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महक-परी का वीडियो वायरल होते ही बवाल, पड़ोसियों और परिजनों में मारपीट

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संभल|यूपी के संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के शहबाजपुर कला गांव में मंगलवार शाम यू-ट्यूबर महक-परी के परिजनों और पड़ोसियों के बीच बच्चों को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है।

यह विवाद मंगलवार शाम करीब छह बजे शुरू हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट और हमले का आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामले की गुत्थी उलझ गई है।

सरफराज के आरोप और पुलिस कार्रवाई

महक और परी के पिता सरफराज ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद के बाद पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। सरफराज ने अपनी शिकायत में पड़ोसियों पर जानबूझकर विवाद बढ़ाने और हमला करने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

नूरहसन का दावा और आगे की जांच

वहीं, दूसरे पक्ष के नूरहसन ने पुलिस को बताया कि सरफराज और उनके परिवार के सदस्यों ने लाठी-डंडों से उन पर और उनके परिवार पर हमला किया। नूरहसन के अनुसार, इस मारपीट में उनके परिवार के भी कई सदस्य घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।

थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि दूसरे पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नूरहसन या उनके परिवार की ओर से कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी भी जांच-पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

असम चुनाव से पहले बड़ा कदम, BSF ने बॉर्डर पार परिवारों को दी एंट्री

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Assam Assembly Election 2026: भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से सटे असम के श्रीभूमि जिले में गुरुवार को मतदान के दौरान एक अनोखी, प्रेरणादायक और लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पहल देखने को मिली। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने न सिर्फ तय समय से पहले सीमा गेट खोले, बल्कि तारों के पार बसे ग्रामीणों को अपनी गाड़ियों से मतदान केंद्र तक पहुंचाकर मिसाल पेश की।

70 परिवारों को मिला मतदान का अवसर
करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करीब 70 परिवार, जो सीमा के बाहर बसे हुए हैं, इस विशेष व्यवस्था का लाभ उठा सके। गबिंदापुर, उत्तर लाफासाइल, तेसुआ, देउटोली और मैशाशन जैसे पांच गांवों के मतदाताओं को BSF ने सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्र तक पहुंचाया और मतदान के बाद वापस उनके घरों तक भी छोड़ा।

क्या बोले स्थानीय मतदाता?
एक स्थानीय मतदाता ने बताया, BSF ने सुबह जल्दी गेट खोल दिए और अपनी गाड़ियों से हमें मतदान केंद्र तक पहुंचाया। इससे हमें बहुत सुविधा हुई। वहीं पर मौजूद भावुक मतदाता ने कहा, हम मतदान को लेकर गंभीर हैं, क्योंकि इससे हमें यह भरोसा मिलता है कि हम भारतीय हैं, सिर्फ किसी भूले-बिसरे इलाके के निवासी नहीं।

चुनाव प्रचार में भी BSF की अहम भूमिका
सूत्रों के मुताबिक, BSF ने मतदान से पहले चुनाव प्रचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सीमा गेटों का सुचारु प्रबंधन किया और उम्मीदवारों व उनके समर्थकों को जीरो लाइन के पास बसे गांवों तक पहुंचने की अनुमति दी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकी।

आखिर क्यों बाड़बंदी के बाहर बसे हैं ये गांव?
भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 150 गज के भीतर स्थायी निर्माण या फेंसिंग की अनुमति नहीं है। इसी कारण ये गांव कंटीली तारों के बाहर स्थित हैं। यहां रहने वाले लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां रहती हैं और सीमा गेट आमतौर पर शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहते हैं।

मदद के लिए हमेशा मौजूद BSF
एक BSF अधिकारी ने बताया, आपात स्थिति में हम हमेशा उनकी मदद के लिए तैयार रहते हैं और जरूरत पड़ने पर निर्धारित समय के बाद भी उन्हें नजदीकी शहर तक पहुंचाते हैं।

