उज्जैन: ईरान-इजराइल युद्ध के हालातों का सीधा असर महाकाल की नगरी उज्जैन में देखा जा रहा है. युद्ध की वजह से शहर में कमर्शियल गैस सिलिंडर की भारी किल्लत दिखाई दे रही है. सिर्फ महाकाल मंदिर के आसपास ही छोटे बड़े मिलाकर लगभग 1000 होटल, रेस्टोरेंट हैं. जहां पर्यटक चाय, नाश्ता, भोजन के लिए पहुंचते हैं. ये होटल रेस्टोरेंट में से अधिकतर होटल रेस्टोरेंट 24 घण्टे चालू रहते हैं. लगभग 40 प्रतिशत होटल व रेस्टोरेंट में व्यापारी को गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है. किल्लत की वजह से होटल एवं रेस्टोरेंट में व्यापारियों कि ग्राहकी बंद होने के कारण नुकसान तो हो ही रहा है. साथ ही देश दुनिया से उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालु, पर्यटकों, यात्रियों की जेब पर भी इसका खासा असर देखा जाएगा. श्री महाकाल दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु, शहर के अलग अलग क्षेत्र में घूमने आने वाले पर्यटक व यात्रियों की जेब अब ढीली होने वाली है. आईए रिपोर्ट में जानते हैं क्या है ग्राउंड के वास्तविक हालात.
सिलेंडर नहीं मिलने से वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढ रहे होटल संचालक
शहर के देवास गेट बस स्टॉप पर दाल बाफले लड्डू रेस्टोरेंट संचालक विनोद जैन ने कहा, ''गैस की टंकी की 8 दिन में आवश्यकता होती है लेकिन बुकिंग के लिए अब कॉल भी रिसीव नहीं किए जा रहे हैं हमारे.'' विनोद जैन ने कॉल करके भी दिखाया जिस पर कॉल काट दिया गया. रेस्टोरेंट संचालक इमरान ने कहा, ''हर रोज एक टंकी लगती है. सुबह 8:00 बजे से रात 12:00 बजे तक रेस्टोरेंट चालू रहता है. सिलेंडर नहीं मिलने से अब वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढ रहे हैं. ऐसा ही रहा तो रेस्टोरेंट बंद करना पड़ जाएगा
ग्राहकी और व्यापार दोनों पर पड़ेगा असर
उज्जैन के राजकुमार होटल एवं रेस्टोरेंट संचालक निलेश ने कहा कि, ''जहां पहले 100% पूर्ति हो रही थी अब 50% ही हो पा रही है. अगर ऐसा ही रहा तो संकट का सामना करना पड़ेगा. इससे ग्राहकी और व्यापार दोनों पर असर पड़ेगा. महाकाल दर्शन को आने वाले दर्शनार्थी ने कहा, ''मैं महाराष्ट्र के वर्धा से हूं, मैं और मेरे साथी वर्धा में होटल रेस्टोरेंट चलाते हैं. लगभग सभी को नोटिस मिलना शुरू हो गए हैं कि आप अपना होटल रेस्टोरेंट कुछ समय के लिए बंद कर दें. वहीं, जो सिलेंडर हैं उस पर 60 से 70 रुपए भी बढ़ा दिए गए हैं तो हालत सभी जगह एक से हैं.''
कलेक्टर बोले-अस्पताल और शैक्षणिक संस्थाएं प्राथमिकता
वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित होने के कारण पेट्राेलियम कंपनी की रोक से होटल संचालक परेशान हैं. उज्जैन जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के करीब 4.5 लाख और उसमें उज्ज्वला योजना के 1.5 लाख उपभोक्ता हैं. होटल एवं रिसोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि सोलंकी ने कहा, ''अधिकतर होटलों और रेस्टोरेंट में कमर्शियल ही नहीं पीएनजी लाइन से गैस उपलब्ध है. कही किल्लत नहीं है, हम हर परिस्तिथियों में सरकार के निर्णय के साथ हैं.'' वहीं, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा, "कहीं भी कोई परेशानी नहीं आने दी जायेगी. अभी हम अस्पताल और शैक्षणिक संस्थाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं.''









