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पंचांग: कालाष्टमी और जन्माष्टमी की जुगलबंदी! जानें राहुकाल का समय और पूजा की सबसे सटीक विधि

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पंचांग : आज 09 फरवरी, 2026 सोमवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के एक स्वरूप कालभैरव का अधिकार है, जिन्हें समय का देवता भी कहा जाता है. यह तिथि किसी भी तरह के शुभ कार्यों, नई बातचीत और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अच्छी नहीं है. आज कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी है.

9 फरवरी का पंचांग

  1. विक्रम संवत : 2082
  2. मास : फाल्गुन
  3. पक्ष : कृष्ण पक्ष अष्टमी
  4. दिन : सोमवार
  5. तिथि : कृष्ण पक्ष अष्टमी
  6. योग : वृद्धि
  7. नक्षत्र : विशाखा
  8. करण : बलव
  9. चंद्र राशि : तुला
  10. सूर्य राशि : मकर
  11. सूर्योदय : सुबह 07:05 बजे
  12. सूर्यास्त : शाम 06:05 बजे
  13. चंद्रोदय : देर रात 01.19 बजे (10 फरवरी)
  14. चंद्रास्त : सुबह 11.07 बजे
  15. राहुकाल : 08:28 से 09:50
  16. यमगंड : 11:13 से 12:35

दैनिक महत्व की गतिविधियों के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और विशाखा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र 20 डिग्री तुला से 3:20 डिग्री वृश्चिक राशि तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बृहस्पति और देवता सतराग्नि हैं, जिसे इन्द्राग्नि भी कहा जाता है. यह मिश्रित प्रकृति का नक्षत्र है. नियमित कर्तव्यों के पालन के लिए, किसी की पेशेवर जिम्मेदारियों को सौंपने के लिए, घरेलू काम और दिन-प्रतिदिन के महत्व की किसी भी गतिविधि के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:28 से 09:50 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

 

राशिफल : सोमवार को हाथ लगेगा ‘कुबेर का खजाना’ या होगी बड़ी धन हानि? जानें सितारों का चौंकाने वाला इशारा

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मेष- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज आप समाज और आम लोगों से बहुत सम्मान प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही आपको आर्थिक लाभ भी हो सकता है. परिवार और वैवाहिक जीवन सुख और संतोष से भरपूर रहेगा. वाहन सुख प्राप्त कर सकेंगे. प्रियजनों के साथ प्रेम के पल गुजार सकेंगे. दोपहर के बाद आपके विचार अधिक उग्र बनेंगे और आप दूसरों पर हावी होने की कोशिश करेंगे. आप बौद्धिक कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे, परंतु अभी आपको सरल व्यवहार अपनाना आवश्यक है. व्यापारी अपने व्यापार में लाभ प्राप्त कर सकेंगे.

वृषभ- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आप अपना काम समय पर पूरा कर सकेंगे. आपको आर्थिक लाभ होगा. अस्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार होगा. ननिहाल पक्ष से अच्छा समाचार मिलेगा. ऑफिस में सहकर्मी आपकी मदद करेंगे. अधूरे काम पूरे होंगे. व्यापारियों के लिए दिन सामान्य है. ज्यादा लाभ के लालच में ना आएं. दोपहर के बाद परिजनों के लिए समय अच्छा रहेगा.

मिथुन- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज का दिन मध्यम फलदायी है. नए काम का आरंभ ना करें. बौद्धिक चर्चाओं के लिए आज का दिन शुभ नहीं है. संतान संबंधी चिंता आपको बनी रहेगी. दोपहर के बाद घर का वातावरण सुख और शांतिवाला रहेगा. आज मन से आप खुश रहने वाले हैं. शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा. व्यापार में सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा. आर्थिक रूप से लाभ होगा। काम में यश प्राप्त होगा. आज बाहर जाने और अनावश्यक यात्रा करने से आपको बचना चाहिए.

कर्क- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. सुबह किसी बात की चिंता से आप थोड़े उदास रहेंगे. इस कारण शारीरिक रूप से आप अस्वस्थता का अनुभव करेंगे. प्रवास के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है. जमीन और वाहनों से जुड़ी समस्या आपको हो सकती है. दोपहर के बाद आप सुख और शांति का अनुभव करेंगे. मित्रों का साथ मिलेगा. शारीरिक ताजगी का अनुभव होगा. आज किसी बात को लेकर कुछ ज्यादा ही सोच-विचार करेंगे. लोगों से मिलना-जुलना होगा. आज कोई उपहार भी आपको मिल सकता है.