पुनर्वास की प्रक्रिया तेज
सरकार अब श्रीभूमि जिले में बाड़बंदी के बाहर बसे गांवों के पुनर्वास पर तेजी से काम कर रही है। इस जिले की करीब 92 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है। वहीं, पड़ोसी कछार जिले (32 किलोमीटर सीमा) में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे सभी गांवों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। अब श्रीभूमि में भी इसी मॉडल पर परिवारों को कंटीली तारों के भीतर बसाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे उनकी सुरक्षा, आवाजाही और बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

मऊ में दर्दनाक हादसा, एक ही गांव के तीन दोस्तों की मौत

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मऊ|मऊ जिले के घोसी कोतवाली के जामडीह के पास बृहस्पतिवार की रात 11 बजे तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को जिला अस्पताल भिजवाया। 

कैसे हुआ हादसा

मधुबन थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी बेचन यादव (30), प्रमोद यादव (28) और आजाद यादव (32) बृहस्पतिवार की रात घोसी स्थित निजी अस्पताल में दोस्त को खाना पहुंचाने गए थे। दोस्त की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती थी। 

बोलेरो की टक्कर से 20 मीटर दूर जा गिरे बाइक सवार 

तीनों एक ही बाइक से खाना पहुंचाकर घर लौट रहे थे। अभी जामडीह के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सहित 20 मीटर दूर जा गिरे। दुर्घटना के बाद चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। 

तीनों युवतों ती मौत से गांव में पसरा मातम

एक ही गांव के तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि बोलेरो को सीज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

आंधी का कहर, 2 लाख लोगों की बिजली 22 घंटे तक रही गुल

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लखनऊ|राजधानी लखनऊ में बुधवार रात आंधी-बारिश के कारण एयरफोर्स स्टेशन मेमौरा, मोहनलालगंज, बनी, हरौनी, कटी बगिया और गेहरू सहित दो लाख से अधिक आबादी को 12 से 22 घंटे तक बिजली संकट झेलना पड़ा। आंधी-बारिश के कारण इन इलाकों में बिजली आपूर्ति करने वाले 11 व 33 केवी बिजली लाइनों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया।

इस कारण प्रभावित इलाकों में परिवारों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली के साथ-साथ पानी की आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ी। इन इलाकों में बुधवार रात 8 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जो बृहस्पतिवार दोपहर तक बहाल नहीं हो सकी।

एयरफोर्स स्टेशन मेमौरा को छोड़कर अन्य सभी इलाकों में बिजली की बहाली के लिए विभागीय कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार, अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता शशांक कुमार व विवेक प्रकाश ने उपकेंद्रों और बिजली संकट वाले इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

क्षति का विवरण बनी, खुरुमपुर, गेहरू उपकेंद्रों की 11 केवी ओवरहेड व भूमिगत लाइनें क्षतिग्रस्त। बनी, खुरुमपुर उपकेंद्र की 33 केवी लाइनों के तार और खंभे तहस-नहस। कुल 22 पेड़ हाईटेंशन तारों पर गिरे जिससे 35 खंभे और तार भी टूटे। तारों के सटने से ओवर करंट के कारण कई घरों में उपकरण जल गए।

आंधी-तूफान का प्रभाव और क्षति

बिजली व्यवस्था के ध्वस्त होने का मुख्य कारण तूफान के दौरान पेड़ की शाखाएं और पेड़ों का गिरना था। इससे बनी उपकेंद्र के यार्ड में भी फॉल्ट आ गया था। कर्मचारियों ने रात में ही उन इलाकों की बिजली बहाल करने की कोशिश की जहां तार पर सिर्फ पेड़ों की शाखाएं गिरी थीं। हालांकि काफी जगह पूरा पेड़ गिरने से तार धराशाई हो गए थे जिन्हें दुरुस्त करने में काफी समय लगा।

