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सिर्फ अनाज उगाने से नहीं बढ़ेगी आय, खेती में बदलाव जरूरी

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भोपाल। खेती को लाभ का धंधा बनाने वालों के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा विजन पेश किया है. भोपाल में प्रेस वार्ता के दौरान कृषि मंत्री ने स्‍पष्‍ट किया है कि भारतीय किसानों की विशेषकर छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति को केवल गेहूं और धान पैदा करने से ही नहीं सुधारा जा सकता. आय में क्रांतिकारी बदलाव करने के लिए किसानों को ‘इंटीग्रटेड फार्मिंग’ यानी की एकीकृत कृषि की तरफ मुड़ना ही होगा।

किसान अनाज के साथ शहद और मछली भी पालें

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में औसतन जोत का आकार मात्र 0.96 हेक्टेयर है और इतने छोटे खेत में पारंपरिक खेती के साथ गुजारा करना मुश्किल है. उन्‍होंने समाधान देते हुए कहा कि, किसानों को अनाज के साथ-साथ फल, सब्जियां, दूध, और श्री अन्न यानी मोटा अनाज पर भी ध्‍यान देना होगा. उन्‍होंने आगे कहा कि किसान एक ही खेत में फसल के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन और कृषि वानिकी जैसे काम भी कर सकते हैं. वहीं नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती के माध्‍यम से उत्पादन की लागत घटाना सरकार की प्राथमिकता होती है।

रायसेन में होगा उन्नत कृषि महोत्सव

मंत्री ने बताया कि इस ‘इंटीग्रेटेड मॉडल’ का लाइव प्रदर्शन दिखाने के लिए 11 अप्रैल से 13 अप्रैल तक रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव को आयोजित किया जा रहा है, जहां देश के कई दिग्गज वैज्ञानिक किसानों को इस मॉडल की ट्रेनिंग देंगे।

शिवराज ने जीतू पटवारी के धरने पर किया प्रहार

शिवराज सिंह चाैहान ने जीतू पटवारी द्वारा धान की बोरियां लेकन उनके बंगले पर धरना देने पहुंचने को लेकर कहा कि ये ‘अपरिपक्व राजनीति का हिस्‍सा है. उन्‍हाेंने कहा कि ‘अगर कृषि सुधार के लिए कोई काम होता है, तो उसका स्‍वागत है, लेकिन किसी नेता के बंगले पर बिना किसी पूर्व सूचना के बोरियां लेकर पहुंच जाना एक बड़े नेता के लिए शोभा नहीं देता है. गरिमा और तथ्‍यों के साथ होनी चाहिए।’

ग्लोबल संकट का बोझ किसानों पर नहीं – शिवराज चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिह चौहान ने किसानों को आश्वस्‍त किया है कि ईरान और पश्च‍िम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्व‍िक स्‍तर पर खाद (DAP और यूरिया) की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत सरकार इसका बोझ किसानों पर नहीं आने देगी।

पाटन में प्रॉपर्टी विवाद बना हिंसक, गोलीबारी में अधेड़ पर जानलेवा हमला

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मिर्च झोंककर किया जानलेवा हमला

जबलपुर। जिले के पाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत नुनसर में संपत्ति विवाद के चलते एक व्यक्ति पर घातक हमला किया गया है। ग्राम सूखा के रहने वाले 45 वर्षीय ठाकुर दास पटेल जब आगासौद से वापस अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी बेनीखेड़ा पेट्रोल पंप के समीप पूर्व से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन्हें रोक लिया। हमलावरों की संख्या 8 से 10 बताई जा रही है, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। बदमाशों ने सबसे पहले ठाकुर दास की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर उन्हें पूरी तरह असहाय कर दिया। इसके बाद उन पर चाकुओं से कई वार किए गए और अंत में गोली मार दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में भर्ती घायल की हालत गम्भीर

