Home Blog Page 18

भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा बढ़ा, गोल्डमैन सैक्स ने जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाया

0

नई दिल्ली: वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए भारत के वृहद आर्थिक परिदृश्य (Macroeconomic Outlook) को पहले से कहीं अधिक मजबूत और बेहतर बताया है। हाल ही में संपन्न हुए ऐतिहासिक अमेरिकी-ईरान शांति समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और मजबूत घरेलू आर्थिक स्थितियों को देखते हुए बैंक ने भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (Real GDP) वृद्धि दर का अनुमान बढ़ा दिया है।

जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़कर हुआ 6.8 फीसदी, महंगाई और घाटे में आएगी कमी

गोल्डमैन सैक्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 0.3 फीसदी बढ़ाकर अब 6.8 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही भारतीय उपभोक्ताओं और सरकार को राहत देने वाली कई अन्य घोषणाएं भी की गई हैं:

  • कोर इन्फ्लेशन (मुख्य महंगाई): इसके अनुमान में 0.2 फीसदी की कटौती कर इसे 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

  • करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा): कच्चे तेल का आयात सस्ता होने से यह 0.2 फीसदी घटकर जीडीपी का महज 1.1 प्रतिशत रह जाएगा।

  • क्रूड ऑयल (कच्चा तेल): बैंक की कमोडिटी टीम का मानना है कि 2026 की दूसरी छमाही में तेल औसतन 82 डॉलर प्रति बैरल और 2027 तक घटकर 75 डॉलर प्रति बैरल पर आ सकता है।

वैश्विक तनाव के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था रही लचीली, पहली तिमाही में 7.8% की विकास दर

रिपोर्ट में इस बात की सराहना की गई है कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में लंबे समय तक रहे भू-राजनीतिक तनाव और व्यवधानों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी रही। भारत सरकार द्वारा उठाए गए राजकोषीय और अर्ध-राजकोषीय कदमों ने वैश्विक स्तर पर बढ़ी ऊर्जा कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ने दिया। यही वजह है कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1) में भारत की आर्थिक गतिविधियां उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रहीं और देश ने 7.8 प्रतिशत की शानदार विकास दर दर्ज की।

उर्वरक सब्सिडी और ईंधन की कीमतों पर कम होगा राजकोषीय दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का खतरा अब पूरी तरह टल गया है। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल आधारित उत्पादों की लागत कम होने से खुदरा महंगाई भी नियंत्रण में रहेगी। वैश्विक स्तर पर यूरिया की कीमतों में आए सुधार के चलते सरकार पर बढ़ने वाला फर्टिलाइजर (उर्वरक) सब्सिडी का बोझ भी अब कम होगा, जिससे देश के अल्पकालिक राजकोषीय दबाव (Fiscal Pressure) को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

अल्पकालिक चुनौतियों के बाद साल के अंत में रफ्तार पकड़ेगी घरेलू खपत

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि पहले हुई ईंधन की मूल्य वृद्धि के असर के कारण वर्ष 2026 की दूसरी और तीसरी तिमाही में घरेलू खपत (Consumption Growth) की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है। हालांकि, कच्चे तेल की ताजा गिरावट के बाद अब आगे खुदरा ईंधन के दाम बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके परिणामस्वरूप, तीसरी तिमाही के बाद आम जनता के घरेलू खर्च पर अतिरिक्त दबाव सीमित हो जाएगा और साल के अंत तक भारतीय अर्थव्यवस्था एक बार फिर जबरदस्त रफ्तार पकड़ लेगी।

मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाह और संतुलित भुगतान शेष

भारत का बाहरी आर्थिक परिदृश्य (External Sector Outlook) भी बेहद सुरक्षित नजर आ रहा है। सस्ते तेल आयात और विदेशों से आने वाले मजबूत प्रेषण प्रवाह (Remittance Flow) के दम पर भारत का विदेशी व्यापार संतुलन बेहतर स्थिति में है। बैंक को उम्मीद है कि इस साल भारत का भुगतान संतुलन अधिशेष (Balance of Payments Surplus) जीडीपी का 0.7 फीसदी रहेगा। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी सचेत किया गया है कि मौसम संबंधी अनिश्चितताएं (अल नीनो या बेमौसम बारिश) और पूर्व में बढ़ी तेल की कीमतें अल्पकालिक तौर पर बाजार के सामने कुछ चुनौतियां खड़ी रख सकती हैं।