मोहनलालगंज में 20 घंटे तक बना रहा संकट

बुधवार की रात तेज आंधी और बारिश से इलाके में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भौदरी, गनियार, जंगलीखेड़ा, मरुई समेत कई गांवों के लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान गनियार के पास बिजली के तारों पर पेड़ की टहनियां गिरने से फॉल्ट हो गया, जिसे ठीक होने में करीब 20 घंटे का समय लगा। प्रभावित लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी जबकि सुबह भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद भी इलाके के कई फीडर दो से तीन घंटे तक बंद रहे। धनुवासांड फीडर की लाइन में ब्रेकडाउन भी हो गया।

PM मोदी पर हमले की साजिश! बक्सर से CIA को मैसेज भेजने वाले 3 युवक गिरफ्तार

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Bihar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की साजिश रच रहे तीन आरोपियों को बक्सर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने पीएम मोदी पर न केवल हमले की धमकी दी, बल्कि विदेशी एजेंसियों से पैसों की भी मांग की थी. तीनों पर आरोप है कि अमेरिका की एजेंसी सीआईए (CIA) को एक मैसेज भेजकर जानलेवा हमले की बात कही थी. जिसके बाद बक्सर पुलिस एक्टिव हुई और तीन आरोपियों को धर दबोचा. फिलहाल, अभी जांच जारी है.

इस घटना के बाद बिहार के बक्सर जिले में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं. पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी 22 वर्षीय अमन तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही दो अन्य साथी भी पकड़े गए हैं. जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) को प्रस्ताव भेजकर मोटी रकम की मांग की थी. इसके लिए 22 दिनों का समय भी मांगा था. फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.

पुलिस ने कई सामान किए बरामद

PM मोदी पर जानलेवा हमले की साजिश रचने के मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है. सूचना मिलते ही बुधवार की रात पुलिस ने टीम ने तीनों आरोपियों के घर पर छापा मार कार्रवाई की, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. जिस सिस्टम से मैसेज भेजा गया था. पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है. पुलिस को तलाशी के दौरान अमन के कमरे से लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं. उपकरणों के साथ कोई छेड़छाड़ ना हो, इसके लिए कमरे को सील कर दिया गया है.

पैसा कमाने की लालच में रची साजिश

पुलिस के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता अमन तिवारी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. इससे पहले भी वह कोलकाता एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दे चुका है. हालांकि, उस समय वह नाबालिग होने की वजह से बच गया था. अमन इंटरनेट पर काफी सक्रिय रहता था. लेकिन उसने अधिक पैसे कमाने की लालच में यह साजिश रची. फिलहाल, पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

अमेरिका का दावा कहा- राष्ट्रपति ट्रंप ने कूड़ेदान में फेक दिया था ईरान की 10 मांगों वाला प्रस्ताव

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वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस शुरुआती प्रस्ताव को वास्तव में कूड़ेदान में फेंक दिया था, जो गंभीर नहीं था और अमेरिकी हितों के खिलाफ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने शुरुआत में जो 10 बिंदुओं का मसौदा दिया था, वह स्वीकार्य नहीं था और उसे पूरी तरह खारिज कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बाद में ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमत हुआ है और अब एक नया प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार माना जा सकता है।
लेविट ने मीडिया और विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे ऐसी भ्रामक बातों को बढ़ावा न दें जिनका तथ्यों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने देश को आश्वस्त किया कि राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी ईरान की इच्छाओं की सूची पर समझौता नहीं करेंगे। प्रशासन का रुख स्पष्ट है कि कोई भी समझौता तभी होगा जब वह अमेरिकी जनता और वैश्विक सुरक्षा के हित में होगा। फिलहाल, ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी इस जंग ने अमेरिकी कूटनीति की कड़ी परीक्षा ले रखी है।
ट्रंप की मानसिक स्थिति ठीक नहीं
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने राष्ट्रपति ट्रंप पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें पद के लिए मानसिक रूप से अनफिट करार दिया है। उन्होंने ट्रंप को हटाने के लिए हर संभव कदम उठाने की अपील करते हुए ईरान की ओर से आए 10 सूत्रीय प्रस्ताव को ट्रंप का सरेंडर बताया। विपक्ष के इन हमलों ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिसके जवाब में अब व्हाइट हाउस को आधिकारिक सफाई पेश करनी पड़ी है।
ईरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट
अमेरिका की मध्यस्थता से शांति की जो उम्मीद एक दिन पहले जगी थी, वह लेबनान पर इजरायल के ताजा हमलों के बाद फिर से धुंधली पड़ती दिख रही है। ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के अपने फैसले को कुछ ही घंटों के भीतर पलटते हुए इसे फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान के इस कड़े रुख ने अमेरिका के सामने एक स्पष्ट लकीर खींच दी है कि उसे अब यह तय करना होगा कि वह क्षेत्र में युद्धविराम चाहता है या इजरायल के जरिए युद्ध को और हवा देना चाहता है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अमेरिका के भीतर भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा होकर लिव-इन में रहने पर भी नहीं छिनेंगे कानूनी अधिकार

