रांची में झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर गणेश सिंह निलंबन का आदेश जारी किया। गणेश सिंह पुलिस मुख्यालय में NGO सेल के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। उन्हें यह जिम्मेदारी एसीबी के तत्कालीन डीजी और बाद में DGP रहे अनुराग गुप्ता ने सौंपी थी।
अनुराग गुप्ता के कार्यकाल के अंतिम दिनों में गणेश सिंह का तबादला STF में कर दिया गया था, हालांकि उन्हें ACB से सेवा-मुक्त नहीं किया गया था। इस वजह से वह दोनों भूमिकाओं से जुड़े रहे। बाद में जब अनुराग गुप्ता ने DGP पद से इस्तीफा दिया, उसी दौरान गणेश सिंह ने एसीबी में दोबारा योगदान दिया। इसके बाद विभाग ने उनका स्थानांतरण हजारीबाग ACB में किया, जहां उन्हें नई जिम्मेदारी संभालनी थी।
लेकिन सबसे बड़ा विवाद तब पैदा हुआ जब गणेश सिंह ने हजारीबाग ACB में योगदान ही नहीं दिया। इसे सेवा आचरण का गंभीर उल्लंघन मानते हुए पुलिस मुख्यालय ने उनके खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि किसी भी अधिकारी द्वारा कार्यस्थल पर रिपोर्ट न करना कदाचार की श्रेणी में आता है, खासकर जब आदेश स्पष्ट हों।
सूत्रों के मुताबिक, इंस्पेक्टर गणेश सिंह निलंबन के बाद अब विभागीय जांच भी शुरू होने वाली है। अधिकारियों का कहना है कि सेवा नियमों का पालन सभी कर्मियों के लिए अनिवार्य है, और इसके उल्लंघन पर कठोर कदम उठाना जरूरी होता है। यह कार्रवाई विभाग के भीतर अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है।
झारखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि सेवा की पारदर्शिता और व्यवस्था बनी रहे।








