पचमढ़ी बना मिनी कश्मीर! बर्फ की सफेद चादर में ढका हिल स्टेशन, नौगांव में पारा 1 डिग्री

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पचमढ़ी: नए साल की शुरुआत में भी ठंड मध्य प्रदेश में अपना कहर बराबर बरपा रही है. हालात यह है कि अब रात के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. कड़ाके की ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है. वहीं बात अगर मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी की करें तो, यहां इस ठंड में पहली बार बर्फ की चादर देखने मिली. मौसम की करवट बदलने के बाद पहली बार सोमवार को पचमढ़ी ने पूरी तरह मिनी कश्मीर का रूप ले लिया.

पचमढ़ी में जमी बर्फ की चादर

हिल स्टेशन पचमढ़ी में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है. तापमान में गिरावट के कारण पचमढ़ी में पहली बार सुबह 9 से 10 बजे तक ओस बर्फ के रूप में जमी रही. इस ठंड में पहली बार घर के बाहर खड़े वाहनों के ऊपर बर्फ की मोटी चादर देखने को मिली. पचमढ़ी में रात का तापमान 5.8 डिग्री रिकार्ड किया गया. स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों का कहना था कि "रात में तापमान बहुत ज्यादा कम था, इस कारण सुबह बर्फ की मोटी चादर देखने को मिली.

वहीं कपकपाती सर्दी के चलते हिल स्टेशन पचमढ़ी के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ कम हो गई है. तेज सर्दी के कारण सुबह के समय कई पर्यटक होटल के कमरों में समय व्यतीत कर रहे हैं. दोपहर के समय ही पर्यटन स्थलों में पर्यटक पहुंच रहे हैं.

पानी वाले स्थानों पर पर्यटक कम

पचमढ़ी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल के बीच में बसा हुआ है. जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां ठंड का प्रकोप ज्यादा रहता है. जंगल में पहाड़ी क्षेत्र के कई पर्यटन स्थलों पर झरने और पानी मौजूद है. इस कारण इन पर्यटन स्थलों पर सर्दी का एहसास ज्यादा होता है. घने पेड़ होने के कारण धूप की मौजूदगी कम रहती है. इससे लोगों को सर्दी ज्यादा लगती है.

हर मौसम का अपना मजा

पचमढ़ी घूमने पहुंचे पर्यटक इंदौर के निखिल सक्सेना ने बताया कि "देर रात से ठंड का प्रकोप ज्यादा है. इस कारण होटल के कमरों में ही समय निकाल रहे हैं. हालांकि पचमढ़ी में हर मौसम का अपना मजा है. यहां सर्दी जरूर पड़ रही है, लेकिन सर्दी पसंद करने वाले लोगों के लिए बहुत अनुकूल है. मेरे साथ जो साथी आए हैं, वह सुबह से ही यहां जमी बर्फ को देखने के लिए घूम रहे हैं."

बैतूल में लुढ़का 2 डिग्री पारा

इसी तरह बैतूल में सोमवार को पारा दो डिग्री नीचे लुढ़क गया, जिसके बाद न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रविवार को यह 11.5 डिग्री था. इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. सुबह के समय घना कोहरा छाने से विजबिलटी कम रही और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं आने और आसमान साफ होने से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. आने वाले दिनों में सुबह-शाम सर्दी और बढ़ सकती है. लगातार बने कोहरे और कम धूप का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है. कोहरे से चना और मटर जैसी फसलों को नुकसान की आशंका है. खेतों में नमी अधिक रहने से फसल रोगों का खतरा बढ़ रहा है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सुबह के समय छिड़काव और सिंचाई से बचने की सलाह दी है.

मध्य प्रदेश में सबसे ठंडा नौगांव, सोमवार को 1 डिग्री पारा

इसके साथ ही छतरपुर जिले में पड़ रही भीषण ठंड ने लोगों को हिला कर रखा दिया है. सर्द हवाओं ने इस बार सिर्फ दस्तक नहीं दी बल्कि पूरे बुंदेलखंड को अपनी बर्फीली गिरफ्त में ले लिया है. ठंड के लिए मशहूर छतरपुर का नौगांव इस बार ठिठुरन की पराकाष्ठा पर पहुंच गया और पारा 1 डिग्री पर पहुंच गया है. वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने बचाव की सलाह दी है. पूरा जिला इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान के रूप में पहचाने जाने वाले नौगांव में बीती रात न्यूनतम तापमान महज 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, तो आज सुबह 1 डिग्री दर्ज किया. जो मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बन गया है.

 

 

    अभी नहीं मिलेगी ठंड से राहत, बादल छाए रहने की आशंका

    मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई है. साथ ही कहा है कि ठंड से अभी राहत नहीं मिलेगी. मौसम अधिकारी केसी रैकवार ने बताया कि "नौगांव बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्र में आता है. यहां पर घने जंगलों की कमी और खुले मैदानों की अधिकता, तो वहीं ग्रेनाइट की चटटानों के कारण रात में ऊष्मा तेजी से अंतरिक्ष में चली जाती है. जिसे रेडिएशन कूलिंग कहा जाता है. उत्तर भारत से आने वाली सीधी शीतलहर और शहरीकरण की कमी के कारण यहां बड़े शहरों की तुलना में अधिक ठंड महसूस की जाती है."