बेबस फडणवीस? HC की कड़ी फटकार, मंत्री पर सवाल उठाने पर भी चुप रहने की चेतावनी

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नई दिल्ली। न्यायमूर्ति माधव जामदार(Justice Madhav Jamdar) ने कहा कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री (state’s Chief Minister)इतने बेबस(helpless) हैं कि वह किसी भी मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं बोलते(he cannot speak out against any minister)? मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं(Ministers’ children commit crimes), खुलेआम घूमते हैं(roam around freely), अपने माता-पिता के संपर्क में रहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती(police are unable to find them)?

बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने महाराष्ट्र सरकार(Maharashtra government) को गुरुवार(Thursday,) को कड़ी फटकार लगाते हुए सवाल किया(On Thursday, they issued a strong reprimand and asked questions) कि क्या राज्य में कोई कानून व्यवस्था है(Is there any law and order in the state?)? अदालत ने साथ ही कहा कि(The court also said that) मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती। अदालत (Court) ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री (फडणवीस) इतने बेबस हैं कि वह उस मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते जिसका बेटा आपराधिक मामले में नाम आने के बाद फरार हो गया है।
न्यायमूर्ति माधव जामदार(Justice Madhav Jamdar) ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्रियों के बच्चे ‘अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं’ लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती। हाई कोर्ट ने शिवसेना के नेता एवं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।

महाड नगर परिषद चुनाव(Mahad Municipal Council Elections) के दौरान प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प(Violent clashes occurred between rival factions) से संबंधित एक मामले में विकास को आरोपी(Vikas is the accused) बनाया गया है। अदालत की फटकार के बाद सरकार ने आश्वासन दिया है कि मंत्री गोगावले यह सुनिश्चित करेंगे कि उनका बेटा एक दिन के भीतर आत्मसमर्पण कर दे। विकास गोगावले ने सत्र न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया है, लेकिन वह अभी भी फरार है।

न्यायमूर्ति माधव जामदार(Justice Madhav Jamdar) ने कहा, ‘‘क्या राज्य के मुख्यमंत्री इतने बेबस हैं कि वह किसी भी मंत्री के खिलाफ कुछ नहीं बोलते? मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं, खुलेआम घूमते हैं, अपने माता-पिता के संपर्क में रहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती?’’ न्यायाधीश ने यह भी पूछा कि क्या राज्य में कानून व्यवस्था और कानून का शासन कायम है। राज्य के महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने अदालत में कहा कि मंत्री गोगावले अपने बेटे से बात करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वह शुक्रवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दे।

उच्च न्यायालय ने महाधिवक्ता साठे(High Court appointed Advocate General Sathe) से कहा, ‘उसे (विकास गोगावले) कल की सुनवाई से पहले आत्मसमर्पण करने के लिए कहो।’’ इससे पहले अदालत ने चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस विकास गोगावले को गिरफ्तार करने में विफल रहती है तो उसे आदेश पारित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। न्यायमूर्ति जामदार ने कहा, ‘‘आप पर (पुलिस पर) दबाव हो सकता है, अदालत पर नहीं।’’

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले(Raigad district of Maharashtra) के महाड में दो दिसंबर को हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। शिंदे और पवार दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।