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खेल मड़ई बना स्वास्थ्य और सौहार्द का मंच – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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रायपुर :  महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। पत्रकारों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह सराहनीय है। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई को प्रेरणादायक पहल बताते हुए सभी आयोजकों और प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में खेल मड़ई के अंतर्गत नेताजी सुभाष स्टेडियम, रायपुर में इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच उत्साहपूर्ण और रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पत्रकारों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोड़ना, आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मैदान में पहुंचकर प्रतियोगिता में भाग ले रहे पत्रकार खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों की खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, सहसचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े, खेल आयोजन समिति के संयोजक विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।

शासन के सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह पर दिव्यांग राजेश कुमार पटेल

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रायपुर :  दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और राज्य शासन के सहयोग से जीवन की कठिनाइयों को अवसर में बदला जा सकता है।इस सच्चाई को चरितार्थ कर दिखाया है बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिरहुला निवासी दिव्यांग राजेश कुमार पटेल ने। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के सहारे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को स्थायित्व और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया है।

राजेश कुमार पटेल ने बिलासपुर स्थित शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला, तिफरा से सत्र 2023–24 में इलेक्ट्रिकल व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने न केवल उन्हें तकनीकी दक्षता प्रदान की, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया, जिससे वे अपनी क्षमताओं को पहचानकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके।

प्रशिक्षण से पूर्व वे एक छोटी पान दुकान के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, जिससे आय सीमित थी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपने घर से ही इलेक्ट्रिकल उपकरण मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया। वर्तमान में वे टेबल फैन, सीलिंग फैन, कूलर, मिक्सर ग्राइंडर, हीटर, टेबल लैम्प, इन्वर्टर सहित विभिन्न घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत कर रहे हैं।इस कार्य से अब उनकी दैनिक आय 500 से 1500 रुपये तक हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है। आत्मनिर्भरता की इस राह ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मसम्मान दिलाया है।

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लाभार्थी राजेश कुमार पटेल ने राज्य शासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाओं ने उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर प्रदान किया और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को दी जा रही ई-विकास प्रणाली की जानकारी

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भोपाल : प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष“ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में हरदा जिले के तीनों विकासखंडों में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। कृषि रथ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र, कोलीपुरा के वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किसानों से सीधा संपर्क कर ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिये जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के स्थान पर उडद, मूंगफली, तिल आदि फसलों को प्रोत्साहन, प्राकृतिक व जैविक कृषि करने के लिये प्रोत्साहन, मृदा स्वास्थ कार्ड के आधार पर उर्वरको की संतुलित मात्रा का उपयोग करने और भूमि पर बोई गई फसल अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग करने आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ किसानों को समसामयिक सलाह भी प्रदान की जा रही है। कृषि रथों द्वारा जिले की 162 ग्राम पंचायतो में भ्रमण किया गया है। इस दौरान 5270 किसानों, 247 जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभागीय अधिकारी कर्मचारी तथा वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदाय की गई।

किसानों को आधुनिक खेती और नरवाई प्रबंधन की दी जा रही जानकारी

कटनी जिले के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत खेती की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्‍यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड रीठी के गांवों में 'कृषि रथ' चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नरवाई प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्ट्रा रीपर और रीपर कम बाइंडर की तकनीकी जानकारी दी। सुपर सीडर और हैप्पी सीडर खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी सहित तीन काम एक साथ करते हैं। इन यंत्रों के उपयोग से न केवल समय और लागत की बचत होती है, बल्कि पैदावार भी अच्छी मिलती है। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है और वायु प्रदूषण फैलता है, जिससे बीमारियां बढ़ती हैं। नरवाई न जलाकर उसे खाद के रूप में उपयोग करना ही श्रेष्ठ है। किसानों को कस्टम हायरिंग, डीबीटी, यंत्रदूत ग्राम योजना, वर्मी कंपोस्ट, नाडेप और जीवामृत खाद बनाने की विधि की भी जानकारी दी गई।

सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की है पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा।

सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।

सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाह ने बाल विवाह मुक्ति जागरूकता रथ को रवाना किया

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भोपाल : सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने रविवार को ग्वालियर निवास पर सेंट्रल फॉर इण्टीग्रेटेड डेवलपमेंट द्वारा संचालित 100 दिवसीय “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त भविष्य प्रदान करें। आइए, मिलकर बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को साकार करें।

महिलाएँ आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति होती है : मंत्री पटेल

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भोपाल : पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बैरसिया विधानसभा क्षेत्रवासियों को विकास की महत्वपूर्ण सौगात प्रदान की। उन्होंने लगभग सात करोड़21 लाख रुपये की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 36 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इन कार्यों में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्य सम्मिलित हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देंगे।

मंत्री पटेल ने ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB–G RAM G) कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘गारंटी’ का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। यह अभियान ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

कार्यक्रम में स्वसहायता समूहों से जुड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं तथा मातृशक्ति के साथ मंत्री पटेल ने सीधा संवाद किया। उन्होंने समूहों को उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न वित्तीय प्रावधानों, तकनीकी सहयोग तथा विपणन संबंधी अवसरों की जानकारी देते हुए बताया कि रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि का पारदर्शी एवं सही उपयोग कर महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकती हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान, उनकी गुणवत्ता में वृद्धि तथा बाजार से जोड़ने की दिशा में शासन सतत प्रयासरत है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर विकसित हो रहे हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब ग्रामीण महिलाएँ आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों की प्रगति सुनिश्चित होती है।

मंत्री पटेल ने प्रशासनिक पारदर्शिता और उत्तरदायित्व पर जोर देते हुए कहा कि शासन का दायित्व केवल बजट आवंटित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि यह राशि धरातल पर सकारात्मक परिवर्तन लाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ₹721 लाख की लागत से आरंभ किए गए ये विकास कार्य बैरसिया क्षेत्र के भविष्य को सुदृढ़ आधार प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और कोई भी योग्य नागरिक वंचित न रहे।

आचार्य विद्यासागर के तप और त्याग से मिलेगी समाज को नई दिशा : मंत्री पटेल

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भोपाल : ​पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल बैरसिया (भोपाल) स्थित विद्यासागर गुरुकुल में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने परम पूज्य आचार्य विद्यासागर महाराज की दिव्य प्रतिमा का अनावरण किया और गुरुकुल परिसर में हथकरघा केंद्र का उद्घाटन भी किया।

​संस्कार, स्वावलंबन और सेवा का केंद्र

मंत्री पटेल ने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज के तप, त्याग एवं साधना से प्रेरित यह पावन स्थल समाज को संस्कार, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में निरंतर अग्रसर करेगा। उन्होंने हथकरघा को आत्मनिर्भरता और कौशल के संगम के रूप में परिभाषित किया।

​सदाचार और नैतिकता पर गहरा चिंतन

मंत्री पटेल ने नैतिकता और सदाचार के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "नैतिकता समाज की एक बाहरी व्यवस्था है, जिसके तहत हम नियमों का पालन करते हैं, लेकिन सदाचार आत्मा की व्यवस्था है। यदि व्यक्ति संस्कारवान और सदाचारी है, तो वह स्वतः ही नैतिक होगा। केवल सार्वजनिक प्रदर्शन से कोई व्यक्ति भीतर से शुद्ध नहीं हो जाता, इसके लिए आत्मिक संस्कार अनिवार्य हैं।

​कौशल और धर्म का मानवीय पक्ष

मंत्री पटेल ने 'कौशल' को नई परिभाषा देते हुए कहा कि जो कौशल केवल धनार्जन के लिए है वह अधूरा है। वास्तविक कौशल और धर्म वह है, जो किसी संकटग्रस्त या अपरिचित व्यक्ति की रक्षा के काम आए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस गुरुकुल के बच्चे शारीरिक और चारित्रिक रूप से सशक्त होकर सांस्कृतिक चेतना के ध्वजवाहक बनेंगे।

​सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम

पटेल ने भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति (विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था) का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी असली चुनौती धन नहीं, बल्कि अपनी प्राचीन सनातन व्यवस्था और संस्कारों का संरक्षण है। उन्होंने इस आयोजन को आत्मिक शांति और सांस्कृतिक चेतना का एक अद्भुत अनुभव बताया।

​मंत्री पटेल ने इस पवित्र स्थान के दर्शन और आचार्य की प्रतिमा के अनावरण का अवसर देने के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने योग प्रदर्शन किया एवं संगीतमय भजन की प्रस्तुति भी हुई। मंत्री पटेल ने गौ माता को ग्रास भी खिलाया।

विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर बैरसिया विधायक विष्णु खत्री, पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, श्रीमती मंजू पाटनी, जयपुर के प्रसिद्ध समाजसेवी उत्तमचंद पाटनी, पूर्व आईएएस सुरेश चंद जैन एवं ब्रह्मचारी विनय सागर महाराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भक्तिभाव से शबरी मैया ने पूरे वनवासी समाज का बढ़ाया मान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिन्होंने नि:शब्द रहकर अपनी पुण्य भावनाओं को अमर शब्द दे दिए, ऐसी शबरी मैया को पूरे मध्यप्रदेश की ओर से नमन है, वंदन है। जिनके जूठे बेर खाकर भगवान राम भी भक्तिभाव से धन्य हो गये उस माता शबरी की महिमा कौन नहीं जानता। भगवान को बेर भी भेंट देने से पहले खुद बेर का मीठापन जांच लेना भक्ति का उत्कर्ष है। यह प्रसंग हमें बताता है कि भगवान भक्त की आराधना पद्धति के नहीं, बल्कि उसके मन के भावों के भूखे होते हैं। व्यक्ति का मूल्य उसके हृदय की पवित्रता से तय होता है, जन्म से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल समाज की कुल देवी शबरी मैया हम सबके लिए सदैव आराध्य हैं, पूजनीय हैं, वंदनीय हैं। उन्होंने अपने चरित्र एवं सत्कर्मों से पूरे वनवासी और जनजातीय समाज का मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शहडोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंधिया स्थित सीतामढ़ी धाम में माता शबरी जयंती पर आयोजित जनजातीय हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी परिसर में शबरी मैया की एक सुंदर प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम गंधिया से शहडोल जिले के लिए 747 करोड़ 91 लाख रुपए की लागत वाले 139 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इसमें 613 करोड़ रुपए से अधिक लागत से 79 कार्यों का लोकार्पण तथा 134 करोड़ रूपए से अधिक लागत के 60 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में है। प्रदेश में पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 98 करोड़ 30 लाख रुपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 401.56 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया जा चुका है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों की गौरव गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शबरी माता ने बरसों भगवान राम का इंतजार किया। कई साल तक राम का रास्ता निहारती रहीं। रोज अपनी कुटिया की सफाई करती रहीं कि आज नहीं, तो कल राम आएंगे। यह एक भक्त के अपने भगवान पर अटूट विश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम आए, शबरी मैया की भक्ति और स्नेह से अत्यंत भावविभोर हुए और उन्हें नवधा भक्ति का ज्ञान देकर मोक्ष भी प्रदान किया। हमारी सरकार ने शबरी मैया और हम सबके आराध्य भगवान श्रीराम की स्तुति के लिए रामचन्द्र पथ गमन न्यास की स्थापना की है। हम प्रदेश में 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ का निर्माण करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को श्रीराम का विशेष स्नेह मिला। चित्रकूट में उन्होंने 11 वर्ष बिताए। ग्राम गंधिया में भी वे 11 रात रहे। इसीलिए गंधिया को भी राम वन गमन पथ विकास योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे गंधिया का विकास होगा। इस गांव के विकास के लिए सरकार ने लगभग 80 लाख रुपए मंजूर किए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यौहारी में 30 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी धाम को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने तथा वन्य जीव पर्यटन गतिविधियों के विकास-विस्तार के लिए क्षेत्रीय संजय डूबरी टाइगर रिजर्व का एक गेट ब्यौहारी की तरफ भी खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महुआ और कटहल बहुतायत से होता है। इसीलिए इन दोनों से बनने वाली औषधियों एवं अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में उद्योग, रोजगार एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने यहां एक औद्योगिक विकास केंद्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जयसिंह नगर के लिए आवश्यक बायपास बनवाने तथा वर्तमान में जयसिंहनगर तहसील क्षेत्र की उप तहसील आमाडीह को परीक्षण कराकर तहसील बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की जनता ने सरकार की विकास नीतियों पर भरोसा जताया है, इसलिए इस क्षेत्र के विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे।

सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि त्रेतायुग मे इस भूमि पर भगवान राम के पावन चरण पड़े थे। मुख्यमंत्री ने शबरी माता की मूर्ति का अनावरण करके तथा विकास की सौगातें देकर क्षेत्र को धन्य कर दिया है। सांसद ने कटनी से ब्यौहारी होते हुए सिंगरौली तक फोरलेन सड़क निर्माण, औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, सहित विभिन्न मांगे रखी। विधायक जयसिंहनगर मनीषा सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र की विकास की विभिन्न सोगातों के लिए धन्यवाद दिया। विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल ने कहा कि 70 साल की प्रतीक्षा के बाद यहां मुख्यमंत्री पधारे हैं। मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं सहित कई सौगातें दी है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्र भा मिश्रा, उपाध्यक्ष फूलवती सिंह, जनपद अध्यक्ष जयसिंहनगर मालती सिंह, जनपद अध्यक्ष ब्यौहारी आकांक्षी सिंह, सदस्य जिला योजना समिति चपरा, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक सहित कमिश्नर सुरभि गुप्ता और कलेक्टर डॉ. केदार सिंह उपस्थित रहे।

मधेपुरा में मिड-डे-मील लेने से 70 से अधिक बच्चे बीमार, स्कूल में मचा हड़कंप

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मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले में  मिड-डे-मील खाने के बाद बड़ा हादसा सामने आया है। सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारू टोला, साहुगढ़ में भोजन करने के बाद 70 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चों की हालत तेजी से बिगड़ती देख शिक्षकों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से सभी बीमार बच्चों को मधेपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया।
डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इलाज के दौरान एक बच्ची की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसे विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां भी तनावपूर्ण माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मिड-डे-मील में छिपकली गिरने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण भोजन जहरीला हो सकता है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। स्कूल प्रशासन ने एहतियातन भोजन वितरण तुरंत रोक दिया और बचे हुए खाने को सुरक्षित रख लिया गया है, ताकि उसकी जांच की जा सके।
बताया गया है कि स्कूल में मिड-डे-मील एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था। इस घटना ने एक बार फिर मिड-डे-मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संजय कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। डीईओ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया गया

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जयपुर। इंदिरा गांधी नगर, सेक्टर-1, जयपुर में स्थित राजस्थान आवासन मण्डल की अधिग्रहीत एवं व्यावसायिक उपयोग हेतु नियोजित लगभग 7000 वर्ग मीटर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध मण्डल द्वारा सख्त कार्रवाई की गई।उक्त भूमि पर लगभग दो माह के दौरान अवैध रूप से किए गए फाउंडेशन निर्माण के रूप में हुए अतिक्रमण को राजस्थान आवासन मण्डल के खण्ड-प्रथम कार्यालय द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त कर हटाया गया।
यह कार्रवाई मण्डल की लगभग 70 करोड़ रुपये की बहुमूल्य व्यावसायिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा नियोजित शहरी विकास को बाधित होने से बचाने के उद्देश्य से की गई।इस संबंध में राजस्थान आवासन मण्डल के सचिव श्री गोपाल सिंह ने कहा कि राजस्थान आवासन मण्डल की अधिग्रहीत भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। मण्डल की बहुमूल्य सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। भविष्य में भी यदि कहीं अवैध अतिक्रमण पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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