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विदेश सचिव विक्रम मिसरी की FBI चीफ काश पटेल से मुलाकात, भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा

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भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Vikram Misri) इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। उनका यह दौरा तीन दिवसीय होगा। मिसरी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत (India) और अमेरिका (United States of America) के रणनीतिक जुड़ाव को और बढ़ाना है। अमेरिका दौरे के दौरान मिसरी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) के साथ एक अहम मीटिंग की। इसके साथ ही उन्होंने एफबीआई (FBI) चीफ काश पटेल (Kash Patel) समेत अमेरिका के कई सीनियर अधिकारियों के साथ अलग से मुलाकात की।

भारत-अमेरिका संबंधों में मज़बूती पर की चर्चा
रुबियो और पटेल से मुलाकात के दौरान मिसरी ने भारत-अमेरिका संबंधों में मज़बूती पर चर्चा की। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा, आतंकवाद-रोधी उपाय, व्यापार, एआई सप्लाई, प्राकृतिक खनिजों, क्वाड को-ऑपरेशन और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

अगले महीने भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो अगले महीने भारत आएंगे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी इसकी पुष्टि की और बताया कि रुबियो बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि जल्द ही कोई उच्च-स्तरीय यात्रा हो सकती है।

मिडिल ईस्ट में तनाव पर भी हुई बातचीत
मिसरी ने रुबियो, पटेल और अमेरिकी अधिकारियों से मिडिल ईस्ट में तनाव पर भी बातचीत जो ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध की वजह से पैदा हुआ। मिसरी ने शांति स्थापित करने का सुझाव दिया। फिलहाल युद्ध में दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते का सीज़फायर चल रहा है और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए पाकिस्तान (Pakistan) में बातचीत का दौर शुरू होगा।

मध्यप्रदेश में बड़ा कांड: आबकारी विभाग के दफ्तर में 3 दिन तक जले दस्तावेज़

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रद्दी नष्ट की गई या सबूत मिटाए गए? कार्यालय परिसर में कागज जलाने की अनुमति किसने दी, नए ठेकों के बीच रिकॉर्ड जलने से संदेह गहराया 

भोपाल।  मध्यप्रदेश आबकारी विभाग के राज्य उड़नदस्ता कार्यालय में पिछले तीन दिनों से बड़ी मात्रा में कागज जलाए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान लाखों की संख्या में दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये केवल रद्दी कागज थे या फिर किसी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और संभावित सबूत को मिटाने की कोशिश की गई है।

 कागज जलाने की अनुमति स्वयं नेमा ने दी थी क्या 

कार्यालय परिसर के अंदर इस तरह खुलेआम कागज जलाने की अनुमति किसने दी, इसे लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कार्यालय के मुखिया मुकेश नेमा के नेतृत्व में यह पूरा कार्यालय संचालित होता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कागज जलाने की अनुमति स्वयं नेमा ने दी थी या फिर कर्मचारियों ने अपने स्तर पर यह कार्रवाई कर डाली। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब जानकारी लेने पहुंचे एक आबकारी विशेषज्ञ ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछा कि कागज जलाने की अनुमति किसने दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वहीं मौजूद एक अधिकारी ने वीडियो न बनाने की बात कही। इसी दौरान एक कर्मचारी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि “वेयरहाउस लेखा साहब के कहने पर दो दिनों से कागज जला रहा हूं, एक ट्रक भरकर कागज पहले ही जला चुका हूं।”

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आखिर वह कौन से दस्तावेज थे जिन्हें भारी मात्रा में जलाया गया? 

यह बयान कई नए सवाल खड़े करता है। आखिर वह कौन से दस्तावेज थे जिन्हें ट्रक भरकर जलाया गया? क्या यह नियमित रिकॉर्ड नष्ट करने की प्रक्रिया थी या फिर विभागीय फाइलों और वित्तीय दस्तावेजों को खत्म किया गया? खास बात यह है कि इसी समय प्रदेश में नए शराब ठेकों की प्रक्रिया भी चल रही है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहरा गया है। सूत्रों का कहना है कि विभाग में मुकेश नेमा के पास महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। यदि बीते एक वर्ष के रिकॉर्ड, डीजल खर्च, विभागीय गाड़ियों के उपयोग और अधिकारियों के दौरों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। कागजों पर दर्ज दौरे, वाहनों का उपयोग और ईंधन खर्च भी अब जांच के दायरे में आने चाहिए 

सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि राज्य उड़नदस्ता कार्यालय में जले कागज आखिर रद्दी थे या फिर सबूत 

विभागीय गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि इस पूरे मामले की शिकायत जल्द ही ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त तक पहुंच सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह मामला केवल कागज जलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभागीय रिकॉर्ड प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और ठेका प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े कर सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि राज्य उड़नदस्ता कार्यालय में जले कागज आखिर रद्दी थे या फिर ऐसे दस्तावेज, जिनके सामने आने से कई राज खुल सकते थे।

बेटे की बीमारी से जूझता परिवार, तीन लोगों की संदिग्ध मौत से इलाके में सनसनी

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पाली। राजस्थान के पाली जिले की एक पॉश कॉलोनी उस समय सनसनी और मातम में डूब गई, जब एक ही घर के भीतर मां और उसके दो बेटों के शव बरामद हुए। जोधपुर रोड स्थित आशापुरा टाउनशिप में रहने वाले इस परिवार ने बीमारी और मानसिक तनाव (डिप्रेशन) के चलते मौत को गले लगा लिया। घर दो दिनों से भीतर से बंद था और जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो मंजर देख सबकी रूह कांप गई।

दुर्गंध ने खोला राज: कमरे में बिखरी थीं लाशें

9 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे इस खौफनाक घटना का खुलासा हुआ। आशापुरा टाउनशिप के एक मकान से पिछले दो दिनों से कोई हलचल नहीं थी। जब आसपास के लोगों को घर से तेज दुर्गंध आने लगी, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर शांति देवी (59) और उनके छोटे बेटे रघुवीर (26) के शव फर्श पर पड़े थे, जबकि बड़े बेटे नरपत लाल (34) का शव पंखे से लटका मिला।

मौसेरे भाई ने दी थी पुलिस को सूचना

सबसे पहले नरपत के मौसेरे भाई लक्ष्मण ने शवों को देखा। लक्ष्मण के मुताबिक, 8 अप्रैल को नरपत से उसकी बात हुई थी। नरपत ने बताया था कि उसके शरीर पर घाव हो रहे हैं और उनमें मवाद भर गया है, इसलिए उसे अस्पताल ले जाना होगा। जब लक्ष्मण शाम को उनके घर पहुँचा और बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने औद्योगिक नगर थाना पुलिस को सूचित किया।

पिता की मौत के बाद बिखर गया था परिवार

इस परिवार की त्रासदी करीब 2 साल पहले शुरू हुई थी, जब नरपत के पिता मांगीलाल की बाथरूम में नहाते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पिता मिल में काम करते थे और उन्होंने मेहनत से यह नया मकान खरीदा था। पिता के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी दोनों बेटों पर थी, लेकिन बीमारी ने इस हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया।

सुसाइड नोट में छलका 'बीमारी और डिप्रेशन' का दर्द

पुलिस को तलाशी के दौरान मौके से एक सुसाइड नोट और दो मोबाइल फोन मिले हैं। सुसाइड नोट में साफ तौर पर लिखा है कि परिवार गंभीर बीमारी और उससे उपजे डिप्रेशन के कारण यह आत्मघाती कदम उठा रहा है। नरपत एक ऑयल कंपनी में काम करता था, लेकिन शरीर के घावों के कारण उसने 8 महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। वहीं, छोटा भाई रघुवीर एक मोबाइल शॉप पर काम करता था और मां शांति देवी भी अक्सर बीमार रहती थीं।

पड़ोसी से कहा था- 'फोन मत करना, सीधा दरवाजा खटखटाना'

नरपत के पड़ोसी सौरभ ने बताया कि 8 अप्रैल को उसकी नरपत से मुलाकात हुई थी। नरपत ने उसे इलाज के लिए अस्पताल साथ चलने को कहा था। उसने सौरभ से खास तौर पर कहा था— "शाम को घर आना, मेरा मोबाइल बंद रहेगा इसलिए कॉल मत करना, सीधे दरवाजा खटखटाना।" सौरभ व्यस्तता के कारण उस दिन नहीं जा सका, और अगले दिन उसे इस सामूहिक सुसाइड की खबर मिली।
 
