दो साल से अधिक समय भारत भारत के लिए सीरीज खेल रहे ईशान किशन के बल्ला गरज उठा है। उन्होंने भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरे टी20 में कमाल की बैटिंग की। उन्होंने रायपुर के मैदान पर 209 का टारगेट चेज करते हुए 32 गेंदों में 76 रनों की पारी खेली। ईशान नंबर तीन पर उतरे और 11 चौके और चार सिक्स ठोके। उन्होंने छह पर दो विकेट गिरने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव (37 गेंदों में नाबाद 82) के साथ तीसरे विकेट के लिए 122 रनों की दमदार साझेदारी की। भारत ने 15.2 ओवर में सात विकेट से शानदार जीत दर्ज की। ईशान को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड से नवाजा गया।
ईशान के साथ चौथी बार हुआ ऐसा
ईशान अपने पांच साल के इंटरनेशनल करियर में चौथी बार प्लेयर ऑफ मैच मैच चुने गए हैं। हालांकि, इसे संयोग कहा जाए या बदकिस्मती, 27 वर्षीय क्रिकेटर को हर बार अलग-अलग कप्तान के अंडर प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतना नसीब हुआ है। वह 2022 में पहली बार विराट कोहली की कप्तानी में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। उन्होंने तब इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतक जमाया था। उन्होंने दूसरी बार अवॉर्ड 2022 में रोहित शर्मा के अंडर जीता। ईशान ने उस वक्त श्रीलंका के सामने 89 रनों की पारी खेली थी। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में तीसरा पुरुस्कार सूर्या कप्तानी में हासिल किया। ईशान वनडे में सिर्फ एक बार प्लेयर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने 2022 में यह अवॉर्ड केएल राहुल के अंडर जीता था। उन्होंने बांग्लादेश के विरुद्ध दोहरा शतक लगाया था। वह 27 वनडे और 34 T20I खेल चुके हैं।
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POTM जीतकर क्या बोले ईशान?
ताबड़तोड़ पारी खेलने वाले ईशान ने प्लेयर ऑफ द मैच पुरुस्कार जीतने के बाद कहा कि कई बार आपको खुद को जवाब देना होता है कि आप देश का प्रतिनिधित्व करने के लायक है या नहीं। उन्होंने कहा, ''आज मेरा पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर था कि मुझे क्या करना है। मैं खुद को सही मानसिक स्थिति में रखना है। जब आपको महसूस होता है कि आप अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं, तो बस गेंद को देखना और धैर्य के साथ खेलना होता है।'' घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बूते राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले इस बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, ''मैं बस रन बनाना चाहता था। कभी-कभी आप यह खुद के लिए करते हैं, अपने ही सवालों के जवाब पाने के लिए कि क्या आप भारत के लिए खेलने के लायक है या नहीं। वहां (घरेलू क्रिकेट) से जो आत्मविश्वास मिला, उसे यहां लेकर आया और यह मेरे लिए अच्छा दिन साबित हुआ।''





