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CG News: बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत करेंगे अमित शाह, जनजातीय संस्कृति का दिखेगा संगम, प्रशासन अलर्ट

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CG News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं, जहां आज बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत करेंगे. इस समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे.

बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत करेंगे अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह आज बस्तर पंडुम के समापन में शामिल होंगे. वह सुबह 10:50 बजे रायपुर से रवाना होंगे और 12:05 बजे जगदलपुर पहुंच जाएंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी रहेंगे. साथ ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत कई मंत्री, विधायक और सांसद भी मौजूद रहेंगे. अमित शाह 1:20 बजे तक बस्तर पंडुम के कार्यक्रम में शामिल रहेंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ बना पहचान

बस्तर पण्डुम का आयोजन जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से किया जाता है. यह आयोजन बस्तर की माटी से जुड़ी लोककलाओं, नृत्य, गीत, वेशभूषा और रीति-रिवाजों को मंच देने का काम करता है. वर्षों से यह महोत्सव स्थानीय कलाकारों और जनजातीय समुदायों की पहचान को मजबूती देता आ रहा है.

‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है. इस पण्डुम के जरिए बस्तर की परंपराएं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में देखने का अवसर मिलता है.

ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, कैप्टन व ट्रेनी घायल

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विजयपुरा। कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बाबलेश्वर तालुक के मंगलूर गांव में रविवार को रेड बर्ड एविएशन का निजी ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कैप्टन और एक ट्रेनी पायलट सवार थे, दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। यह विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। उड़ान के दौरान इंजन में अचानक खराबी आ गई, जिससे पायलट कंट्रोल खो बैठे और खेत में क्रैश लैंडिंग हो गई। विमान सीसना 172 मॉडल का दो सीटर ट्रेनिंग प्लेन था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विमान रेड बर्ड एविएशन कंपनी का था और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। शुरुआती जांच में हादसे की वजह इंजन की तकनीकी खराबी सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के सही कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। प्रशासन और पुलिस ने साफ़ किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी तकनीकी और कानूनी जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की लंबी सजा

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति से बड़ी खबर आ रही है जहाँ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की परेशानी बढ़ गई हैं। तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में अदालत ने दोनों को 17-17 साल की लंबी सजा सुनाई है।
रावलपिंडी की अदियाला जेल में बनी स्पेशल कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। जज ने दोनों को अलग-अलग धाराओं में कुल 17 साल की सजा दी है। साथ ही, उन पर 1 करोड़ 64 लाख पाकिस्तानी रुपये का भारी जुर्माना लगा दिया है। हालांकि, बुशरा बीबी के महिला होने के नाते सजा में थोड़ी नरमी की बात कही जा रही है, लेकिन सजा फिर भी काफी सख्त है।
दरअसल पूरा मामला 2021 का है, जब सऊदी अरब की सरकार ने इमरान को कुछ महंगे तोहफे दिए थे। इसमें कीमती घड़ियाँ, हीरे और सोने के गहने शामिल थे। नियम कहता है कि सरकारी पद पर रहते हुए विदेशी नेताओं से जो भी गिफ्ट मिलते हैं, उन्हें तोशाखाना (सरकारी खजाने) में जमा करना पड़ता है। आप चाहें, तब तय कीमत चुकाकर उन्हें बाद में खरीद भी सकते हैं। अब मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर आरोप यह है कि इन तोहफों की असली कीमत करीब 7 करोड़ रुपये थी, लेकिन कागजों पर इन्हें सिर्फ 58-59 लाख का दिखाया गया। कहा जा रहा है कि इन दोनों ने मिलकर बहुत कम कीमत पर ये कीमती चीजें हथियाने की कोशिश की।
अदालत में 21 गवाहों ने अपनी बात रखी। फैसले के वक्त इमरान और बुशरा दोनों वहां मौजूद थे। इमरान का साफ कहना है कि ये सब उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है और उन्हें फंसाया जा रहा है। इमरान खान अगस्त 2023 से ही सलाखों के पीछे हैं। हालांकि उन्हें कुछ मामलों में पहले जमानत मिल चुकी थी, लेकिन अब इस नए फैसले ने उन्हें फिर से मुश्किल में डाल दिया है।

आज फिर बदल गए पेट्रोल-डीजल के रेट, जानें सोमवार को आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ

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नई दिल्ली: भारत में हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों के साथ होती है. सुबह 6 बजे देश की तेल कंपनियां ताजा रेट जारी करती हैं. इन कीमतों का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. ऑफिस जाने वाला कर्मचारी हो या सामान ढोने वाला ट्रक ड्राइवर, हर कोई इन दामों से प्रभावित होता है.

पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई वजहों से तय होती हैं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स की भूमिका इसमें सबसे अहम होती है. यही वजह है कि कभी राहत की उम्मीद बनती है तो कभी महंगाई का डर सताने लगता है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार से भारत तक कैसे पहुंचता है असर

फरवरी 2026 के लिए यूएई ने फ्यूल की कीमतों में हल्की कटौती का ऐलान किया है. इससे यह संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल रही है. हालांकि भारत में इसका असर तुरंत और पूरी तरह दिखे, यह जरूरी नहीं है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाता है. ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाला हर छोटा बदलाव घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है. अगर कच्चा तेल सस्ता होता है तो लोगों को राहत की उम्मीद होती है, लेकिन टैक्स और अन्य खर्चों के चलते यह राहत कई बार जेब तक पहुंचते पहुंचते कमजोर हो जाती है.

पेट्रोल डीजल के ताजा रेट

आज जारी कीमतों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है. मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर है.

चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है. अहमदाबाद में पेट्रोल 94.68 रुपये और डीजल 90.35 रुपये प्रति लीटर है. बैंगलोर में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

हैदराबाद में पेट्रोल 107.50 रुपये और डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर है. जयपुर में पेट्रोल 104.91 रुपये और डीजल 90.38 रुपये प्रति लीटर पर है. लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

पुणे में पेट्रोल 103.87 रुपये और डीजल 90.40 रुपये प्रति लीटर है. इंदौर में पेट्रोल 106.81 रुपये और डीजल 92.18 रुपये प्रति लीटर दर्ज हुआ है. पटना में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 91.66 रुपये प्रति लीटर है. सूरत में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 90.38 रुपये प्रति लीटर पर है. नासिक में पेट्रोल 104.50 रुपये और डीजल 91.02 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

आम आदमी पर क्या पड़ता है असर

पेट्रोल और डीजल के दाम सिर्फ वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करते. इनके बढ़ते दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा होता है. जब माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है तो सब्जी, फल और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें भी महंगी हो जाती हैं. यही वजह है कि फ्यूल की कीमतें हर परिवार के बजट को झकझोर देती हैं. जब कीमतों में स्थिरता रहती है या थोड़ी गिरावट आती है तो आम आदमी को थोड़ी राहत महसूस होती है. हालांकि मौजूदा रेट्स को देखें तो बड़े स्तर पर राहत की तस्वीर अभी साफ नहीं दिखती.

शादियों के सीजन से पहले बड़ी राहत! सोने की कीमतों में आई भारी कमी, यहाँ देखें अपने शहर का लेटेस्ट रेट कार्ड

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नई दिल्ली: सोने की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव जारी है. दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार 9 फरवरी 2026 को जैसे ही बाजार खुले, सोने के दामों में नरमी देखने को मिली. बीते कुछ हफ्तों से सोना लगातार नई ऊंचाई बना रहा था, लेकिन अब कीमतों में गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों का ध्यान खींचा है.

आज सुबह दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना गिरकर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पहले इसका बंद भाव 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था. यानी कीमत में एक झटके में बड़ा अंतर देखने को मिला है.

रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला सोना

जनवरी के आखिर में सोने ने ऐसा स्तर छुआ था, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. 29 जनवरी 2026 को सोना करीब 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. इस ऊंचाई के बाद बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और धीरे धीरे दाम नीचे आने लगे. जानकारों का कहना है कि जब भी सोना बहुत तेजी से ऊपर जाता है, तो निवेशक मुनाफा निकालना शुरू कर देते हैं. यही वजह है कि अब कीमतों में ठहराव और गिरावट देखने को मिल रही है.