सिंह- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आज आप प्रयास शुरू कर सकते हैं. व्यापार में भागीदारी के काम से लाभ प्राप्त होगा. धन प्राप्ति का प्रबल योग है. ब्याज, दलाली आदि से इनकम में वृद्धि होने की संभावना है. आय होने से आर्थिक कष्ट दूर हो जाएगा. अच्छे वस्त्र और अच्छे खान-पान से मन खुश रहेगा. छोटे प्रवास या पर्यटन का योग है. मित्रों के साथ मुलाकात आनंददायी रहेगी.

कन्या- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. वस्त्र या आभूषण की खरीदी आपके लिए रोमांचक और आनंददायी रहेगी. कला के प्रति आप की रुचि बढ़ेगी. व्यापार में कोई कठिन काम बन जाने से आपके मन में उल्लास छाया रहेगा. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा. विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी. आज जीवनसाथी के साथ आपके संबंध और मजबूत बनेंगे. प्रेम जीवन के लिए आज का दिन सकारात्मक है. विद्यार्थी स्पोर्ट्स या कला-साहित्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे.

तुला- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा. स्थायी संपत्ति के मामले में आपको बेहद ध्यान रखना होगा. माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है. परिवार में तकरार न हो, इसका ध्यान रखें. दोपहर के बाद आप स्वस्थ अनुभव करेंगे. आप में एनर्जी बनी रहेगी, इससे समय पर आप काम पूरा कर पाने की स्थिति में होंगे. आज आप अपना टारगेट पूरा कर पाएंगे. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है.

वृश्चिक- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आज का दिन व्यापार के लिए अनुकूल है. गृहस्थजीवन में उलझे हुए प्रश्नों का निराकरण हो सकेगा. स्थायी संपत्ति से जुड़े काम में आपको सफलता मिल सकती है. भाई-बहनों के साथ संबंधों में प्रेम बना रहेगा. दोपहर के बाद काम में प्रतिकूलताओं में वृद्धि होगी. शारीरिक और मानसिक रूप से चिंता का अनुभव होगा. सामाजिक क्षेत्र में अपयश प्राप्त होगा. परिजनों के साथ मतभेद रह सकता है. धन हानि का योग हैं.

धनु- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आप रोमांस के सुखद पलों का आनंद उठा सकेंगे. आज का दिन आर्थिक, सामाजिक और परिवार से जुड़े कामों के लिए अच्छा है. पारिवारिक जीवन में सुख और शांति का वातावरण बना रहेगा. मित्रों से लाभ होगा और यात्रा की संभावना भी है. आय के नए सोर्स बढ़ेंगे. व्यापार में वृद्धि और लाभ हो सकेगा. अविवाहितों का रिश्ता पक्का हो सकता है. शुभ प्रसंग में जाने का कार्यक्रम बनेगा. स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकेंगे. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा.

मकर- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. व्यवसाय के क्षेत्र में धन, मान तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. व्यापार के लिए भागदौड़ और वसूली के लिए यात्रा करेंगे. इसमें लाभ होने की संभावना रहेगी. सरकार, मित्र तथा संबंधियों से लाभ होगा. गृहस्थ जीवन में आनंद का अनुभव होगा. परिवार में लंबे समय से चल रहा विवाद दूर हो सकेगा. संतान की प्रगति आप में संतोष की भावना का अहसास कराएगी. आज आपकी आय और व्यय में बैलेंस नहीं रहेगा. आप परिवार की जरूरत पर धन खर्च कर सकते हैं. किसी नए आभूषण की भी खरीदारी कर सकते हैं.

कुंभ- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. धार्मिक और सामाजिक काम के पीछे धन खर्च होगा. सम्बंधियों और मित्रों के साथ विवाद हो सकता है. वाहन चलाने या नया कोई इलाज शुरू करने में आपको सावधानी रखना होगी. दोपहर के बाद प्रत्येक काम सरलतापूर्वक संपन्न होंगे. दफ्तर में आप का प्रभाव बढ़ता हुआ दिखेगा. अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे. मानसिक शांति छाई रहेगी. परिजनों के साथ समय सुखपूर्वक गुजरेगा.