​घायल को तत्काल उपचार के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार पीड़ित की स्थिति चिंताजनक है क्योंकि गोली अभी भी शरीर के भीतर ही फंसी हुई है। घायल ने अपने बयान में ठाकुर प्रसाद, दीपक, गोपाल, वंदना सिंह, बृजलाल, अर्जुन और सिद्धार्थ दुबे सहित अन्य साथियों पर इस कृत्य का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार इन सभी व्यक्तियों के साथ उनका लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। नुनसर चौकी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

नौकरी लगने के बाद पत्नी ने छोड़ा साथ, पति के साथ हुई खौफनाक वारदात

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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पर पति ने अपनी पत्नी को शादी के बाद पढ़ाया और जब पत्नी की सरकारी नौकरी लगी तो वह पति को छोड़कर भाग गई और अपने बच्चों को भी साथ ले गई. चीनौर का रहने वाला संजीव उर्फ सोनू सरदार गुरुवार को एसएसपी ऑफिस पहंचा और शिकायत की कि उसकी पत्नी ने दो उंगिलियां काट डाली।

16 साल पहले हुई थी शादी

इतना ही नहीं संजीव ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके साढू और साले ने उसके साथ मारपीट भी की. इस पूरे मामले की शिकायत थाने में की लेकिन वहां पर पुलिसवालों ने एफआईआर नहीं लिखी. संजीव ने पुलिस को बताया है कि अब से 16 साल पहले रजनी से उसकी शादी हुई थी. शादी के दो साल बाद बेटी और चार साल बाद बेटा का जन्म हुआ. पत्नी शादी के बाद पढ़ाई करना चाहती थी, संजीव के अनुसार उनसे पत्नी की पढ़ाई में खूब पैसा लगाया।

पहले मारापीटा और फिर दो उंगलियां काट दी

उसे डीएड भी करवाया. लेकिन जब पत्नी की नौकरी लगी तो वह उसे छोड़कर चली और बच्चों को भी अपने साथ ले गई. संजीव ने कई बार प्रयास किया लेकिन पत्नी वापस नहीं आई. 26 मार्च को जब वह अपने ससुराल पहुंचा तो साले और साढ़ू ने मारपीट की. इसके बाद पत्नी ने चाकू से हमला कर दिया. उसकी दो अंगुलियां कट गईं. एसएसपी ने शिकायती आवेदन लेकर जांच के आदेश दिए हैं।

रेल यात्रियों के लिए राहत, 14 ट्रेनें फिर से शुरू

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रायपुर|छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है. जहां दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अकलतरा में चल रहे चौथी लाइन कनेक्टिविटी काम के चलते 10 और 11 अप्रैल को रद्द की गई 14 ट्रेनों को बहाल कर दिया गया है. इनमें से जेडी पैसेंजर को आधे रास्ते ही चलाया जाना था. इन सभी को री-स्टोर कर दिया गया है|

पहले जैसे ही चलेगी हसदेव एक्सप्रेस

इस दौरान कोरबा-रायपुर-कोरबा के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर बनाकर चलाने का फैसला लिया गया था. इस आदेश को भी निरस्त करते हुए हसदेव एक्सप्रेस को पहले जैसे चलाने का आदेश जारी किया गया है|

रायपुर, गेवरारोड, बिलासपुर के यात्रियों को राहत

रेलवे के इस फैसले से रायपुर, गेवरारोड, बिलासपुर, रायगढ़, झारसुगुड़ा और गोंदिया के यात्रियों की परेशानी कम होंगी. इसके अलावा बिलासपुर रेलवे जोन की 10 पैसेंजर ट्रेनें 11 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों में रद्द की गई हैं|