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दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट में एक लिव-इन में रह रहे कपल की सुरक्षा से संबंधित मामले की सुनवाई हुई, जिसमें महिला पहले से ही शादीशुदा थी। जस्टिस सौरभ बनर्जी की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कपल ने परिवार और महिला के पति से मिल रही धमकियों के कारण सुरक्षा मांगी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं और दोनों को सुरक्षा का अधिकार है। हाईकोर्ट में आए इस मामले ने रिश्तों और कानून के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

क्या है मामला?
याचिका के अनुसार, महिला साल 2016 से ही अपने पति द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न झेल रही थी। ऐसे में उसने अपने जीवन में आगे बढ़ने का फैसला लिया और फरवरी 2026 से एक अन्य व्यक्ति के साथ हैदराबाद में लिव-इन में रहने लगी। साथ रहने के फैसले के बाद महिला के परिवार और पति की तरफ से उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। इतना ही नहीं, स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से भी उनकी परेशानी बढ़ गई। इन हालातों से बचने के लिए दोनों दिल्ली आ गए और अपनी सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट का रुख किया।

शादीशुदा होना बाधा नहीं
सुनवाई के दौरान जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने साफ कहा कि अगर दोनों व्यक्ति बालिग हैं, तो उन्हें अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 19 के तहत पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। यानी हर नागरिक को अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीने और अपने फैसले लेने का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति का शादीशुदा होना, अविवाहित होना या लिव-इन रिलेशनशिप में रहना उसके अधिकारों को कम नहीं करता। ये सभी व्यक्तिगत फैसले हैं और कानून इनके आधार पर किसी के मौलिक अधिकारों को नहीं छीन सकता। अदालत ने साफ संदेश दिया कि बालिग लोगों की पसंद और स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कपल को राहत देते हुए उन्हें पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं और उन्हें अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का पूरा अधिकार है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

हरे निशान पर खुला बाजार, शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख

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नई दिल्ली। बैंक शेयरों में तेजी और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान के चलते शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल आया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 630.08 अंक बढ़कर 77,261.73 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 203.6 अंक चढ़कर 23,978.70 पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे कमजोर होकर 92.71 पर खुला, जबकि गुरुवार को यह 92.66 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस को सबसे ज्यादा लाभ हुआ। सन फार्मा, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और टाइटन पिछड़ गए।

एशियाई बाजारों में दिखी बढ़त 

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

रिसर्च एनालिस्ट और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि अमेरिकी बाजारों में मजबूती, जहां डाउ ने अपनी रैली को जारी रखा, साथ ही एशियाई बाजारों में व्यापक रूप से सकारात्मक रुख, अमेरिका-ईरान के नाजुक युद्धविराम को लेकर निरंतर आशावाद को दर्शाता है। हालांकि वैश्विक भावना में सुधार हुआ है, फिर भी यह काफी हद तक घटनाओं पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि भूराजनीतिक घटनाक्रम में कोई भी बदलाव जोखिम लेने की प्रवृत्ति को तेजी से बदल सकता है, खासकर कच्चे तेल की कीमतों पर इसके प्रभाव के कारण। इससे सकारात्मक रुझान बना रहता है, लेकिन यह पूरी तरह से स्थिर नहीं होता। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बाजार अब "प्रतीक्षा करो और देखो" के चरण में है – समाचार प्रवाह के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, और इसकी दिशा तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करती है: भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की आवाजाही और एफआईआई।

