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MP News: CM हेल्पलाइन पर CS की रिपोर्ट, 10 विभागों के अफसरों का डी-कैटेगरी परफॉर्मेंस

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MP News: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने पिछले दिनों समीक्षा अफसरों की समीक्षा बैठक की थी. कलेक्टर कमिश्नर स्तर के अधिकारी भी बैठक में शामिल थे. जिसके बाद एक और समीक्षा खुद मुख्य सचिव कार्यालय ने की है. सीएम हेल्पलाइन की रिपोर्ट के आधार पर 10 विभागों के बड़े अधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट डी कैटेगरी की आई है. यह ऐसे विभाग हैं, जिनको लेकर जनता से जुड़े हुए काम अक्सर होते हैं. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में पहुंचने के बाद अफसरों को शिकायतों का निराकरण करना था, लेकिन रवैया यह रहा कि शिकायतें दम तोड़ रही हैं. उनका निराकरण नहीं हुआ है.

मुख्य सचिव कार्यालय के मुताबिक 10 विभागों की समीक्षा पिछले दिनों की गई थी. जनवरी 2026 की समीक्षा बैठक में कई ऐसे विभाग हैं, जो जनता से जुड़े हुए हैं. लेकिन उनमें कारवाई काफी कम हुई है. पंचायत, लोक निर्माण विभाग, पिछड़ा और अल्पसंख्यक, जल संसाधन, जनजाति अनुसूचित जाति कल्याण, राजस्व उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग का रिकॉर्ड डी कैटेगरी के मुताबिक आया है. जानकारी के मुताबिक इन विभागों में 50% से कम और 27 प्रतिशत रहा है. यानी कि शिकायतें विभाग तक पहुंची उनका निराकरण नहीं हुआ. अधिकांश शिकायतों का निराकरण 50 दिन की भीतर भी नहीं हुआ है.

60 दिन बाद भी नहीं हुआ निराकरण

60 दिन बाद भी शिकायत जस की तरफ पड़ी हुई है. खास बात है कि नीचे स्तर से शिकायत का निराकरण न होने पर यह शिकायत प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव तक पहुंचती है. इसके बाद भी अधिकारियों का रवैया है कि जनता की शिकायतों का निराकरण हो ही नहीं रहा है. उन्हें इस बात की भी चिंता नहीं है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक शिकायत पहुंचना यानी मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री के संज्ञान में है. फिर भी जनता से जुड़ी हुई शिकायतों का निराकरण नहीं हो रहा है.

इन अधिकारियों के विभागों का कामकाज रहा खराब

जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी डॉ राजेश अजोरा का है लेकिन सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का अंबार लगा हुआ है. हायर एजुकेशन विश्वविद्यालय की समस्या भी जमकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच रही है. इस विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुपम राजन है. सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला है. यहां पर भी शिकायतों के निराकरण का हिसाब किताब खराब है. कड़क मिजाज महिला अधिकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी के विभाग पंचायत का बेहतर नहीं है. लोक निर्माण विभाग का भी यही हाल है. इसके साथ ही नामांकन सीमांकन बंटवारे और अन्य किसानों की समस्या से जुड़े हुए विभाग राजस्व की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव विवेक कुमार पोरवाल की है. उनके भी विभाग की यही स्थिति है. खराब परफार्मेंस वाली सूची में इसलिए टॉप टेन में शामिल है.

शिकायतों का क्या रहा हाल? यहां देखिए डाटा

  • 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक कुल शिकायतें- 3 लाख 97 हजार
  • संतुष्टि के साथ बंद की गई शिकायतें- 2 लाख 4206
  • स्पेशल क्लोज- 730
  • नॉट कनेक्टेड और बंद करने की 30 शिकायतें
  • कार्यक्षेत्र से बाहर 3782 शिकायतें
  • आंशिक बंद 3900 शिकायतें
  • लंबित 179439 शिकायतें

अफसर के साथ कर्मचारियों का भी परफॉर्मेंस खराब

सीएम हेल्पलाइन डैशबोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के सभी जिले सी और डी कैटेगरी में है. करीब 22 जिले ऐसे हैं. जिनकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट डी कैटेगरी के आधार पर हैं, जबकि तीन ऐसे जिले हैं. जिनकी रिपोर्ट डी आई है. जिसमें खरगोन, शिवपुरी आगर मालवा शामिल है. इससे स्पष्ट है कि अफसर के पास पहुंचने वाली शिकायतों के साथ नीचे वाले कर्मचारियों का भी रवैया जिम्मेदारी पूर्वक नहीं है. जिसकी वजह से एल 1 से लेकर एल 4 तक शिकायत घूमती रहती हैं और निराकरण के लिए आप में शिकायतकर्ता आस लगाकर बैठा रहता है.