ये 14 ट्रेनें हुई बहाल

  • ट्रेन संख्या 68737 (रायगढ़-बिलासपुर) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68738 (बिलासपुर-रायगढ़) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68736 (बिलासपुर-रायगढ़) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68735 (रायगढ़-बिलासपुर) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68746 (रायपुर-गेवरारोड) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68745 (गेवरारोड-रायपुर) मेमू
  • ट्रेन संख्या 58204 (रायपुर-कोरबा) पैसेंजर
  • ट्रेन संख्या 58203 (कोरबा-रायपुर) पैसेंजर
  • ट्रेन संख्या 68734 (बिलासपुर-गेवरारोड) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68733 (गेवरारोड-बिलासपुर) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68732 (बिलासपुर-कोरबा) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68731 (कोरबा-बिलासपुर) मेमू

(शॉर्ट टर्मिनेटेड ट्रेनें भी हुईं बहाल)

  • ट्रेन संख्या 68861 (गोंदिया-झारसुगुड़ा) मेमू
  • ट्रेन संख्या 68862 (झारसुगुड़ा-गोंदिया) मेमू

नीतीश कुमार पहली बार बने राज्यसभा सांसद, सी. पी. राधाकृष्णन ने दिलाई सदस्यता

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Nitish Kumar Oath: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शुक्रवार, दोपहर करीब सवा 12 बजे राज्यसभा के सांसद पद की शपथ ली. सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें सदस्यता दिलाई. अब नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ देंगे. उनकी जगह पर सीएम किसे बनाया जाएगा, फिलहाल अभी यह तय नहीं हो पाया है. नए सीएम के नाम पर मंथन करने के लिए दिल्ली में बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई गई है. इसी बैठक में तय होने की संभावना है कि आखिर बिहार की सत्ता कौन संभालेगा.

 

केकेआर मैच में मुकुल चौधरी की बल्लेबाजी पर फिदा हुए सुनील गावस्कर

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भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर लखनऊ सुपर जाएंट्स के बल्लेबाज मुकुल चौधरी की बल्लेबाजी देखकर अभिभूत हो गए हैं। मुकुल ने केकेआर के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 27 गेंदों पर सात छक्कों और एक चौके की मदद से नाबाद 54 रन बनाए जिससे लखनऊ ने आखिरी गेंद पर तीन विकेट से जीत दर्ज की और केकेआर के मुंह से जीत छीन ली। 

मुकुल की तारीफ में पढ़े कसीदे

मुकुल चौधरी की पारी ने क्रिकेट के दिग्गजों को उनका दिवाना बना दिया है। गावस्कर ने मुकुल चौधरी की विस्फोटक पारी पर कहा, इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने निडर होकर जबरदस्त पारी खेली। मुझे आईपीएल के बारे में जो बात पसंद है, वह यह है कि हर दिन हमें कुछ अलग देखने को मिलता है। हमने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स के डेविड मिलर को एक शानदार पारी खेलते हुए देखा और अपनी टीम को लगभग जीत दिला ही दी थी, लेकिन वह पारी एक मशहूर विश्व कप स्टार ने खेली थी। यहां मुकुल चौधरी हैं, जिन्होंने आगे बढ़कर अपनी टीम को फिनिश लाइन पार करने में मदद की। यह एक युवा लड़का है जो घरेलू टी20 क्रिकेट में राजस्थान के लिए नंबर पांच पर बल्लेबाजी करता है। वह बस आईपीएल में आता है, एक जबरदस्त पारी खेलता है और हर कोई उसके बारे में बात करता है।

उन्होंने कहा, मुकुल ने जो आत्मविश्वास दिखाया और जिस तरह से उन्होंने अपने शॉट्स खेले, वह देखना वाकई कमाल का था। पारी के जिस स्टेज पर वह बल्लेबाजी करने आए, उन्होंने संयम दिखाया, अपना समय लिया, ठीक से सेट हुए और गेंदों को मैदान के बाहर मारना शुरू कर दिया। उन्होंने हेलीकॉप्टर शॉट भी खेला, जिसे देखकर एमएस धोनी की बहुत पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने आसान सिंगल्स लेने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें बड़े शॉट मारने और गेम खत्म करने की अपनी काबिलियत पर भरोसा था।