व्हाट्सएप पर भेजे दस्तावेज और फोटो

मरने से पहले नरपत ने अपने कुछ रिश्तेदारों को अपना, अपने भाई और मां का फोटो, आधार कार्ड और जन आधार कार्ड व्हाट्सएप किए थे। इससे यह अंदेशा होता है कि उसने पूरी योजना के तहत इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस को दो शवों के पास से जहर की बोतल भी बरामद हुई है।

पुलिस और जांच टीम मौके पर

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी मोनिका सेन ने मामले के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। मौके पर एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) की टीमों ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। औद्योगिक नगर थाना प्रभारी निरमा बिश्नोई के अनुसार, पुलिस सुसाइड और अन्य सभी संभावित पहलुओं से मामले की गहराई से जांच कर रही है। फिलहाल तीनों शवों को बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।

राजस्थान में IAS अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, सियासी हलचल तेज

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जयपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा के भीतर भ्रष्टाचार के मामलों पर चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले भी कई आईएएस अधिकारी रिश्वत और घोटालों के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें पूर्व आईएएस इंद्र सिंह राव, पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया पूर्व आईएएस इंद्र सिंह राव ऐसे पहले अफसरों में शामिल रहे, जिन पर कलेक्टर रहते हुए रिश्वत लेने का आरोप लगा। दिसंबर 2020 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जब उनके पीए को पेट्रोल पंप के एनओसी के बदले 1.40 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। कोटा की जेल में काफी समय बिताया और उनके खिलाफ 5 फरवरी 2021 को चालान पेश किया गया। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिससे वे कई महीनों तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे।

इसी तरह, नीरज के पवन को 2016 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। उन पर फर्जी तरीके से टेंडर दिलाने और दलालों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे थे। वे करीब दो साल तक निलंबित भी रहे।  एनआरएचएम (NRHM) रिश्वत मामले में गिरफ्तार होने के बाद वे लगभग 8 महीने तक जेल में रहे। उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा 30 मई 2016 को गिरफ्तार किया गया था और जनवरी 2017 के अंत में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे फरवरी 2017 में जेल से बाहर आए। अलवर के पूर्व कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया को भी एसीबी ने 5 लाख रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। उनके साथ एक आरएएस अधिकारी और एक दलाल को भी पकड़ा गया था। पहाड़िया 67 दिनों तक जेल में रहे। अप्रैल 2022 में अलवर कलेक्टर रहते हुए एसीबी द्वारा 5 लाख रुपये की रिश्वत मामले में ट्रैप किए जाने के बाद, वे दो महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए थे।

2014 के चर्चित महाघूसकांड में रिटायर्ड आईएएस अशोक सिंघवी का नाम सामने आया था। खनन पट्टों के आवंटन में कथित तौर पर भारी भ्रष्टाचार और करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में उन्हें 2015 में गिरफ्तार किया गया था। चर्चित खान महाघूसकांड में लगभग 221 दिन जेल में रहने के बाद 23-24 अप्रैल 2016 को जयपुर की केंद्रीय जेल से बाहर आए थे। राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के मामले में जमानत दी थी।

वहीं, आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा को 2019 में गेहूं घोटाले में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। जांच में उनकी कई बेनामी संपत्तियां भी सामने आई थीं, जिन्हें अटैच किया गया। करीब 8 करोड़ रुपये के गेहूं घोटाले के आरोप में फंसी निलंबित आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा मई 2018 में सरेंडर करने के बाद लगभग दो महीने तक जोधपुर जेल में रहीं। उन्हें जुलाई 2018 में हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। अब जेजेएम घोटाले में सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाए। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से सिस्टम की साख पर भी असर पड़ रहा है।

10वीं रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट, जल्द जारी होंगे सीजी बोर्ड के नतीजे

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रायपुर|छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड की परीक्षा दे चुके छात्रों को बेसब्री से रिजल्ट का इंतजार है. ऐसे में छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीजीबीएसई) 10वीं परीक्षा के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है|

कब जारी होगा 10वीं का रिजल्ट?

  • छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीजीबीएसई) 10वीं परीक्षा के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है.
  • मिली जानकारी के मुताबिक, मंडल 30 अप्रैल तक नतीजों को जारी करने के लिहाज से तैयारी में जुटा हुआ है. किसी तरह की तकनीकी दिक्कत होने पर मई के पहले हफ्ते में नतीजे जारी होंगे.

