जबलपुर में राकेश सिंह का बयान: बजट से प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार

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जबलपुर: लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट की बारीकियों और विकास कार्यों की जानकारी दी. इसके लिए उन्होंने जबलपुर में एक प्रेस कॉफ्रेंस की. मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत 4,38,000 करोड़ का बजट प्रधानमंत्री के 'ज्ञान' मॉडल पर आधारित है. जिसमें 'II' जोड़कर इसे 'ज्ञानी' बजट बनाया गया है. जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री शामिल है.

किसानों को मिलेंगे 1 लाख सिंचाई पंप

बजट में अन्नदाता किसानों को 1 लाख सिंचाई पंपों के लिए 3 हजार करोड़ और बिजली सब्सिडी के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. वहीं, लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1 हजार 801 करोड़ आवंटित हैं. सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 12,690 करोड़ का प्रावधान है. वहीं, कक्षा 1 से 8 कक्षा तक के 80 लाख विद्यार्थियों को टेट्रा पैक दूध देने के लिए 700 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है."

विकास को नई रफ्तार देगा बजट

जबलपुर जिले के लिए लोक निर्माण विभाग ने 382 करोड़ की लागत वाले 34 निर्माण कार्यों को बजट में शामिल किया है. सड़क नेटवर्क में चरकुआ-पाटन-मझौली (102 किमी) मार्ग को 200 करोड़ की लागत से टू-लेन किया जाएगा. ई-बस सेवा में जबलपुर शहर में यातायात सुधार के लिए 100 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी.

बजट के मुख्य बिंदु ज्ञानी मॉडल पर फोकस

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि "यह एक ऐसा बजट है, जो संतुलित है. भौगोलिक और सामाजिक रूप से सभी को लाभ पहुंचाने वाला है. प्रधानमंत्री ने जो ज्ञान आधारित विकास की कल्पना दी थी, उसमें डबल I इनको मिलाकर ज्ञानी आधारित यह बजट सरकर ने प्रस्तुत किया. जिसमें 1 रुपए का टैक्स भी नहीं बढ़ाया गया है. लेकिन सुविधाओं में लगातर वृद्धि की गई."

राकेश सिंह ने कहा, "पर्यटन, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य हर क्षेत्र में न केवल बजट में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि वो सभी प्रावधान किए गए हैं, जिससे समाज के हर वर्ग को फायदा पहुंचे. इतनी बड़ी संख्या में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य पूरे प्रदेश में चल रहे हैं कि हम गर्व से कह सकते हैं, आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश विकास की उड़ान इतनी ऊंची होगी कि देश के सर्वोच श्रेणी के विकसित राज्यों की श्रेणी में प्रदेश सबसे आगे खड़ा हुआ दिखाई देने वाला है."