शहबाज सरकार के तेल भंडार पर बड़े-बड़े दावों की खुली पोल, डीलर्स बोले- बचा सिर्फ 14 दिनों का स्टॉक

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पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों के भंडार को लेकर नया विवाद सामने आया है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) ने ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश में पेट्रोलियम भंडार को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।

कितने दिनों का बचा है स्टॉक?

पीपीडीए के चेयरमैन अब्दुल सामी खान ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक केवल 14 दिनों के लिए ही पर्याप्त है, जो ओजीआरए के दावों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आपूर्ति में बाधा जारी रही तो देशभर के पेट्रोल पंपों पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

डीलर्स एसोशिएशन ने क्या बताया?

डीलर्स एसोसिएशन ने यह भी कहा कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो पूरे पाकिस्तान में पेट्रोल पंप बंद करने की नौबत आ सकती है। अब्दुल सामी खान के मुताबिक ईरान से पेट्रोल और डीजल के आयात पर रोक लगने से तेल विपणन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। इसके साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण के लिए लागू कोटा प्रणाली ने भी आपूर्ति संबंधी समस्याओं को और बढ़ा दिया है। हालांकि OGRA ने लोगों से घबराने से बचने की अपील की है। प्राधिकरण का कहना है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों को अनावश्यक रूप से ईंधन की खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

पेट्रोलियम डीलरों ने सुरक्षा उपलब्ध करना की मांग की 

संभावित संकट को देखते हुए पेट्रोलियम डीलरों ने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (IG) से पेट्रोल पंपों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके और संचालन सामान्य बना रहे।

ओएमएपी ने किस बात की आशंका जताई?

इसी बीच ऑयल मार्केटिंग एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान (OMAP) ने भी देशभर में ईंधन आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई है। लाहौर से जारी एक पत्र में OMAP ने कहा कि स्थानीय रिफाइनरियां पहले से तय आपूर्ति प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपनी आपूर्ति योजना इस भरोसे पर बनाई थी कि घरेलू रिफाइनरियां प्रोडक्ट रिव्यू बैठक में तय मात्रा के अनुसार पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध कराएंगी। लेकिन रिफाइनरियों ने उस प्रतिबद्धता के अनुसार आपूर्ति नहीं की।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने खोली पोल

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के समूह के चेयरमैन तारिक वजीर अली ने कहा कि कई कंपनियों ने आयातित कार्गो की व्यवस्था नहीं की, क्योंकि उन्हें भरोसा दिया गया था कि स्थानीय रिफाइनरियां मांग पूरी कर देंगी। हालांकि बाद में रिफाइनरियों ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से बिना समन्वय किए पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण की नई व्यवस्था लागू कर दी। नई प्रणाली के तहत कंपनियों को अपेक्षा से काफी कम मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद मिल रहे हैं। OMAP ने चेतावनी दी है कि फिलहाल वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत भी आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बाजार में ईंधन की स्थिर उपलब्धता बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।