CG News: ‘पहले की सरकारों ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया’, अमित शाह बोले- विकसित भारत का शुभंकर बनेगा छत्तीसगढ़

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CG News: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में रविवार को ऑर्गनाइजर के कॉनक्लेव में कहा, ‘मैं भूपेश बघेल के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री रहा था. मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि बघेल की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया था. मैं समझ नहीं पाता हूं कि कैसे कोई शासन किसी हथियारबंद समूह को प्रश्रय दे सकती है.’

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस कार्यक्रम में शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि यह नए भारत के लिए शुभंकर सिद्ध होगा. छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर विकसित भारत @2047 की दिशा में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है.

‘विकसित छत्तीसगढ़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार’

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार, विचारधारा और सुशासन से निकली हुई 25 वर्षों की यात्रा का परिणाम है. उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों की अवधारणा को लेकर कभी शंका व्यक्त की जाती थी, लेकिन छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि शासन स्पष्ट विचारधारा से संचालित हो, तो छोटे राज्य भी विकास के बड़े मॉडल बन सकते हैं.

शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के लिए आंदोलन चल रहे थे, तब लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही और कहा जाता था कि इतने छोटे राज्य कैसे टिकेंगे, इनके पास संसाधन कहां से आएंगे और क्या ये विकास कर पाएंगे. उस समय छत्तीसगढ़ भोपाल से 500 किलोमीटर से अधिक दूर था और संयुक्त मध्यप्रदेश की भौगोलिक व प्रशासनिक संरचना ऐसी थी कि इस क्षेत्र के साथ न्याय होना कठिन था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी तत्कालीन मुख्यमंत्री की असफलता नहीं थी, बल्कि संरचना ही ऐसी थी कि एक ही प्रशासनिक इकाई से इसे संभालना संभव नहीं था.

‘अटल सरकार में ऐतिहासिक फैसले लिए गए’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया और कहा कि छोटे राज्यों का निर्माण कोई प्रयोग नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति है. इसी निर्णय के तहत मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़, बिहार से झारखंड और उत्तरप्रदेश से उत्तराखंड का गठन हुआ. उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विचारधारा आधारित निर्णय था.

शाह ने राज्य विभाजन के दो उदाहरण देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए विभाजन शांतिपूर्ण रहे और आज मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़, बिहार–झारखंड तथा उत्तरप्रदेश–उत्तराखंड एक-दूसरे के पूरक बनकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं. वहीं कांग्रेस शासन में हुए आंध्रप्रदेश–तेलंगाना विभाजन के दौरान लोकसभा में सांसदों को बाहर निकालकर कानून पारित करना पड़ा और दोनों राज्यों के बीच कटुता एक दशक से अधिक समय तक बनी रही, जिसके कई विवाद आज भी अनसुलझे हैं. उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि राजनीति में विचारधारा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है.

‘MP और छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज 25 वर्ष का हो चुका है और इस दौरान राज्य ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है. कभी ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में गिने जाने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ आज विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में से लगभग 18 वर्ष भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही और 7 वर्ष कांग्रेस की सरकार रही. 25 वर्षों बाद यदि पीछे मुड़कर देखें तो छत्तीसगढ़ बीमारू राज्य से विकसित राज्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ चुका है.

शाह ने आर्थिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य के वार्षिक बजट में 25 वर्षों में 30 गुना वृद्धि हुई है, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 25 गुना वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मापने वाले 16 के 16 संकेतकों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सुधार किया है.

कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई क्षमता दोगुनी हुई है. खरीफ फसलों के उत्पादन में तीन गुना और रबी फसलों के उत्पादन में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 30 हो गई है, मेडिकल कॉलेज 1 से बढ़कर 16 हो गए हैं और आंगनबाड़ी भवनों में 18 गुना वृद्धि हुई है. कुपोषण से होने वाली मृत्यु दर 61 से घटकर 15, मातृ मृत्यु दर 365 से घटकर 146 और शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 रह गई है.

छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हुई

आदिवासी कल्याण पर बोलते हुए शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है. एक भी एकलव्य आवासीय विद्यालय नहीं था, आज 75 संचालित हो रहे हैं और छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या तीन गुना बढ़ी है. उन्होंने कहा कि देश में यदि सबसे अच्छा आदिवासी कल्याण किसी राज्य ने किया है, तो वह छत्तीसगढ़ है.

माओवादी समस्या पर स्पष्ट शब्दों में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह न तो विकास की कमी का परिणाम है और न ही केवल कानून-व्यवस्था की समस्या, बल्कि पूरी तरह विचारधारा आधारित चुनौती है. उन्होंने कहा कि बंदूक से समस्या का समाधान भारतीय संविधान की आत्मा के विरुद्ध है.

उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती, हथियार डालने वालों के लिए रेड कारपेट बिछा है और आदिवासी युवाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में लौटें.

शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर सहित माओवादी प्रभावित क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहे हैं और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 31 मार्च 2026 से पहले देश को माओवादी समस्या से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं. उन्होंने कहा कि 25 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि छत्तीसगढ़ ने जिस गति से विकास किया है, आने वाले 25 वर्षों में वह दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा.

RSS कार्यक्रम में मोहन भागवत का बड़ा बयान—संघ कहे तो पद छोड़ने को तैयार

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मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि यदि संघ उनसे पद छोडऩे को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है।आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक  बनता है। भागवत रविवार को मुंबई में आरएसएस के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वीर सावरकर को भारत रत्न दिया गया तो इससे पुरस्कार की गरिमा और बढ़ेगी।
भागवत ने कहा कि समान नागरिक संहिता सभी को विश्वास में लेकर बनाई जानी चाहिए और इससे समाज में मतभेद नहीं बढऩे चाहिए। उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के हितों को ध्यान में रखकर किया गया होगा और देश को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार को बहुत काम करना है। पहचान कर निष्कासन की प्रक्रिया होनी चाहिए। यह पहले नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब धीरे-धीरे शुरू हुआ है और आगे बढ़ेगा।
भागवत ने कहा कि आरएसएस का काम प्रचार करना नहीं, बल्कि समाज में संस्कार विकसित करना है। जरूरत से ज्यादा प्रचार से दिखावा और फिर अहंकार आता है। प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए। सही समय पर और सीमित मात्रा में। संघ अपने स्वयंसेवकों से आखिरी बूंद तक काम लेता है। संघ के इतिहास में अब तक ऐसी कोई स्थिति नहीं आई, जब किसी को जबरन रिटायर करना पड़ा हो। संघ की कार्यप्रणाली में अंग्रेजी कभी मुख्य भाषा नहीं बनेगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। जहां जरूरत होती है, वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है। हमें अंग्रेजी सीखनी चाहिए, लेकिन मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए।

काई भी हिंदू बन सकता हैं सरसंघचालक
मोहन भागवत ने कहा कि संघ प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के लिए किसी खास जाति का होना जरूरी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्राह्मण ही नहीं, बल्कि क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या एससी-एसटी समाज का कोई भी व्यक्ति सरसंघचालक बन सकता है।कार्यक्रम में बातचीत के दौरान भागवत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि संघ में इस आधार पर कार्यकर्ता नियुक्त नहीं होते कि उनकी जाति क्या है। जो हिंदू है, वह सरसंघचालक बन सकता है। हमारे यहाँ काम करने वाले को जिम्मेदारी मिलती है। एससी/एसटी वर्ग का व्यक्ति भी इस पद पर पहुँच सकता है। सिर्फ ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है और किसी अन्य जाति का होना कोई अयोग्यता नहीं।