गावस्कर बोले- लखनऊ के लिए जरूरी थी जीत

गावस्कर ने कहा, केकेआर के खिलाफ यह जीत लखनऊ के लिए बहुत जरूरी थी। वे मुश्किल में थे, लेकिन अपने युवाओं की मदद से उन्होंने कमाल की जीत पक्की कर ली। मिचेल मार्श ने ज्यादा रन नहीं बनाए, एडेन मार्करम ने सिर्फ 22 रन बनाए और ऋषभ पंत और निकोलस पूरन भी ठीक से नहीं चल पाए। अपने मुख्य बल्लेबाजों के जूझने के बावजूद लखनऊ ने खुद को बचाया और जीत पक्की की।

गावस्कर ने कहा, पिछले साल, वे पूरी तरह से अपने मुख्य खिलाड़ियों पर निर्भर थे। इस सीजन में वे उन पर निर्भर हुए बिना जीत रहे हैं। लखनऊ के लिए चिंता की बात निकोलस पूरन का खराब फॉर्म है। वह केकेआर के खिलाफ आउट ऑफ टच दिखे और लखनऊ ने उन्हें मध्यक्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजा, क्योंकि वे वहां आतिशी बल्लेबाजी चाहते थे। पूरन हर गेंद पर इस उम्मीद में अपना बल्ला घुमा रहे थे कि संपर्क हो जाए लेकिन ये वह पूरन नहीं हैं जिन्हें हम जानते हैं। लखनऊ को पूरन का भरोसा वापस पाने का कोई तरीका ढूंढना होगा।

कृति सैनन पहुंचीं भोपाल, कक्षा से पंचायत तक विकास कार्यों का लिया जायजा

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मध्य प्रदेश यह दिखा रहा है कि जेंडर समानता सिर्फ नीति नहीं, बल्कि जमीनी हकीकल कैसे बनती है. यह बदलाव स्कूलों, पंचायतों और पुलिस व्यवस्था में साफ दिख रहा है. आज यूएनएफपीए इंडिया की ऑनरेरी एम्बेसडर और अभिनेत्री कृति सैनन ने भोपाल में एक दिन के दौरे के दौरान छात्राओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की.

सरकारी सुभाष एक्सीलेस हायर सेकेंडरी स्कूल में कृति सैनन ने लाइफ-स्किल्स एजुकेशन कार्यक्रम देखा. यह कार्यक्रम किशोरों को स्वास्थ्य, रिश्तों, सही निर्णय लेने और मानसिक स्वास्थ्य जैसे जरूरी विषयों पर समझ देता है. इसमें ‘उज्ज्वल’ मॉड्यूल भी शामिल है. जो लड़कों और युवाओं को सम्मान और समानता की सीख देता है.

कृति ने शिक्षकों और छात्राओं से बातचीत की और कहा:
“युवा सिर्फ योजनाओं के लाभार्थी नहीं हैं, वे बदलाव के असली भागीदार हैं. सही जानकारी, सोच और आत्मविश्वास उन्हें बेहतर फैसले लेने में मदद करते हैं. खासकर जब हम लड़कों को भी इसमें शामिल करते हैं, तब ही असली बदलाव आता है.”

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ कृति सैनन ने महिला सरपंचो और पंचायत सदस्यों से यू एन हाउस ओपाल में मुलाकात की. इन महिलाओं ने बताया कि वे अपने क्षेत्रों में महिलाओं और लड़कियों के लिए बेहतर सुविधाएं बना रही हैं- जैसे स्वच्छता, लाइब्रेरी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट. यह महिला और बालिका हितैषी पंचायत पहल का हिस्सा है, जिसे पूरे देश में बढ़ाया जा रहा है.

इसके बाद कृति सैनन ने मध्य प्रदेश पुलिस के महिला थाने का दौरा किया. यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और जेंडर आधारित हिंसा से निपटने और समुदाय के साथ मिलकर काम करने के तरीकों पर चर्चा की.

