भोपाल में किन्नरों का दावा, जबरन धर्म परिवर्तन और मांस खिलाने का दबाव

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भोपाल।  मध्य प्रदेश में लव जिहाद और लैंड जिहाद के बाद अब किन्नर जिहाद से जुड़ा मामला सामने आया है. पूरे मामले में किन्नरों का कहना है कि हम सनातनी किन्नर हैं, लेकिन हमें जबरन मुस्लिम बनाया जा रहा है. किन्नर अखाड़ा प्रमुख के साथ किन्नरों ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि मुस्लिम किन्नर बनाने के लिए जबरन कलमा पढ़वाया जाता है. मांस खिलवाया जाता है और आयात पढ़वायी जाती है।

क्या है ‘किन्नर जिहाद’ का मामला?

मीडिया से बातचीत करते हुए किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास ने कहा कि “मेरे द्वारा साल 2016 में अखाड़े का निर्माण इसलिए किया गया था कि जिन हिंदू किन्नरों को मुस्लिम बना दिया गया था उनकी घर वापसी हो. मगर कुछ किन्नरों ने जिहादियों का सहयोग करके मेरे अभियान को रोक रखा, जिसकी वजह से आज ये स्थिति हो गई है कि 90% हिंदू किन्नरों का इस्लामीकरण हो चुका है.”ऋषि अजय दास ने आगे कहा कि जैसे लव जिहाद है, ठीक वैसे ही अब किन्नर जिहाद चल रहा है. इनकी सारी फंडिंग जो होती है और धर्मगुरु गद्दी पर बैठे हैं वो ज़्यादातर मुस्लिम हैं. हिंदू किन्नरों के साथ भारी अत्याचार हो रहा है. यहां की मुखिया किन्नर सुरैया ने सबको धर्म परिवर्तन करने के लिए बाध्य किया है. इनके ऊपर अत्याचार किया और और गुंडे मवाली इनके पीछे लगा दिए हैं. यदि आप कुछ भी मांगोगे तो आपको मार दिया जाएगा. यहां तक कि इन्हें एड्स के इंजेक्शन भी लगाए गए हैं।

टेरर फंडिंग से जुड़े हुए हैं तार

बहुत से हिंदू किन्नरों का धर्म परिवर्तन हो चुका हैं. हालांकि कुछ किन्नरों ने अपना धर्म परिवर्तन नहीं होने दिया, लेकिन अब हम घर वापसी का अभियान चला रहे हैं. इनके ऊपर जो अत्याचार हो रहा है, उसे खत्म करना चाह रहे हैं. हमारे साथ भगवा पार्टी समेत कई हिंदू संगठन भी इस कार्य में लगे हुए हैं. ये किन्नर जिहाद देश का आंतरिक मामला नहीं है, बल्कि बाहरी मामला भी है. राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है. इनके डेरों में आतंकवादी गतिविधियां चल रही हैं. इनकी फंडिंग पाकिस्तान और बांग्लादेश में हुई है, साथी धर्म परिवर्तन के बाद किन्नर के ऊपर दबाव डाला जाता है कि पैसा ज्यादा से ज्यादा लाइन जिसके बाद यह पैसा पाकिस्तान और बांग्लादेश भेजा जाता है, जिसकी पूरी प्रमाणिकता मेरे पास है. मैंने प्रधानमंत्री से लेकर सभी बड़े नेताओं को ज्ञापन दिया है लेकिन किसी ने भी अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।

किन्नरों ने क्या आरोप लगाए?

किन्नर काजल ठाकुर ने बताया कि “मैं भोपाल के लाल घाटी में पैदा हुई हूं. इन लोगों ने मुझे काजल से जावेद बनाया, जिसका प्रमाण मेरे पास है. एक व्यक्ति के दो आधार कार्ड नहीं होते लेकिन इन लोगों ने मेरे दो आधार कार्ड बना दिए. इन लोगों के ख़ुद के भी दो आधार कार्ड हैं. एक सुरैया नायक नाम से है और एक रशीद के नाम से है. यहां पर जितने किन्नर मेरे साथ बैठे हैं सबको इतना प्रताड़ित किया गया है. मुझे भी धर्म बदलने के लिए हद से ज़्यादा प्रताड़ित किया गया है।

किन्नर काजल ने आगे कहा, “मेरे सभी साथियों के ऊपर दवाब है कि तुम अपना धर्म बदलो. बस्ती से आओ कपड़े बदलो और नमाज पढ़ो. हमारा नमाज पढ़ने का मन नहीं होता फिर भी पढ़ना पड़ता है. अभी हम 12-13 लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया गया था. हम अब वापस अपने घर को वापस आ गए हैं. हम सनातनी किन्नर हैं और सनातनी रहकर ही मरेंगे।

किन्नर का कहना है कि मेरा भोपालवासियों से और हिंदू भाइयों से ये कहना कि मुस्लिम बधाई नहीं देते हैं. आप ही बधाई देते हो और आपका पैसा गलत जगह इस्तेमाल हो रहा है. ये पैसा मस्जिदों, मदरसों और पाकिस्तान तक जा रहा है. मगर एक भी मंदिर इस पैसे से नहीं बनवाया गया।”