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सबका साथ–सबका विकास से ही संभव सिकल सेल का उन्मूलन : राज्यपाल पटेल

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भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन प्रयासों को जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने  आहवान करते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र को अपनाकर ही इस अनुवांशिक बीमारी से समाज को मुक्त किया जा सकता है। राज्यपाल पटेल रविवार को बदनावर के सिविल अस्पताल के नवीन भवन के आभासी माध्यम से लोकार्पण के बाद मेगा स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा है कि सिकल सेल उपचार के विषय मे भ्रामक जानकारियों से भ्रमित नहीं हो। सिकल सेल उपचार के प्रति किसी भी प्रकार की भ्रांति नही पालें। केवल पंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार ही दवाइयों का नियमित सेवन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बीमारी को निरंतर उपचार और सही जानकारी के माध्यम से ही नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 31 लाख से अधिक जांचें की जा चुकी हैं। जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से जागरूकता बढ़ाने के लिए “सिकल सेल मित्र” तैयार किए जा रहे हैं, जो इस मिशन में सेतु का कार्य करेंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाते हुए मरीजों के लिए डिजिटल कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे उपचार अधिक सुगम और प्रभावी होगा।

 राज्यपाल पटेल ने बदनावर प्रवास के दौरान 'संकल्प से समाधान अभियान' के समापन कार्यक्रम मे शासन कि विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। स्थल पर शासकीय विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल के समक्ष जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर अंचलों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला रेडक्रॉस सोसायटी धार एवं अरविंदो आयुर्विज्ञान संस्थान, इन्दौर के मध्य अनुबंध (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। अनुबंध के तहत जिले के प्रत्येक विकासखंड में प्रति तीन माह में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा वृहद स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा।  “संकल्प से समाधान अभियान” के तहत 80 शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए है।

राज्यपाल को वर्ष 2025-26 में रेडक्रॉस की गतिविधियों से परिचित कराया गया। बताया गया कि  जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, सिकल सेल जागरूकता रैली, रक्तदान शिविर, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, पोषण कार्यशालाएं एवं CPR प्रशिक्षण जैसे नवाचार किए गए है। साथ ही स्वच्छता अभियान एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से जन-जागरूकता को भी बढ़ावा दिया गया है। वृहद स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 688 मरीजों का निःशुल्क उपचार किया गया, जिसमें 384 महिलाएं एवं 304 पुरुष शामिल हुये।        

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, विधायक नीना विक्रम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेढ़ा, नगर पालिका अध्यक्ष मीना शेखर यादव,  पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और शहीद नरेंद्रसिंह राठौर के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी”

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भोपाल : कालगणना की पावन नगरी और 'महाकाल' के केंद्र उज्जैन से निकली भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी जीवंत हो उठी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर, भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा काशी विश्वनाथ को अर्पित यह घड़ी भेंट की थी। इसके बाद विक्रम संवत् 2083, वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया (4 अप्रैल, 2026) को इसे मंदिर परिसर में पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। यह मध्यप्रदेश सरकार के उस संकल्प की ओर एक बड़ा कदम है, जिसके तहत देश के सभी ज्योतिर्लिंग और अयोध्या के श्रीराम मंदिर में भी वैदिक घड़ी की स्थापना की जानी है।

परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम

उज्जैन के 'महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ' द्वारा विकसित यह घड़ी केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान का डिजिटल पुनर्जागरण है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित होती है और एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसकी विशेषता यह है कि यह स्थान-विशिष्ट सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर सटीक समय की गणना करती है। इस घड़ी के माध्यम से श्रद्धालु और युवा पीढ़ी न केवल भारतीय मानक समय (IST) जान सकेंगे, बल्कि पंचांग, तिथि, योग, नक्षत्र, भद्रा स्थिति और ग्रहों के गोचर जैसी सूक्ष्म जानकारियों से भी रूबरू हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के साथ सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह वैदिक घड़ी हमारे गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने की प्रेरणा देगी।

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उज्जैन में स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण 29 फरवरी 2024 को फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया था।