CM फडणवीस का बड़ा फैसला, 1722 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली मंजूरी

0

मुंबई: मुंबईकरों को ट्रैफिक की भारी समस्या से निजात दिलाने और यात्रा के समय को बेहद कम करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र कैबिनेट की इंफ्रास्ट्रक्चर उप-समिति ने 1,722.40 करोड़ रुपये की लागत वाली एक नई और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली उप-समिति ने गुरुवार को इस परियोजना को हरी झंडी दिखाई, जिसे इससे पहले 17 जून को मुख्य सचिव की समिति ने भी अपनी मंजूरी दे दी थी। इस सड़क निर्माण का पूरा जिम्मा महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को सौंपा गया है।

समय की होगी भारी बचत (वर्ली से फोर्ट सिर्फ 5 मिनट में)

यह नई सड़क कनेक्टिविटी मुंबई के दो प्रमुख हिस्सों के बीच की दूरी और सफर के समय को नाटकीय रूप से कम कर देगी:

  • वर्ली से फोर्ट: इस 3.55 किलोमीटर लंबी सड़क के बन जाने से वर्ली से फोर्ट की यात्रा का समय 45 मिनट से घटकर मात्र 5 से 10 मिनट रह जाएगा।

  • फोर्ट से वर्सोवा: इसी तरह, फोर्ट से वर्सोवा जाने में जहां अभी एक घंटे का लंबा समय लगता है, वह सफर घटकर केवल 15 से 20 मिनट का रह जाएगा।

वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक और सावरकर सी ब्रिज को जोड़ेगी सड़क

भौगोलिक रूप से यह बेहद महत्वपूर्ण पैच होगा, क्योंकि यह 3.55 किलोमीटर लंबी सड़क वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के बांद्रा फोर्ट छोर को सीधे सावरकर सी ब्रिज से जोड़ने का काम करेगी। इससे पश्चिमी उपनगरों और दक्षिण मुंबई के बीच का संपर्क बेहद सुचारू हो जाएगा।

पुनर्वास, मछुआरों और पर्यावरण के लिए विशेष बजट

परियोजना के सुगम क्रियान्वयन के लिए सरकार ने प्रभावितों के मुआवजे और पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा है:

  • झुग्गी पुनर्वास: इस परियोजना के दायरे में आने वाली 40 झुग्गियों के पुनर्वास के लिए 50 करोड़ रुपये का मुआवजा और फंड तय किया गया है।

  • मछुआरा समुदाय: स्थानीय मछुआरों के हितों की रक्षा और सहायता के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

  • पर्यावरणीय उपाय: निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई और इको-फ्रेंडली उपायों के लिए अलग से 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मई 2028 तक पूरी होगी परियोजना

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी सड़क परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर उप-समिति की मंजूरी के बाद अब इस पर तेजी से काम शुरू होगा और इसके मई 2028 तक पूरी तरह से बनकर तैयार होने की उम्मीद है।

क्रीमिया में ड्रोन अटैक से बढ़ा तनाव, रूस ने 660 ड्रोन नष्ट करने का किया दावा

0

मॉस्को/कीव: चार साल से भी अधिक समय से जारी रूस और यूक्रेन की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। फरवरी 2022 में शुरू हुआ दोनों देशों का यह संघर्ष अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े और भीषण ड्रोन हमलों में से एक करने का आरोप लगाया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'एपी' के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का कहना है कि यूक्रेन ने उसकी मुख्य जमीन और कब्जे वाले क्रीमिया इलाके को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।

यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला

रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को आधिकारिक जानकारी दी कि उनकी वायु सेना ने यूक्रेन के रिकॉर्ड 660 ड्रोनों को मार गिराया है। यूक्रेन का यह हमला कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह रूस के 12 अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप, काला सागर और आजोव सागर में एक साथ किया गया। इस भीषण हमले के बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच टकराव और ज्यादा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

रूस के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने की रणनीति

यूक्रेन पिछले कई महीनों से रूस के तेल उत्पादन और ऊर्जा केंद्रों को लगातार निशाना बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय जानकारों का मानना है कि यूक्रेन की इस रणनीति से रूस की ईंधन सप्लाई और सेना के लिए रसद (सामान) पहुंचाने की व्यवस्था कमजोर हुई है। इसके चलते युद्ध के मैदान में रूस की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है और राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बढ़ गया है।

यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने '40 दिनों के प्रभाव अभियान' का आदेश दिया था। माना जा रहा है कि जेलेंस्की ने हमलों को तेज करके रूस को युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर करने का मन बना लिया है, क्योंकि पिछले एक साल से अमेरिका की शांति कोशिशों का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

हमले में कहाँ कितना हुआ नुकसान

  • रूस में नुकसान: मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला क्षेत्र में एक घर तबाह हो गया और एक महिला घायल हो गई। तुला के गवर्नर दिमित्री मिल्याएव ने बताया कि नोवोमोस्कोव्स्क शहर में एक बिजली लाइन और एक औद्योगिक केंद्र को नुकसान पहुंचा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वहाँ एक केमिकल प्लांट और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट में आग लग गई है। वहीं, राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि शहर की तरफ बढ़ रहे 47 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया, जिससे वहाँ कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

  • यूक्रेन पर रूस का पलटवार: दूसरी तरफ, रूस ने भी यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र पर जोरदार हमले किए। खार्किव के क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रूसी हमलों में दो नागरिकों की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए हैं। रूस ने इस इलाके में गाइडेड बमों और ड्रोनों से हमला किया। यूक्रेन की वायु सेना के मुताबिक, उन्होंने रूस के 189 ड्रोनों में से 174 को तो नष्ट कर दिया, लेकिन रूस की चार इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें अपने निशाने पर गिरने में कामयाब रहीं।

ग्वालियर में दर्दनाक घटना, महिला बोली- शादी के बाद से करता था प्रताड़ित

0

ग्वालियर: ग्वालियर के एक अस्पताल में भर्ती 26 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। महिला ने अपनी मौत से ठीक पहले अस्पताल के बेड से एक वीडियो रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसने अपने पति पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन तेजाब पिलाने का रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप लगाया है। पुलिस अब इस वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।

अस्पताल में तोड़ा दम, वीडियो में बयां किया दर्द

बीते 22 जून को थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी में रहने वाली निशा राठौर को बेहद गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल (JAH) में भर्ती कराया गया था, जहाँ बुधवार शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत से पहले सामने आए वीडियो में निशा की हालत बेहद नाजुक दिख रही है। वीडियो में वह कह रही हैं कि उनके पति गजेंद्र राठौर पिछले तीन-चार दिनों से उनके साथ लगातार मारपीट कर रहे थे और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पति ने उन्हें जबरन तेजाब (एसिड) पिला दिया।

दो महीने की गर्भवती थीं निशा, पूर्व में भी की थी शिकायत

निशा के मायके वालों के मुताबिक, वह दो महीने की गर्भवती थीं और उन्होंने इस बात की जानकारी अपनी मां सुनीता राठौर को भी दी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि गर्भावस्था की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

जांच में यह भी पता चला है कि निशा और गजेंद्र की शादी 1 मई 2022 को हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद चल रहा था। निशा ने करीब ढाई साल पहले (31 दिसंबर 2023) भी थाटीपुर थाने में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय पति गजेंद्र ने थाने में लिखित समझौता किया था कि वह भविष्य में कभी पत्नी को परेशान नहीं करेगा और यदि उसने ऐसा किया, तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

मर्ग कायम, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

इस मामले में ग्वालियर के सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि महिला की मौत के बाद फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ किया कि निशा द्वारा बनाए गए वीडियो, परिजनों के बयानों और डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पति के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।

तलाक के बाद ईशा देओल ने खोला दिल, रिश्तों और प्यार पर कही बड़ी बात

0

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री ईशा देओल ने अपने पति भरत तख्तानी से अलग होने के बाद अपनी निजी जिंदगी और अकेलेपन को लेकर खुलकर बात की है। हाल ही में दिए एक विशेष इंटरव्यू में ईशा ने स्वीकार किया कि इस अलगाव के बाद उनकी जिंदगी में 'प्यार और रोमांस' का वैक्यूम (कमी) पैदा हो गया है, जिसे वे काफी ज्यादा मिस कर रही हैं। ईशा ने बताया कि वे स्वभाव से बेहद भावुक और रोमांटिक इंसान हैं, और उनके लिए जीवन में प्यार के बहुत गहरे मायने हैं।

