खेत में खाल, बंद मकान के पीछे कटे गोवंश के पांव मिले, मालिक पर केस दर्ज

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बांसवाड़ा। जिले के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के बिजलपुर और सागवा गांव में खेत और बंद मकान के पीछे गोवंश की खाल और कटे हुए पांव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ राजस्थान गोवंश पशु वध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

'मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई'

पुलिस के अनुसार, सज्जनगढ़ थानाधिकारी धनपत सिंह ने थाने में अपनी ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह हेड कांस्टेबल रमेशचंद्र, आनंद सिंह और चालक देवेंद्र सिंह के साथ गश्त पर निकले थे। भीलकु आ और सज्जनगढ़ क्षेत्र में गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बिजलपुर हलिया गांव में मनीष पुत्र शंकरलाल पारगी के खेत में गोवंश की खाल पड़ी हुई है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत में गोवंश की खाल पाई गई। मनीष से पूछताछ में उसने बताया कि कोई कुत्ता खाल को उसके खेत में लाया था और उसने इसकी जानकारी अपने दोस्त को भी दी थी। इसके बाद सज्जनगढ़ के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोभेंद्र मेरावत को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने खाल का निरीक्षण कर उसे गोवंश की होने की पुष्टि की। पुलिस ने खाल को कब्जे में ले लिया।

800 मीटर दूर मिले कटे हुए पांव 

गोवंश की हत्या की आशंका के बाद पुलिस ने आसपास तलाशी ली। इस दौरान मनीष के खेत से करीब 800 मीटर दूर सागवा गांव में राजू पुत्र हलिया निनामा के बंद मकान के पीछे कई पशुओं के कटे हुए पांव मिले। पशु चिकित्सक मेरावत ने मौके पर पहुंचकर बताया कि ये पांव गोवंश के हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वे गाय के हैं या बैल के।

पुलिस ने कब्जे में लिए अवशेष

पुलिस ने पांव के टुकड़ों को भी कब्जे में लेकर पशु चिकित्सालय सज्जनगढ़ में पोस्टमार्टम कराया। चिकित्सकों ने खाल और पांव को गोवंश का बताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पांव गाय के थे या बैल के। बाद में गोशाला सज्जनगढ़ के सहयोग से खाल और पांव का अंतिम संस्कार किया गया।

मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने राजू पुत्र हलिया निनामा के घर पर गोवंश की हत्या कर मांस बेचने की आशंका के आधार पर उसके खिलाफ राजस्थान गोवंश पशु वध अधिनियम, 1995 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई भरत कुमार पाटीदार को सौंपी गई है।