौष्टिक और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएं।हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पोषक तत्वों से भरपूर आहार बच्चों की हड्डियों को मजबूत करता है, मांसपेशियों को विकसित करता है और उनके दिमागी विकास में भी मदद करता है।इसके अलावा, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर आहार बच्चों को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। सही पोषण के साथ ही उन्हें जंक फूड से दूर रखना, रोज़ाना ताजे फल और हरी सब्जियां खिलाना जरूरी है, ताकि वे स्वस्थ और ऊर्जावान बनें।

दूध

 कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। यह बच्चों की हड्डियों के सही विकास और मजबूती के लिए आवश्यक है।

केला

पोटैशियम से भरपूर होता है, जो मांसपेशियों के सही कामकाज और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

अंडा

उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन स्रोत है, जो मांसपेशियों के विकास और शरीर की मरम्मत में मदद करता है। इसके अलावा, अंडे में विटामिन B12 भी होता है जो दिमागी विकास के लिए जरूरी है।

मूंगफली

प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो बच्चों के दिमाग के विकास में सहायक होता है और ऊर्जा प्रदान करता है।

दाल

प्रोटीन और आयरन से भरपूर होती है, जो शरीर को ऊर्जा देती है और रक्त संचार को बेहतर बनाती है। आयरन की कमी से बच्चों में कमजोरी हो सकती है, इसलिए दाल का सेवन जरूरी है।

हरी सब्जियां

आयरन और विटामिन C से भरपूर होती हैं, जो रक्त संचार सुधारती हैं और शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं।

सेब

फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज की समस्या को दूर रखता है।

बादाम

विटामिन E का उत्कृष्ट स्रोत है, जो मस्तिष्क के विकास और त्वचा की सेहत के लिए लाभकारी होता है।

दलिया

 फाइबर और पोषण से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है।

यह सभी खाद्य पदार्थ बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं और उनकी सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से इन्हें बच्चों की डाइट में शामिल करना उनके स्वस्थ जीवन का आधार बनता है।

जनसुनवाई में सिंधिया का गुस्सा: कलेक्टर को लगाई फटकार, बोले- ये आवेदन नहीं ‘सोना’ है

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अशोकनगर। जिले के ईसागढ़ में जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कलेक्टर पर नाराज हो गए. इस दौरान उन्होंने कलेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा कि यह आवेदन मेरे लिए सोने के समान हैं. अब इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. हर कोई केंद्रीय मंत्री की तारीफ करते नजर आ रहा है।

अशोकनगर से एक ऐसा वीडियो है, जो आपको भावुक और सोचने पर मजबूर कर देगा. केंद्रीय मंत्री ने जनसुनवाई के दौरान ही लापरवाही बरतने पर कलेक्टर साकेत मालवीय को मंच से ही कड़ी फटकार लगाई. जब सिंधिया ने देखा कि कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान मिले कागजों को अव्यवस्थित तरीके से थैले में रख रहे हैं, तो उन्होंने फटकार लगाते हुए खुद ही पेपर को रखने लगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने फटकार लगाते हुए कहा कि ये कागज नहीं, ये लोगों की उम्मीदें हैं. यह हमारे लिए सोने के समान है. जब मैं जनता के आवेदन एक-एक कर के ले सकता हूं, तो आप क्यों नहीं. मेरा एक-एक आवेदन सीधा होना चाहिए, कोई टेड़ा नहीं. इस दौरान सिंधिया ने खुद ही आवेदनों के एकत्रित किया और फिर कलेक्टर को सौंप दिए।

आवेदन सिर्फ फाइलों का हिस्सा नहीं

सिंधिया ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान लोग भरोसे के साथ अपनी समस्याएं लेकर आते हैं. उस पर गंभीरता के साथ काम होना चाहिए. आवेदन सिर्फ फाइलों का हिस्सा बनकर न रहें. यह किसी की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीद की कहानी होती है. आवेदन पर लापरवाही बरतना उनकी भावनाओं को नजरअंदाज करना है। 
 

