दिसंबर का खरमास शुरू होने वाला है. सालभर में दो बार खरमास लगता है. एक दिसंबर में दूसरा मार्च से अप्रैल के बीच. यदि आपको कोई शुभ काम करना है तो खरमास के प्रारंभ होने से पहले ही उसे निपटा लें, नहीं तो आपको नए साल 2026 का इंतजार करना पड़ेगा. नए साल में भी खरमास की वजह से आपको दो सप्ताह तक कोई शुभ मुहूर्त प्राप्त नहीं होगा. खरमास दिसंबर में करीब 15 दिन और जनवरी में भी लगभग 15 दिन होता है. इस प्रकार से खरमास एक माह का हो जाता है. आइए जानते हैं कि खरमास कब से शुरू है? खरमास का समापन कब होगा? खरमास से पहले शुभ दिन कौन-कौन से हैं?
दिसंबर में खरमास कब से है?
इस साल दिसंबर में खरमास का प्रारंभ 16 दिसंबर को प्रात: 04 बजकर 27 मिनट पर लगेगा. उस समय से ही शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी. पंचांग के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास शुरू हो जाता है. इस बार 16 दिसंबर को 04:27 एएम पर सूर्य का प्रवेश धनु राशि में होगा.
जनवरी में खरमास का समापन कब है?
16 दिसंबर से शुरू होने वाला खरमास जनवरी 2026 में मकर संक्रांति के दिन खत्म होगा. सूर्य देव 14 जनवरी 2026 को दोपहर में 3 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे, उस समय खरमास का समापन हो जाएगा. इस प्रकार से खरमास 16 दिसंबर 2025 से लेकर 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:13 पीएम तक रहेगा.
दिसंबर खरमास से पहले के शुभ दिन
29 नवंबर, शनिवार: मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी
रवि योग: पूरे दिन
अभिजीत मुहूर्त: 11:48 ए एम से 12:30 पी एम
30 नवंबर, रविवार: मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी
सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:56 ए एम से 01:11 ए एम, दिसम्बर 01 रवि योग: 06:56 ए एम से 01:11 ए एम, दिसम्बर 01
अभिजीत मुहूर्त: 11:49 ए एम से 12:31 पी एम
2 दिसंबर, मंगलवार: मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी, प्रदोष व्रत
सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:57 ए एम से 08:51 पी एम
अमृत सिद्धि योग: 06:57 ए एम से 08:51 पी एम
रवि योग: 08:51 पी एम से 01:22 ए एम, दिसम्बर 03
अभिजीत मुहूर्त: 11:50 ए एम से 12:31 पी एम
3 दिसंबर, बुधवार: मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी
सर्वार्थ सिद्धि योग: 05:59 पी एम से 06:59 ए एम, दिसम्बर 04
रवि योग: 05:59 पी एम से 06:59 ए एम, दिसम्बर 04
परिघ योग: प्रात:काल से 04:57 पी एम तक
शिव योग: शाम 04:57 बजे से
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
4 दिसंबर, गुरुवार: मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी, मार्गशीर्ष पूर्णिमा
शिव योग: प्रात:काल से 12:34 पी एम तक
सिद्ध योग: दोपहर 12:34 पी एम से
रवि योग: 06:59 ए एम से 02:54 पी एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:50 ए एम से 12:32 पी एम
5 दिसंबर, शुक्रवार: पौष कृष्ण प्रतिपदा
सिद्ध योग: प्रात:काल से 08:08 ए एम तक
साध्य योग: सुबह 08:08 बजे से पूरे दिन
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:33 पी एम
6 दिसंबर, शनिवार: पौष कृष्ण द्वितीया
शुभ योग: प्रात:काल से रात 11:46 पी एम तक
द्विपुष्कर योग: 07:00 ए एम से 08:48 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:33 पी एम
7 दिसंबर, रविवार: पौष कृष्ण तृतीया, अखुरथ संकष्टी चतुर्थी व्रत
शुक्ल योग: प्रात:काल से रात 08:07 पी एम तक
रवि पुष्य योग: 04:11 ए एम, दिसम्बर 08 से 07:02 ए एम, दिसम्बर 08
सर्वार्थ सिद्धि योग: 04:11 ए एम, दिसम्बर 08 से 07:02 ए एम, दिसम्बर 08
अभिजीत मुहूर्त: 11:52 ए एम से 12:33 पी एम
8 दिसंबर, सोमवार: पौष कृष्ण चतुर्थी
ब्रह्म योग: प्रात:काल से 05:01 पी एम तक, उसके बाद इन्द्र योग
सर्वार्थ सिद्धि योग: 07:02 ए एम से 02:52 ए एम, दिसम्बर 09
अभिजीत मुहूर्त: 11:52 ए एम से 12:34 पी एम
9 दिसंबर, मंगलवार: पौष कृष्ण पंचमी
इन्द्र योग: प्रात:काल से 02:33 पी एम तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: 07:02 ए एम से 02:22 ए एम, दिसम्बर 10
रवि योग: 02:22 ए एम, दिसम्बर 10 से 07:03 ए एम, दिसम्बर 10
अभिजीत मुहूर्त: 11:53 ए एम से 12:34 पी एम
12 दिसंबर, शुक्रवार: पौष कृष्ण अष्टमी
प्रीति योग: प्रात:काल से लेकर 11:12 ए एम तक
आयुष्मान् योग: 11:12 ए एम से रात तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:54 ए एम से 12:36 पी एम
13 दिसंबर, शनिवार: पौष कृष्ण नवमी
आयुष्मान् योग: प्रात:काल से 11:17 ए एम तक
सौभाग्य योग: 11:17 ए एम से रात तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:55 ए एम से 12:36 पी एम
14 दिसंबर, रविवार: पौष कृष्ण दशमी
सौभाग्य योग: प्रात:काल से 11:45 ए एम तक
शोभन योग: 11:45 ए एम से पूरी रात
सर्वार्थ सिद्धि योग: 07:06 ए एम से 08:18 ए एम
अमृत सिद्धि योग: 07:06 ए एम से 08:18 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:55 ए एम से 12:37 पी एम
15 दिसंबर, सोमवार: पौष कृष्ण एकादशी, सफलता एकादशी
शोभन योग: प्रात:काल से दोपहर 12:30 पी एम तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:56 ए एम से 12:37 पी एम