बुधवारी वार्ड क्र. 02 में पेयजल की समस्या

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कोरबा  कोरबा  नगर निगम कोरबा के बुधवारी वार्ड संख्या 2 में कई प्रकार की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। महिलाओं ने समस्याएं बताने के साथ नाराजगी जाहिर की तो पार्षद पंकज देवांगन ने भी क्षेत्र के लिए किया जा रहे कामकाज को गिनवाया। उन्होंने लोगों की कई भ्रांतियों को भी यहां पर दूर करने का प्रयास किया।
        तंग गलियां, लटकते बिजली के तार और इस गर्मी के मौसम में पानी के लिए परेशानी हो रही हैं।काफी समय से लोगों को इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। इसके अलावा गर्मी के मौसम में उनके सामने साफ और शुद्ध पानी की उपलब्धता भी एक चुनौती बनी हुई है। महिलाओं ने कहा कि बोर की व्यवस्था न होने से हमें पानी के लिए यहां वहां से प्रबंध करना पड़ता है। एक महिला ने बताया कि इस क्षेत्र में बारिश के समय में जल जमाव की समस्या परेशान करती है। वर्तमान में यहां जो निर्माण कार्य कराया गया है वह क्वालिटीलैस है। ऐसी स्थिति में पानी सही रास्ते के बजाय लोगों के घरों तक पहुंच जाएगा। इसका कोई समाधान नहीं है। पूरे वार्ड में पक्की सडक होनी चाहिए लेकिन इस बारे में समुचित जवाब नहीं मिला है।
        लोगों के आरोप और शिकायतों को लेकर पार्षद पंकज देवांगन ने कहा कि अभी तो बहुत ठीक हो गया है पहले और लचर व्यवस्था थी। समस्याओं का समाधान करने के लिए काम कराए जा रहे हैं। लोगों को ऐसा लग रहा है कि कुछ कार्यों को अधूरा छोड़ दिया जाएगा जबकि सच्चाई यह है कि उनके लिए आवेदन लग चुका है और यह प्रक्रिया में है।
        समस्याओं का निराकरण करने के लिए ही कार्य किया जा रहा है। नगर निगम कोरबा के बहुत सारे वार्डों में समस्या इसी तरह की है और उनके समाधान के लिए निर्वाचित पार्षदों की ओर से काम किया जा रहे हैं। बहुत सारे स्थान पर लोगों की शिकायतें अपनी जगह पर है लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता होता कि निर्वाचित पार्षद समस्याओं का हल करने के लिए क्या कुछ कर रहे हैं।

चार्जिंग स्टेशन, एडमिन बिल्डिंग का काम जोरों पर, अगस्त से होगा इलेक्ट्रिक बसों का संचालन-राकेश मसीह

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कोरबा कोरबा अर्बन ट्रांसपोर्ट पब्लिक सोसायटी के द्वारा वर्ष 2018 में अलग-अलग 8 मार्गों पर चलाई गई 48 सिटी बसों ने तीन वर्ष तक लाखों की संख्या में लोगों को किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई। शहरी और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में यह सेवा विस्तारित रही। कोविड के बाद लगे प्रतिबंधों ने अन्य वाहनों की तरह सिटी बसों के पहिए थाम लिए, अब वे कबाड़ में बदल गई है। इधर ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिहाज से एक बार फिर इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की योजना है। एक वर्ष पहले बनी योजना पर काम चल रहा है। संभावित है कि चार महीने बाद इसकी सेवाएं लोगों को मिल सकेंगीं।
        बीते वर्षों में सिटी बसों के संचालन के लिए जमनीपाली के प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में टर्मिनल बनाया गया था। उसी स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन और एडमिनिस्ट्रेशन बिल्डिंग तैयार किया जा रहा है। कोरबा अर्बन ट्रांसपोर्ट पब्लिक सोसायटी के द्वारा इस काम को कराया जा रहा है।प्रशासन के नियंत्रण में यह सोसायटी अपना काम कर रही है। केंद्र सरकार ने बीते वर्ष इलेक्ट्रिक बसों की सेवा देने के अंतर्गत कोरबा को 40 ई-बसें स्वीकृत की। इनकी घोषणा के बाद आगे का काम प्रारंभ किया गया।
        सोसायटी के नोडल ऑफिसर राकेश मसीह ने बताया कि चार्जिंग स्टेशन के लिए 33 केवी की लाइन पृथक से खींची जा रही है। यहां से इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने की व्यवस्था की जाएगी। सेवाओं का केंद्रीकरण इसी स्थान पर होगा। अन्य सभी अधोसंरचनाओं को बेहतर करने पर ध्यान दिया जा रहा है। योजना के तहत जो शेड्यूल तय किया गया था उसके हिसाब से आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सबकुछ ठीकठाक समय पर हो, यह कोशिश है। अगस्त 2026 से कोरबा क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। बताया गया कि इसी अवधि से प्रदेश में एक साथ यह सेवाएं शुरू होना है। उम्मीद जताई जा रही है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से कोरबा शहर उपनगरीय क्षेत्र और आसपास के बड़े हिस्से को सेवाओं का लाभ किफायती तौर पर प्राप्त हो सकेगा। वहीं इलेक्ट्रानिक दोपहिया को बढ़ावा देने के लिए कई स्थानों पर चार्जिंग प्वाइंट भी तैयार किए जा रहे हैं। ये विधिवत रूप से अगले कुछ दिनों में काम करेंगे।
        जानकारों का कहना है कि मध्य एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रो पदार्थों की उपलब्धता को लेकर आए दिन अलग-अलग खबरें आ रही है। ऐसी स्थिति में इसकी न्यूनतम खपत की जरूरत समझी जा रही है। ऐसे में ग्रीन एनर्जी सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें पर्यावरण को नुकसान जैसा कुछ है नहीं और कम लागत पर ज्यादा सेवाएं उपलब्ध कराने का रास्ता भी साफ होना है।