वायदा बाजार में क्या रहा हाल

घरेलू बाजार के साथ साथ वायदा बाजार में भी हलचल दिखी. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का भाव सुबह कमजोरी के साथ खुला, लेकिन बाद में दिनभर की गिरावट काफी हद तक संभल गई. कारोबार के दौरान सोना करीब 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास देखा गया. पिछले सत्र में सोना 1,52,071 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. यानी वायदा बाजार में भी कीमतें फिलहाल स्थिर होने की कोशिश कर रही हैं.

 

  • 24 कैरेट सोना 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा.
  • 23 कैरेट सोना 1,51,469 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया.
  • 22 कैरेट सोना 1,39,303 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा.
  • 18 कैरेट सोना 1,14,059 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा.
  • 14 कैरेट सोना 88,966 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज हुआ.

पंचांग: कालाष्टमी और जन्माष्टमी की जुगलबंदी! जानें राहुकाल का समय और पूजा की सबसे सटीक विधि

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पंचांग : आज 09 फरवरी, 2026 सोमवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के एक स्वरूप कालभैरव का अधिकार है, जिन्हें समय का देवता भी कहा जाता है. यह तिथि किसी भी तरह के शुभ कार्यों, नई बातचीत और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अच्छी नहीं है. आज कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी है.

9 फरवरी का पंचांग

  1. विक्रम संवत : 2082
  2. मास : फाल्गुन
  3. पक्ष : कृष्ण पक्ष अष्टमी
  4. दिन : सोमवार
  5. तिथि : कृष्ण पक्ष अष्टमी
  6. योग : वृद्धि
  7. नक्षत्र : विशाखा
  8. करण : बलव
  9. चंद्र राशि : तुला
  10. सूर्य राशि : मकर
  11. सूर्योदय : सुबह 07:05 बजे
  12. सूर्यास्त : शाम 06:05 बजे
  13. चंद्रोदय : देर रात 01.19 बजे (10 फरवरी)
  14. चंद्रास्त : सुबह 11.07 बजे
  15. राहुकाल : 08:28 से 09:50
  16. यमगंड : 11:13 से 12:35

दैनिक महत्व की गतिविधियों के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और विशाखा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र 20 डिग्री तुला से 3:20 डिग्री वृश्चिक राशि तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बृहस्पति और देवता सतराग्नि हैं, जिसे इन्द्राग्नि भी कहा जाता है. यह मिश्रित प्रकृति का नक्षत्र है. नियमित कर्तव्यों के पालन के लिए, किसी की पेशेवर जिम्मेदारियों को सौंपने के लिए, घरेलू काम और दिन-प्रतिदिन के महत्व की किसी भी गतिविधि के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:28 से 09:50 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

 

राशिफल : सोमवार को हाथ लगेगा ‘कुबेर का खजाना’ या होगी बड़ी धन हानि? जानें सितारों का चौंकाने वाला इशारा

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मेष- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज आप समाज और आम लोगों से बहुत सम्मान प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही आपको आर्थिक लाभ भी हो सकता है. परिवार और वैवाहिक जीवन सुख और संतोष से भरपूर रहेगा. वाहन सुख प्राप्त कर सकेंगे. प्रियजनों के साथ प्रेम के पल गुजार सकेंगे. दोपहर के बाद आपके विचार अधिक उग्र बनेंगे और आप दूसरों पर हावी होने की कोशिश करेंगे. आप बौद्धिक कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे, परंतु अभी आपको सरल व्यवहार अपनाना आवश्यक है. व्यापारी अपने व्यापार में लाभ प्राप्त कर सकेंगे.

वृषभ- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आप अपना काम समय पर पूरा कर सकेंगे. आपको आर्थिक लाभ होगा. अस्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार होगा. ननिहाल पक्ष से अच्छा समाचार मिलेगा. ऑफिस में सहकर्मी आपकी मदद करेंगे. अधूरे काम पूरे होंगे. व्यापारियों के लिए दिन सामान्य है. ज्यादा लाभ के लालच में ना आएं. दोपहर के बाद परिजनों के लिए समय अच्छा रहेगा.

मिथुन- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज का दिन मध्यम फलदायी है. नए काम का आरंभ ना करें. बौद्धिक चर्चाओं के लिए आज का दिन शुभ नहीं है. संतान संबंधी चिंता आपको बनी रहेगी. दोपहर के बाद घर का वातावरण सुख और शांतिवाला रहेगा. आज मन से आप खुश रहने वाले हैं. शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा. व्यापार में सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा. आर्थिक रूप से लाभ होगा। काम में यश प्राप्त होगा. आज बाहर जाने और अनावश्यक यात्रा करने से आपको बचना चाहिए.