12वीं का हिन्दी पेपर लीक होने से बिगड़ी शेड्यूल

हालांकि, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) इसे चुनौती के रूप में ले रहा है. अफसरों का कहना है कि 12वीं का हिन्दी का पेपर लीक होने के कारण थोड़ा शेड्यूल बिगड़ गया है. फिलहाल, प्राथमिकता 10 अप्रैल को हिन्दी का पेपर कराना है. नतीजे 30 अप्रैल तक जारी किए जा सकें, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है|

नतीजों को जल्द जारी करने के लिए जुटा अमला – पुष्या साहू

छत्तीसगढ़ माध्यमिक की सचिव पुष्या साहू ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल का पूरा अमला नतीजों को जल्द जारी करने के लिए जुटा हुआ है. हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि 30 अप्रैल तक 10वीं परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए जाएं|

9वीं और 11वीं के रिजल्ट पर भी अपडेट

प्रदेश में इस बार 9वीं और 11वीं के नतीजों को तैयार करने में पहली बार बड़ा बदलाव किया गया है. अब केवल सालाना परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि छमाही और वार्षिक दोनों परीक्षाओं के अधिभार अंक के आधार पर फाइनल नतीजे तैयार किए जाएंगे. इससे पूरे साल की पढ़ाई का असर भी परिणाम में दिखेगा. बता दें कि इन परीक्षाओं के नतीजे भी 30 अप्रैल को जारी किए जाएंगे|

आदित्य धर ने ‘धुरंधर 2’ पर संदीप वांगा की तारीफ, कहा- मजबूत इरादे काबिल-ए-तारीफ

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फिल्म निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने हाल ही में आदित्य धर की 'धुरंधर 2' के बारे में एक पोस्ट शेयर किया था। जिसके बाद अब आदित्य ने संदीप के समर्थन की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा के प्रति उनके ईमानदार नजरिए के लिए वे 'स्पिरिट' के निर्देशक संदीप वांगा रेड्डी को अपना आदर्श मानते हैं।

आदित्य ने संदीप की हालिया पोस्ट पर दिया जवाब

संदीप रेड्डी वांगा ने एक्स पर फिल्म 'धुरंधर 2' की तारीफ की थी। साथ ही उन्होंने कुछ फिल्मकारों की आलोचना भी की थी, जिन्हें उन्होंने 'चुनिंदा गुस्सा' बताया था। आदित्य धर ने एक्स पर संदीप के हालिया पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, 'मेरे प्यारे संदीप, मुझे तुम्हारा मजबूत इरादा और जरूरत पड़ने पर सीधा जवाब देने का तरीका बहुत अच्छा लगता है। इसमें सच्चाई और विश्वास दिखता है। मैं इसका बहुत सम्मान करता हूं।'

संदीप का पोस्ट

इससे पहले संदीप रेड्डी वांगा ने एक्स पर 'धुरंधर' के बारे में लिखा, 'ये काली सोच ऐसे नहीं जाएगी। मुट्ठी भर लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा, पूरा खेत जलना पड़ेगा।' उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछली रात फिल्म देखी और उसे बहुत बढ़िया बताया।

आदित्य ने की संदीप की तारीफ

आदित्य धर ने आगे लिखा कि वह हमेशा संदीप के इस रवैये की तारीफ करते आए हैं कि वे बिना किसी डर या शोर के उनकी फिल्मों का साथ देते हैं। उन्होंने लिखा, 'इस तरह का सच्चा विश्वास हमें सबको अपनी आवाज पर भरोसा करने और आगे बढ़ने की हिम्मत देता है।'

'स्पिरिट' के लिए दी बधाई

आदित्य धर ने अभिनेता प्रभास को 'स्पिरिट' के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें दिग्गज अभिनेता बताया। उन्होंने संदीप रेड्डी वांगा की आने वाली फिल्म 'स्पिरिट' के लिए भी शुभकामनाएं दीं और लिखा, 'अगर कभी मैं कुछ मदद कर सकूं तो मैं सच में एक भाई की तरह मदद करना चाहूंगा।'

फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' की कमाई

'धुरंधर 2: द रिवेंज' को खाड़ी देशों और पाकिस्तान में बैन कर दिया गया है, लेकिन बाकी जगहों पर इसे पूरी तरह रिलीज किया गया है। यह फिल्म रणवीर सिंह के किरदार पर बनी है, जो पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ मिशन पर आधारित है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। अब तक इस फिल्म ने भारत में कुल 1,048.42 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1665.23 करोड़ रुपये हो चुका है। इस फिल्म में रणवीर के साथ आर. माधवन, संजय दत्त, सारा अर्जुन, राकेश बेदी और अर्जुन रामपाल भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान, OBC कोटा का पेच बना बड़ा विवाद

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नई दिल्ली. संसद (Parliament) और विधानसभाओं (Legislative Assemblies) में महिलाओं (Women) को एक तिहाई आरक्षण (Reservation) के मामले में विपक्ष (Opposition) ओबीसी कोटा (OBC Quota) का पेच फंसाने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी इंडिया ब्लॉक में शामिल सपा, राजद जैसे कुछ विपक्षी दलों ने कांग्रेस से सरकार के समक्ष इस आशय का मांग रखने का दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस शुक्रवार को होने वाली अपनी कार्यसमिति की बैठक में इस मामले में निर्णय ले सकती है।

महिला आरक्षण अधिनियम में ओबीसी कोटा नहीं
गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनाव से ठीक पहले महिला आरक्षण के लिए पारित किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में ओबीसी कोटे का प्रावधान नहीं किया गया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा, राजद जैसे कुछ दलों ने भी ओबीसी कोटा लागू करने की मांग की। तब सरकार ने संविधान में इस आशय की व्यवस्था न होने का हवाला दिया था। हालांकि कांग्रेस ने तब ओबीसी कोटे की मांग से दूरी बना ली थी। सपा के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सरकार के समक्ष आरक्षण में ओबीसी कोटा तय करने की मांग पर विचार का आश्वासन दिया है।

कार्यसमिति की अहम बैठक
अब जबकि सरकार ने बजट सत्र की 16 से 18 अप्रैल तक विस्तारित बैठक बुलाने के फैसले के बाद बुधवार को केबिनेट की बैठक में महिला आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयकों को मंजूरी मिल गई है, तब शुक्रवार को होने वाली कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक अहम हो गई है।
कांग्रेस के ही एक धड़े का मानना है कि राहुल गांधी की सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती देने के लिए ओबीसी कोटे की मांग का व्यापक असर होगा।
अगर कांग्रेस की ओर से ओबीसी कोटे की मांग की गई तो संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार को अतिरिक्त मशक्कत करनी होगी। सरकार अब तक कांग्रेस का समर्थन मिलने को लेकर निश्चिंत थी।

इजरायल के आगे पाकिस्तान झुका? रक्षा मंत्री ने ‘कैंसर’ वाली पोस्ट डिलीट की

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Pakistan: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में सीजफायर के बीच पाकिस्तान के लिए बहुत असहज करने वाली स्थिति सामने आ गई है। इस्लामाबाद में होने वाली अहम कूटनीतिक बैठकों से पहले पाकिस्तान को एक अजीब और थोड़ी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। इसकी जड़ में खुद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ हैं। जिनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी। दरअसल, ख्वाजा आसिफ ने अपने एक्स अकाउंट पर इजरायल को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने इजरायल को “मानवता के लिए अभिशाप” तक कह दिया। यह बयान आते ही मामला तूल पकड़ गया।

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा था?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इजरायल को बुराई और इंसानियत के लिए अभिशाप बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेकिन लेबनान में नरसंहार हो रहा है।

इजरायल की सख्त प्रतिक्रिया

इजरायल ने इस बयान को हल्के में नहीं लिया। सीधे बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। बयान में कहा गया कि इस तरह की भाषा “अपमानजनक” है और खासकर तब और भी ज्यादा अस्वीकार्य हो जाती है, जब कोई देश खुद को शांति प्रक्रिया में तटस्थ बताने की कोशिश कर रहा हो। यह प्रतिक्रिया साफ तौर पर एक कूटनीतिक चेतावनी जैसी थी।

दबाव में आया पाकिस्तान?

इजरायल की इस तीखी आपत्ति के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। ज्यादा देर नहीं लगी और ख्वाजा आसिफ ने अपनी विवादित पोस्ट हटा दी। यही कदम अब चर्चा का विषय बन गया है। कई एक्सपर्ट इसे पाकिस्तान के “कूटनीतिक बैकफुट” या कहें तो दबाव में उठाया गया कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तान सच में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहता है, तो उसे अपने बयानों में ज्यादा सावधानी बरतनी होगी।

क्यों अहम है यह विवाद?