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 96.11 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.20 प्रतिशत बढ़कर 96.11 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 1,711.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 955.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.20 प्रतिशत गिरकर 76,631.65 पर बंद हुआ। निफ्टी 222.25 अंक या 0.93 प्रतिशत गिरकर 23,775.10 पर समाप्त हुआ। 

दो IAS अफसरों पर CM मेहरबान—एक को मंत्रालय बुलाया, दूसरे को सौंपी राजधानी की कमान

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भोपाल : मध्य प्रदेश में हुई बड़ी प्रशासनिक सर्जरी से राजधानी भोपाल भी प्रभावित हुई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह अब नई जिम्मेदारी के साथ राजधानी में ही रहेंगे। वे सीएम सचिव के साथ ही टाउन व कंट्री प्लानिंग के आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। धार में पदस्थ रहे प्रियंक मिश्रा भोपाल के नए कलेक्टर बनाए गए हैं।

प्रियंक मिश्रा को मिला कुशलता का इनाम
माना जा रहा है कि भोजशाला की शांति ने उन्हें राजा भोज की नगरी में आने का मौका दिया है। प्रियंक मिश्रा की भोपाल कलेक्टर के रूप में नियुक्ति को उनकी प्रशासनिक कुशलता के इनाम के तौर पर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि धार कलेक्टर रहते हुए उन्होंने भोजशाला प्रकरण जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके और सूझबूझ के साथ निपटाया। सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने में उनकी भूमिका ने उन्हें राजधानी की जिम्मेदारी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मिश्रा 2013 बेच के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री की है।

भोपाल कलेक्टर के रूप में कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जीता सीएम का दिल
भोपाल कलेक्टर के रूप में कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का कार्यकाल अच्छा रहा। उन्होंने सरकारी जमीनों के सर्वे, अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने और नगरीय विकास के कार्यों में गति देने में काफी काम किया। नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त के तौर पर उनके अनुभवों का लाभ प्रदेश के शहरी नियोजन और सुनियोजित विकास में मिलने की उम्मीद की जा रही है।

नए कलेक्टर के सामने कई चुनौतियां

  • बड़ा तालाब बफर- कैचमेंट के निर्माणों को हटाना।
  • अवैध कॉलोनियों पर तेजी से कार्रवाई कराना।
  • नए कलेक्ट्रेट के भवन को बनवाना।
  • 8 नजूल को तहसील बना लोगों को उनके ही क्षेत्र में कार्यालय देना।
  • जनगणना का काम पूरा कराना।
  • मेट्रो समेत करीब 10 प्रोजेक्ट के लिए जमीन की व्यवस्था करना।

“मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी…” वसुंधरा राजे के बयान से सियासी हलचल तेज

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झालावाड़। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुरुवार को झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र पहुंचीं, जहां उन्होंने कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की, पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके एक बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज कर दी है।

पदयात्रा को लेकर क्या बोलीं वसुंधरा राजे

कामखेड़ा में आयोजित पदयात्रा को लेकर वसुंधरा राजे ने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि जब चुनाव नहीं है, तो पदयात्राएं क्यों की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पदयात्रा से आमजन के करीब जाने और उनकी छोटी-छोटी समस्याएं जानने का मौका मिलता है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी बस यात्राएं कर चुकी हैं और यह उनकी चौथे चरण की यात्रा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यात्रा के दौरान खान-पान का ध्यान रखें, कोई बीमार न पड़े और जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका समाधान प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर में पूजा, पदयात्रा को दिखाई हरी झंडी

