रांची: Jharkhand Engineering Service Appointment Rules को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता अब खत्म होने की कगार पर है। विधि विभाग और वित्त विभाग से सहमति मिलने के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने भी इस नियमावली पर अपनी स्वीकृति दे दी है। सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग से अंतिम मंजूरी मिलते ही इसे 9 जनवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है।
यदि कैबिनेट से हरी झंडी मिलती है, तो राज्य में अभियंत्रण सेवा की नियुक्तियों का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। इससे वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों अभियंताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। Jharkhand Engineering Service Appointment Rules के लागू होने से नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता आएगी।
गौरतलब है कि यह नियमावली पिछले करीब नौ वर्षों से लंबित थी। इस देरी को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। अदालत ने इसे प्रशासनिक उदासीनता करार देते हुए राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा था। हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद ही नियमावली को लेकर प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी।
हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस गौतम कुमार चौधरी शामिल हैं, ने 4 अक्तूबर 2025 के आदेश का पालन नहीं होने पर कड़ा रुख दिखाया था। इसके तहत कार्मिक विभाग और पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिवों को अवमानना नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में 22 जनवरी को अगली सुनवाई प्रस्तावित है।
सत्यदेव मोहन घोष, अशोक कुमार राय और डिप्लोमा अभियंता संघ सहित कई पक्षकारों ने इस संबंध में याचिकाएं दायर की हैं। अब सभी की नजरें 9 जनवरी की कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां Jharkhand Engineering Service Appointment Rules पर अंतिम फैसला होने की संभावना है।