मीन- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. आकस्मिक धन लाभ के योग हैं. व्यापारीवर्ग को रुके हुए पैसे मिलेंगे. आज आपको शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक परिश्रम करना पड़ेगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. खर्च अधिक रहेगा. नियम विरुद्ध काम मुसीबत में डाल सकते हैं. आध्यात्मिक विचार और व्यवहार आपको कुमार्ग पर जाने से रोकेंगे. दोपहर के बाद स्थिति में परिवर्तन होगा. आपकी सकारात्मक सोच आपको सही काम करने के लिए प्रेरित करेगी.

 

राजस्थान में बसा वृंदावन का जुड़वा, मिठड़ी गांव का भादी पीठ जहां मिलती है अद्भुत शांति

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राजस्थान के डीडवाना–कुचामन क्षेत्र में स्थित मिठड़ी गांव एक ऐसा स्थान है, जहां कदम रखते ही मन को शांति और दिल को सुकून मिलता है. इसी गांव में स्थित है श्री भादी पीठ मिठड़ी उप-वृंदावन धाम, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और चमत्कारी मंदिर है. यह धाम श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है. भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित यह मंदिर न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी विशेष आकर्षण रखता है. शांत वातावरण और गहरी भक्ति भावना के कारण यहां आने वाला हर भक्त कुछ पल के लिए दुनिया की भागदौड़ भूल जाता है.

इस धाम को लोग प्रेम से उप-वृंदावन कहते हैं, क्योंकि यहां का माहौल और आस्था वृंदावन की याद दिलाती है. जन्माष्टमी, एकादशी और अन्य कृष्ण पर्वों पर मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं. भजन-कीर्तन और आरती के दौरान पूरा परिसर कृष्ण भक्ति में डूब जाता है. यही कारण है कि यह मंदिर वृंदावन का जुड़वा धार्मिक स्थल प्रतीत होता है.
चमकती मिट्टी है मंदिर की सबसे बड़ी खासियत
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां की अद्भुत मिट्टी है. कहा जाता है कि यह मिट्टी वृंदावन से लाई गई थी और इसी कारण यह दिन हो या रात, हमेशा चमकती रहती है. भक्त इस मिट्टी को अत्यंत पवित्र मानते हैं और इसे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का प्रतीक समझते हैं. इसी अनोखी विशेषता के चलते इस धाम को उप-वृंदावन के नाम से जाना जाता है.

शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव
मंदिर परिसर में पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है मानो मन की सारी थकान अपने आप दूर हो गई हो. चारों ओर फैली शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा हर आने वाले को भीतर तक छू जाती है. श्रद्धालु पूरे विश्वास के साथ भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी मनोकामनाएं रखते हैं और मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर प्रार्थना अवश्य पूरी होती है. भजन-कीर्तन, आरती और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है और ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं श्रीकृष्ण यहां विराजमान हों.

श्रद्धा और विश्वास का अनूठा संगम
मिठड़ी गांव का यह मंदिर श्रद्धा, चमत्कार और भक्ति का अनूठा संगम है. दिन-रात चमकती पावन मिट्टी और भगवान श्रीकृष्ण की उपासना इसे एक विशेष और दिव्य स्थान बनाती है. यही कारण है कि यह धाम आज श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बन चुका है और इसकी महिमा लगातार दूर-दूर तक फैलती जा रही है. गहरी श्रद्धा और अटूट विश्वास इस स्थान को बेहद खास बनाते हैं, इसलिए जो एक बार यहां आता है, वह बार-बार आने की इच्छा जरूर करता है.

15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत, 300 साल बाद शुभ संयोग! जानें चार प्रहर का पूजा मुहूर्त और निशिथ काल का समय

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फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हर वर्ष महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है और इस बार यह शुभ तिथि 15 फरवरी दिन रविवार को है. महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक बहुत बड़ा और खास पर्व है, जिसे शिव भक्त हर साल बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव पहली बार निराकार स्वरूप से साकार रूप में प्रकट हुए थे और इसी दिन भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह हुआ था अर्थात शिव और शक्ति का मिलन इसी रात हुआ था. इस बार महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद 8 योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पूजा का महत्व, पूजा मुहूर्त और शिव-पार्वती पूजन विधि…

महाशिवरात्रि का महत्व
पुराणों के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात को भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था, जो सृष्टि, संरक्षण और विनाश का प्रतीक है. इस रात को शिव भक्त पूरी रात जागरण करते हैं और शिव के भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं. महाशिवरात्रि का पर्व ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम भी माना जाता है. इस दिन ध्यान और साधना करने से व्यक्ति को मन की शांति और आध्यात्मिक बल मिलता है. इस दिन विशेष तौर पर शिव पूजन, रात्रि जागरण, मंत्र जप, व्रत और चार प्रहर की पूजा करने का बड़ा महत्व है. कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन की गई भक्ति और उपासना से भक्तों को जीवन में सुख, समृद्धि और सभी प्रकार के लाभ मिलते हैं.

