Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme : महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) में भारी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि करीब 26 लाख 34 हजार अपात्र महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं। योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की किश्त भी हर महीने उनके खाते में जमा हो रही थी। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि सरकार ने अब इस पर सख्त कदम उठाते हुए राज्यभर में सभी लाभार्थियों की ई-केवायसी के जरिए दोबारा जांच करने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र के वित्त राज्यमंत्री आशीष जायसवाल (Ashish Jaiswal) ने साफ कहा है कि अपात्र पाई गई महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनसे पैसा वापस लेने पर सरकार विचार नहीं कर रही है। सिर्फ उन्हें योजना से बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा, एक रुपये में फसल बीमा योजना का भी कई अपात्र किसानों ने लाभ उठाया था। सभी महाराष्ट्र के नागरिक हैं, ऐसे अपात्र लाभार्थी बड़ी संख्या में हैं, तो सवाल खड़ा होता है कि आखिर कार्रवाई किस-किस पर की जाए?
लाडकी बहीन योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के लिए 2 करोड़ 63 लाख महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिनमें से करीब 2 करोड़ 41 लाख पात्र पाए गए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद बचे 11 लाख आवेदनों की जांच करने पर 7 लाख 76 हजार आवेदन अपात्र पाए गए। जून में सरकार ने इस योजना की गहन समीक्षा करने का फैसला किया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा सभी विभागों से जानकारी मंगवाई गई और फिर यह बड़ा घोटाला सामने आया।
कहां मिले कितने अपात्र लाभार्थी?
लाडली बहना योजना (लाडकी बहीण योजना) में पुणे जिले के सबसे अधिक 2 लाख 4 हजार फर्जी लाभार्थी पाए गए। जबकि ठाणे में 1 लाख 25 हजार 300, अहमदनगर में 1 लाख 25 हजार 753, नाशिक में 1 लाख 86 हजार 800, छत्रपति संभाजीनगर में 1 लाख 4 हजार 700, कोल्हापुर में 1 लाख 1 हजार 400, मुंबई उपनगर में 1 लाख 13 हजार, नागपुर में 95 हजार 500, बीड में 71 हजार, लातूर में 69 हजार, सोलापुर में 1 लाख 4 हजार, सातारा में 86 हजार, सांगली में 90 हजार, पालघर में 72 हजार, नांदेड में 92 हजार, जालना में 73 हजार, धुले में 75 हजार, जबकि अमरावती में 61 हजार फर्जी लाभार्थी सामने आए।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladki Bahin Yojana) पिछले साल शुरू की गई थी और पात्र महिलाओं के खातों में जुलाई 2025 तक कुल 19,500 रुपये जमा किए जा चुके हैं। जबकि अगस्त महीने की 14वीं किस्त की 1500 रुपये की राशि कब जमा होगी, इसके बारे में सरकार ने जानकारी नहीं दी है।