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की मेजबानी करने की तैयारी में है। ऐसे में इस तरह का विवाद उसकी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान इस वक्त अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी साख सुधारना चाहता है। साथ ही वह खुद को एक 'शांतिदूत' के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आक्रामक बयानबाजी उसकी रणनीति को कमजोर कर सकती है।

खतरनाक एंड्रॉइड मालवेयर ‘नो वॉइस………..करीब 23 लाख स्मार्टफोन प्रभावित

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वाशिंगटन । हाल ही में एक बेहद खतरनाक एंड्रॉइड मालवेयर ‘नो वॉइस’ सामने आया है, जिसने करीब 23 लाख स्मार्टफोन को प्रभावित किया है। यह मालवेयर मुख्य रूप से पुराने और बजट स्मार्टफोन को निशाना बना रहा है, जिसमें मई 2021 के बाद कोई सुरक्षा अपडेट नहीं हुआ है। मैकेफी के शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मालवेयर सामान्य फैक्ट्री रीसेट के बाद भी फोन से हटता नहीं है, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
‘नो वॉइस’ 50 से अधिक एप में छिपा पाया गया था, जैसे सिस्टम क्लीनर, गेम्स और फोटो गैलरी, जो शुरुआत में निर्दोष लगते हैं। उपयोगकर्ता इन्हें बिना किसी संदेह के इंस्टॉल कर लेते हैं। इंस्टॉल होने के बाद, यह एंड्रॉइड की पुरानी कमजोरियों का फायदा उठाकर फोन में रूट एक्सेस हासिल कर लेता है, जिससे यह डिवाइस पर लगभग पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेता है। रूट एक्सेस मिलने के बाद, ‘नो वॉइस’ कई खतरनाक गतिविधियां करता है। यह वित्तीयद एप से संवेदनशील डेटा, जैसे यूजरनेम और पासवर्ड चुरा सकता है, जिससे आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा यह निजी तस्वीरों को देखकर डिलीट कर सकता है और जरूरी एप को भी हटाकर फोन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
इसकी सबसे बड़ी समस्या इसकी अत्यधिक चिपचिपी प्रकृति है, जो इसे सिस्टम के गहरे हिस्सों में छिपने में सक्षम बनाती है। केवल फोन का पूरा फर्मवेयर दोबारा इंस्टॉल करने से इसे पूरी तरह हटाया जा सकता है। वैश्विक स्तर पर इसका प्रभाव अफ्रीकी देशों में अधिक देखा गया है, लेकिन भारत, अमेरिका और यूरोप में भी कई उपयोगकर्ता इससे प्रभावित हुए हैं। हालांकि, जिन स्मार्टफोन को मई 2021 के बाद नियमित सुरक्षा पैच और अपडेट मिल रहे हैं, वे इस मालवेयर से सुरक्षित हैं। गूगल ने प्रभावित ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है, जिससे नए इंस्टॉलेशन का जोखिम कम हो गया है। सुरक्षा के लिए उपयोगकर्ताओं को केवल विश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड करना चाहिए, नियमित अपडेट करना चाहिए और संदिग्ध ऐप्स से बचना चाहिए। साथ ही, फोन में किसी भी असामान्य गतिविधि या प्रदर्शन में बदलाव पर तुरंत विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। यह सचेत रहना ही ‘नो वॉइस’ जैसे खतरनाक मालवेयर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

वरुण नगर योजना में सस्ती जमीन का मौका, सिर्फ 2500 रुपये प्रति वर्गफीट में प्लॉट

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लखनऊ|एलडीए की जो चार नई आवासीय योजनाएं आ रही हैं उनमें वरुण नगर योजना में जमीन सबसे सस्ती होगी। आगरा एक्सप्रेस-वे के पास प्रस्तावित इस योजना में जमीन की कीमत अधिकतम 2500 रुपये प्रति वर्गफीट होगी। एलडीए की अन्य तीन प्रस्तावित आवासीय योजनाओं में किसी में भी जमीन की कीमत इतनी कम नहीं होगी। इस योजना का भूमि पूजन में जेठ में पड़ने वाले किसी एक बड़े मंगल पर मुख्यमंत्री के हाथों से कराने

