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यूएई से लौटे युवक दीपू ने सुनाई दहशत भरी आपबीती

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मुजफ्फरपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भले ही सीजफायर की घोषणा हो चुकी हो, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र के कथैया गांव निवासी दीपू तीन दिन पहले यूएई से अपने घर लौटे। घर लौटने के बाद उन्होंने खाड़ी देशों में चल रहे हालात की आपबीती साझा की, जिसने वहां की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को उजागर किया।

अबू धाबी में नौकरी और अचानक बढ़ा तनाव

दीपू बताते हैं कि वे करीब छह महीने पहले यूएई के अबू धाबी गए थे और वहां यूरो मैकेनिकल कंपनी के टेक्निकल डिवीजन में काम कर रहे थे। नौकरी के शुरुआती चार महीने तक सब सामान्य था, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण हालात अचानक बदल गए। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतना सुरक्षित माना जाने वाला देश भी मिसाइल हमलों की चपेट में आ सकता है।

यूएस बेस कैंप धमाके से फैला डर

दीपू के अनुसार, जिस इलाके में वे रहते थे वहां से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर अमेरिकी बेस कैंप स्थित था, जहां एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी थी। घटना के समय वे अपने घर पर ही थे, लेकिन तेज धमाके ने सभी को दहशत में डाल दिया। इस घटना के बाद लगातार डर का माहौल बना रहा और परिवार की चिंता भी बढ़ गई।

हजारों विदेशी कर्मचारी रहते थे साथ

दीपू ने बताया कि जिस स्थान पर वे रहते थे वहां 500 से अधिक लोग विभिन्न देशों से आए हुए थे, जिनमें सबसे अधिक भारतीय थे। वर्तमान हालात को देखते हुए कंपनी ने सभी कर्मचारियों को छुट्टी देकर अपने देश भेजने का फैसला लिया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि स्थिति सामान्य होने तक सभी अपने घरों में ही रहें और परिवार के साथ समय बिताएं।

पिता की खुशी और डर का अनुभव

दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह ने बताया कि बेटा युद्ध जैसे हालात के बीच सुरक्षित घर लौट आया है, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि रोजाना टीवी और न्यूज में युद्ध और हमलों की खबरें देखकर डर बना रहता था। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें बड़ा बेटा गुजरात में काम करता है जबकि छोटा दीपू अबू धाबी में नौकरी करता था।

मोबाइल अलर्ट सिस्टम से बढ़ती सतर्कता

दीपू ने बताया कि तनाव के दौरान वहां की सरकार और सेना लगातार मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजती थी। किसी भी संभावित हमले या खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षा अलर्ट मिल जाता था, जिसके बाद सभी लोग सेफ रूम में चले जाते थे। स्थिति सामान्य होने पर “ऑल क्लियर” का मैसेज भेजा जाता था। वे लगातार मोबाइल पर नजर रखते थे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सतर्क हो सकें। अब घर लौटकर वे अपने परिवार के साथ समय बिताकर बेहद खुश हैं।

सिनेमाघरों में रिलीज ‘डकैत’, जानें आदिवी शेष-मृणाल ठाकुर की फिल्म की पूरी डिटेल

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'डकैत' आज 10 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म का निर्देशन शनेल देव ने किया है। इसमें आदिवी शेष, मृणाल ठाकुर, अनुराग कश्यप और प्रकाश राज मुख्य भूमिका में हैं। जानिए फिल्म की स्टार कास्ट से लेकर उनकी फीस और कहानी के बारे में सबकुछ।

'डकैत' की स्टार कास्ट

फिल्म 'डकैत' का निर्देशन शनेल देव ने किया है। इस फिल्म में आदिवी शेष, मृणाल ठाकुर और अनुराग कश्यप मुख्य भूमिका में हैं। इनके अलावा फिल्म में जैन मैरी खान, कामाक्षी भास्करला, प्रकाश राज, साउथ एक्टर सुनील और अतुल कुलकर्णी सहायक भूमिकाओं में हैं। 'डकैत' कलाकारों की भूमिकाएं-

  • आदिवी शेष- हरि
  • मृणाल ठाकुर- सरस्वती
  • अनुराग कश्यप- इंस्पेक्टर स्वामी
  • प्रकाश राज, सुनील और अतुल कुलकर्णी महत्वपूर्ण सहायक भूमिका में

 
स्टार कास्ट की फीस

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृणाल ठाकुर ने फिल्म 'डकैत: ए लव स्टोरी' में अपने रोल के लिए 2.5 करोड़ रुपये लिए हैं। इस जबरदस्त एक्शन फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे आदिवी शेष ने 3 करोड़ से 7 करोड़ रुपये के बीच फीस ली है। फिल्म का कुल अनुमानित बजट 80 करोड़ से 100 करोड़ रुपये के बीच है।