पद संभालते ही कलेक्टर का बड़ा फैसला: जारी किए सख्त निर्देश

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टोंक। राजस्थान में बीते दिनों आईएएस अफसरों का तबादला हुआ। इस दौरान चर्चित आईएएस टीना डाबी को टोंक जिला कलेक्टर ट्रांसफर कर दिया गया। उन्होंने रविवार को पदभार ग्रहण करते ही जलदाय विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों को फील्ड में उतार दिया। राज्य सरकार के हैंडपंप मरम्मत अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर अचानक निरीक्षण किए गए। इस दौरान खराब पड़े हैंडपंपों को तत्काल दुरुस्त किया गया और पेयजल के नमूने लेकर गुणवत्ता की जांच भी शुरू कर दी गई। 

गर्मी के मौसम में मिले स्वच्छ पानी

गर्मी के मौसम में आमजन को साफ और पर्याप्त पानी मिले यही इस पूरे अभियान का मकसद है।जिला कलेक्टर टीना डाबी के निर्देश पर रविवार को उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जलदाय विभाग के सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की टीमें जिले के कोने-कोने में पहुंचीं। अकार्यशील हैंडपंपों की पहचान कर उन्हें मौके पर ही ठीक किया गया ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े। टीना डाबी ने बताया कि राज्य सरकार गर्मी के दौरान हर व्यक्ति तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिलेभर में पेयजल की गुणवत्ता परखने के लिए विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए गए और उनकी जांच के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर पानी की आपूर्ति को लेकर उनकी समस्याएं सुनीं और शिकायतों के त्वरित निपटान के निर्देश भी दिए।
 

गैस संकट में डीलरों का खेल: उपभोक्ताओं से ठगी कर कमाए 28 लाख रुपए, हुआ बड़ा खुलासा

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भोपाल : LPG- अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से हाल के दिनों में देश भर में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत हुई। हालात के मारे लोगों के घर में जब गैस की कमी से चूल्हा बुझने की नौबत आई तो वे मजबूरी में सिलेंडर लेकर गैस एजेंसी के बाहर कतार में लगने लगे। आपदा का यह मौका एजेंसियों के लिए लाभदायक साबित हुआ। दरअसल सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार से एजेंसियों ने जमकर फायदा कमाया। एजेंसियों ने प्रति उपभोक्ता 35 रुपए की कमाई की। इस प्रकार करीब 80 हजार उपभोक्ताओं के नाम पर एजेसियों ने 28 लाख रुपए कमा लिए।कलेक्टर से लेकर नापतौल विभाग तक इस मामले की शिकायत की गई है। उपभोक्ता बाकायदा लिखित आवेदन व संबंधित अधिकारियों को कॉल कर 35 रुपए वापस कराने की मांग कर रहे हैं।

जनता नगर करोंद निवासी राजेश कुमार ने कलेक्टर से लिखित शिकायत की है कि उनकी एजेंसी हैप्पी गैस एजेंसी ने उन्हें सिलेंडर की होम डिलीवरी देने से मना कर दिया था। वे सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचे। ऑयल कंपनियों के नियम के अनुसार, सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए एजेंसियों को 35 रुपए मिलते हैं। जब उन्होंने एजेंसी जाकर इस होम डिलीवरी वाले 35 रुपए की वापसी चाही तो इंकार कर दिया गया। शिकायत में उन्होंने संचालक का नाम भी लिखा। उन्होंने एजेंसी पर कार्रवाई करते हुए होम डिलीवरी शुरू कराने व एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेने पर होम डिलीवरी शुल्क दिलाने की मांग की।बता दें, सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए कंपनियां एजेसियों को प्रति सिलेंडर 35 रुपए देती है। अगर उपभोक्ता सीधे एजेंसी से सिलेंडर ले रहे हैं, तो उन्हें यह राशि लौटानी चाहिए।

रोज 3000 उपभोक्ता पहुंच रहे एजेंसी, नापतौल विभाग करेगा कार्रवाई
अब भी रोजाना करीब 3000 उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचकर डिलीवरी ले रहे हैं। रोजाना 12 हजार से अधिक बुकिंग हो रही, जबकि छह से सात हजार को ही डिलीवरी दे पा रहे हैं। जिले में करीब 50 एजेंसियां है। शनिवार को ही प्रशासन ने एजेंसियों के गोदामों की जांच की। हालांकि अभी कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है। उप नियंत्रक नापतौल नसीमुद्दीन खान का कहना है कि तौल में कमी और होम डिलीवरी का शुल्क भी उपभोक्ताओं से लेने के मामले में कार्रवाई की जा रही है। खाद्य टीम के साथ प्रकरण बना रहे हैं। ऐसी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

बर्फ में लिपटा केदारनाथ धाम, यात्रा पर संकट गहराया; मौसम विभाग का आज भी अलर्ट जारी

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रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बीते दो दिनों से हो रही बर्फबारी ने यात्रा तैयारियों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. रविवार सुबह जहां धाम में तेज धूप खिली, वहीं दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदलते हुए बारिश और हल्की बर्फबारी शुरू हो गई. मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.

