Monday, April 22, 2024
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देश में अघोषित आपातकाल- दिग्विजय सिंह

इतिहास में पहली बार बगैर इ‍स्‍तीफा दिए मुख्‍यमंत्री को जेल भेजा

भोपाल ।  देश में लोकतंत्र नाम मात्र का रह गया है। वर्तमान में अघोषित आपातकाल जैसी स्थित हो रही है। यह बात मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कही है। इतिहास में पहली बार बगैर इ‍स्‍तीफा दिए मुख्‍यमंत्री को जेल भेजा गया है। जो कि संविधान के खिलाफ है। संविधानिक नियमों की अवहेलना का यह बडा मामला है। उन्‍होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केन्‍द्र सरकार विपक्ष को पूरी तरह खत्‍म करने में लगी हुई है। इसके लिए सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्‍होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज किए गए ताकि कांग्रेस चुनाव न लड़ पाए। कांग्रेस पंपलेट न छाप पाए। कांग्रेस के प्रत्याशियों को पैसा ना दे पाए। पूर्व सीएम ने कहा कि अन्य किसी पार्टी को इनकम टैक्स नहीं देना है। सिर्फ कांग्रेस पार्टी से इनकम टैक्स लेने का प्रावधान हुआ है। पूर्व सीएम ने इलेक्टोरल बांड को लेकर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी की गारंटी हफ्ता वसूली है। चंदा दो धंधा लो। कोविड में नकली दवाई बनाने वालों से भी चंदा लेकर उन्हें छोड़ा गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इतिहास में पहली बार हुआ कि दो सीटिंग चीफ मिनिस्टर को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन पर दबाव था कि भाजपा में आ जाइये। आदिवासी का चरित्र है, वो मरना पंसद करेगा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल का कसूर इतना था कि नोटिस मिलने पर हाजिर नहीं हुए। उनका यह भी कसूर वह इंडिया गठबंधन के पार्टनर हो गए थे। साथ ही केजरीवाल सरकार की कमियों का उजागर करने का काम करते हैं और सरकार नहीं चाहती कि कोई उसकी कमियां जनता तक ले जाए।

पार्टी सर्वोपरि जो कहेगी करेंगे

चुनाव लडने की बात पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि पार्टी सर्वोपरि है जो कहेगी करेंगे। पार्टी यदि चाहेगी तो वे चुनाव लडेगे। मैं पार्टी का आदर्श कार्यकर्ता हूं। कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़ने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि भय और लालच दोनों के मिश्रण के कारण भाजपा में जा रहे हैं। जिनको पार्टी ने सब कुछ मिला वह पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। दिग्विजय ने आगे कहा कि सीबीआई से कहा जा रहा है फल आदमी का गलत हो तो और वसूली करो। इतिहास में पहली बार हुआ कि दो सीटिंग चीफ मिनिस्टर को जेल भेजा गया। हेमंत सोरेन पर दबाव था कि बीच में आ जाइए। आदिवासी का चरित्र है वो मरना पसंद करेगा, लेकिन आदर्श के साथ समझौता नहीं करेगा। अरविंद केजरीवाल का कसूर इतना था कि नोटिस मिलने पर हाजिर नहीं हुए। उनका यह भी कसूर कि वह इंडिया अलाइंस के पार्टनर हो गए थे।

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