कर्क- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. सुबह किसी बात की चिंता से आप थोड़े उदास रहेंगे. इस कारण शारीरिक रूप से आप अस्वस्थता का अनुभव करेंगे. प्रवास के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है. जमीन और वाहनों से जुड़ी समस्या आपको हो सकती है. दोपहर के बाद आप सुख और शांति का अनुभव करेंगे. मित्रों का साथ मिलेगा. शारीरिक ताजगी का अनुभव होगा. आज किसी बात को लेकर कुछ ज्यादा ही सोच-विचार करेंगे. लोगों से मिलना-जुलना होगा. आज कोई उपहार भी आपको मिल सकता है.

सिंह- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आज आप प्रयास शुरू कर सकते हैं. व्यापार में भागीदारी के काम से लाभ प्राप्त होगा. धन प्राप्ति का प्रबल योग है. ब्याज, दलाली आदि से इनकम में वृद्धि होने की संभावना है. आय होने से आर्थिक कष्ट दूर हो जाएगा. अच्छे वस्त्र और अच्छे खान-पान से मन खुश रहेगा. छोटे प्रवास या पर्यटन का योग है. मित्रों के साथ मुलाकात आनंददायी रहेगी.

कन्या- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. वस्त्र या आभूषण की खरीदी आपके लिए रोमांचक और आनंददायी रहेगी. कला के प्रति आप की रुचि बढ़ेगी. व्यापार में कोई कठिन काम बन जाने से आपके मन में उल्लास छाया रहेगा. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा. विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी. आज जीवनसाथी के साथ आपके संबंध और मजबूत बनेंगे. प्रेम जीवन के लिए आज का दिन सकारात्मक है. विद्यार्थी स्पोर्ट्स या कला-साहित्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे.

तुला- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी रहेगा. स्थायी संपत्ति के मामले में आपको बेहद ध्यान रखना होगा. माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है. परिवार में तकरार न हो, इसका ध्यान रखें. दोपहर के बाद आप स्वस्थ अनुभव करेंगे. आप में एनर्जी बनी रहेगी, इससे समय पर आप काम पूरा कर पाने की स्थिति में होंगे. आज आप अपना टारगेट पूरा कर पाएंगे. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है.

वृश्चिक- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आज का दिन व्यापार के लिए अनुकूल है. गृहस्थजीवन में उलझे हुए प्रश्नों का निराकरण हो सकेगा. स्थायी संपत्ति से जुड़े काम में आपको सफलता मिल सकती है. भाई-बहनों के साथ संबंधों में प्रेम बना रहेगा. दोपहर के बाद काम में प्रतिकूलताओं में वृद्धि होगी. शारीरिक और मानसिक रूप से चिंता का अनुभव होगा. सामाजिक क्षेत्र में अपयश प्राप्त होगा. परिजनों के साथ मतभेद रह सकता है. धन हानि का योग हैं.

धनु- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आप रोमांस के सुखद पलों का आनंद उठा सकेंगे. आज का दिन आर्थिक, सामाजिक और परिवार से जुड़े कामों के लिए अच्छा है. पारिवारिक जीवन में सुख और शांति का वातावरण बना रहेगा. मित्रों से लाभ होगा और यात्रा की संभावना भी है. आय के नए सोर्स बढ़ेंगे. व्यापार में वृद्धि और लाभ हो सकेगा. अविवाहितों का रिश्ता पक्का हो सकता है. शुभ प्रसंग में जाने का कार्यक्रम बनेगा. स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकेंगे. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा.

मकर- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. व्यवसाय के क्षेत्र में धन, मान तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. व्यापार के लिए भागदौड़ और वसूली के लिए यात्रा करेंगे. इसमें लाभ होने की संभावना रहेगी. सरकार, मित्र तथा संबंधियों से लाभ होगा. गृहस्थ जीवन में आनंद का अनुभव होगा. परिवार में लंबे समय से चल रहा विवाद दूर हो सकेगा. संतान की प्रगति आप में संतोष की भावना का अहसास कराएगी. आज आपकी आय और व्यय में बैलेंस नहीं रहेगा. आप परिवार की जरूरत पर धन खर्च कर सकते हैं. किसी नए आभूषण की भी खरीदारी कर सकते हैं.