दरअसल, बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे. ऐसे में केदारनाथ समेत पूरी केदारघाटी में यात्रा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. गौरीकुंड से केदारनाथ तक मार्ग को सुचारू करने के लिए विभिन्न विभाग युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार बदलता मौसम इन कार्यों में बाधा बन रहा है. शुक्रवार को मालवाहक घोड़े-खच्चर धाम तक पहुंच गए थे, जिससे आवश्यक सामग्री पहुंचाने का कार्य शुरू हो गया था. हालांकि शनिवार सुबह हुई भारी बर्फबारी ने व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया.

केदारनाथ विकास प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा 60 से अधिक मजदूरों को बर्फ हटाने के कार्य में लगाया गया है, जो लगातार मार्ग और मंदिर परिसर से बर्फ साफ करने में जुटे हैं. बावजूद इसके, लगातार हो रही बर्फबारी के कारण साफ किए गए स्थानों पर फिर से बर्फ की मोटी परत जम रही है. शनिवार को पूरे दिन मौसम बदलता रहा, जिससे कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ. वहीं रविवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद फिर बादल छा गए और हल्की बर्फबारी शुरू हो गई. डीडीएमए के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण यात्रा तैयारियां प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल मालवाहक पशुओं की आवाजाही जारी है, लेकिन आम लोगों की आवाजाही मौसम के अनुकूल होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही शुरू की जाएगी.

धाम में जमी बर्फ की मोटी चादर के कारण मंदिर परिसर और पैदल मार्गों पर काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, पेयजल, संचार और विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, लेकिन मौसम की बेरुखी तैयारियों पर भारी पड़ती नजर आ रही हैं. ऐसे में आगामी दिनों में मौसम का रुख ही यात्रा व्यवस्थाओं की गति तय करेगा.

उत्तराखंड मौसम विभाग के मुताबिक आज राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जिले के कुछ स्थानों में गरज के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 3300 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है. राज्य के शेष जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश गरज के साथ होने का पूर्वानुमान जताया गया है. राज्य के पहाड़ी जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

ग्वालियर जू में खुशखबरी: बाघनी ‘मीरा’ ने 2 रॉयल बंगाल और 1 सफेद शावक को जन्म दिया

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ग्वालियर : ग्वालियर से एक अच्छी खबर सामने आई है. शहर के गांधी प्राणी उद्यान यानी चिड़ियाघर में सफेद बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया है. जिससे चिड़ियाघर की रौनक और बढ़ गई है. बाघिन ‘मीरा’ ने दो रॉयल बंगाल और एक सफेद शावक को जन्म दिया है. जो पीले रंग है वो रॉयल बंगाल टाइगर्स और एक सफेद टाइगर हैं. तीनों शावक एक महीने तक जू प्रबंधन की निगरानी में रहेंगे.

बाघिन और शावक पूर्ण स्वस्थ
शावकों के जन्म को लेकर चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव ने बताया कि तीनों शावक स्वस्थ हैं और बाघिन मीरा भी सुरक्षित हैं. उन्होंने आगे बताया जन्में दो शावक रॉयल बंगाल यानी पीले और एक सफेद टाइगर हैं. प्रसव के बाद से मीरा और उसके शावकों की निगरानी की जा रही है. टीम सभी के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं.

अब ग्वालियर चिड़ियाघर में 10 टाइगर
चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, अब यहां कुल 10 टाइगर हो गए हैं जिनमें 4 सफेद और 6 रॉयल बंगाल टाइगर हैं. केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सभी स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सफल ब्रीडिंग न केवल चिड़ियाघर की उपलब्धि है, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती देती है.