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अपने अनुभव साझा करते हुए कृति सैनन ने कहा कि असली बदलाव तब होता है जब युवाओं को सही जानकारी और आत्मविश्वास मिलता है. जमीनी स्तर पर महिलाओं का नेतृत्व समाज को सुरक्षित और बेहतर बनाता है. स्कूल, पंचायत और पुलिस, सभी को जेन्डर समानता पर साथ मिलकर काम करना होगा.

उन्होंने कहा आगे कहा “मध्य प्रदेश के बच्चे, शिक्षक, महिलाएं और पुलिस मिलकर एक नया रास्ता दिखा रहे हैं. जब हम लोगों में निवेश करते हैं और महिलाओं को आगे बढ़ाते हैं, तब जेंडर समानता सच बनती है. मैं इन कहानियों को पूरे देश तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हूं.”

यूएनएफपीए के बारे में

यूएनएफपीए संयुक्त राष्ट्र की संस्था है जो यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर काम करती है. इसका उ‌द्देश्य है- हर गर्भधारण सुरक्षित और इच्छित हो, हर प्रसव सुरक्षित हो और हर युवा अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सके

पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा के छोटे भाई का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

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ग्वालियर|भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अनूप मिश्रा के छोटे भाई अजय मिश्रा का आज 10 अप्रैल 2026 को निधन हो गया है। अजय मिश्रा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे ग्वालियर के एक निजी अस्पताल (बंसल अस्पताल) में भर्ती थे, जहाँ उनका इलाज चल रहा था। अजय मिश्रा को सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा सहित कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अनूप मिश्रा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे हैं।

जयपुर में जोंक थेरेपी से मिल रही नई उपचार की उम्मीद

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जयपुर। स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में पारंपरिक जोंक थेरेपी (Leech Therapy) अब आधुनिक स्किन और हेयर ट्रीटमेंट का प्रभावी और किफायती विकल्प बनकर उभर रही है। संस्थान के चिकित्सकों का दावा है कि अब तक 1100 से अधिक मरीज इस थेरेपी से लाभान्वित हो चुके हैं और इसके परिणाम लगातार सकारात्मक सामने आ रहे हैं। जोंक, जिसे आमतौर पर खून चूसने वाला जीव माना जाता है, दरअसल चिकित्सा विज्ञान में लंबे समय से उपयोग में लाई जाती रही है। इसकी लार में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी- कोएगुलेंट तत्व रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं। इससे त्वचा और सिर की त्वचा (स्कैल्प) को पोषण मिलता है और सूजन, दर्द व संक्रमण में राहत मिलती है। संस्थान में जोंक थेरेपी का उपयोग अब केवल गंभीर बीमारियों तक सीमित नहीं रहा। इसका इस्तेमाल स्किन इंफेक्शन, पिग्मेंटेशन, एक्ने, एक्जिमा, झाइयां, पुराने घाव और सर्जरी के निशानों के उपचार में भी किया जा रहा है। इसके अलावा बालों से जुड़ी समस्याओं जैसे एलोपेसिया, हेयर फॉल और शुरुआती गंजेपन में भी अच्छे परिणाम सामने आए हैं।

हाल ही में ग्वालियर की एक 28 वर्षीय महिला का मामला सामने आया, जिन्हें अचानक बाल झड़ने और सिर पर पैच बनने की समस्या हो गई थी। कई एलोपैथिक उपचारों से राहत न मिलने के बाद उन्होंने जोंक थेरेपी अपनाई। करीब दो महीने के भीतर उनके बाल झड़ना कम हुआ और नई ग्रोथ भी दिखाई देने लगी। संस्थान के डीन डॉ. सी.आर. यादव के अनुसार, जोंक की लार में मौजूद जैव सक्रिय तत्व ब्लड सर्कुलेशन को सुधारते हैं, जिससे स्किन और स्कैल्प को बेहतर पोषण मिलता है। यही वजह है कि मरीजों को सूजन और दर्द में भी राहत मिलती है।