पूरी तरह 'रोम-कॉम' मिजाज की इंसान हूं, ब्रेकअप से नहीं बदलती सोच: ईशा

अपनी भावनाओं को साझा करते हुए ईशा देओल ने कहा, "मेरा मानना है कि हर इंसान के जीवन में प्रेम और रोमांस का होना बेहद लाजमी और जरूरी है। इस समय मैं अपनी लाइफ के उस खूबसूरत अहसास को बहुत मिस कर रही हूं। मुझे रोमांटिक फिल्में देखना, रोमांटिक गाने सुनना और लव स्टोरीज पढ़ना बेहद पसंद है। मैं पूरी तरह से एक 'रोम-कॉम' (रोमांटिक-कॉमेडी) मिजाज की इंसान हूं।"

जब ईशा से सवाल किया गया कि क्या वैवाहिक जीवन में आए इस उतार-चढ़ाव के बाद प्यार को लेकर उनका नजरिया बदला है? तो उन्होंने बेहद परिपक्वता से जवाब देते हुए कहा, "बिल्कुल नहीं, जीवन के इस मोड़ पर आकर भी मेरी सोच नहीं बदली है। रिश्तों का टूटना या ब्रेकअप होना जिंदगी का एक हिस्सा है। इस शादी से पहले भी मेरी लाइफ में बॉयफ्रेंड्स रहे हैं और हमारे बीच अलगाव हुआ, लेकिन इससे प्यार की अहमियत कम नहीं होती। हम सबने मेरे माता-पिता (हेमा मालिनी और धर्मेंद्र) के बीच का वह अटूट और बिना शर्त वाला प्यार देखा है, जो आज भी मेरे लिए प्रेरणा है।"

तलाक की बात सार्वजनिक होना प्रोफेशन की मजबूरी, संवेदनशील दौर में मिला परिवार का साथ

भरत तख्तानी से अलग होने के अपने फैसले पर बात करते हुए ईशा ने बताया कि इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा परिवार चट्टान की तरह उनके साथ खड़ा रहा। ईशा ने कहा, "यह एक बेहद निजी और पारिवारिक मामला होता है, जो सिर्फ दो इंसानों के बीच का होता है। लेकिन हम जिस फिल्म इंडस्ट्री और प्रोफेशन में काम करते हैं, वहां हमारी पर्सनल लाइफ की बातें बहुत जल्दी सुर्खियां बन जाती हैं और जनता के बीच आ जाती हैं। मैं, भरत या उनका परिवार, हम में से कोई भी अपनी निजी बातों को सरेआम डिस्कस करने वाले लोग नहीं हैं। उस वक्त परिस्थितियां अलग थीं और चूंकि इस पूरे मामले में हमारे बच्चे भी शामिल थे, इसलिए वह समय बेहद नाजुक और संवेदनशील था, जिसे बहुत ही संभलकर और समझदारी से संभालने की जरूरत थी।"

प्राइवेसी बनाए रखने की अपील के साथ आपसी सहमति से हुए थे अलग

गौरतलब है कि ईशा देओल और बिजनेसमैन भरत तख्तानी ने कभी भी अपने अलग होने की मुख्य वजहों का खुलासा मीडिया के सामने नहीं किया। दोनों ने एक संयुक्त बयान (जॉइंट स्टेटमेंट) जारी कर इस बात की पुष्टि की थी कि वे आपसी रजामंदी और समझदारी से अपनी राहें जुदा कर रहे हैं।

उन्होंने अपने बयान में कहा था, "हम दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का यह बड़ा निर्णय लिया है। जीवन के इस नए बदलाव के दौरान हमारी दोनों बेटियों का बेहतर भविष्य और उनकी भलाई हमारे लिए सबसे पहली प्राथमिकता है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मुश्किल समय में हमारे परिवार की प्राइवेसी (गोपनीयता) का पूरा सम्मान किया जाएगा।" आपको बता दें कि ईशा और भरत की दो प्यारी बेटियां हैं, जिनका नाम राध्या और मिराया है।

300 महिला नगर सैनिकों ने न्याय की लगाई गुहार, पूर्व कमांडेंट पर गंभीर शिकायत

0

कोरबा: छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कहे जाने वाले कोरबा जिले में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। जिले में तैनात करीब 300 महिला नगर सैनिकों (होमगार्ड जवानों) ने एकजुट होकर अपने ही विभाग के तत्कालीन नगर सेना कमांडेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए तत्कालीन अधिकारी पर ड्यूटी के दौरान अभद्र आचरण करने, अमर्यादित व अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने और लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के संगीन आरोप लगाए हैं। यह लिखित शिकायत छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में कोरबा में आयोजित की गई विशेष जनसुनवाई के दौरान सीधे आयोग को सौंपी गई।