'डकैत' की कहानी

'डकैत: एक प्रेम कहानी' एक्शन-थ्रिलर फिल्म है। इसमें हरि (आदिवी शेष) की कहानी दिखाई गई है, जिसे अपनी पूर्व प्रेमिका सरस्वती (मृणाल ठाकुर) के कारण गलत तरीके से जेल में डाल दिया जाता है। फिर वह जेल से भागकर एक डकैती की योजना बनाता है। मदनपल्ले क्षेत्र में फिल्माई गई यह फिल्म प्रतिशोध, जातिगत राजनीति और जबरन विश्वासघात से संबंधित है। 

जबलपुर में बड़ी कार्रवाई, गांजा तस्करों को छोड़ने पर टीआई सहित 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

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जबलपुर| एमपी के जबलपुर में पुलिस में गांजा तस्करी के एनडीपीएस मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जबलपुर रेंज के निर्देश पर थाना पनागर प्रभारी विपिन ताम्रकार, उप निरीक्षक और दो सहायक उप निरीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है|

आईजी प्रमोद वर्मा ने समीक्षा के दौरान तीन महत्वपूर्ण मामलों में यह पाया कि आरोपी गांजा तस्करों को पकडऩे के बाद भी छोड़ा गया, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत उन्हें गिरफ्तार करना अनिवार्य था। सिर्फ निलंबन ही नहीं, आईजी ने छह अन्य थाना प्रभारियों गढ़ा, लार्डगंज, ग्वारीघाट, अधारताल, मझौली और गोहलपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

परीक्षा से पहले लीक हुआ प्रश्नपत्र, IGIMS के सिस्टम पर उठे सवाल

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पटना। प्रतिष्ठित संस्थान इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस और पीजी की फाइनल परीक्षाओं में धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक बेनाम ईमेल ने संस्थान की परीक्षा प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है।

ऐसे हुआ खुलासा 

मिली जानकारी के मुताबिक़ 11 मार्च को संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार को एक गोपनीय ईमेल मिला। इस ईमेल में डीन परीक्षा कार्यालय के ही एक गैर-शिक्षण कर्मचारी पर छात्रों के साथ मिलीभगत कर उन्हें अनुचित लाभ पहुँचाने का सीधा आरोप लगाया गया था, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज डीन प्रकाश दूबे ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। हालांकि डीन डॉ. प्रकाश दूबे के त्यागपत्र देने के बाद 2 अप्रैल को डॉ. नीरू गोयल को नए डीन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद इस मामले को लेकर  7 अप्रैल को एक बैठक का आयोजन किया गया, लेकिन इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार बैठक में शामिल नहीं हुए।  

जांच में क्या मिला? 

मामले की जांच होने पर 17 मार्च को डीन, एसोसिएट डीन और रजिस्ट्रार की मौजूदगी में हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें सच सामने आ गया। जाँच में स्पष्ट हुआ कि एमबीबीएस 2025 की परीक्षा के सीलबंद पैकेट खोले गए और दस्तावेजों में हेरफेर की गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उत्तर पुस्तिकाओं, कोडेड लीफलेट्स और अटेंडेंस शीट में भारी विसंगतियां हैं, जो जालसाजी को प्रमाणित करते हैं। 

छात्रों के होठों पर है चुप्पी 

हालांकि इस मामले को लेकर कोई भी छात्र कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है। इसके पीछे का कारण उन छात्रों का डर है, जिसने उन छात्रों को कुछ भी बोलने से रोक रहा है। उन छात्रों का मन्ना है कि इस मामले पर कुछ भी बोलने पर उन छात्रों को टार्गेट किया जा सकता है। हालांकि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी भी है, लेकिन टारगेट किए जाने के डर से छात्र खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। हालांकि नाम नहीं छपने की शर्त पर कुछ छात्रों ने बताया कि सिर्फ रसूखदार और बड़े लोगों के बच्चों को बचाने के लिए मुख्य दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। बताया जाता है कि इस मामले में लगभग 40-50 छात्रों की संलिप्तता है, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई के नाम पर हर कोई खामोश है। उनका कहना है कि इस मामले की किसी बाहरी एजेंसी से जांच करवानी चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके और आरोपी छात्रों के साथ साथ सफेदपोश पर भी प्रशासनिक कार्रवाई हो सके।

अनुराग कश्यप ने ‘लुटेरा’ से जुड़ा किस्सा बताया, रणवीर सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात

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निर्देशक, निर्माता, पटकथा लेखक और अभिनेता अनुराग कश्यप ने रणवीर सिंह की मेहनत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि रणवीर अपनी फिल्म ‘धुरंधर’ में जो समर्पण दिखाया है, वह उनके लिए कोई नई बात नहीं है। क्योंकि इससे पहले वो 'लुटेरा' में काफी हद तक आगे चले गए थे।

'लुटेरा' का एक किस्सा

हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार, अनुराग कश्यप ने अपनी पुरानी फिल्म 'लुटेरा' के एक दिलचस्प किस्से को याद किया और बताया, ''लुटेरा' में क्लाइमेक्स सीन में रणवीर को गोली लगती है। उस दर्द को असली महसूस करने के लिए रणवीर ने किसी को कुछ बताए बिना अपने पेट पर एक क्लिप लगा ली। उन्होंने इतनी शिद्दत से सीन किया कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था।'

अनुराग ने की रणवीर की तारीफ

अनुराग ने आगे कहा, 'रणवीर ने अपना दर्द किसी से नहीं बताया। जब तक वे चल-फिर नहीं पा रहे थे, तब तक किसी को पता ही नहीं चला। 'लुटेरा' ने ‘धुरंधर’ जितनी कमाई नहीं की, लेकिन रणवीर का यह जुनून ही सबसे बड़ी बात है।'

'धुरंधर' की सफलता

रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च को रिलीज हुई थी और अब तक इस फिल्म का टोटल इंडिया नेट कलेक्शन 1,048.42 करोड़ रुपये हो चुका है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1,665.23 करोड़ रुपये हो चुका है। इस फिल्म में रणवीर के साथ आर. माधवन, संजय दत्त, सारा अर्जुन, राकेश बेदी और अर्जुन रामपाल भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

'डकैत' में नजर आएंगे अनुराग

अनुराग कश्यप ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी हिट फिल्मों के लिए मशहूर हैं। उनकी हालिया फिल्में ‘केनेडी’ और ‘निशांची’ हैं। अनुराग कश्यप तेलुगु फिल्म ‘डकैत’ में आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर के साथ मुख्य भूमिका में हैं।

दिल्ली के तिलक नगर में बाल संत अभिनव अरोड़ा के परिवार पर हमला, देर रात हंगामा

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Abhinav Arora: पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में रविवार रात एक मामूली सड़क हादसे ने बड़े विवाद का रूप ले लिया। यह घटना मशहूर आध्यात्मिक कंटेंट क्रिएटर, 10 वर्षीय अभिनव अरोड़ा के पिता से जुड़ी है। पुलिस ने इस मामले में शांति भंग करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना 7 अप्रैल की रात करीब 10 बजे तिलक नगर के मुख्य बाजार में एक रेस्टोरेंट के पास हुई। अभिनव अरोड़ा के पिता अपनी कार से जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी की एक मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर हो गई। गनीमत यह रही कि घटना के समय अभिनव अरोड़ा कार में मौजूद नहीं थे।

बहस से बढ़ा मामला, कार में की तोड़फोड़
मोटरसाइकिल के पास मौजूद लोगों ने कार चालक के ड्राइविंग तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह तेज और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिससे वहां मौजूद लोगों की जान को खतरा हो सकता था और किसी को गंभीर चोट भी लग सकती थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तीखी बहस और नोकझोंक में बदल गई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए। पुलिस के अनुसार, गुस्साए समूह के कुछ सदस्यों ने अपने हाथों में पहने ‘कड़े’ (धातु के ब्रेसलेट) का इस्तेमाल करते हुए कार के बोनट और खिड़कियों पर कई बार वार किए। इस दौरान वाहन को मामूली नुकसान पहुंचा, हालांकि घटना ने इलाके में अफरा-तफरी का माहौल जरूर पैदा कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
विवाद बढ़ता देख अभिनव के पिता ने पीसीआर (PCR) कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्य हमलावरों के रूप में पहचान किए गए तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और शांति भंग होने से रोकने के लिए निवारक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।

दो दिन की न्यायिक हिरासत
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस पूरी घटना में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई शामिल पक्षों के बयानों के आधार पर की जाएगी।

सीजफायर के बीच यूरेनियम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तानातनी जारी