300 साल बाद ऐसा संयोग
काशी के ज्योतिषियों का दावा है कि करीब 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर 8 योग का शुभ योग बन रहा है. 15 फरवरी को सूर्य, बुध और शुक्र का त्रिग्रही योग बन रहा है. इसके अलावा इस दिन श्रवण नक्षत्र भी है जो भगवान शिव को अतिप्रिय माना जाता है. इसके अलावा व्यतिपात, वरियान, ध्रुव और राज योग का भी महासंयोग है. जो इस दिन को और भी खास बनाता है.

महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026
द्रिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 4 मिनट से शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी. इसका मतलब यह है कि मुख्य रूप से महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी, लेकिन तिथि रात और अगले दिन तक चलने के कारण पूजा का समय भी ज्यादा रहेगा. पारण का समय 16 फरवरी की सुबह 6 बजकर 33 मिनट से दोपहर 3 बजकर 10 मिनट तक रहेगा.

चार प्रहर की पूजा का मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर चार पहर का पूजा मुहूर्त बेहद खास माना जाता है. पहला प्रहर 15 फरवरी की शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. दूसरा प्रहर 15 फरवरी की रात 9 बजकर 23 मिनट से 16 फरवरी की रात 12 बजकर 35 मिनट तक होगा. तीसरा प्रहर 16 फरवरी की रात 12 बजकर 35 मिनट से सुबह 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा और चौथा प्रहर 16 फरवरी को सुबह 3 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. वहीं, निशिथ काल का पूजा समय 16 फरवरी की रात 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा, जिसे सबसे शुभ माना जाता है.

महाशिवरात्रि पूजा विधि
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करना और उसके ऊपर केसर मिलाकर जल अर्पित करना विशेष लाभदायक माना गया है. शिवजी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, मिठाई आदि अर्पित करना चाहिए. इसके बाद मंत्रों का जप जैसे ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ नमो भगवते रुद्राय’ करना भी इस दिन का विशेष महत्व है. घी के दीपक से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. साथ ही शिव पुराण का पाठ और रात्रि जागरण करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. भक्त इस दिन रातभर दीप जलाकर रखें और चंदन का तिलक करें.

 

स्नान से लेकर घर की पूजा तक, हर जगह गंगाजल क्यों है जरूरी? जानें इसे रखने का सही दिन, सही विधि और सही दिशा

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भारत में अगर किसी नदी को मां कहा गया है, तो वह सिर्फ पानी की धारा नहीं, आस्था की बहती हुई पहचान है. गंगा बचपन में घर के मंदिर में रखी छोटी-सी बोतल से लेकर अंतिम संस्कार तक, गंगाजल हर मोड़ पर हमारे साथ रहता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर गंगाजल को इतना पवित्र क्यों माना जाता है? क्यों कहा जाता है कि इसका एक छींटा भी माहौल बदल देता है? सिर्फ धार्मिक वजहें ही नहीं, बल्कि परंपराएं, अनुभव और कुछ व्यावहारिक कारण भी इसके पीछे हैं. गंगा में स्नान करने से लेकर उसके जल को घर लाने और रखने तक, शास्त्रों में कई नियम बताए गए हैं, जिन्हें आज भी लोग मानते हैं. आइए जानते हैं गंगाजल की महत्ता और उससे जुड़े जरूरी नियम, आसान और साफ शब्दों में.

सनातन परंपरा में गंगाजल का महत्व
हिंदू धर्म में गंगा को ‘पतितपावनी’ कहा गया है. मान्यता है कि गंगा का उद्गम भगवान विष्णु के चरणों से हुआ और शिव की जटाओं से निकलकर वह धरती पर आईं. इसी वजह से गंगाजल को चरणामृत के समान पवित्र माना जाता है. कहा जाता है कि गंगा दर्शन मात्र से मन हल्का होता है. कई लोग बताते हैं कि गंगा तट पर बैठते ही एक अलग तरह की शांति महसूस होती है, जो शायद शब्दों में नहीं समा पाती.

