बड़वानी: रविवार को जिला अस्पताल में एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया. जब 9 माह के एक बच्चे के गले में मंगलसूत्र फंसा हुआ देखा गया. घटना उस समय सामने आई जब ग्राम करी निवासी नरसिंह वास्कले अपने पुत्र विवान को लगातार सर्दी-खांसी की शिकायत पर बच्चों के डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे. बच्चे का एक्स-रे कराया गया तो उसकी आहार नली में कोई धातु दिखी.
सावधानी से मंगलसूत्र निकाला गया बाहर
जब उपचार के दौरान बच्चे का एक्स-रे करवाया गया, तो रिपोर्ट सामने आते ही डॉक्टर भी चौंक गए. एक्स-रे में शिशु के गले में धातु जैसी आकृति दिखाई दे रही थी. तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे जिला अस्पताल के ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम बत्रा के पास भेजा गया. डॉ. बत्रा ने बच्चे की स्थिति की गहन जांच की. जिसके बाद बच्चे को बेहोश कर सटीक तकनीक और सावधानी से गले से मंगलसूत्र को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया. चिकित्सकों के अनुसार अब बच्चा पूरी तरह खतरे से बाहर है.
करीब डेढ़ महीने से गले में फंसा था मंगलसूत्र
डॉ. अनुपम बत्रा ने बताया कि "ये बच्चा पिछले डेढ़ महीने से सर्दी-खांसी से परेशान था. जिसके बाद उसके परिजन डॉक्टर के पास गए और बताया कि बच्चे को बार-बार सर्दी-खांसी हो रही है. जब बच्चे का एक्स रे कराया गया, तो पाया गया कि आहार नली में धातु जैसी कोई चीज फंसा है. बच्चा चुकी मात्र 9 महीने का था, इसलिए बेहोशी कर धातु को निकाला गया. जब धातु निकाला गया तो पता चला कि यह मंगलसूत्र है. जिसको लेकर बच्चे के पिता ने पुष्टी की है कि यह मंगलसूत्र गणेश चतुर्थी के बाद से गुम था. यानी करीब डेढ़ महीने से बच्चे के गले में मंगलसूत्र फंसा था."
बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की अपील
डॉक्टर की तत्परता और टीम के सहयोग से एक बड़ी दुर्घटना टल गई, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली. डॉ. अनुपम बत्रा ने सभी बच्चों के माता-पिता को सचेत करते हुए कहा कि "छोटे बच्चे बेहद नादान होते हैं. वे किसी भी वस्तु को खेलने के दौरान मुंह में डाल सकते हैं. ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं. इसलिए अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है."