वसुंधरा राजे मनोहरथाना स्थित प्रसिद्ध कामखेड़ा बालाजी मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूजा के बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और अपने सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

विकास कार्यों का किया जिक्र, बदली क्षेत्र की तस्वीर

अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि पहले मनोहरथाना पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब सड़कों और सुविधाओं में सुधार के कारण क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि मनोहरथाना अब पिछड़ा क्षेत्र नहीं, बल्कि तेजी से विकास करने वाला इलाका बन गया है।

कामखेड़ा बालाजी मंदिर के विकास पर जताई खुशी

उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार मंदिर आई थीं, तब केवल एक चबूतरे पर मूर्ति थी, लेकिन आज मंदिर भव्य स्वरूप ले चुका है और देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने मनोहरथाना क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में विधायक, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

बयान पर छिड़ी चर्चा

दोपहर बाद पदयात्रा के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर वसुंधरा राजे चर्चा में आ गईं। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे काम होते रहते हैं, किसी को घर नहीं मिल रहा, किसी को पेंशन या मुआवजा नहीं मिल रहा। लोग उनसे शिकायत करते हैं, तो उन्होंने कहा कि “मेरे साथ भी ऐसा हुआ, मैं अपने लिए कुछ नहीं कर सकी, तो तुम्हारे लिए क्या करूं।” उन्होंने कहा कि “मेरा चला गया, मैं अपने आप को नहीं बचा सकी और लोग कहते हैं कि आप हमें बचा लीजिए।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

गढ़ पैलेस में ‘गागरोन दुर्ग गैलरी’ और सेल्फी पॉइंट का उद्घाटन

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ के ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय म्यूजियम में “गागरोन दुर्ग गैलरी” और गढ़ पैलेस के सामने बनाए गए आकर्षक “सेल्फी पॉइंट” का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खुद बैठकर सेल्फी भी ली। उन्होंने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है और इसे पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना जरूरी है।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

उन्होंने कहा कि “गागरोन दुर्ग गैलरी” जैसे प्रयास स्थानीय विरासत को संरक्षित करेंगे और देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय कला-संस्कृति को आधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत करने पर काम कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ सके।

पर्यटन से रोजगार बढ़ेगा, महिलाओं की अहम भूमिका

वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में पर्यटन को आगे बढ़ाने में सभी लोग सहयोग कर रहे हैं, खासकर महिलाएं भी इसमें भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन का मतलब सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि इससे रोजगार और नौकरी के अवसर भी बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि झालावाड़ की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।

गागरोन दुर्ग गैलरी: इतिहास को मिला नया रूप

जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि पंच गौरव योजना के तहत राजकीय संग्रहालय में “गागरोन दुर्ग गैलरी” विकसित की गई है। इस गैलरी में गागरोन दुर्ग के प्रमुख स्थलों जैसे गणेश पोल, संत मिट्ठेशाह की दरगाह, नक्कारखाने का द्वार, लाल दरवाजा, जौहर कुंड, रानियों का महल, द्वारकाधीश मंदिर, भैरवपोल, कटार देव की छतरी, अचलदास खींची का खांडा, जल संरचनाएं, मधुसूदन मंदिर, खींची राजाओं का महल, कृष्ण द्वार, राम बुर्ज, अंधेरी बावड़ी और गणगौर घाट की जानकारी और चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। गैलरी का मुख्य आकर्षण बीच में बना गागरोन दुर्ग का भव्य मॉडल है, जो पर्यटकों को किले के अंदर होने जैसा अनुभव देता है। गढ़ पैलेस के सामने बनाया गया सेल्फी पॉइंट विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की तर्ज पर तैयार किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, यह स्थान पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगा, जहां लोग गढ़ पैलेस की खूबसूरत पृष्ठभूमि के साथ तस्वीरें ले सकेंगे। वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। “गागरोन दुर्ग गैलरी” और “सेल्फी पॉइंट” जैसे प्रयास पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और स्वच्छता में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि झालावाड़ को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
 

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