विष्णु का चरणामृत क्यों कहलाता है गंगाजल
धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के अंगूठे से निकला जल गंगा बना. यही कारण है कि गंगाजल को अमृत समान माना गया है. मान्यता है कि इसके सेवन या स्पर्श से जीवन के दोष कम होते हैं और व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. राजा भगीरथ द्वारा गंगा को पृथ्वी पर लाने की कथा भी यही बताती है कि गंगाजल सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पीढ़ियों के उद्धार का माध्यम माना गया

गंगाजल कब भरना माना जाता है शुभ
शुभ तिथियां और दिन
वैसे तो गंगाजल किसी भी दिन लिया जा सकता है, लेकिन कुछ तिथियां इसे और ज्यादा पुण्यकारी मानती हैं. जैसे- अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी, संक्रांति, गंगा सप्तमी और गंगा दशहरा.
सोमवार, महाशिवरात्रि और कुंभ जैसे पर्वों पर गंगाजल भरना विशेष फलदायी माना जाता है.
ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
परंपरा कहती है कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में गंगाजल भरना सबसे अच्छा होता है. इस समय वातावरण शांत होता है और जल में आध्यात्मिक ऊर्जा अधिक मानी जाती है.

घर में गंगाजल कहां और कैसे रखें
गंगाजल को घर की उत्तर दिशा में किसी साफ और पवित्र स्थान पर रखना शुभ माना जाता है. आमतौर पर लोग इसे पूजा घर में रखते हैं. पात्र की बात करें तो पीतल, तांबा या कांसे का बर्तन सबसे उपयुक्त माना गया है. प्लास्टिक की बोतल में लंबे समय तक गंगाजल रखना सही नहीं माना जाता, अगर मजबूरी में प्लास्टिक में लाया गया हो, तो घर पहुंचते ही धातु के पात्र में डाल देना चाहिए.
गंगाजल से जुड़ी आम लेकिन जरूरी सावधानियां
न करें ये गलतियां
गंगाजल लाने से पहले घर और गंगा तट पर स्नान करना जरूरी माना गया है. बिना स्नान या अशुद्ध अवस्था में गंगाजल भरने से परहेज करना चाहिए. गंगाजल को कभी भी अंधेरी, गंदी या अपवित्र जगह पर न रखें. इसे छूते समय भी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि श्रद्धा और नियम दोनों साथ चलते हैं.

आज के समय में गंगाजल का स्थान
आज भले ही जीवन तेज हो गया हो, लेकिन गंगाजल की अहमियत कम नहीं हुई. शादी-ब्याह, गृह प्रवेश या पूजा-पाठ-हर जगह इसकी मौजूदगी बताती है कि आस्था आज भी हमारी दिनचर्या का हिस्सा है. यह सिर्फ विश्वास नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा अनुभव है.

रावण के मामा का गांव, जहां पर हुआ था सुबाहुं का अंत, विकास की उपेक्षा का है शिकार

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बलिया: आइए आज हम आपको पौराणिक और ऐतिहासिक गांव की तरफ ले चलते हैं, जी हां कैमरा जैसे ही गांव की सीमा में प्रवेश करता है, सबसे पहले दूर तक फैली हरियाली, लहलहाते खेत, शांत वातावरण और मिट्टी की सौंधी खुशबू पर नजर पड़ती है, जो सब कुछ मन को सुकून दे रहा था. यही वो गांव था, जहां पौराणिक इतिहास और वर्तमान एक-दूसरे से टकराते नजर आ रहे थे. यह गांव राम और रावण के कहानी को मानो जीवंत कर रहा था और कुछ बोल रहा था.

रामायण काल से जोड़कर देखा जाता है यह गांव
आपको बताते चलें कि यह जनपद बलिया के चितबड़ागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजायत गांव हैं, जिसे रामायण काल से जोड़कर देखा जाता है. स्थानीय बुजुर्गों (गामा और मुखराम) ने कहा कि, मान्यताओं के अनुसार, यहीं पर रावण का मामा सुबाहूं, जो त्रिजटा और सुंद का पुत्र था, रहा करता था. कैमरा आगे बढ़ता है और एक प्राचीन टीले पर ठहरता है. यह टीला न केवल मिट्टी का ढेर है, बल्कि हजारों साल पुराने इतिहास का गवाह भी है.