जिले में मनरेगा के तहत “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान शुरू

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कोरबा  कोरबा जिले में जल संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान की शुरुआत की गई है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने जिला पंचायत सभागार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा विभिन्न लाइन विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली।
        बैठक में सीईओ श्री नाग ने जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए नवीन तालाबों (तरिया) के निर्माण तथा उनसे जुड़े आजीविका गतिविधियों को विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर अभिसरण से ग्रामीणों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।
        बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, मनरेगा, एनआरएलएम एवं बीआरएलएफ की कर्मदक्ष टीम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। “मोर गांव, मोर पानी, नवा तरिया आय के जरिया” अभियान को राज्य शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
        सीईओ ने नवीन तालाबों के मेड़ों पर आजीविका गतिविधियों जैसे मछली पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित कार्यों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही अभियान से संबंधित ऑडियो संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इस पहल से जुड़ सकें। बैठक में क्लैट ऐप के उपयोग पर भी चर्चा की गई तथा इसे फील्ड स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
        मनरेगा एवं एनआरएलएम के समन्वय से “नवा तरिया आय के जरिया” अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया है।
        इसी क्रम में जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत जिलगा एवं कटकोना के तकनीकी अधिकारी, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में “नवा तरिया” के लिए स्थल चयन किया गया। इस दौरान दो नए तालाबों का चयन किया गया तथा उनसे संबंधित आजीविका गतिविधियों जैसे मछली पालन, सिंचाई, उद्यानिकी एवं कृषि योजना का प्रारंभिक खाका तैयार किया गया।
        सीईओ श्री नाग ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करते हुए अभियान को जनआंदोलन का रूप दें, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

जिले में गहराया रसोई गैस का संकट

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कोरबा कोरबा जिले के कोयलांचल क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है। दीपका भारत गैस गेवरा प्रोजेक्ट कंज्यूमर्स को-आपरेटिव स्टोर्स लिमिटेड के उपभोक्ता सिलेंडर के लिए परेशान हैं। एसईसीएल कर्मचारियों सहित आम उपभोक्ताओं में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है।गैस की अनुपलब्धता का सीधा असर घरों के चूल्हे-चौके पर पड़ रहा है। समय पर खाना न बन पाने के कारण कामकाजी कर्मचारियों और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
        उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा सप्ताह में केवल एक या दो बार ही गैस की आपूर्ति की जा रही है। कई महीनों पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। यह स्थिति प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
        क्षेत्र की जनता और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर गैस वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे धरना, घेराव और उग्र प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित गैस एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की होगी।
        इसी तरह कोरबा स्थित एसईसीएल की पवन गैस एजेंसी पर भी पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। एजेंसी खुलने से पहले ही लोग खाली सिलेंडर लेकर कतार में खड़े हो जाते हैं। बताया गया कि पिछले एक सप्ताह से बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी नहीं मिल रही थी, जिसके कारण वे स्वयं सिलेंडर भरवाने आ रहे थे। शनिवार से होम डिलीवरी शुरू होने के बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

