पटना: नीतीश कुमार के राज्य सभा की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने दिल्ली में राज्य सभा की शपथ लेने के बाद पटना पहुंचते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में जदयू की आगे की भूमिका, मंत्रियों की संख्या और संभावित चेहरों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा देंगे, इस सवाल पर जदयू नेता और मंत्री विजय चौधरी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के सदस्यता ग्रहण करने से बिहार में सरकार बदलने की फिलहाल कोई बात नहीं है। हालांकि, जदयू ने अपने सभी विधायकों को पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि जदयू विधायक दल की बैठक में आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक टली
बिहार बीजेपी के कोर ग्रुप की बैठक रद्द होने के बाद नेता दिल्ली से पटना लौट आए हैं। दिल्ली में शुक्रवार शाम 6 बजे बीजेपी नेता विनोद तावड़े के आवास पर यह बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें शामिल होने के लिए पटना से कई नेता दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, यह बैठक फिलहाल टाल दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अब यह बैठक 13 अप्रैल को हो सकती है। इस बैठक में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन अब इससे पहले पटना में एनडीए की बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श होगा। एनडीए की बैठक में जिन नामों पर सहमति बनेगी, उन पर दिल्ली में अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
पटना में होगा बड़ा फैसला
जदयू सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ने नीतीश कुमार को बिहार में बनने वाली नई सरकार के स्वरूप की जानकारी दे दी है। बताया जा रहा है कि रविवार को एनडीए की बैठक हो सकती है। इसे लेकर सभी सहयोगी दलों ने अपने विधायकों को 11 अप्रैल की शाम तक पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
माना जा रहा है कि 12 या 13 अप्रैल को पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। पहले कहा जा रहा था कि सभी अहम निर्णय दिल्ली में होंगे, लेकिन अब संकेत हैं कि महत्वपूर्ण फैसले पटना में होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में ही लिए जाएंगे। इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद दिल्ली में उस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, 12 या 13 अप्रैल को एनडीए की बैठक के बाद 14 अप्रैल तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नई सरकार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बीजेपी अपने नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंप सकती है।