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा टाइगर
देश में टाइगरों की सबसे ज्यादा संख्या वाला राज्य मध्य प्रदेश है. ऐसे में ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में शावकों का जन्म वन्यजीव प्रेमियों के लिए उत्साह और गर्व का विषय बन गया है. इन नए शावकों के जन्म से मध्य प्रदेश में टाइगरों की संख्या में और अधिक इजाफा हुआ है. बाघ जनगणना 2022 के अनुसार , राज्य ने भारत के बाघ राज्य के रूप में अपना खिताब बरकरार रखा था, जिसमें 785 बाघों की आबादी थी. अब 2026 में ये कई ज्यादा हो गई होगी.

 

‘पहले प्यार को दूसरा मौका नहीं मिलता’, लक्ष्य-अनन्या की ‘चांद मेरा दिल’ की पहली झलक रिलीज

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एक्टर लक्ष्य और अनन्या पांडे को लेकर करण जौहर 'चांद मेरा दिल' बना रहे हैं। धर्मा प्रोडक्शंस ने आज सोमवार को इस फिल्म की पहली झलक साझा की है। बीते दिन उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी थी कि वे आरव (लक्ष्य) और चांदनी (अनन्या पांडे) से मिलवाएंगे। आज उन्होंने फिल्म के पोस्टर्स रिलीज किए हैं, साथ ही कहानी की थोड़ी झलक भी दी है।

'जिंदगी जब प्यार से भी तेज भागती है'

धर्मा प्रोडक्शंस के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर किया गया है। इसके साथ फिल्म से जुड़े कई पोस्टर रिलीज किए गए हैं, जिनमें लक्ष्य और अनन्या रोमांटिक लुक में दिख रहे हैं। हर पोस्टर पर फिल्म की कहानी का मर्म लिखा है। इसमें लिखा है, 'प्यार में पड़ना आसान है। आगे बढ़ना मुश्किल है। जिंदगी जब सिलेबस बदल देती है। जब जिंदगी प्यार से भी तेज भागती है। हर मोहब्बत को दूसरा मौका नहीं मिलता'।

कब रिलीज होगी 'चांद मेरा दिल'

इसके साथ कैप्शन लिखा है, 'पेश है एक प्रेम कहानी, जहां…जिंदगी प्यार से भी तेज चलती है। बता दें कि 'चांद मेरा दिल' सिनेमाघरों में 22 मई, 2026 को रिलीज होगी।

कूचबिहार में पीएम मोदी का बड़ा बयान: ‘TMC का डर या BJP का भरोसा’, बंगाल में दो ही विकल्प

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कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिगेड ग्राउंड की ऐतिहासिक तस्वीरें, जनसैलाब, जनता का उत्साह और जुनून यह दिखाता है कि पश्चिम बंगाल में बदलाव का माहौल बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस रैली के बाद तृणमूल कांग्रेस का ‘सिंडिकेट’ घबराया हुआ है और जनता ने बदलाव पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री ने टीएमसी के मेनिफेस्ट को इश्तिहार बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हेलिपैड से लेकर सभा स्थल तक उन्होंने जो माहौल देखा, वह अभूतपूर्व था। उन्होंने कहा कि ऐसा उत्साह कि बड़े-बड़े रोड शो भी फीके पड़ जाएं।
पहले भी इस मैदान में आए हैं, लेकिन इस बार का जनसमर्थन सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह भीड़ और समर्थन नए बंगाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए जनता के विश्वास को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने बंगाल के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि वे इस आशीर्वाद के लिए सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार चुनाव में दो विकल्प साफ हैं। एक ओर टीएमसी का भय, दूसरी ओर बीजेपी का भरोसा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी में कटमनी और भ्रष्टाचार का डर है। बीजेपी विकास को तेज रफ्तार देने का भरोसा देती है।

बंगाल में इंडस्ट्री बंद, पलायन बढ़ा

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जहां देश के दूसरे राज्यों में नए इंडस्ट्री लग रहे हैं, वहीं बंगाल से फैक्ट्रियां बाहर जा रही हैं। पहले लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, लेकिन अब बंगाल खुद पलायन का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में भी टीएमसी के सिंडिकेट का कब्जा है और एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें टीएमसी के मंत्री और विधायक तक शामिल थै। उन्होंने आरोप लगाया कि कट मनी और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।

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