Tuesday, May 28, 2024
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21 नवंबर को रखा जाएगा आंवला नवमी का व्रत, करें ये खास उपाय, लक्ष्मी जी होंगी प्रसन्न

Akshay Navami 2023: आंवला नवमी व अक्षय नवमी 21 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी। कल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और मंगलवार 21 नवंबर का दिन है। कल अक्षय नवमी का व्रत किया जायेगा। दीपावली के ठीक 10 दिन बाद मनायी जाने वाली अक्षय नवमी का शास्त्रों में बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि से लेकर पूर्णिमा तिथि तक भगवान विष्णु आंवला के वृक्ष में निवास करते हैं इसलिए इस दिन आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना की जाती है।

इसे इच्छा नवमी, आंवला नवमी, कूष्मांड नवमी, आरोग्य नवमी और धातृ नवमी के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक मास में पड़ने वाली अक्षय नवमी के दिन किये गये व्रत के पुण्य से सुख-शांति, सद्भाव और वंश वृद्धि का फल प्राप्त होता है। मान्यता है इससे आरोग्य, सुख-शांति और अखंड सौभाग्य, संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, कहते हैं इस दिन आंवला से कुछ खास उपाय करने पर मां लक्ष्मी अक्षय पुण्य प्रदान करती है, यानी जिसका कभी नाश नहीं होता। जानें आंवला नवमी का पूजा मुहूर्त, विधि और उपाय।

आवंला नवमी 2023 मुहूर्त

  • कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि शुरू – 21 नवंबर 2023, सुबह 03 बजकर 16
  • कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि समाप्त – 22 नवंबर 2023, रात 01 बजकर 09
  • अक्षय नवमी पूर्वाह्न समय – सुबह 06:48 – दोपहर 12:07
    अवधि – 5 घंटे 19 मिनट

पूजा विधि

  • आंवला नवमी के दिन प्रातः काल में स्नान करके पूजा करने का संकल्प लें। इसके बाद आंवले के वृक्ष के निकट पूर्व की ओर मुख करके शुभ मुहूर्त में जल अर्पित करें। आंवला के पेड़ पर मौली बांधकर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करना चाहिए। भगवान की आरती के साथ ही पेड़ की 108 बार या 11 बार परिक्रमा करें। अब आंवले, वस्त्र, अन्न का दान करें। इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे ही भोजन करना चाहिए, भोजन में आंवला जरुर खाएं। इसी के साथ आप विष्णु सहस्त्रनाम का भी पाठ करें इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी और श्री हरी की कृपा से आपके घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।

आंवला नवमी उपाय

आंवला नवमी के दिन श्रीहरि को आंवला अर्पित करें और फिर आंवले का दान करें। मान्यता है इससे देवी लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य से घर भर जाता है। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। आंवला खाने से आयु बढ़ती है। इस फल का रस पीने से धर्म-संचय होता है। आंवले के जल से स्नान करने से दरित्रता दूर होती है तथा सब प्रकार के ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं। आंवले का दर्शन, स्पर्श तथा उसके नाम का उच्चारण करने से वरदायक भगवान श्री विष्णु अनुकूल हो जाते हैं।

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