की योजना पर काम चल रहा है।

राजधानी में एलडीए की चार नई आवासीय योजनाएं आने वाली हैं। इसमें सीतापुर रोड और आईआईएम रोड पर नैमिष नगर, सुल्तानपुर रोड पर आईटी सिटी और वेलनेस सिटी तथा आगरा एक्सप्रेसवे पर वरुण नगर योजना शामिल है। आईटी और बेलनेस सिटी के लिए जमीन लैंडपूलिंग से ली जा रही है जबकि नैमिष नगर और वरुण नगर में सहमति के आधार पर बैनामा से खरीदी जा रही है।

जानिए, किस योजना में जमीन का कितना रेट है प्रस्तावित

इनमें आईटी सिटी में जमीन का रेट करीब 4000 रुपये प्रति वर्गफीट प्रस्तावित है। वेलनेस सिटी में यह रेट 4200 रुपये प्रति वर्गफीट रहने का अनुमान है। नैमिष नगर में जमीन का रेट करीब 3000 रुपये प्रति वर्गफीट प्रस्तावित है जबकि वरुण नगर में यह रेट करीब 2500 रुपये प्रस्तावित है। ऐसे में चारों योजनाओं में यह सबसे सस्ती योजना होगी। बोते वर्ष मोहान रोड पर एलडीए ने अनंत नगर योजना लॉन्च की थी, वहां पर जमीन का रेट 3900 रुपये प्रति वर्गफीट रखा गया था।

इसलिए यहां कम होगी कीमत

जानकारों ने बताया कि चारों योजनाओं में सबसे महंगी जमीन वेलनेस सिटी की है। उसके बाद आईटी सिटी और फिर नैमिष नगर और उसके बाद वरुण नगर की है। यहां पर एलडीए की जमीन का रेट करीब 70 लाख रुपये बीघा पड़ रहा है जबकि नैमिष नगर में यही रेट करीब 1.25 करोड़ रुपये बीघा पड़ रहा है।

आईटी सिटी और वेलनेस सिटी में जमीन लैंडपूलिंग से ली जा रही है। ऐसे में यहां पर एलडीए को जमीन खरीदनी नहीं पड़ रही है मगर यहां पर अभी जो रेट है वह 1.25 करोड़ से लेकर 1.50 करोड़ रुपये बीघा चल रहा है। एलडीए लैंडपूलिंग के तहत जमीन देने वालों को रुपये के बदले 25 प्रतिशत विकसित जमीन दे रहा है।

तब 20 मिनट में पहुंचेंगे हजरतगंज

योजना से जुड़े एक जानकार ने बताया कि हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने की योजना है। इसके बनने के बाद वरुण नगर से कालिदास चौक (हजरतगंज क्षेत्र) तक का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो जाएगा। ऐसे में यह योजना एक तरह से गोमती नगर के टक्कर की हो जाएगी क्योंकि यहां पर 300 एकड़ का पार्क और 150 एकड़ की एक झील भी विकसित की जा रही है। हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनने की योजना कई वर्ष से चल रही है मगर अभी अमल में नहीं आ सकी है। बसपा सरकार में लालबहादुर शास्त्री मार्ग और सदर तक कुछ हिस्से पर रोड बनी है। कालिदास चौक से पारा के मोहान रोड तक हैदर कैनाल करीब नौ किमी लंबाई में है। इस पर एलिवेटेड रोड बनने से शहर के करीब दस लाख से अधिक की आबादी का आवागमन आसान हो जाएगा।

ये है योजना की पूरी डिटेल

– 2664 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगी वरुण नगर योजना
– 2100 प्लॉट निकाले जाएंगे
– कैलाश और काशी, दो खंड में बंटी होगी योजना

योजना में शामिल गांव: भलिया, आदमपुर, इंदवारा, बहरु, जलियामऊ, मदारपुर, इब्राहिमगंज, नकटौरा, गहलवारा, तेजकृष्ण खेड़ा, रेवरी व सकरा।एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि वरुण नगर योजना का भूमि पूजन जून माह में बड़े मंगल के दिन कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस योजना में लोगों को जमीन काफी किफायती दर पर मिलेगी जिससे वह खुद के आशियाने का सपना पूरा कर सकेंगे। 

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