कहते हैं कि, सुबहूं के नाम पर ही इस गांव का नाम सुजायत पड़ा है. पुरातात्विक दृष्टिकोण से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है. प्रख्यात इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय के मुताबिक, पुरातत्व विभाग द्वारा यहां खुदाई कराई गई थी, जिसमें कई प्राचीन अवशेष मिले थे, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक प्रामाणिकता की ओर संकेत करते हैं. यही पर भगवान राम में सुबाहु का वध किया था. बलिया में भगवान राम, लक्ष्मण और विश्वामित्र आए थे, जिसको लेकर बलिया में एक पुरानी कहावत बड़ी फेमस है, जो इस प्रकार है भोर भरवली भए उजियारा, बक्सर जाए ताड़का मारा.

विकास की उपेक्षा है यह गांव
गांव से कुछ दूरी पर, जहां कभी सुबहूं का भाई मारीच रहा करता था. उसी के नाम पर बसा गांव मरिचि, आज लगभग इतिहास के पन्नों में ही सिमट कर रह गया है. उसका भौतिक अस्तित्व अब मुश्किल से दिखाई देता है. वापस सुजायत में लौटते ही दृश्य बदल जाता है. ओवरफ्लो होती नालियां, टूटी सड़कें, झुग्गी-झोपड़ियां और बुनियादी सुविधाओं की कमी कही न कही आधुनिक भारत की एक कड़वी सच्चाई को भी उजागर करता है. इतना समृद्ध इतिहास रखने वाला यह गांव आज विकास से कोसों दूर खड़ा है.
इतिहास बनकर रह गया है यह गांव
यह डॉक्यूमेंट्री न केवल एक गांव की कहानी है, बल्कि उस विरासत की आवाज़ है, जिसे समय के साथ भुलाया जा रहा है. सवाल वहीं पुराना है कि, क्या इतिहास केवल किताबों में सिमट कर रह जाएगा या कभी उसे उसका हक भी मिलेगा? हालांकि, यही गांव अपने आप में ऐतिहासिक है. यहां के लोगों का कहना है कि, यह पौराणिक टीला अब जंगल झाड़ में तब्दील हो रहा है, इसको बचाने की जरूरत

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (09 फ़रवरी 2026)

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  • मेष राशि :- साधन संपन्नता के योग फलप्रद हों, धार्मिक योजना अवश्य सफल होगी, ध्यान रखेंगे।
  • वृष राशि :- अपने किये पर पछताना पड़ेगा, मानसिक बेचैनी, क्लेश तथा अशांति बनेगी।
  • मिथुन राशि :- सफलता के साधन जुटायें, व्यवसायिक क्षमता में वृद्धि होगी, समस्या सुलझेगी।
  • कर्क राशि :- अनेक कार्य में सफलता मिलेगी, स्त्री से सुख, इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे।
  • सिंह राशि :- स्त्री वर्ग से हर्ष-उल्लास होवेगा, भोग-ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी, कार्य गति उत्तम हो।
  • कन्या राशि :- धन प्राप्त हो, आशानुकूल सफलता में वृद्धि होवे, बिगड़े कार्य योजना बनेंगे।
  • तुला राशि :- आशानुकूल सफलता का हर्ष, बिगड़े कार्य अवश्य ही बनेंगे, कार्य योजना सफल हो।
  • वृश्चिक राशि :- दैनिक समृद्धि के साधन बनेंगे, अधिकारियों से कार्य योजना से लाभ हो।
  • धनु राशि :- कार्य योजना पूर्ण हो, बड़े लोगों से मेल मिलाप होगा, कार्य अवरोध से बचें।
  • मकर राशि :- कार्य कुशलता से संतोष, स्थिति में सुधार तथा चिंता अवश्य कम होगी।
  • कुंभ राशि :- आर्थिक योजना पूर्ण अवश्य ही होगी, शरीर कष्ट, मानसिक बेचैनी बढ़ेगी।
  • मीन राशि :- दैनिक कार्य में बाधा, चिन्ता, उद्विघ्नता से बचें, धन का व्यय होगा।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मनोहर लाल

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रायपुर :  केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय बजट को नवोत्थान और समावेशी विकास का वाहक बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत–2047 के दीर्घकालिक विजन को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। वे राजधानी रायपुर में एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मनोहर लाल