कुंभ- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. धार्मिक और सामाजिक काम के पीछे धन खर्च होगा. सम्बंधियों और मित्रों के साथ विवाद हो सकता है. वाहन चलाने या नया कोई इलाज शुरू करने में आपको सावधानी रखना होगी. दोपहर के बाद प्रत्येक काम सरलतापूर्वक संपन्न होंगे. दफ्तर में आप का प्रभाव बढ़ता हुआ दिखेगा. अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे. मानसिक शांति छाई रहेगी. परिजनों के साथ समय सुखपूर्वक गुजरेगा.

मीन- 09 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन तुला राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. आकस्मिक धन लाभ के योग हैं. व्यापारीवर्ग को रुके हुए पैसे मिलेंगे. आज आपको शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक परिश्रम करना पड़ेगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. खर्च अधिक रहेगा. नियम विरुद्ध काम मुसीबत में डाल सकते हैं. आध्यात्मिक विचार और व्यवहार आपको कुमार्ग पर जाने से रोकेंगे. दोपहर के बाद स्थिति में परिवर्तन होगा. आपकी सकारात्मक सोच आपको सही काम करने के लिए प्रेरित करेगी.

 

राजस्थान में बसा वृंदावन का जुड़वा, मिठड़ी गांव का भादी पीठ जहां मिलती है अद्भुत शांति

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राजस्थान के डीडवाना–कुचामन क्षेत्र में स्थित मिठड़ी गांव एक ऐसा स्थान है, जहां कदम रखते ही मन को शांति और दिल को सुकून मिलता है. इसी गांव में स्थित है श्री भादी पीठ मिठड़ी उप-वृंदावन धाम, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और चमत्कारी मंदिर है. यह धाम श्रद्धालुओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है. भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित यह मंदिर न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी विशेष आकर्षण रखता है. शांत वातावरण और गहरी भक्ति भावना के कारण यहां आने वाला हर भक्त कुछ पल के लिए दुनिया की भागदौड़ भूल जाता है.

इस धाम को लोग प्रेम से उप-वृंदावन कहते हैं, क्योंकि यहां का माहौल और आस्था वृंदावन की याद दिलाती है. जन्माष्टमी, एकादशी और अन्य कृष्ण पर्वों पर मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं. भजन-कीर्तन और आरती के दौरान पूरा परिसर कृष्ण भक्ति में डूब जाता है. यही कारण है कि यह मंदिर वृंदावन का जुड़वा धार्मिक स्थल प्रतीत होता है.
चमकती मिट्टी है मंदिर की सबसे बड़ी खासियत
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां की अद्भुत मिट्टी है. कहा जाता है कि यह मिट्टी वृंदावन से लाई गई थी और इसी कारण यह दिन हो या रात, हमेशा चमकती रहती है. भक्त इस मिट्टी को अत्यंत पवित्र मानते हैं और इसे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का प्रतीक समझते हैं. इसी अनोखी विशेषता के चलते इस धाम को उप-वृंदावन के नाम से जाना जाता है.

शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव
मंदिर परिसर में पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है मानो मन की सारी थकान अपने आप दूर हो गई हो. चारों ओर फैली शांति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा हर आने वाले को भीतर तक छू जाती है. श्रद्धालु पूरे विश्वास के साथ भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी मनोकामनाएं रखते हैं और मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर प्रार्थना अवश्य पूरी होती है. भजन-कीर्तन, आरती और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है और ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं श्रीकृष्ण यहां विराजमान हों.

श्रद्धा और विश्वास का अनूठा संगम
मिठड़ी गांव का यह मंदिर श्रद्धा, चमत्कार और भक्ति का अनूठा संगम है. दिन-रात चमकती पावन मिट्टी और भगवान श्रीकृष्ण की उपासना इसे एक विशेष और दिव्य स्थान बनाती है. यही कारण है कि यह धाम आज श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बन चुका है और इसकी महिमा लगातार दूर-दूर तक फैलती जा रही है. गहरी श्रद्धा और अटूट विश्वास इस स्थान को बेहद खास बनाते हैं, इसलिए जो एक बार यहां आता है, वह बार-बार आने की इच्छा जरूर करता है.

