Wednesday, February 21, 2024
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हरदा ब्लास्ट: फैक्ट्री मालिक को 10 दिन में देने होंगे इतने लाख रुपये

हरदा ब्लास्ट : हरदा में पटाखा की अवैध फैक्ट्री में हुए विस्फोट का दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। घटना में कई लोग मारे गए, सैकड़ों लोग गंभीर और कम गंभीर रूप से घायल भी हुए हैैं और आसपास के अनेकों मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हरदा में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की घटना पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वत: संज्ञान लेकर ककार्यवाही शुरू कर दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से नोटिस जारी कर सभी संबंधितों को इस मामले में जवाब देने के लिये कहा गया है। इसके तहत फैक्ट्री के मालिक, पर्यावरण सचिव मध्यप्रदेश, सेफ्टी संगठन, हरदा नगर पालिका परिषद, हरदा के जिला मजिस्ट्रेट मुख्य नियंत्रण पेट्रोलियम एवं विस्फोटक के अलावा जोन के इस्पेक्टर जनरल को नोटिस जारी कर दिये गये हैैं। इस मामले में सभी को जवाब देने के लिये कहा गया है।

एनजीटी ने विस्फोट मामले में अपनाया सख्त रुख

एनजीटी ने इस हरदा विस्फोट मामले में कड़ा रुख अपनाया है और आदेश जारी करते हुये कहा है कि फैक्ट्री मालिक धमाको के पीडि़तों जिनकी मौत हो चुकी है उनके लिये 15 लाख रुपये और जो गंभीर रूप से घायल हुए हैैं उनके लिये 5 लाख रुपये की राशि जमा करें। एनजीटी का मानना है कि प्रभावित व्यक्तियों तक राहत राशि पहुंचना जरूरी है। एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत राशि सरकार द्वारा घोषित की राहत राशि से अतिरिक्त होगी। एनजीटी ने कहा है कि हालांकि फैक्ट्री मालिकों का पक्ष के सुनना भी जरूरी है। एनजीटी ने कहा है कि फैक्ट्री मालिक 10 दिवस के भीतर यह राशि जमा करें। इसमें भी एनजीटी ने सख्ती बरतते हुये कहा है कि यदि यह राशि स्वेच्छा से जमा नहीं की जावेगी तो जिले कलेक्टर इस मामले राशि वसूलने के लिये बल प्रयोग का राशि वसूलने के लिये सहारा ले सकते हैैं। यह राहत राशि एक माह भीतर पीडि़तों को वितरित कर दी जानी चाहिए भले ही इसके लिये राज्य शासन के फंड का उपयोग करना पड़े। फैक्ट्री मालिकों से यह राशि वसूली की प्रक्रिया तेजी की जानी चाहिए।

जांच समिति का गठन किया जाए

ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को ट्रिब्यूनल द्वारा अपने आदेश में बताए बिंदुओं पर घटनाओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने के लिए कहा। न्यायिक सदस्य शियो कुमार सिंह और डॉ अफरोज अहमद वाले न्यायाधिकरण ने घटना में मरने वालों, घायलों की कुल संख्या और चोट की प्रकृति, वह परिस्थिति जिसके तहत फैक्ट्री को आवासीय क्षेत्र में चलाने की अनुमति दी गई, उस व्यक्ति और प्राधिकारी की जिम्मेदारी जिसने आवासीय क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के भंडारण की अनुमति दी, जैसे बिंदुओं पर जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा विस्फोटकों के सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करने में सरकारी एजेंसियों की विफलता के अलावा अन्य बिंदुओं के बारे में भी रिपोर्ट मांगी है, जिनके आधार पर जांच की जानी चाहिए।

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