सामूहिक शिकायती पत्र में बयां किया अपना दर्द

महिला नगर सैनिकों द्वारा महिला आयोग को सौंपे गए सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन में विस्तार से अपनी आपबीती बताई गई है। पीड़ित महिला जवानों का आरोप है कि उक्त तत्कालीन कमांडेंट तैनाती और परेड के दौरान अक्सर महिला कर्मचारियों के साथ बेहद अनुचित और गैर-पेशेवर व्यवहार करते थे। शिकायत में कहा गया है कि कई मर्तबा विभागीय बैठकों और सार्वजनिक जगहों पर उनके लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से तमाम महिला स्टाफ को भारी मानसिक तनाव, हीन भावना और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था।

कड़ा एक्शन: महिला आयोग ने दिए 'आंतरिक परिवाद समिति' से जांच के आदेश

मामले की संवेदनशीलता और इतनी बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की शिकायत को देखते हुए छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने नगर सेना विभाग के उच्च अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से 'आंतरिक परिवाद समिति' (Internal Complaints Committee) के माध्यम से इस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित महिला कर्मियों और आरोपी अधिकारी, दोनों के बयान दर्ज कर पूरी निष्पक्षता के साथ दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए।

जनसुनवाई में आए घरेलू और कार्यस्थल उत्पीड़न के कई अन्य मामले

कोरबा में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान केवल नगर सेना का ही नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा, भरण-पोषण भत्ता न मिलना, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, जमीन-मकान से जुड़े संपत्ति विवाद और पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ितों के कई अन्य मामलों की भी गहन सुनवाई हुई। महिला आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहियां सुनने के बाद मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अफसरों को त्वरित दिशा-निर्देश दिए। कुछ बेहद पेचीदा मामलों में पक्षकारों को उचित विधिक सलाह देते हुए सक्षम न्यायालय जाने की बात कही गई, जबकि अन्य संवेदनशील मामलों को आगे की काउंसलिंग और कार्रवाई के लिए स्थानीय महिला थाना और 'सखी वन स्टॉप सेंटर' को ट्रांसफर किया गया।

लापरवाह पति पर लगाया जुर्माना, मकान खाली करने की भी दी समझाइश

सुनवाई के दौरान आए एक अन्य पारिवारिक विवाद में, जहाँ एक पति अपनी पत्नी और मासूम बच्चे की बुनियादी जरूरतों और भरण-पोषण की जिम्मेदारी से भाग रहा था, वहां आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पति को हर महीने अनिवार्य रूप से 5,000 रुपये की गुजारा राशि देने का आदेश सुनाया। इसी तरह, मकान के मालिकाना हक से जुड़े एक अन्य विवादित प्रकरण में अनाधिकृत पक्ष को निर्धारित समयसीमा के भीतर शांतिपूर्वक मकान खाली करने की अंतिम हिदायत और समझाइश दी गई।

तय समयसीमा में न्याय दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता: डॉ. किरणमयी नायक

सत्र के समापन पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने प्रशासनिक अधिकारियों को दोटूक लहजे में हिदायत दी कि आधी आबादी यानी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय दिलाना ही आयोग का मुख्य संकल्प है। सभी संबंधित जांच अधिकारी समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें, ताकि पीड़ितों को न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

चढ़ावा चोरी कांड में बड़ा एक्शन, ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने दिया इस्तीफा

0

अयोध्या: अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में सामने आया चंदा (चढ़ावा) चोरी का मामला अब बेहद गरमा गया है। इस बड़े विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बहुत बड़ा फेरबदल हुआ है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रमुख ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से बाहर कर दिया गया है। चंपत राय के पास पूरे मंदिर की मुख्य जिम्मेदारी थी, जबकि अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रहे थे। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के समय चंपत राय को दूर रखा गया था, जिसके बाद से ही उन्हें हटाए जाने की सुगबुगाहट तेज हो गई थी। अब जल्द ही ट्रस्ट का पुनर्गठन (नया गठन) किया जा सकता है।

एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट के बाद हुई गिरफ्तारियां

यह मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के ठीक दो दिन बाद, गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और मंदिर व्यवस्था से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आज इन सभी को कोर्ट में पेश करेगी। हालांकि, इस एफआईआर में चंपत राय या डॉ. अनिल मिश्रा जैसे बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में बड़े पदाधिकारियों के रिश्तेदार शामिल

