टी20 वर्ल्ड कप के आखिरी चार मैचों में भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह से हावी रही। सेमीफाइनल और फाइनल में तो टीम इंडिया ने दो बार 250+ रन बना दिए। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 253/7 का विशाल स्कोर बनाया और मैच सात रन से जीत लिया। इसके बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज जारी रखा। फाइनल में भारत ने 255/5 का बड़ा स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 96 रन से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम की कामयाबी के बाद सौरव गांगुली का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वह न्यूजीलैंड के टॉस फैसले से काफी हैरान थे। साथ ही गांगुली ने कोच गौतम गंभीर की तारीफ की और कहा कि टीम उनके अंदर कई खिताब जीतेगी, खासतौर पर व्हाइट बॉल क्रिकेट में।
गांगुली बोले- 7:30 बजे ही हार गया था न्यूजीलैंड
गांगुली ने टॉस जीतने वाले न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर के फैसले को लेकर हैरानी जताई और कहा कि उन्हें पहले गेंदबाजी का फैसला समझ नहीं आया। उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड वर्ल्ड कप शाम 7:30 बजे ही हार गया था। मैच सात बजे शुरू हुआ और आधे घंटे में साफ हो गया कि क्या होने वाला है। मैं भी यही बात अपने साथ मैच देख रहे लोगों से कह रहा था।'गांगुली ने भारतीय बल्लेबाजी की गहराई का जिक्र करते हुए कहा, 'ईशान, अभिषेक, संजू सैमसन, सूर्यकुमार, शिवम, तिलक, हार्दिक और अक्षर, इतनी मजबूत बल्लेबाजी के सामने टीम अगर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे तो यह सीधे-सीधे टैक्टिकल डिजास्टर है।' उन्होंने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की और कहा कि उनके रहते मैच और भी मुश्किल हो जाता है।
कोच गौतम गंभीर की भी तारीफ
गांगुली ने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति और नेतृत्व की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'व्हाइट बॉल कोच के तौर पर वह बहुत अच्छे हैं और उनके पास शानदार टीम है। 12 महीने के भीतर चैंपियंस ट्रॉफी और वर्ल्ड कप जीतना किसी भी कोच के लिए बड़ी उपलब्धि है।' गांगुली के मुताबिक गंभीर टीम के माहौल को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा टीम के हित को सबसे ऊपर रखते हैं।
भारत के पास दो मजबूत टीमें बनाने की ताकत
गांगुली का मानना है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा इतनी ज्यादा है कि दो मजबूत व्हाइट-बॉल टीमें बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा, 'जरा सोचिए कितने खिलाड़ी टीम से बाहर हैं और फिर भी कितने शानदार हैं। श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी को भी जगह नहीं मिल रही। सूर्यवंशी किसी भी टीम में खेल सकते हैं। जायसवाल और गिल जैसे खिलाड़ी भी बाहर बैठे हैं। भारत आसानी से दो मजबूत टीमें उतार सकता है।'
इन टीमों से ही मिल सकती है चुनौती
गांगुली के अनुसार व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भारत को असली चुनौती कुछ चुनिंदा टीमों से ही मिल सकती है। उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ही ऐसी टीमें हैं जो भारत को कड़ी टक्कर दे सकती हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका अनुकूल परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धी हो सकती है।