15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत, 300 साल बाद शुभ संयोग! जानें चार प्रहर का पूजा मुहूर्त और निशिथ काल का समय

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फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हर वर्ष महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है और इस बार यह शुभ तिथि 15 फरवरी दिन रविवार को है. महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक बहुत बड़ा और खास पर्व है, जिसे शिव भक्त हर साल बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव पहली बार निराकार स्वरूप से साकार रूप में प्रकट हुए थे और इसी दिन भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह हुआ था अर्थात शिव और शक्ति का मिलन इसी रात हुआ था. इस बार महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद 8 योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पूजा का महत्व, पूजा मुहूर्त और शिव-पार्वती पूजन विधि…

महाशिवरात्रि का महत्व
पुराणों के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात को भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था, जो सृष्टि, संरक्षण और विनाश का प्रतीक है. इस रात को शिव भक्त पूरी रात जागरण करते हैं और शिव के भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं. महाशिवरात्रि का पर्व ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम भी माना जाता है. इस दिन ध्यान और साधना करने से व्यक्ति को मन की शांति और आध्यात्मिक बल मिलता है. इस दिन विशेष तौर पर शिव पूजन, रात्रि जागरण, मंत्र जप, व्रत और चार प्रहर की पूजा करने का बड़ा महत्व है. कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन की गई भक्ति और उपासना से भक्तों को जीवन में सुख, समृद्धि और सभी प्रकार के लाभ मिलते हैं.

300 साल बाद ऐसा संयोग
काशी के ज्योतिषियों का दावा है कि करीब 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर 8 योग का शुभ योग बन रहा है. 15 फरवरी को सूर्य, बुध और शुक्र का त्रिग्रही योग बन रहा है. इसके अलावा इस दिन श्रवण नक्षत्र भी है जो भगवान शिव को अतिप्रिय माना जाता है. इसके अलावा व्यतिपात, वरियान, ध्रुव और राज योग का भी महासंयोग है. जो इस दिन को और भी खास बनाता है.

महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026
द्रिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 4 मिनट से शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी. इसका मतलब यह है कि मुख्य रूप से महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी, लेकिन तिथि रात और अगले दिन तक चलने के कारण पूजा का समय भी ज्यादा रहेगा. पारण का समय 16 फरवरी की सुबह 6 बजकर 33 मिनट से दोपहर 3 बजकर 10 मिनट तक रहेगा.

चार प्रहर की पूजा का मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर चार पहर का पूजा मुहूर्त बेहद खास माना जाता है. पहला प्रहर 15 फरवरी की शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. दूसरा प्रहर 15 फरवरी की रात 9 बजकर 23 मिनट से 16 फरवरी की रात 12 बजकर 35 मिनट तक होगा. तीसरा प्रहर 16 फरवरी की रात 12 बजकर 35 मिनट से सुबह 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा और चौथा प्रहर 16 फरवरी को सुबह 3 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. वहीं, निशिथ काल का पूजा समय 16 फरवरी की रात 12 बजकर 9 मिनट से लेकर 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा, जिसे सबसे शुभ माना जाता है.

महाशिवरात्रि पूजा विधि
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करना और उसके ऊपर केसर मिलाकर जल अर्पित करना विशेष लाभदायक माना गया है. शिवजी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, मिठाई आदि अर्पित करना चाहिए. इसके बाद मंत्रों का जप जैसे ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ नमो भगवते रुद्राय’ करना भी इस दिन का विशेष महत्व है. घी के दीपक से भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. साथ ही शिव पुराण का पाठ और रात्रि जागरण करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. भक्त इस दिन रातभर दीप जलाकर रखें और चंदन का तिलक करें.