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू (चंपत राय का ड्राइवर), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी अनुकल्प और लवकुश आपस में जीजा-साले हैं और ये दोनों ट्रस्टी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। वहीं, आरोपी मनीष यादव ड्राइवर टिन्नू का भतीजा है।

मामले पर तेज हुई देशव्यापी सियासत

इस बड़े खुलासे के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है और बड़े नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं:

  • संजय राउत (शिवसेना यूबीटी): उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल 'X' पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राम मंदिर के लिए उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई 4 किलो चांदी कहाँ गई? अब इस चोरी की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

  • अरविंद केजरीवाल (पूर्व मुख्यमंत्री, दिल्ली): शुक्रवार को रामलला के दर्शन करने पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि मंदिर में चोरी करना महापाप है। दर्ज की गई एफआईआर महज एक दिखावा है, जिसके जरिए बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।

  • योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश): इस पूरे विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सनातन धर्म के मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाले अपराधियों के खिलाफ सरकार 'जीरो टॉलरेंस' (कठोर नीति) के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

बिना DJ निकले मुहर्रम के जुलूस, ग्वालियर में शांतिपूर्ण माहौल

0

ग्वालियर: ग्वालियर में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक ताजियों ने ऐतिहासिक महाराज बाड़ा में गश्त की। बाड़े पर रात 10:30 बजे से ही ताजियों का पहुंचना शुरू हो गया था, जहाँ मातमी धुनों के बीच ऊंचे और भव्य ताजिए लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से रात 10 बजे के बाद बाड़े पर बड़े वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई थी। शुक्रवार दोपहर से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के ताजियों को सागरताल स्थित कर्बला में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक (दफन) और विसर्जित किया जा रहा है। शाम को कर्बला परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और कमेटी की मौजूदगी में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

पहली बार बिना डीजे (DJ) के निकले ताजिए

प्रशासन की सख्त चेतावनी के बाद इस साल मुहर्रम के जुलूसों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। ग्वालियर की सड़कों पर इस बार पहली बार डीजे (DJ) नजर नहीं आए। ताजियेदारों ने डीजे की जगह ढोल-नगाड़े और ताशे जैसे परंपरागत वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया। इन पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मातमी धुनों का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। अलग-अलग इमामबाड़ों से उठे ताजियों के महाराज बाड़ा पहुंचने पर अखाड़ेदारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किए। इस बार शंकरपुर, आपागंज, पिछोरो की पहाड़िया और रामाजी के पुरा के ताजिए विशेष रूप से चर्चा में रहे।

ड्रोन और एक हजार जवानों से निगरानी

जुलूस के दौरान शहर का माहौल न बिगड़े, इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सड़कों पर पुलिस के एक हजार जवानों को तैनात किया गया है, जो किसी भी शरारत पर तुरंत एक्शन लेंगे। इसके साथ ही पूरे रास्ते पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और आसमान से ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। थाना प्रभारियों समेत जवान सड़कों पर मुस्तैद हैं जो भीड़ में बदमाशों और जेबकतरों पर भी नजर रख रहे हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए साइबर सेल की टीम को भी एक्टिव किया गया है।

इन 9 रास्तों पर ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट

मुहर्रम और विसर्जन को देखते हुए यातायात पुलिस ने शुक्रवार (26 जून) को शहर के 9 प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। एएसपी शियाज केएम ने आम जनता से असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है:

  • चार शहर का नाका से सागरताल: इस तरफ जाने वाले वाहन मल्लगढ़ा से जलालपुर-अटलद्वार होकर निकल सकेंगे।

  • बहोड़ापुर से सागरताल/जलालपुर: इस मार्ग पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। मुरैना जाने वाले वाहन शिंदे की छावनी, फूलबाग और गोले का मंदिर मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।

  • अटलद्वार से शिवपुरी: यहाँ जाने वाले वाहन मोतीझील से शंकरपुर और गोल पहाड़िया होकर जा सकेंगे।

  • सागरताल से रेलवे क्रॉसिंग/मोतीझील: इस तरफ जाने वाले वाहनों पर पूरा प्रतिबंध रहेगा।

  • अटलद्वार से बहोड़ापुर (मोतीझील होकर): सभी वाहन जलालपुर चौराहा और पड़ाव से शिंदे की छावनी होकर जा सकेंगे।