15 अप्रैल तक सभी स्कूल होंगे पोर्टल पर ऑनबोर्डःआरटीओ

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अलीगढ़। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने जनपद में व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा शुरू किए गए यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल के तहत अब जिले के सभी विद्यालयों को 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जाएगा। संभागीय परिवहन अधिकारी दीपक शाह के निर्देशन में परिवहन विभाग, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सभी स्कूलों में तेजी से कार्यवाही की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय चाहे उसके पास स्कूल वाहन हो या नहीं को पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है। साथ ही, विद्यालयों में संचालित सभी वाहनों का विवरण अपलोड कर उनका भौतिक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासनिक एवं परिवहन अधिकारियों ने बताया कि यह पहल बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पोर्टल के माध्यम से स्कूली वाहनों की निगरानी, फिटनेस, वैधता और सुरक्षा मानकों की प्रभावी जांच संभव हो सकेगी, जिससे परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। जिले की सभी तहसीलों में संबंधित उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया गया कि वे पोर्टल⁠ पर अपने विद्यालय के यूडाइस कोड से लॉगिन कर प्रोफाइल अपडेट करें और विद्यालय व वाहनों का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करें। संभागीय परिवहन अधिकारी दीपक शाह ने सभी स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने विद्यालय और वाहनों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड कराना सुनिश्चित करें, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा की दिशा में यह पहल सफल हो सके।

जयपुर में अंधड़ ने ली 2 जान

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जयपुर । राजस्थान के आसमान पर छाई काली घटाओं ने एक बार फिर खौफनाक मंजर पैदा कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के विलेन अवतार ने मरूधरा के मिजाज को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। 4 अप्रैल की सुबह से ही राज्य के 29 जिलों में खतरे का सायरन बज रहा है।
जवाहर नगर में बाइक सवार रामजीलाल पर बिजली का पोल गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण एक भारी ग्रेनाइट पत्थर बुजुर्ग पर गिर गया, जो जानलेवा साबित हुआ।बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में हुई ओलावृष्टि ने तपते राजस्थान को अचानक हिल स्टेशन बना दिया है। श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में पारा 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जिससे अप्रैल की शुरुआत में ही लोगों को हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। खेतों और मंडियों में तबाही का मंजर है। आमतौर पर मार्च के बाद कमजोर पड़ने वाले विक्षोभ इस बार अजेय बने हुए हैं। 13 मार्च से अब तक 6 सिस्टम एक्टिव हो चुके हैं, जिसने सरसों, गेहूं और चने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। मंडियों में खुले में रखा अनाज भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।

बेगूसराय में इस्तीफा और अपराधियों के बीच मुठभेड़, 6 गिरफ्तार, एक घायाल

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बेगूसराय, । बिहार के बेगूसराय जिले के मंसूरचक थाना क्षेत्र के नारायण चौक के समीप एसटीएफ के जवानों और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी गोली लगने से घायल हो गया, जिसकी पहचान बलिया थाना क्षेत्र के गोखले नगर निवासी मंगल कुमार के रूप में हुई है। घायल का इलाज बेगूसराय सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 6 अपराधियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। मौके से भारी मात्रा में हथियार, एक बाइक और लूटे गए आभूषण भी बरामद किए गए हैं। उधार इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। एसपी मनीष ने कहा कि यह कार्रवाई एसटीएफ, दरभंगा पुलिस और बेगूसराय पुलिस के संयुक्त प्रयास से की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अपराधी हाल ही में तेघड़ा थाना क्षेत्र के एक्सिस बैंक और दरभंगा के ज्वेलरी शॉप में हुई बड़ी लूट की घटना में शामिल थे। घटना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसमें एक चाऊमीन दुकानदार भी शामिल है। पुलिस लूट की रकम और अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मुठभेड़ के दौरान मीडिया कर्मियों को घटनास्थल से दूर रखा गया। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों के लिए मुआवजे की मांग

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हाथरस । जनपद में बीते दिनों आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों में गेहूं, सरसों, आलू और चना जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सीमा रामवीर उपाध्याय ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों के लिए तत्काल सर्वे, मुआवजा और विशेष राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को आई आपदा से जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलें गिरकर नष्ट हो गईं, जबकि कटाई के बाद रखी फसल भी बारिश में भीगकर खराब हो गई।उन्होंने कहा कि किसानों की महीनों की मेहनत एक ही दिन में खत्म हो गई, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। ऐसे में शीघ्र राहत पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाए।साथ ही पूरी तरह नष्ट फसल वाले किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज लागू करने और फसल बीमा दावों का शीघ्र निस्तारण करने की भी मांग की गई। उन्होंने भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि कृषि मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव कृषि, प्रमुख सचिव राजस्व, मंडलायुक्त अलीगढ़ और जिलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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