Saturday, May 18, 2024
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अपराध का इंसाफ: कीर्ति की मौत के सात घंटे बाद आरोपी का किया एनकाउंटर, जानें पूरी कहानी

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इंजीनियिरंग की छात्रा कीर्ति की मौत के नौ घंटे बाद ही उसकी हत्या करने वाला आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू पुलिस के साथ मुठभेड़ में ढेर हो गया। इस तरह छात्रा की मौत के सात घंटे के अंदर उसको इंसाफ मिल गया। यह घटना दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में हुई। लुटेरों ने सिर्फ एक मोबाइल के लिए लड़की को मार डाला था। पुलिस 27 अक्तूबर की रात से ही उसकी खोज कर रही थी। वारदात में शामिल रहा उसका साथी बलवीर 28 अक्तूबर की शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ था।

मोबाइल लूटने के विरोध पर ऑटो से गिराकर बीटेक छात्रा को ऑटो से गिराकर हत्या करने का आरोपित सोमवार तड़के करीब तीन बजे पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। उसकी पहचान मिशलगढ़ी के जितेंद्र उर्फ जीतू के रूप में हुई है, जिसका साथी मौके से फरार हो गया था। वहीं, छात्रा की मौत आरोपी की मौत से लगभग सात घंटे पहले पौने आठ बजे अस्पताल में हुई थी। वारदात में शामिल रहा उसका साथी बलवीर 28 अक्तूबर की शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ था। उससे पूछताछ में पुलिस को जरूरी सुराग मिले थे। माना जा रहा है कि इन सुरागों के जरिये ही पुलिस उस तक पहुंची थी। हालांकि, पुलिस कहती है कि चेकिंग के दौरान उसके साथ मुठभेड़ हुई।इस मामले में पुलिस को पहली कामयाबी वारदात के 27 घंटे बाद 28 अक्तूबर की शाम को मिली थी। चेकिंग के दौरान मुठभेड़ में बदमाश बलवीर पकड़ा गया था। वह भी वारदात में शामिल था। उसने ही बताया था कि मुख्य आरोपी जितेंद्र है। इसके बाद से ही पुलिस ने जितेंद्र की तलाश तेज कर दी थी। उसके सभी रिश्तेदारों के घर भी दबिश दी थी। जितेंद्र के ढेर हो जाने से मोबाइल लूट की घटना के 60 घंटे बाद पुलिस का ऑपरेशन पूरा हुआ।

एक साथी मुठभेड़ में पहले पकड़ा गया

जीतू का एक साथी बलवीर उर्फ बोबील 28 अक्टूबर की शाम मटियाला में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था। उसके दायें पैर में गोली लगी थी, जो अब डासना स्थित जिला कारागार में बंद है। आरोप है कि 27 अक्टूबर की शाम पौने पांच बजे हाईटेक कॉलेज के सामने एनएच-नौ के फ्लाईओवर पर हापुड़े के पन्नापुरी की कीर्ति से अपाचे सवार जीतू और बोबील ने मोबाइल लूटा था। कीर्ति के विरोध पर जीतू ने उसे खींचकर चलते ऑटो से गिरा दिया था और मोबाइल लूटकर दोनों भाग गए थे। सिर में घातक चोट लगने के कारण रविवार रात पौने आठ बजे कीर्ति की मौत हो गई थी।

डीसीपी ग्रामीण विवेक ने बताया कि मोदी नगर के यतेंद्र वशिष्ठ से रविवार देर रात 10 बजे अपाचे बाइक सवार दो बदमाशों ने बुलेट बाइक और 5,100 रुपये लूट लिए थे। सूचना के आधार पर पुलिस गंग नहर पटरी मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। सोमवार तड़के बुलेट और अपाचे बाइक पर दो लोग आते दिखे, जिन्हें रुकने का इशारा किया तो बदमाश भागने लगे। पीछा करने पर इन्होंने फायरिंग की। एक गोली दारोगा भानु प्रकाश की दायीं बाजू और दूसरी एसएचओ नरेश शर्मा की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी।

बदमाश की पीठ में लगीं और वह गिर गया

जवाबी कार्रवाई में पुलिस की तीन गोलियां एक बदमाश की पीठ में लगीं और वह गिर गया। दूसरा बदमाश बाइक छोड़कर झाड़ियों में कूदकर फरार हो गया। गोली लगने से घायल हुआ बदमाश जितेंद्र उर्फ जीतू था, जिसे पुलिस डासना सीएचसी ले गई। यहां से जीतू को जिला एमएमजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

डीसीपी का कहना है कि कीर्ति से लूट में प्रयुक्त अपाचे बाइक, यतेंद्र की बुलेट बाइक, तमंचा, कारतूस और तीन खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। जीतू के खिलाफ लूट, शराब तस्करी, जानलेवा हमला, हत्या, आर्म्स व गैंगस्टर एक्ट के 13 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

कीर्ति से मोबाइल लूट की फुटेज सामने आई है

कीर्ति से मोबाइल लूट की फुटेज सामने आई है, जिसमें 10 सेकेंड तक लुटेरे ऑटो के साथ चलते दिख रहे हैं। बदमाश मोबाइल लूटने का प्रयास करता है और उसे बचाने के लिए कीर्ति जद्दोजहद करती है। अंत में लुटेरा तेजी से उसका हाथ झटकता है। मोबाइल लुटेरे के हाथ में आ जाता है, लेकिन कीर्ति 40-45 किमी की रफ्तार से चल रहे ऑटो से सिर के बल हाईवे पर गिर जाती है। इसके बाद ऑटो रुक जाता है, लेकिन अपाचे बाइक सवार बदमाश फरार हो जाते हैं।

बहादुरी को किया सलाम

एनएच-नौ पर लगे कैमरे की फुटेज का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर आते ही प्रसारित हो गया। घटना को जिस तरह से अजाम दिया गया, उससे बदमाशों का दुस्साहस साफ झलक रहा है। इसको लेकर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। वहीं कीर्ति की बहादुरी की भी लोगों ने सराहना की। लुटेरे पलक झपकते ही वारदात कर फरार हो जाते हैं और कीर्ति ने 10 सेकेंड तक मोबाइल को बचाये रखा। अंतिम समय तक वह लुटेरों से लोहा लेती रही। लोगों का कहना था कि सिर्फ एक मोबाइल के लिए बदमाशों ने बच्ची की जान ले ली।

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