  • सिकंदर कंपू से बहोड़ापुर (बाड़ा होकर): वाहन रॉक्सी पुल के नीचे से हुजरात पुल और शिंदे की छावनी से रामदास घाटी मार्ग का इस्तेमाल करेंगे।

  • बहोड़ापुर से सिकंदर कंपू (महाराज बाड़ा होकर): यह ट्रैफिक शिंदे की छावनी की तरफ मोड़ा गया है।

  • गोल पहाड़िया/गिरवाई मार्ग: यहाँ से वाहन नाका चंद्रवदनी, बेटी बचाओ तिराहा और अचलेश्वर होकर निकल सकेंगे।

  • फूलबाग/सिटी सेंटर से गिरवाई: इस ओर जाने वाले वाहन चेतकपुरी और बेटी बचाओ तिराहा से होते हुए वीरपुर बांध की तरफ जा सकेंगे।

‘द इंडिया स्टोरी’ टीजर आउट: कीटनाशकों पर छिड़ी कानूनी जंग, काजल अग्रवाल का दमदार अंदाज

0

भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री काजल अग्रवाल और बहुप्रतिभाशाली अभिनेता श्रेयस तलपड़े बहुत जल्द एक बेहद संवेदनशील और विचारोत्तेजक फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' में स्क्रीन साझा करते नजर आने वाले हैं। मेकर्स ने आज इस फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर सोशल मीडिया पर दर्शकों के बीच जारी कर दिया है, जिसके बाद से ही फैंस और सिनेमा प्रेमियों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। यह फिल्म देश के एक ऐसे बड़े और छिपे हुए संकट को उजागर करती है, जो सीधे तौर पर आम आदमी की थाली से जुड़ा हुआ है।

क्या है ट्रेलर में खास? सड़कों पर विरोध और कोर्टरूम की जंग

फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत एक बेहद तनावपूर्ण और बड़े आंदोलन के दृश्य से होती है, जहाँ उग्र किसान और आम नागरिक सड़कों पर उतरकर वकील अर्चना (काजल अग्रवाल द्वारा अभिनीत किरदार) के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी और प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। आक्रोशित भीड़ उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रही है और गुस्से में उनके पोस्टरों पर कालिख पोतती नजर आती है।

इसके तुरंत बाद कहानी का रुख अदालत (कोर्टरूम) की तरफ मुड़ता है। यहाँ अभिनेता श्रेयस तलपड़े, जो योगेश पांडे नाम के एक लाचार पिता की भूमिका में हैं, अपनी 7 वर्षीय मासूम बेटी की मौत के लिए न्याय की गुहार लगाते दिखते हैं। उनका कोर्ट में यह दावा है कि उनकी बेटी की जान किसी सामान्य बीमारी या कैंसर से नहीं, बल्कि रोजमर्रा के भोजन में मिलाए जाने वाले जानलेवा रसायनों (पेस्टिसाइड) और मिलावट की वजह से गई है।

कॉर्पोरेट घरानों से अकेले भिड़ेंगी काजल अग्रवाल, अंत में मिला बड़ा शॉक

इस कानूनी लड़ाई में काजल अग्रवाल का किरदार यानी एडवोकेट अर्चना बेहद निडर अंदाज में कीटनाशक और पेस्टिसाइड बनाने वाली बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोलती नजर आती हैं। वे अदालत में दलीलें पेश करती हैं कि कैसे ये कंपनियां मुनाफे के चक्कर में आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही हैं। ट्रेलर के अंतिम हिस्से में एक बेहद चौंकाने वाला सीन भी डाला गया है, जहाँ भारी विरोध प्रदर्शन और अफरा-तफरी के बीच एक अज्ञात महिला वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) को सरेआम थप्पड़ जड़ देती है, जो कहानी में एक बड़ा सस्पेंस पैदा करता है।

पब्लिक हेल्थ और आने वाली पीढ़ी के खतरे पर केंद्रित है कहानी

'द इंडिया स्टोरी' मुख्य रूप से हमारे खान-पान में मौजूद पेस्टिसाइड और खाद्य सामग्री में होने वाली मिलावट जैसे अति-गंभीर सामाजिक मुद्दे को देश के सामने लाती है। फिल्म यह कड़ा संदेश देती है कि कैसे यह धीमा जहर हमारे स्वास्थ्य को खोखला कर रहा है और हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है। फिल्म में देश के इस सबसे बड़े लेकिन कम चर्चा में रहने वाले पब्लिक हेल्थ इश्यू (जन स्वास्थ्य संकट) को बेहद संजीदगी से फिल्माया गया है।