केन्द्रीय मंत्री लाल ने कहा कि इस बजट में अगले 25 वर्षों के लिए देश के आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास की स्पष्ट दिशा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, जो शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बजट में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी सम्मिलित किया गया है, जिससे आगामी वर्षों में राज्यों के विकास को नई गति मिलेगी।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मनोहर लाल

मनोहर लाल ने विश्वास जताया कि बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से बिजली, आवास, शहरी विकास एवं अधोसंरचना क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

प्रेस वार्ता में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद संतोष पाण्डेय एवं बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

फिजूलखर्ची को छोड़कर बाबा गुरु घासीदास के बताये सादगी विवाह को गर्व के साथ अपनाने की जरूरत : केबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

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रायपुर :  कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का रविवार को सारंगढ़ प्रवास रहा, जहाँ केबिनेट मंत्री प्रदेश स्तरीय सतनामी समाज युवक युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निरंतर सतनामी समाज के लिए किए जा रहे सबका साथ सबका विकास के कार्यों, प्रदेश में गुरु घासीदास बाबा के मेला आयोजन के लिए स्वीकृत राशि का अपने संबोधन में जिक्र किया।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सादा जीवन, उच्च विचार के जो संदेश दिए गए हैं जो संस्कृति और संस्कार बताए गए हैं, उसके सादगी विवाह की परम्परा को हमें गर्व के साथ अपनाने की जरूरत है। केबिनेट मंत्री ने कहा कि, जिस प्रकार आज हम दिखावे की ओर आगे बढ़ रहे हैं। दिखावे की शादी में धन का खर्च बहुत ज्यादा है। लड़का ढूंढना है या लड़की ढूंढना है तो हम सब लोगों को कितना परेशानी होती है। आज लोग विवाह को सम्मान और इज्जत के रूप में देखते हैं और मन मुताबिक शादी करते हैं भले ही कर्ज लेना पड़े। दिखावे से थोड़ा उठके हमें सादा विवाह की राह बहुत पहले गुरु घासीदास ने दी है। इसमें किसी प्रकार का खर्च नही है। समाज में एक दूसरे के प्रति प्रेम की भावना स्थापित करें।

राज्य सरकार द्वारा गुरु घासीदास बाबा के मेला आयोजन के लिए राशि स्वीकृत

मंत्री ने कहा कि गिरौदपुरी हो, भंडारपूरी हो, लालपुर धाम हो, चाहे हर जगह के लिए करोड़ों रुपए पैसा स्वीकृत है। किसी प्रकार के कोई कमी नहीं है सिर्फ धार्मिक स्थल की उन्नति और विकास है। सारंगढ़ में प्रतिवर्ष बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती मनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इसके लिए राशि स्वीकृत की है जो आजतक चल रही है। आज मात्र 2 साल के अंदर में मुख्यमंत्री जी ने हमारा हमेशा लगातार सहयोग किया है। शिक्षा के स्तर में भी सीजीपीएससी में एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर बनते हैं, उसकी फ्री कोचिंग की व्यवस्था राज्य सरकार ने की है। पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किए हैं। हमारे छत्तीसगढ़ सरकार में सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र से सर्व समाज के उन्नति और विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे,  सदस्य लता लक्षमे, सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनवानी,  पूर्व विधायक सनम जांगड़े केराबाई मनहर, निर्मल सिन्हा, ज्योति पटेल, सुभाष जालान, अजय गोपाल, वेदराम जांगडे, हरिनाथ खूंटे, शिव कुमारी चौहान बी डी भारद्वाज, आयोजक अजय कोसले सहित बड़ी संख्या में युवक युवती, पालक, सतनामी विकास परिषद के सदस्य और पत्रकारगण उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 28.19 करोड़ रुपए की सड़क परियोजना को मिली स्वीकृति

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रायपुर :  महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र को सड़क विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा बीरपुर 12 मील हनुमान मंदिर (सिलफिली) से कालीघाट महावीरपुर (अंबिकापुर) तक राष्ट्रीय राजमार्ग–43 के डामरी मजबूतीकरण कार्य के लिए 28.19 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या का समाधान होगा तथा आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।

इस सड़क विकास कार्य से भटगांव विधानसभा सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। साथ ही अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्र से संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता जनसुविधाओं का विस्तार और संतुलित विकास है। भटगांव विधानसभा के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

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