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तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद फिर यूरेनियम को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हुई है। इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यूरेनियम के मुद्दे की अनदेखी कर कोई भी समझौता नहीं होगा। एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूरेनियम पर पूरी निगरानी रखी जाएगी और इसके बिना किसी भी समझौते की कल्पना नहीं की जा सकती। उनसे जब संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम के भविष्य को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने इस बात को अमेरिका की “पूर्ण जीत” से जोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया।
दूसरी ओर, ईरान ने भी सीजफायर के लिए अपनी शर्तों में यूरेनियम संवर्धन को शामिल किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के सामने जो प्रस्ताव रखे हैं, उसमें यूरेनियम संवर्धन की अनुमति एक अहम मुद्दा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि इन शर्तों के आधार पर ही आगे बातचीत होगी। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के पीछे संवर्धित यूरेनियम हासिल करने की मंशा हो सकती है, इस उन्होंने एक “छलपूर्ण कोशिश” बताया। यह बयान उस घटना के बाद आया, जब ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका ने बड़े स्तर पर खोज अभियान चलाया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी के अनुसार, ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम की मात्रा 10 से अधिक परमाणु हथियार बनाने की क्षमता रखती है। वर्तमान में ईरान के पास करीब 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा चुका है, जबकि परमाणु हथियार के लिए करीब 90 प्रतिशत तक शुद्ध करना जरूरी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के लिए इस यूरेनियम को सुरक्षित रूप से हासिल करना आसान नहीं होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका एक बड़ा हिस्सा पिछले सैन्य हमलों के बाद इस्फहान और नतांज जैसे क्षेत्रों के मलबे में दबा हुआ है। इस निकालने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य और तकनीकी संसाधनों की जरूरत होगी। कुल मिलाकर, सीजफायर के बावजूद यूरेनियम का मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है और आने वाले समय में यह वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

चार राज्यों के चुनाव बने ‘चेहरों की जंग’, ममता, स्टालिन और हिमंता सरमा की प्रतिष्ठा दांव पर

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नई दिल्ली। असम (Assam), केरल (Kerala), तमिलनाडु (Tamil Nadu) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जारी चुनाव (Election) इस बार पारंपरिक पार्टी बनाम पार्टी मुकाबले से आगे निकलकर बड़े नेताओं की व्यक्तिगत छवि की लड़ाई बन गए हैं। इन राज्यों में चुनावी समीकरण अब विचारधारा से ज्यादा कद्दावर मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के ‘ब्रांड’ और लोकप्रियता के इर्द-गिर्द घूमते नजर आ रहे हैं।

बंगाल में ममता की सबसे कठिन परीक्षा
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल बेहद गर्म है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने अब तक की सबसे कड़ी चुनौती मानी जा रही है। उनके समर्थक इसे ‘ममता बनाम चुनाव आयोग’ की लड़ाई तक बता रहे हैं। मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटने के बाद सियासी तनाव और बढ़ गया है। अगर ममता भाजपा को रोकने में कामयाब रहती हैं, तो 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।

महिला वोट बैंक पर सियासी रणनीति
भाजपा ममता के मजबूत महिला समर्थन को चुनौती देने के लिए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। इसके बावजूद ममता को अपने महिला और अल्पसंख्यक वोट बैंक पर भरोसा कायम है।

असम में हिमंत सरमा का दबदबा
असम में चुनावी तस्वीर काफी हद तक मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के इर्द-गिर्द केंद्रित है। कांग्रेस के गौरव गोगोई मुकाबले में हैं, लेकिन सरमा की ‘मामा’ छवि और उनके कामकाज ने भाजपा की स्थिति मजबूत की है। उन्होंने हिंदुत्व और विकास के एजेंडे को मिलाकर अपनी पकड़ मजबूत की है, खासकर हिंदू-बहुल सीटों पर पार्टी का फोकस साफ नजर आता है।

केरल में विजयन की तीसरी पारी की चुनौती
केरल में पिनाराई विजयन एक बार फिर इतिहास रचने की कोशिश में हैं। राज्य में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा को तोड़ने के बाद अब वह लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। वामपंथी नेता होते हुए भी विजयन ने व्यावहारिक राजनीति अपनाई है, जिसमें केंद्र सरकार और बाजार ताकतों के साथ संतुलन देखने को मिला है।

तमिलनाडु में स्टालिन की साख दांव पर
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने एक सहज और मिलनसार नेता की छवि बनाई है। हालांकि उन पर आरोप भी लगे हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता बरकरार है। इस बार अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ चुनाव में नया फैक्टर बनकर उभरी है, जो खासकर युवाओं के वोट में सेंध लगा सकती है।

मतदान में दिखा जबरदस्त उत्साह
इन राज्यों में मतदाताओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक असम में 85%, पुडुचेरी में 90% और केरल में 78% मतदान दर्ज किया गया है, जो चुनावी जोश को दर्शाता है।