स्टारकास्ट, टेक्निकल टीम और रिलीज की तारीख

इस महत्वपूर्ण फिल्म का निर्देशन प्रतिभावान निर्देशक चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी लिखने और निर्माण (प्रोड्यूस) करने का जिम्मा सागर बी शिंदे ने संभाला है। फिल्म के सह-निर्माताओं की सूची में स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैदानी, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी जैसे नाम शामिल हैं।

तकनीकी टीम की बात करें, तो निशांत भगवत ने बतौर सिनेमैटोग्राफर काम किया है, संगीत मंगेश धाकड़े का है, संपादन (एडिटिंग) आशीष म्हात्रे ने किया है, जबकि गानों के बोल शकील आजमी ने लिखे हैं और साउंड डिजाइनिंग अनमोल भावे की है। 'द इंडिया स्टोरी' आगामी 24 जुलाई 2026 को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में एक साथ दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एयरलिफ्ट हुईं कंटेंट क्रिएटर जिनी, ICU से बाहर आते ही लगाए गंभीर आरोप

0

इंदौर: इंदौर में गैस पाइपलाइन हादसे में गंभीर रूप से झुलसीं मशहूर कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ 'जिनी झाला' को शुक्रवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद एयरलिफ्ट करके अहमदाबाद ले जाया गया है। अब उनका आगे का इलाज अहमदाबाद के जाइडस हॉस्पिटल में होगा। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कम से कम तीन से चार महीने का समय लगेगा। इससे पहले, गुरुवार शाम को डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनकी सेहत की जांच कर रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उन्हें कड़ी सुरक्षा और मेडिकल निगरानी में आईसीयू (ICU) से बाहर लाया गया।

अस्पताल से बाहर आते ही छलका जिनी का दर्द

आईसीयू से बाहर लाते समय जिनी झाला दर्द से कराह रही थीं, लेकिन उन्होंने अपना दर्द और गुस्सा साझा करते हुए प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। जिनी ने कहा, "मेरी इस हालत के लिए स्थानीय पार्षद और अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? पुलिस को उनके खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज करनी चाहिए।" इस दौरान उनके माता-पिता (नवल और धर्मेंद्रसिंह झाला) ने भी दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की।

बोरिंग पर बैन के बावजूद हो रहा था काम: मंगेतर का आरोप

जिनी झाला के मंगेतर रजत प्रतापसिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस इस मामले को शुरू से ही गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया:

  • स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी ही उस जगह पर बोरिंग करवा रहे थे और उन्होंने झूठ बोला कि वहाँ वाटर हार्वेस्टिंग का काम चल रहा है।

  • इंदौर प्रशासन ने आगामी 30 जुलाई तक बिना अनुमति बोरिंग कराने पर पूरी तरह रोक (प्रतिबंध) लगा रखी है, फिर भी नियमों की धज्जियां उड़ाकर यह काम कराया जा रहा था।

  • हादसे के बाद न तो कोई अधिकारी और न ही कोई नेता पीड़ितों की सुध लेने अस्पताल पहुंचा। पुलिस ने केवल खानापूर्ति करते हुए बोरिंग गाड़ी को जब्त किया और ड्राइवर-ठेकेदार पर केस दर्ज कर असली जिम्मेदारों को छोड़ दिया।

तीन और सर्जरी होना बाकी, अन्य घायलों की हालत स्थिर

रजत ने जिनी की सेहत की जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में उनके हाथ की त्वचा (स्किन) की दो परतें पूरी तरह जल चुकी हैं और तीसरी परत को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उनकी एक सर्जरी हो चुकी है, जबकि अभी तीन और बड़ी सर्जरी होना बाकी हैं। वहीं, इस हादसे में झुलसे दो अन्य नागरिकों—गोपाल मालाकार (10-15% बर्न) और सुभाष ठाकुर (10-12% बर्न) की हालत फिलहाल ठीक और स्थिर बताई जा रही है।

तीन अधिकारियों की टीम करेगी मामले की जांच

गैस पाइपलाइन फटने की इस गंभीर घटना की जांच के लिए नगर निगम ने तीन बड़े अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। इस टीम में अपर आयुक्त आशीष पाठक, और कार्यपालन यंत्री आसित खरे व पीएस कुशवाह शामिल हैं। यह कमेटी हादसे के हर पहलू की जांच कर अगले दो दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।

Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group