 

स्नान से लेकर घर की पूजा तक, हर जगह गंगाजल क्यों है जरूरी? जानें इसे रखने का सही दिन, सही विधि और सही दिशा

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भारत में अगर किसी नदी को मां कहा गया है, तो वह सिर्फ पानी की धारा नहीं, आस्था की बहती हुई पहचान है. गंगा बचपन में घर के मंदिर में रखी छोटी-सी बोतल से लेकर अंतिम संस्कार तक, गंगाजल हर मोड़ पर हमारे साथ रहता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर गंगाजल को इतना पवित्र क्यों माना जाता है? क्यों कहा जाता है कि इसका एक छींटा भी माहौल बदल देता है? सिर्फ धार्मिक वजहें ही नहीं, बल्कि परंपराएं, अनुभव और कुछ व्यावहारिक कारण भी इसके पीछे हैं. गंगा में स्नान करने से लेकर उसके जल को घर लाने और रखने तक, शास्त्रों में कई नियम बताए गए हैं, जिन्हें आज भी लोग मानते हैं. आइए जानते हैं गंगाजल की महत्ता और उससे जुड़े जरूरी नियम, आसान और साफ शब्दों में.

सनातन परंपरा में गंगाजल का महत्व
हिंदू धर्म में गंगा को ‘पतितपावनी’ कहा गया है. मान्यता है कि गंगा का उद्गम भगवान विष्णु के चरणों से हुआ और शिव की जटाओं से निकलकर वह धरती पर आईं. इसी वजह से गंगाजल को चरणामृत के समान पवित्र माना जाता है. कहा जाता है कि गंगा दर्शन मात्र से मन हल्का होता है. कई लोग बताते हैं कि गंगा तट पर बैठते ही एक अलग तरह की शांति महसूस होती है, जो शायद शब्दों में नहीं समा पाती.

विष्णु का चरणामृत क्यों कहलाता है गंगाजल
धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के अंगूठे से निकला जल गंगा बना. यही कारण है कि गंगाजल को अमृत समान माना गया है. मान्यता है कि इसके सेवन या स्पर्श से जीवन के दोष कम होते हैं और व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता. राजा भगीरथ द्वारा गंगा को पृथ्वी पर लाने की कथा भी यही बताती है कि गंगाजल सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पीढ़ियों के उद्धार का माध्यम माना गया

गंगाजल कब भरना माना जाता है शुभ
शुभ तिथियां और दिन
वैसे तो गंगाजल किसी भी दिन लिया जा सकता है, लेकिन कुछ तिथियां इसे और ज्यादा पुण्यकारी मानती हैं. जैसे- अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी, संक्रांति, गंगा सप्तमी और गंगा दशहरा.
सोमवार, महाशिवरात्रि और कुंभ जैसे पर्वों पर गंगाजल भरना विशेष फलदायी माना जाता है.
ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
परंपरा कहती है कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में गंगाजल भरना सबसे अच्छा होता है. इस समय वातावरण शांत होता है और जल में आध्यात्मिक ऊर्जा अधिक मानी जाती है.

घर में गंगाजल कहां और कैसे रखें
गंगाजल को घर की उत्तर दिशा में किसी साफ और पवित्र स्थान पर रखना शुभ माना जाता है. आमतौर पर लोग इसे पूजा घर में रखते हैं. पात्र की बात करें तो पीतल, तांबा या कांसे का बर्तन सबसे उपयुक्त माना गया है. प्लास्टिक की बोतल में लंबे समय तक गंगाजल रखना सही नहीं माना जाता, अगर मजबूरी में प्लास्टिक में लाया गया हो, तो घर पहुंचते ही धातु के पात्र में डाल देना चाहिए.
गंगाजल से जुड़ी आम लेकिन जरूरी सावधानियां
न करें ये गलतियां
गंगाजल लाने से पहले घर और गंगा तट पर स्नान करना जरूरी माना गया है. बिना स्नान या अशुद्ध अवस्था में गंगाजल भरने से परहेज करना चाहिए. गंगाजल को कभी भी अंधेरी, गंदी या अपवित्र जगह पर न रखें. इसे छूते समय भी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि श्रद्धा और नियम दोनों साथ चलते हैं.

आज के समय में गंगाजल का स्थान
आज भले ही जीवन तेज हो गया हो, लेकिन गंगाजल की अहमियत कम नहीं हुई. शादी-ब्याह, गृह प्रवेश या पूजा-पाठ-हर जगह इसकी मौजूदगी बताती है कि आस्था आज भी हमारी दिनचर्या का हिस्सा है. यह सिर्फ विश्वास नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा अनुभव है.

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