ब्राह्मणों का संघ वाली छवि पर दी सफाई
संघ की पुरानी छवि पर चर्चा करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जब संघ की शुरुआत हुई थी, तब वह एक छोटी सी ब्राह्मण बस्ती से शुरू हुआ था। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में संघ छोटा था और एक ब्राह्मण बहुल बस्ती में सक्रिय था, इसलिए स्वाभाविक रूप से पदाधिकारी ब्राह्मण थे। इसी वजह से लोग कहने लगे कि संघ ब्राह्मणों का है और कुछ लोग आज भी यही कहते हैं, क्योंकि वे केवल जाति देखते हैं। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।

MP Weather Update: एमपी में अगले 2 दिन तेज सर्दी, इसके बाद बढ़ेगा टेम्प्रेचर, कटनी सबसे ठंडा शहर, जानिए आपके शहर का हाल

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MP Weather Update: मौसम विभाग (Indian Meteorological Department) ने मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक तेज सर्दी का अलर्ट जारी किया है. इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल, सागर और जबलपुर संभागों में देखने को मिल रहा है. राज्य का पूर्वी हिस्सा सबसे ज्यादा ठंडा बना हुआ है. लोगों को धुंध और कोहरे से निजात मिली है, हालांकि उज्जैन, जबलपुर, भोपाल समेत कई शहरों में सुबह के समय हल्का देखने को मिल रहा है.

पिछले 24 घंटे में मौसम कैसा रहा?

एमपी में पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो सभी संभागों के जिलों में मौसम शुष्क रहा. अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया. इसके साथ ही तापमान सामान्य ही बना रहा. उज्जैन में हल्का कोहरा देखा गया.

कटनी, एमपी का सबसे ठंडा शहर

पिछले कुछ दिनों से कटनी जिले का करौंदी एमपी का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है. यहां रविवार (8 फरवरी) को मिनिमम टेम्प्रेचर 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, शहडोल जिले के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री, उमरिया, छतरपुर जिले के खजुराहो और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 8.4 डिग्री, राजगढ़ में 8.5 डिग्री और शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा.

प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल सबसे ठंडा शहर रहा. जहां न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इंदौर में 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 11.2 डिग्री, जबलपुर में 11.9 डिग्री और उज्जैन में मिनिमम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. खंडवा में रविवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया.

एमपी में आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा?

  • मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन मौसम ऐसा ही रहेगा, यानी तेज सर्दी का दौर जारी रहेगा.
  • इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
  • मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है.
  • मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा.

CG Weather: छत्तीसगढ़ में न बारिश, न तूफान! आने वाले दिनों में फिर बढ़ेगी ठंड, जानें मौसम का पूरा अपडेट

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम स्थिर बना हुआ है. प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में शुष्क मौसम का असर देखने को मिल रहा है और मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक इसमें किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. हालांकि इसके बाद अगले 2 से 4 दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो आगामी एक सप्ताह तक यह लगभग स्थिर बना रहेगा.

बीते दिनों कैसा रहा मौसम?

बीते 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई. अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा राजनांदगांव में 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं न्यूनतम तापमान सबसे कम अंबिकापुर में 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा.

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

  • आने वाले दो से तीन दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.
  • तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर देखने को मिल सकती है,
  • लेकिन यह बढ़ोतरी सामान्य दायरे में ही रहेगी.
  • कुल मिलाकर मौसम साफ और स्थिर बना रहेगा.

जानिए रायपुर का हाल

राजधानी रायपुर में 9 फरवरी की सुबह हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है. दिन का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दिन में धूप खिली रहेगी और मौसम सामान्य बना रहेगा.

 

पाकिस्तान लेगा यू-टर्न? लाहौर में ICC और नकवी की मीटिंग, टी20 वर्ल्ड कप में सुलझेगा IND-PAK मैच विवाद!

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T-20 World Cup 2026: पाकिस्तान के लाहौर में स्थित गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन अमीनुल इस्लाम और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के वाइस प्रेसिडेंट इमरान ख्वाजा की रविवार (8 फरवरी) को बैठक हुई. इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं. ये मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है, जब भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले टी-20 विश्व कप के मुकाबले को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने के प्रयास तेज हो गए हैं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, श्रीलंका के कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को महामुकाबला होना है. पाक ने इस मैच के बहिष्कार की धमकी दी थी. पाकिस्तान की ओर से कहा गया था कि वह बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखा रहा है. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत में मैच खेलने से मना कर दिया था.

बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के द्वारा टी-20 विश्व कप से कदम पीछे लेने के बाद ICC ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया था. आईसीसी के उपाध्यक्ष और सिंगापुर का प्रतिनिधित्व करने वाले इमरान ख्वाजा प्रभावशाली भूमिका में हैं. इसके साथ ही एक एसोसिएट मेंबर के तौर पर बोर्ड में उनके पास वोटिंग का भी अधिकार है. बताया जा रहा है कि इमरान ख्वाजा रविवार (8 फरवरी) को लाहौर पहुंचे, ताकि नकवी के साथ बातचीत से मामला सुलझाया जा सके.

ICC ने पाक से मांगा जवाब

सूत्रों के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगा है कि वे इस मैच से पीछे हटने के लिए फोर्स मेज्योर क्लॉज का उपयोग कैसे कर सकता है, इसके बाद पाक बैकफुट पर है. बताया जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पीसीबी को एक ईमेल किया और बहिष्कार खत्म करने की बात कही.

इसमें श्रीलंका का कहना है कि भारत-पाक मैच नहीं होता है तो स्टेकहोल्डर्स और ब्रॉडकास्टर्स को बहुत बड़ा नुकसान होगा. अब PCB ने ICC से बातचीत के लिए हाथ बढ़ाया है, इससे आशा की एक किरण दिखाई दे रही है.

CG News: बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत करेंगे अमित शाह, जनजातीय संस्कृति का दिखेगा संगम, प्रशासन अलर्ट

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CG News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं, जहां आज बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत करेंगे. इस समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे.

बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत करेंगे अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह आज बस्तर पंडुम के समापन में शामिल होंगे. वह सुबह 10:50 बजे रायपुर से रवाना होंगे और 12:05 बजे जगदलपुर पहुंच जाएंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी रहेंगे. साथ ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत कई मंत्री, विधायक और सांसद भी मौजूद रहेंगे. अमित शाह 1:20 बजे तक बस्तर पंडुम के कार्यक्रम में शामिल रहेंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ बना पहचान

बस्तर पण्डुम का आयोजन जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से किया जाता है. यह आयोजन बस्तर की माटी से जुड़ी लोककलाओं, नृत्य, गीत, वेशभूषा और रीति-रिवाजों को मंच देने का काम करता है. वर्षों से यह महोत्सव स्थानीय कलाकारों और जनजातीय समुदायों की पहचान को मजबूती देता आ रहा है.

‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है. इस पण्डुम के जरिए बस्तर की परंपराएं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में देखने का अवसर मिलता है.

ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, कैप्टन व ट्रेनी घायल

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विजयपुरा। कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बाबलेश्वर तालुक के मंगलूर गांव में रविवार को रेड बर्ड एविएशन का निजी ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कैप्टन और एक ट्रेनी पायलट सवार थे, दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। यह विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। उड़ान के दौरान इंजन में अचानक खराबी आ गई, जिससे पायलट कंट्रोल खो बैठे और खेत में क्रैश लैंडिंग हो गई। विमान सीसना 172 मॉडल का दो सीटर ट्रेनिंग प्लेन था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विमान रेड बर्ड एविएशन कंपनी का था और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। शुरुआती जांच में हादसे की वजह इंजन की तकनीकी खराबी सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के सही कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। प्रशासन और पुलिस ने साफ़ किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी तकनीकी और कानूनी जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की लंबी सजा

