सिलीगुड़ी: सिक्किम प्रशासन ने हिमस्खलन (Avalanche) के गंभीर खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है. अगले 24 घंटों के दौरान नाथुला, ज़ुलुक और थांग घाटी के क्षेत्रों में हिमस्खलन हो सकता है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के तहत काम करने वाले 'डिफेंस जियो-इंफॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट' ने अगले 24 घंटों के भीतर पूरे सिक्किम में हिमस्खलन की भविष्यवाणी करते हुए पूर्वानुमान जारी किया है.
प्रशासन और सेना ने इन इलाकों से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है. गौरतलब है कि उत्तरी और पूर्वी सिक्किम में पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है. इसके कारण लाचेन से थांगू और थांगू से गुरुडोंगमार को जोड़ने वाले रास्ते पूरी तरह से बंद हो गए हैं. इस वजह से कई पर्यटक अलग-अलग होटलों में फंसे हुए हैं.
इसके अलावा, भारी बर्फबारी के कारण युमथांग से जीरो पॉइंट को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह बंद हो गई है. हालांकि चुंगथांग से लाचुंग और मंगन जाने वाले कई रास्ते खुले हुए हैं, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और केवल हल्के वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई है.
सिक्किम मौसम विभाग के निदेशक डॉ. गोपीनाथ राहा ने कहा, "ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी रहेगी. संदकफू सहित पूरे सिक्किम में हिमपात होता रहेगा. गरज के साथ भारी बारिश होने की भी संभावना है. पहाड़ों और मैदानों दोनों क्षेत्रों में एक साथ बारिश होने की उम्मीद है."
इस बीच, अलीपुर मौसम विभाग ने घोषणा की है कि दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर में 28 मार्च तक गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में 24 मार्च तक बारिश का पूर्वानुमान बना हुआ है, जिसके बाद मौसम सामान्य होने की उम्मीद है. उत्तर बंगाल के चार जिलों के लिए 24 मार्च तक के लिए अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों के लिए भी 24 मार्च तक बारिश का अनुमान जताया है.
इस चेतावनी के बाद सिक्किम के लोगों के मन में तीन साल पहले की भयानक घटना की यादें ताजा हो गयीं. बता दें कि 2023 में सिक्किम की दक्षिण ल्होनक झील में आई आपदा ने लोगों के मन में जो दहशत पैदा की थी, वह आज भी यादों में ताजा है. सिक्किम के लोग अभी तक उस भयानक घटना के सदमे से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब चिंता की एक नई लहर ने जनता को अपनी चपेट में ले लिया है.









