नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को CBI की नई साइबर क्राइम शाखा का उद्घाटन और I4C के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (S4C) डैशबोर्ड का शुभारंभ भी किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकने और कम करने की दिशा में सभी एजेंसियां समन्वित होकर कार्य कर रही हैं.
RuPay डेबिट कार्ड की बढ़ती संख्या पर जोर देते हुए, शाह ने नई दिल्ली में सीबीआई द्वारा साइबर फ्रॉड से निपटने और इकोसिस्टम को खत्म करने पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में बताया कि RuPay डेबिट कार्ड की संख्या 39 करोड़ 81 लाख तक पहुंच गई है, और दिसंबर 2026 तक यह आंकड़ा लगभग 50 करोड़ को पार करने की उम्मीद है.
गृह मंत्री शाह ने यह भी बताया कि पहले देश में करीब 60 करोड़ लोग ऐसे परिवारों से थे जिनके पास एक भी बैंक अकाउंट नहीं था. लेकिन, फरवरी 2026 तक 57 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोले जा चुके हैं.
उन्होंने कहा, "I4C, राज्य पुलिस बल, CBI, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), दूरसंचार विभाग, बैंकिंग सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), और न्यायपालिका मिलकर साइबर क्राइम को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं."
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर संस्था की एक अहम भूमिका और जिम्मेदारी होती है, और लक्षित नतीजे पाने के लिए सभी हितधारकों के बीच करीबी तालमेल जरूरी है. शाह ने कहा, "CBI और I4C की यह पहल बहुत अहम है, इससे अलग-अलग सरकारी विभागों और एजेंसियों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनकी कोशिशों को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी, जिससे उम्मीद के मुताबिक कामयाबी मिलेगी."
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि पिछले 11 वर्षों में 'डिजिटल इंडिया' का सफर शानदार रहा है. उन्होंने बताया, "11 साल पहले, देश में सिर्फ 25 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता थे, जबकि आज भारत में 1 अरब से अधिक इंटरनेट यूजर हैं, और देश डिजिटल डोमेन में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगभग 16 गुना बढ़ गए हैं और 1 अरब का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं."
अमित शाह ने कहा कि एक गीगाबाइट (GB) डेटा की कीमत 97 प्रतिशत कम हो गई है, जिससे इंटरनेट एक्सेस और इस्तेमाल दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट यूजर्स की संख्या में बढ़ोतरी और भारतनेट (BharatNet) के जरिये संसद और पंचायतों का जुड़ना डिजिटल इंडिया की एक बड़ी कामयाबी है. केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत 11 साल पहले सिर्फ 546 ग्रामीण पंचायतें जुड़ी थीं, जबकि आज दो लाख से अधिक ग्रामीण पंचायतें इस प्रोजेक्ट से जुड़ चुकी हैं.
शाह ने कहा, "UPI ट्रांजैक्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे पता चलता है कि अकेले 2024 में, भारत में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 233 ट्रिलियन रुपये से अधिक थी."
केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक, UPI के लॉन्च से पहले डिजिटल ट्रांजैक्शन की तुलना मुमकिन नहीं थी, लेकिन 2024 में 181 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए. इन ट्रांजैक्शन की सिक्योरिटी एक मजबूत सिस्टम पर निर्भर करती है जिसे लगातार मजबूत किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "अगर हम इसे वैश्विक नजरिये से देखें, तो भारत ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में नए रिकॉर्ड बनाए हैं और दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है. यह वैश्विक स्तर पर देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूत और सुरक्षित करने की जरूरत को दिखाता है."