सुरक्षा के लिहाज से संस्थान में सख्त प्रोटोकॉल लागू किया गया है। हर मरीज के लिए अलग जोंक का उपयोग किया जाता है और उसे सात दिन तक दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे संक्रमण का खतरा खत्म हो जाता है। जोंकों को सुरक्षित रखने के लिए लैब जैसी हाईजीन व्यवस्था बनाई गई है, जहां पानी की गुणवत्ता (TDS) और तापमान लगातार मॉनिटर किया जाता है। जहां हेयर ट्रांसप्लांट पर 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च आता है और लेजर ट्रीटमेंट की एक सिटिंग 5 से 25 हजार रुपये तक होती है, वहीं इस संस्थान में जोंक थेरेपी मुफ्त उपलब्ध है। यही कारण है कि लोग महंगे कॉस्मेटिक उपचार छोड़कर इस प्राकृतिक पद्धति की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत, प्राकृतिक विधि और बेहतर परिणामों के कारण जोंक थेरेपी भविष्य में स्किन और हेयर केयर का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान योजना में बड़ा वित्तीय घोटाला

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वर्ष 2021-22 के दस्तावेजों की जांच में उजागर हुई करोड़ों की बंदरबांट,साक्ष्य मिटाने और घोटाले को दबाने में जुटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत योजना के धन आवंटन में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। सरकारी खजाने के दुरुपयोग से जुड़े इस प्रकरण में अपात्र व्यक्तियों के बैंक खातों में लाखों रुपये की राशि स्थानांतरित की गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार यह पूरी गड़बड़ी वर्ष 2021-22 के दौरान की गई थी। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों ने योजना के तहत कोई कार्य नहीं किया, उनके खातों में भी भुगतान किया गया।

​वित्तीय हेरफेर का खुलासा

आयुष्मान योजना की राशि के ऑडिट और दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है। जांच में पाया गया कि मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक और अधिष्ठाता कार्यालय में कार्यरत क्लर्कों के निजी खातों में लाखों रुपये भेजे गए। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुनियोजित तरीके से अपनाई गई थी ताकि सरकारी धन को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा सके। शुरुआत में इस पूरे मामले को गुप्त रखा गया था, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की गई फाइलों की समीक्षा ने इस भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं।

​जिम्मेदार पदों पर बैठे चेहरों की भूमिका

​इस घोटाले के दायरे में संस्थान के प्रशासनिक और लेखा विभाग के कर्मचारी सीधे तौर पर शामिल पाए गए हैं। विशेष रूप से तत्कालीन अकाउंट अधिकारी प्रशांत गोटिया के खातों में योजना का पैसा ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में प्रशांत गोटिया का कहना है कि उन्होंने स्वयं राशि की मांग नहीं की थी, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए जाने पर उसे स्वीकार कर लिया था। यह बयान संस्थान के भीतर उच्च स्तर पर सांठगांठ की ओर इशारा करता है।

​मामले को दबाने के प्रयास

अनियमितताएं सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में खलबली मच गई है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि दोषी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और मामले को रफा-दफा करने की कोशिशों में जुटे हैं। जांच की दिशा को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने की खबरें भी आ रही हैं। इससे निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग रहे हैं, क्योंकि कई रसूखदार नाम इस प्रकरण से जुड़े हुए हैं।

​उच्चस्तरीय जांच की मांग हुई तेज

​गरीबों को निःशुल्क उपचार प्रदान करने वाली योजना में भ्रष्टाचार होने से जनता में रोष है। अब इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है। भविष्य में सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी तंत्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि जांच में दोष सिद्ध होते हैं, तो इसमें शामिल सभी अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की संभावना है। फिलहाल शासन स्तर पर इस रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है ताकि अंतिम निर्णय लिया जा सके।

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