नक्सल खात्मे की डेडलाइन के पहले आज बड़ा सरेंडर होने वाला है. जहां छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में टॉप नक्सल कमांडर पापाराव का सरेंडर करेंगे. सुरक्षा एजेंसियों के लगातार बढ़ते दबाव के चलते उसने आत्मसमर्पण का फैसला लिया. मिली जानकारी के मुताबिक, पापराव 12 साथियों के साथ हथियार डालेगा. वहीं इस सरेंडर पर CM विष्णु देव साय का भी बयान सामने आया है|
PM मोदी और गृह मंत्री के दृढ़ संकल्प से हो रहा सरेंडर – CM साय
वहीं नक्सलियों के मास्टरमाइंड पापा राव के सरेंडर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दृढ़ संकल्प के चलते देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तेज हुआ है और इसका असर अब साफ नजर आ रहा है. सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन (31 मार्च 2026) अब बहुत नजदीक है|
ऐसे में यदि पापा राव जैसे बड़े नक्सली कमांडर सरेंडर कर रहे हैं तो यह अच्छी बात है और यह अभियान की सफलता को दर्शाता है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पहले ही कई नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलवाद की कमर टूट रही है|
डेडलाइन से पहले लाल आतंक को बड़ा झटका
पापाराव के सरेंडर से बस्तर क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जाएगा. लंबे समय से सक्रिय यह कमांडर इलाके में नक्सली गतिविधियों का अहम हिस्सा माना जाता रहा है|
कौन है नक्सल कमांडर पापाराव?
- सीनियर माओवादी कमांडर पापराव पर 25 लाख रुपये का इनाम हैं.
- जिसे सुनाम चंद्राया, मंगू दादा और चंद्रन्ना के नाम से भी जाना जाता है.
- पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, करीब 52-55 वर्षीय पापराव राज्य क्षेत्रीय समिति सदस्य (SZCM) होने के साथ-साथ पश्चिम बस्तर डिवीजन का प्रभारी भी है.
- बताया जा रहा है कि पापराव फिलहाल छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सक्रिय है, जो लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है.
- पहले जहां उसके पास 30-35 सशस्त्र कैडर थे, वहीं अब वह केवल 5 सदस्यों के छोटे समूह के साथ ही सक्रिय रह गया है.









