बिहार के 4 विधायक ने बढ़ाई तेजस्वी यादव की टेंशन, राज्यसभा चुनाव में वोट देने नहीं पहुंचे

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पटना। चुनाव आयोग ने 16 मार्च को 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव कराने की घोषणा की थी. आज सोमवार को 37 सीटों पर चुनाव होना है, लेकिन इसमें 26 सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार जीत गए हैं. बिहार में राज्यसभा की कुल 5 सीटें हैं, जिसको लेकर कशमकश जारी है. 4 सीटों पर एनडीए गठबंधन की जीत तय मानी जा रही है, तो वहीं 5वीं सीट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों संघर्ष कर रहे हैं. इसी बीच एक ऐसी खबर आई, जो विपक्ष को हैरान कर देने वाली है. इसके साथ ही एक सियासी बयानबाजी को भी जन्म दे दिया है। जानकारी के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के लिए बिहार में 9 बजे से शुरू हुई वोटिंग में अब तक सभी विधायकों ने मतदान कर दिया है, सिर्फ विपक्ष के 4 विधायकों को छोड़कर. ये चारों विधायक मतदान के एक दिन पहले से ही पार्टी से संपर्क तोड़ चुके हैं. यानी 4 विधायकों ने मतदान नहीं किया. यहां जानते हैं, उन चारों विधायकों के बारे में, जिन्होंने मतदान नहीं किया

मनोज विश्वास

मनोज विश्वास बिहार के फारबिसगंज से विधायक हैं, जो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. मनोज की पहचान युवा नेता के रूप में उभरी है. मतदान के एक दिन पहले जब सभी विपक्ष के विधायकों को पटना के एक होटल में एकत्रित होने के लिए बुलाया गया, तो मनोज अनुपस्थित रहे. इसी दौरान से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन आज राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए नहीं पहुंचना, विपक्ष के लिए चिंता बढ़ा दी है।

मनोहर प्रसाद

मनोहर प्रसाद भी कांग्रेस पार्टी से विधायक हैं. जो कटिहार जिले की मनिहारी सीट से विधानसभा पहुंचे थे. मनोहर प्रसाद की पहचान जमीनी नेता के तौर पर है, लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा न पहुंचना पार्टी के लिए चिंता बढ़ा दी है।

सुरेंद्र कुशवाहा

सुरेंद्र कुशवाहा का बिहार की राजनीति में अच्छा खासा प्रभाव माना जाता है. सुरेंद्र वाल्मीकिनगर से कांग्रेस के विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस पार्टी के समर्थित आरजेडी प्रत्याशी के लिए वोट देने नहीं पहुंचे. यानी कांग्रेस पार्टी के कुल तीन विधायक मतदान देनें नहीं पहुंचे हैं।

फैसल रहमान

फैसल रहमान इकलौते ऐसे विधायक हैं, जो आरजेडी के टिकट पर विधायक बनने के बाद भी मतदान देते समय फरार हैं. फैसल रहमान ढाका से विधायक हैं. फैसल रहमान की अनुपस्थिति ने न सिर्फ आरजेडी, बल्कि इंडिया गठबंधन की चिंता बढ़ा दी है।