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति से बड़ी खबर आ रही है जहाँ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की परेशानी बढ़ गई हैं। तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में अदालत ने दोनों को 17-17 साल की लंबी सजा सुनाई है।
रावलपिंडी की अदियाला जेल में बनी स्पेशल कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। जज ने दोनों को अलग-अलग धाराओं में कुल 17 साल की सजा दी है। साथ ही, उन पर 1 करोड़ 64 लाख पाकिस्तानी रुपये का भारी जुर्माना लगा दिया है। हालांकि, बुशरा बीबी के महिला होने के नाते सजा में थोड़ी नरमी की बात कही जा रही है, लेकिन सजा फिर भी काफी सख्त है।
दरअसल पूरा मामला 2021 का है, जब सऊदी अरब की सरकार ने इमरान को कुछ महंगे तोहफे दिए थे। इसमें कीमती घड़ियाँ, हीरे और सोने के गहने शामिल थे। नियम कहता है कि सरकारी पद पर रहते हुए विदेशी नेताओं से जो भी गिफ्ट मिलते हैं, उन्हें तोशाखाना (सरकारी खजाने) में जमा करना पड़ता है। आप चाहें, तब तय कीमत चुकाकर उन्हें बाद में खरीद भी सकते हैं। अब मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर आरोप यह है कि इन तोहफों की असली कीमत करीब 7 करोड़ रुपये थी, लेकिन कागजों पर इन्हें सिर्फ 58-59 लाख का दिखाया गया। कहा जा रहा है कि इन दोनों ने मिलकर बहुत कम कीमत पर ये कीमती चीजें हथियाने की कोशिश की।
अदालत में 21 गवाहों ने अपनी बात रखी। फैसले के वक्त इमरान और बुशरा दोनों वहां मौजूद थे। इमरान का साफ कहना है कि ये सब उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है और उन्हें फंसाया जा रहा है। इमरान खान अगस्त 2023 से ही सलाखों के पीछे हैं। हालांकि उन्हें कुछ मामलों में पहले जमानत मिल चुकी थी, लेकिन अब इस नए फैसले ने उन्हें फिर से मुश्किल में डाल दिया है।

आज फिर बदल गए पेट्रोल-डीजल के रेट, जानें सोमवार को आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ

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नई दिल्ली: भारत में हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों के साथ होती है. सुबह 6 बजे देश की तेल कंपनियां ताजा रेट जारी करती हैं. इन कीमतों का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. ऑफिस जाने वाला कर्मचारी हो या सामान ढोने वाला ट्रक ड्राइवर, हर कोई इन दामों से प्रभावित होता है.

पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई वजहों से तय होती हैं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स की भूमिका इसमें सबसे अहम होती है. यही वजह है कि कभी राहत की उम्मीद बनती है तो कभी महंगाई का डर सताने लगता है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार से भारत तक कैसे पहुंचता है असर

फरवरी 2026 के लिए यूएई ने फ्यूल की कीमतों में हल्की कटौती का ऐलान किया है. इससे यह संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल रही है. हालांकि भारत में इसका असर तुरंत और पूरी तरह दिखे, यह जरूरी नहीं है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाता है. ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाला हर छोटा बदलाव घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है. अगर कच्चा तेल सस्ता होता है तो लोगों को राहत की उम्मीद होती है, लेकिन टैक्स और अन्य खर्चों के चलते यह राहत कई बार जेब तक पहुंचते पहुंचते कमजोर हो जाती है.

पेट्रोल डीजल के ताजा रेट

आज जारी कीमतों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है. मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर है.

चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है. अहमदाबाद में पेट्रोल 94.68 रुपये और डीजल 90.35 रुपये प्रति लीटर है. बैंगलोर में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

हैदराबाद में पेट्रोल 107.50 रुपये और डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर है. जयपुर में पेट्रोल 104.91 रुपये और डीजल 90.38 रुपये प्रति लीटर पर है. लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

पुणे में पेट्रोल 103.87 रुपये और डीजल 90.40 रुपये प्रति लीटर है. इंदौर में पेट्रोल 106.81 रुपये और डीजल 92.18 रुपये प्रति लीटर दर्ज हुआ है. पटना में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 91.66 रुपये प्रति लीटर है. सूरत में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 90.38 रुपये प्रति लीटर पर है. नासिक में पेट्रोल 104.50 रुपये और डीजल 91.02 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

आम आदमी पर क्या पड़ता है असर

पेट्रोल और डीजल के दाम सिर्फ वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करते. इनके बढ़ते दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा होता है. जब माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है तो सब्जी, फल और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें भी महंगी हो जाती हैं. यही वजह है कि फ्यूल की कीमतें हर परिवार के बजट को झकझोर देती हैं. जब कीमतों में स्थिरता रहती है या थोड़ी गिरावट आती है तो आम आदमी को थोड़ी राहत महसूस होती है. हालांकि मौजूदा रेट्स को देखें तो बड़े स्तर पर राहत की तस्वीर अभी साफ नहीं दिखती.

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