Wednesday, May 22, 2024
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हिंदी में टेक्निकल कोर्स उपलब्‍ध्‍ करा रहा आईआईटी

भोपाल। आईआईटी मद्रास एनपीटीईएल ने 207 टेक्निकल कोर्सों का हिन्दी भाषा में अनुवाद किया है। इनमें इंट्रोडक्शन टू इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे कोर्स भी हैं जिनकी काफी मांग है। अनुवाद सटीक और गुणवत्तापूर्ण हो यह सुनिश्चित करने के लिए एनपीटीईएल की टीम में 1,029 हिन्दी अनुवादक और 139 गुणवत्ता नियंत्रक हैं। इसके अतिरिक्त एनपीटीईएल ने अपनी वेबसाइट पर हिन्दी में 199 ई-पुस्तकें प्रसारित कर भाषा विशेष में शिक्षा सामग्रियों को सर्वसुलभ बना दिया है। इतना ही नहीं, आज हिन्दी में 1,200 घंटों की वीडियो सामग्री की ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, जिससे हिन्दी भाषी लोगों को सीखने का बेहतर अनुभव मिल रहा है। एनपीटीईएल ने प्रमुख विषयों की प्राथमिकता तय की है। इनमें कंप्यूटर विज्ञान 35 कोर्स, समाज विज्ञान 32 कोर्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 29 कोर्स शामिल हैं। एनपीटीईएल कोर्स करने वाले लोगों से उनकी राय भी लेता है। इनमें द जॉय ऑफ कंप्यूटिंग यूजिंग पायथन जैसे अनुवादों के प्रति लोगों की बहुत सकारात्मक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं। अनुवाद कार्य बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इंट्रोडक्शन टू मशीन लर्निंग जैसे कोर्सों का मशीन लर्निंग टूल्स से हिन्दी में अनुवाद किया जा रहा है। सीखना सुलभ बनाने के लिए वॉयसओवर का भी लाभ लिया जा रहा है। एनपीटीईएल ने असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु समेत 11 भाषाओं में इन कोर्सों का अनुवाद किया है। इससे उन विद्यार्थियों को मदद मिलेगी जिनकी स्कूली शिक्षा क्षेत्रीय भाषाओं में हुई और अब अंग्रेजी में टेक्निकल शिक्षा लेने के इच्छुक है।

प्रत्‍येक भाषा अपने आप में एक दुनिया है

टेक्निकल कंटेंट के स्थानीय भाषाओं में अनुवाद को अहम बताते हुए एनपीटीईएल के अनुवाद समन्वयक प्रो. राजेश कुमार, मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग, आईआईटी मद्रास ने कहा, प्रत्येक भाषा अपने आप में एक दुनिया है। ऐसे में अनुवाद नहीं हो तो मैं अपनी दुनिया में सिमट कर रह जाऊंगा। एनपीटीईएल इस सीमा से बाहर निकलने का अभूतपूर्व प्रयास है। एनपीटीईएल के एक अन्य अनुवाद समन्वयक और आईआईटी मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अभिजीत पी देशपांडे ने कहा, एनपीटीईएल-आईआईटी मद्रास नए रूप में भारत के विद्यार्थियों के लिए अनूदित सामग्री उपलब्ध करा रहा है। इनमें सबटाइटल, वीडियो टेक्स्ट ट्रैक, ट्रांसक्रिप्ट, स्लाइड के साथ किताबों और ऑडियो ट्रैक आदि का उपयोग किया जा रहा है। इससे भारत विज्ञान, इंजीनियरिंग की शिक्षा सामग्रियों का अनुवाद उच्च गुणवत्ता के साथ करने में सक्षम होगा। टेक्निकल शब्दों को अंग्रेजी (लिप्यंतरित) में ही रखा गया है ताकि अनुवाद सटीक हो और सीखने का बेहतर अनुभव मिले। इन अनूदित प्रतिलेखों को कहीं भी आसानी से देखने के लिए पुस्तकों में संकलित किया गया है। वर्तमान में एनपीटीईएल की वेबसाइट, ट्रांसलेशन बुक साइट और स्वयम् पोर्टल पर विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में 980 ऐसी पुस्तकें उपलब्ध हैं।

यूजर का फीडबैक

एनपीटीईएल ने अनुवाद की यह पहल कर शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाया है और छात्रों की शिक्षा संबंधी बाधाएं दूर कर रहा है। इसकी सराहना करते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स की प्रमुख और पिछले तीन वर्षों से बतौर क्यूसी विशेषज्ञ एनपीटीईएल को सहयोग देने वाली डॉ. प्राची अग्रवाल कहती हैं, एनपीटीईएल के अनुवाद कार्यों में यह स्पष्ट दिखता है कि बारीकियों पर सावधानीपूर्वक ध्यान दिया गया है और सटीक अनुवाद करने का यह काम सराहनीय है। अनुवाद टीम को स्रोत और लक्ष्य दोनों भाषाओं की गहरी समझ है। टीम के लोग मूल पाठ की बारीकियां और गांभीर्य समझने में सक्षम हैं इसलिए अनुवाद एक पन्ने पर चंद शब्दों से कहीं अधिक अर्थ मायने रखते हैं।

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