गाड़ी विवाद या प्रेम प्रसंग? पेड़ से लटका मिला युवक का शव, मचा सनसनी

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सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई। सदर थाना क्षेत्र के नगर निगम वार्ड नंबर 2 स्थित गोबरगढ़ पासवान टोला में 25 वर्षीय युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला। सुबह-सुबह शव देखने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान नंदन पासवान के बड़े बेटे आकाश कुमार उर्फ डोमी के रूप में हुई है।

नाबालिग से प्रेम प्रसंग का मामला

परिजनों के अनुसार आकाश मधेपुरा की एक डेयरी में काम करता था और करीब एक साल पहले उसने एक पिकअप वाहन खरीदा था। इसी दौरान उसका एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले वह लड़की को अपने घर ले आया था, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया था।

गाड़ी विवाद और घटना से पहले की स्थिति

मृतक के चाचा दशरथ पासवान ने आरोप लगाया कि अपहरण केस के बाद लड़की के परिजनों ने आकाश की पिकअप गाड़ी गायब कर दी थी। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम को आकाश घर लौटा था और वह काफी खुश नजर आ रहा था। उसने खुशी में लड्डू भी बांटे और लोगों से कहा था कि उसकी गाड़ी जल्द मिल जाएगी। लेकिन अगले ही सुबह उसका शव घर के पास ही पेड़ से लटका मिला।
 
शादीशुदा था युवक, परिवार में कोहराम

हैरानी की बात यह भी है कि आकाश पहले से शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी, वह कुछ दिन पहले ही अपने मायके गई हुई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि परिजन प्रेम प्रसंग और उससे जुड़े तनाव को वजह बता रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आरसीबी बनाम राजस्थान मैच में टॉप ऑर्डर पर टिकी नजरें

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यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी से मिल रही आक्रामक शुरुआत के साथ राजस्थान रॉयल्स शुक्रवार को गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ आईपीएल के मैच में अपना दबदबा कायम रखना चाहेगी, जबकि आरसीबी की उम्मीदें फॉर्म में चल रहे देवदत्त पडिक्कल पर टिकी होंगी। दो साल पहले टी20 क्रिकेट से विदा लेने के बावजूद आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के प्रदर्शन में कमी नहीं आई है। उनके मार्गदर्शन में आरसीबी ने संतुलित शीर्ष क्रम तैयार कर लिया है और पिछले मैच में फिल सॉल्ट ने भी उम्दा पारी खेली थी।

लय में दिख रहे पडिक्कल

तीसरे नंबर पर उतर रहे पडिक्कल ने घरेलू क्रिकेट का अपना फॉर्म कायम रखते हुए संतुलित आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की है। आईपीएल में अपने डेब्यू सत्र में आरसीबी के लिए 473 रन बनाने वाले पडिक्कल बाद में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स के साथ उस सफलता को दोहरा नहीं सके थे। पिछले सत्र में वह आरसीबी में लौटे और पहली बार उसे आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस सत्र में भी उन्होंने पहले चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 29 गेंद में 50 और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 26 गेंद में 61 रन बनाए। कप्तान रजत पाटीदार और ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड मध्यक्रम को मजबूती देते हैं। आरसीबी के गेंदबाजों ने भी इस सत्र में प्रभावित किया है। जैकब डफी ने जोश हेजलवुड की कमी पूरी की है तो बीच के ओवरों में क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा ने रन रोके हैं। 

फॉर्म में हैं यशस्वी-वैभव 

वहीं, रॉयल्स इस सत्र में सबसे आक्रामक बल्लेबाजी ईकाई के रूप में सामने आई है जिसका श्रेय जायसवाल और सूर्यवंशी को जाता है। दोनों ने टीम को शानदार शुरुआत देकर विरोधी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया है। सूर्यवंशी ने पिछले मैच में जसप्रीत बुमराह को पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपने बेखौफ खेल का फिर परिचय दिया था। रॉयल्स के गेंदबाज भी रणनीति पर अमल करने में कामयाब रहे हैं।

इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:

  • राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरॉन हेत्मायर, डोनोवान फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्र बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा। 
  • आरसीबी: विराट कोहली, फिल सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी। 
  • हम यहां आपको आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 के मैच की लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं…

आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच कब खेला जाएगा?
आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच 10 अप्रैल यानी शुक्रवार को खेला जाएगा।

आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच कहां खेला जाएगा?
आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।

आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच कितने बजे से खेला जाएगा?
आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम 7:00 बजे होगा। 

आरसीबी और राजस्थान के बीच आईपीएल 2026 का मैच कहां देख पाएंगे?
आईपीएल 2026 के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे। इसके अलावा मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी। 

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