राजस्थान | राजस्थान के मेवाड़ के सुप्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलियाजी में भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार से 51 करोड़ रुपए की भेंट राशि प्राप्त हुई है. चतुर्दशी के अवसर पर दो माह के एक साथ खोले गए भंडार में 40 करोड़ 74 लाख 40 हजार 543 रुपए मिले. वहीं 10 करोड़ से अधिक की राशि कार्यालय में प्राप्त हुई है. ज्ञात हो कि प्रतिमाह कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को भगवान श्री सांवलिया सेठ का भंडार खोला जाता है. इसी क्रम में भगवान श्री सांवलिया सेठ के दो दिवसीय मासिक मेले के पहले दिन कड़ी सुरक्षा के बीच ठाकुरजी का भंडार खोला गया |
पहले चरण की गणना में 12 करोड़ 35 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई थी. दूसरे चरण की गणना में 08 करोड़ 54 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई. तीसरे चरण की गणना में 07 करोड़ 08 लाख 80 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई. चौथे चरण की गणना में 08 करोड़ 15 लाख 80 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई. पांचवें चरण की गणना में 04 करोड़ 19 लाख 79 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई. शेष बची राशि की गणना गुरुवार को छठे अंतिम चरण के रूप में की गई. गुरुवार को की गई गणना में ठाकुरजी के भंडार से 41 लाख 01 हजार 543 रुपए की राशि प्राप्त हुई |
40 करोड़ का कलेक्शन
गुरुवार को भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार से प्राप्त संपूर्ण राशि की गणना पूरी हो गई ठाकुर जी के भंडार से इस माह कल 40 करोड़ 74 लाख 40 हजार 543 रुपए की राशि प्राप्त हुई। गुरुवार को मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, बोर्ड सदस्य रामलाल गुर्जर, पवन तिवारी, लेखाकार व प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय राजेंद्र सिंह, मंदिर व्यवस्था व संपदा प्रभारी भेरूगिरी गोस्वामी, सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह, बिहारी गुर्जर सहित मंदिर मंडल तथा क्षेत्रीय बैंकों के कर्मचारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच राशि की गणना की गई |
छोटे नोटों की गिनती जारी
साथ ही भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार से 985 ग्राम सोना तथा 86 किलो 200 ग्राम चांदी भी प्राप्त हुई. इधर मंदिर मंडल के भेंट कक्ष कार्यालय में नगद मनिआँर्डर के रूप में 10 करोड़ 52 लाख 89 हजार 569 रुपए व 219 ग्राम 400 मिलीग्राम सोना और 121 किलो 593 ग्राम चांदी भेंट स्वरुप प्राप्त हुए. इस माह भगवान श्री सांवलिया सेठ के भंडार और कार्यालय में हुई आय को मिलाने पर 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए की राशि प्राप्त हुई. यह राशि केवल बड़े नोटों की है छोटे नोटों की गणना अभी बाकी है जो लगातार चलती रहेगी. जिनमे छोटे नोट और सिक्के लगातार गिने जाएंगे |









