Saturday, May 18, 2024
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श्रीमद्भागवत गीता में श्रीकृष्ण ने बताया है हिम्मत टूटने पर मनुष्य को क्या करना चाहिए

हिंदू धर्म में वैसे तो कई सारे पवित्र ग्रंथ है लेकिन इस सभी में श्रीमद्भागवत गीता को बेहद अहम बताया गया है यह पूजनीय भी माना जाता है गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेशों का वर्णन किया गया है जो श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन को दिए थे गीता के उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं और ये मनुष्य को जीवन में सही मार्ग दिखाने का काम करते हैं कहते हैं

जो भी गीता के उपदेशों को अपने जीवन में उतार लेता है वह खूब तरक्की पाना है और समस्याओं से बचा रहता है गीता मनुष्य को सही तरीके से जीवन जीने का ढंग ​सिखाता है यह मनुष्य जीवन के लिए बेहद उपयोगी होती है अगर मनुष्य के जीवन में चारों ओर से निराशा छा गई है और वह हिम्मत हार चुका है तो ऐसे समय में उसे क्या कदम उठाना चाहिए इसके बारे में भी गीता में बताया गया है तो आज हम आपको गीता के अनमोल उपदेशों के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

जानिए गीता के अनमोल उपदेश
भगवान श्रीकृष्ण ने उपदेश देते हुए कहा है कि जब भी हिम्मत टूटे तो एक बात को हमेशा याद रखना चाहिए चाहे कोई आपके साथ हो यान हो पर ईश्वर साथ है और हमेशा रहेगा। गीता में वर्णन है कि कितनी ही बड़ी समस्या क्यों ना हो उसे दो चीजों से हल किया जा सकता है क्रोध के समय थोड़ा रुक जाएं और गलती के समय थोड़ा झुक जाएं तो दुनिया की एक, नहीं सब समस्याएं हल हो जाएंगी।

गीता के उपदेशों के अनुसार जिन्होंने आपको कष्ट दिया है, कष्ट तो उन्हें भी मिलेगा और अगर आप भाग्यशाली रहे तो ईश्वर आपको यह देखने का अवसर भी प्रदान करेगा। जब व्यक्ति की जरूरत बदल जाती है तब उसके बात करने का तरीका भी बदल जाता है। श्रीमद्भागवत गीता में कहा गया है कि आप वापस नहीं जा सकते हैं और ना ही शुरुआत को बदल सकते हैं मगर आप जहां है, वही से शुरू कर सकते हैं और अंत को बदल सकते हैं।
 

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